28 मॉडल ग्राम पंचायतों का होगा निरीक्षण, 179 ग्राम पंचायतों में बनेंगे डिजिटल पुस्तकालय
डीएम महेन्द्र सिंह तंवर ने अधिकारियों को दिए निर्देश
कुशीनगर, (राष्ट्र की परम्परा)
जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में जिला स्वच्छता समिति एवं जिला दिव्यांगता सशक्तिकरण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी समेत जनपद स्तरीय विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के तहत चयनित 28 मॉडल ग्राम पंचायतों में किए गए कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि इन ग्राम पंचायतों का स्वयं निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता को परखा जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर कार्यों में कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल दुरुस्त कर अन्य ग्राम पंचायतों में भी उसी तर्ज पर कार्य कराया जाएगा।
डीएम ने निर्देश दिए कि सभी 179 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। उन्होंने डीपीआरओ को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों को मिशन मोड में पूर्ण कराया जाए।
बैठक में कूड़ा निस्तारण, ई-रिक्शा चालकों की नियुक्ति, व्यक्तिगत शौचालय निर्माण सहित 12783 शौचालयों के लक्ष्य, और जिओ टैगिंग में आ रही समस्याओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जहां भी अड़चनें आ रही हों, वहां विभागीय सहयोग से समाधान निकाला जाए।
समीक्षा के दौरान सामुदायिक शौचालयों में कार्यरत केयर टेकर का तीन माह से अधिक लंबित मानदेय भुगतान पर नाराज़गी जाहिर करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। यदि तीन बार नोटिस देने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, तो उन्हें निलंबित किया जाए।
इसके अलावा बैठक में तालाबों के सुंदरीकरण, बहुउद्देशीय पंचायत भवन निर्माण, अंत्येष्टि स्थल निर्माण, ग्राम प्रधानों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों एवं उनके निस्तारण की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामों में चल रही सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लाभार्थियों की अद्यतन सूची तैयार कर समेकित रूप से रखी जाए।
डीएम ने पंचायत सहायकों के मानदेय भुगतान में देरी को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि देरी करने वाले अधिकारियों को भी नोटिस देकर जवाब तलब किया जाए और संतोषजनक उत्तर न मिलने पर निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त खंड विकास अधिकारियों को टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने और नियमानुसार कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी निर्माण कार्य में कोई समस्या उत्पन्न हो रही हो तो उसे विभाग को अवगत कराएं, प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी, डीसी मनरेगा राकेश, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, डीएसओ, समस्त बीडीओ, एडीओ पंचायत समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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