Sunday, February 1, 2026
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विकसित भारत 2047: पीएम मोदी के विजन पर टिका ऐतिहासिक बजट

बजट सत्र 2026: विकसित भारत 2047 की ओर निर्णायक कदम, पीएम मोदी का दूरदर्शी संदेश

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संसद के बजट सत्र की शुरुआत के अवसर पर देश को स्पष्ट संदेश दिया कि यह सत्र केवल आंकड़ों और खर्च का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक पड़ाव है। मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत 21वीं सदी के दूसरे चौथाई हिस्से में प्रवेश कर चुका है और अगले 25 वर्ष देश के भविष्य का आधार तय करेंगे।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों के भरोसे, क्षमताओं और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। विशेष रूप से युवाओं की उम्मीदों को इसमें प्रमुखता से स्थान दिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी सांसद राष्ट्रपति द्वारा दिखाए गए मार्गदर्शन को गंभीरता से लेंगे और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

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पीएम मोदी ने कहा कि यह बजट सत्र ऐतिहासिक है क्योंकि यह सदी के दूसरे चौथाई हिस्से का पहला बजट है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की उपलब्धि को भी रेखांकित किया, जो लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश करने जा रही हैं। यह देश के संसदीय इतिहास में एक गौरवपूर्ण अध्याय है और महिला नेतृत्व की सशक्त उपस्थिति को दर्शाता है।
बजट सत्र 2026 ऐसे समय में हो रहा है जब भारत की आर्थिक वृद्धि वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। हाल के वर्षों में वास्तविक आर्थिक विकास अक्सर आर्थिक सर्वेक्षण के अनुमानों से अधिक रहा है। वर्ष 2023-24 में भारत की GDP वृद्धि 9.2 प्रतिशत रही, जबकि अनुमान 6 से 6.8 प्रतिशत के बीच था। इसी तरह 2025-26 के लिए GDP वृद्धि 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो बजट पूर्व अनुमानों से बेहतर मानी जा रही है।

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आर्थिक मोर्चे पर यह बजट केवल अल्पकालिक राहत तक सीमित नहीं रहने वाला है। विशेषज्ञों और उद्योग जगत को उम्मीद है कि सरकार संरचनात्मक सुधारों पर जोर देगी। खासकर बीमा क्षेत्र में बीमा पैठ बढ़ाने, सेवानिवृत्ति सुरक्षा को मजबूत करने और जीवन, स्वास्थ्य व MSME से जुड़े उत्पादों में जोखिम सुरक्षा बढ़ाने पर फोकस किया जा सकता है। यह कदम दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा।
पीएम मोदी के संबोधन से यह स्पष्ट है कि सरकार का विजन तात्कालिक लाभ से आगे बढ़कर दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित है। अब देश की निगाहें वित्त मंत्री के बजट भाषण पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि विकसित भारत 2047 के दूसरे चरण की नींव कैसे रखी जाती है।

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