विकसित भारत@2047: संत कबीर नगर में कृषि कार्यशाला से उन्नत खेती पर जोर

गन्ना, दलहन, तिलहन और मक्का उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दृष्टि से चल रहे विकसित भारत@2047 अभियान के अंतर्गत जनपद संतकबीर नगर में कृषि विज्ञान केंद्र बगही में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में कृषि उत्पादकता बढ़ाने और नई तकनीकों के उपयोग पर विशेष चर्चा की गई।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार सिंह (सेवानिवृत्त वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज अयोध्या) ने कहा कि पूर्वांचल के जिलों की तुलना में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उत्पादकता अधिक है। संतकबीर नगर में कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक विधियों, उर्वरकों और सिंचाई तकनीकों का उपयोग आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से गन्ना, गेहूं, चावल, दलहन और तिलहन की उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया।
विजय उपाध्याय (हाईटेक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, नाथनगर) ने बताया कि पौधों को 16 प्रकार के पोषक तत्व चाहिए होते हैं। समय-समय पर इनका प्रयोग करने से उत्पादन में बढ़ोतरी संभव है। उन्होंने कहा कि एफपीओ को पूंजी की आवश्यकता है, जिसके लिए बैंक से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही मोटा अनाज, मक्का, दलहन और तिलहन की खेती को विशेष ब्लॉकों में बढ़ावा देने का सुझाव दिया।

यशवर्धन पांडेय ने मक्का उत्पादन के लिए बैच ड्रायर, फार्म मशीनरी बैंक, ड्रोन और न्यूमैटिक प्लांटर की जरूरत बताई।
राम बहादुर मिश्रा ने आर्गेनिक सरसों और अन्न उत्पादन हेतु प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एफपीओ को खाद और प्रोसेसिंग यूनिट नहीं मिल रही है।
अमिताभ पांडेय ने दलहनी फसलों के लिए सोलर फैसिलिटी की मांग रखी।
अनुराग राय ने प्राकृतिक खेती और पशुधन विकास पर अपने विचार रखे।
इस मौके पर अरविंद चतुर्वेदी (निदेशक, डेटार एफपीओ) सहित अन्य कृषि वैज्ञानिकों व प्रबुद्धजनों ने प्राकृतिक और जैविक खेती, उर्वरकों के सही प्रयोग और आधुनिक तकनीकों पर सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिनके माध्यम से वर्ष 2047 तक जनपद, प्रदेश और देश को विकसित बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

नेपाल सैलाब के बाद नहीं थम रहे आंसू, मलबे से उठ रही दुर्गंध; अपनों की तलाश में भटक रहे परिवार

नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और सैलाब के बाद तबाही का मंजर…

10 minutes ago

प्याज-चीनी की महंगाई से बढ़ी रसोई की चिंता, क्या बफर स्टॉक बनेगा किसान-उपभोक्ता संतुलन का समाधान?

रसोई में महंगाई का तड़का: प्याज 70 रुपये पार, चीनी की तेजी ने बढ़ाई चिंता;…

1 day ago

औद्योगिक भ्रमण में विद्यार्थियों ने समझी उद्योग जगत की कार्यप्रणाली

बिछुआ (राष्ट्र की परम्परा)। कक्षा में पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक…

1 day ago

राखी का संदेश

✍️ विजय गुंजन स्नेह है, अनुराग है, पवित्रता का बंधन है,ममता भरे एक धागे का…

1 day ago

रक्षा बंधन: रिश्तों की डोर से राष्ट्र की परम्परा तक

नवनीत मिश्र रक्षा बंधन केवल कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के…

2 days ago

रॉयल्टी के छह गुना दंड से परेशान पीडब्ल्यूडी ठेकेदार, कार्य बहिष्कार की तैयारी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश के ठेकेदार रॉयल्टी से जुड़े मामलों…

2 days ago