महराजगंज में बीज सप्लाई घोटाला उजागर, किसानों की मेहनत पर पानी फिरा
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में राजकीय बीज घोटाला महराजगंज का खुलासा होने के बाद किसानों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा सप्लाई किए गए घटिया गेहूं बीज ने हजारों किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में बीज अंकुरित न होने से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों ने सीधे तौर पर उप कृषि निदेशक संजीव कुमार और बीजीआई प्रभारी राजन मौर्य पर गंभीर लापरवाही और धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।
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सूत्रों के अनुसार, हरदोई जिले के संडीला में तैयार गेहूं बीज डीबीडब्ल्यू-187 की बड़ी खेप जिले के कई ब्लॉकों—मिठौरा, परतावल और अन्य क्षेत्रों—में राजकीय बीज भंडारों के माध्यम से भेजी गई थी। सिर्फ मिठौरा ब्लॉक में ही लगभग 600 बोरी बीज की आपूर्ति की गई। लेकिन बुवाई के बाद जब खेतों में अंकुरण नहीं हुआ, तो किसानों में हड़कंप मच गया। कई जगह बीज सड़ गए, तो कई स्थानों पर बिल्कुल नहीं फूटे।
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किसानों ने आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों ने बिना गुणवत्ता जांच के ही बीज का वितरण कर दिया। मिठौरा और परतावल के दर्जनों किसानों—राजेश कुमार पटेल, त्रिलोकी, कृष्ण बिहारी पांडेय, सुदामा गुप्ता, मोहम्मद रफी, राजेंद्र प्रसाद सहित कई लोगों—ने संयुक्त रूप से शिकायत दर्ज कर मुआवजा, उच्चस्तरीय जांच, और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे किसान यूनियन के साथ मिलकर हाईकोर्ट में सामूहिक याचिका दायर करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय भारी गुस्सा है और किसान आरोपित अधिकारियों को किसी भी कीमत पर छोड़ने के मूड में नहीं हैं।
यह मामला अब एक बड़े राजकीय बीज घोटाले महराजगंज के रूप में सामने आ रहा है, जिसे लेकर किसान न्याय के लिए एकजुट हो चुके हैं।
