🌅 22 नवंबर 2025
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष द्वितीया, विक्रम सम्वत 2082 (कालयुक्त), शक सम्वत 1947 (विश्वावसु संवत्सर) के अनुसार आज का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। चन्द्रमा आज 04:46 PM तक वृश्चिक और उसके बाद धनु राशि में संचार करेगा। कई शुभ योगों के साथ-साथ विशेष अशुभ काल और दिशा-सूचक भी आज प्रभावी हैं।
तिथि- द्वितीया तिथि – 05:11 PM तक
तृतीया तिथि – 05:11 PM से आगे
(अमांत एवं पूर्णिमांत — दोनों में मास मार्गशीर्ष)
नक्षत्र- ज्येष्ठा नक्षत्र – 04:46 PM तक
मूल नक्षत्र – 04:46 PM के बाद
(दोनों गण्डमूल नक्षत्र)
योग- सुकर्मा योग – 11:29 AM तक
धृति योग – 11:29 AM से आगे
करण- 1. कौलव – 05:11 PM तक
- तैतिल – 05:11 PM – अगले दिन 06:20 AM
- गर – 06:20 AM (23 Nov) – 07:25 PM
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🌞 सूर्य और चन्द्रमा
सूर्योदय — 06:49 AM
सूर्यास्त — 05:36 PM
चन्द्रोदय — 08:29 AM
चन्द्रास्त — 07:05 PM
सूर्य — वृश्चिक राशि
चन्द्रमा — वृश्चिक → धनु (04:46 PM के बाद)
🔱 अशुभ काल
राहुकाल — 09:31 AM – 10:52 AM
यमगण्ड — 01:33 PM – 02:54 PM
कुलिक — 06:49 AM – 08:10 AM
दुर्मूहूर्त — 08:15 AM – 08:58 AM
वर्ज्य — 01:39 AM – 03:26 AM
🕉️ शुभ काल / मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त — 11:51 AM – 12:34 PM
अमृत काल — 06:55 AM – 08:43 AM
ब्रह्म मुहूर्त — 05:13 AM – 06:01 AM
🌙 चंद्रबल
04:46 PM तक (वृश्चिक चंद्रमा):
वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुंभ
04:46 PM के बाद (धनु चंद्रमा):
मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुंभ, मीन
🌟 विशेष योग
सर्वार्थसिद्धि योग — 23 Nov, 06:50 AM – 07:27 PM (मूल + रविवार)
⏳ दिन का चौघड़िया
06:49–08:10 AM — शुभ
08:10–09:31 AM — रोग
09:31–10:52 AM — उद्वेग
10:52–12:12 PM — चर
12:12–01:33 PM — लाभ
01:33–02:54 PM — अमृत
02:54–04:15 PM — काल
04:15–05:36 PM — शुभ
🌙 रात का चौघड़िया
(लिंक आधारित गणना के अनुरूप)
रात के शुभ चौघड़िए— लाभ, अमृत, शुभ
🧭 आज की शुभ एवं अशुभ यात्रा दिशा
शुभ यात्रा दिशा — पश्चिम, उत्तर-पश्चिम
अशुभ दिशा — दक्षिण (इस ओर यात्रा टालें)
🍀 घर से निकलते समय क्या खाएँ ताकि यात्रा मंगलमय हो? - दही-चीनी
- गुड़ या गुड़-घी
- या फिर तुलसी पत्र + जल
(परंपरा अनुसार—सफलता, बाधा-निवारण एवं मानसिक शांति हेतु)
🕉️ कौन-सा मंत्र आज बोलना शुभ रहेगा?
“ॐ गं गणपतये नमः”
— नए कार्य, यात्रा व बाधा निवारण के लिए अत्यंत शुभ।
“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः”
— आर्थिक कार्यों और सौभाग्य वृद्धि हेतु उत्तम।✨ त्योहार / व्रत
आज कोई प्रमुख पर्व नहीं, किंतु
गण्डमूल नक्षत्र शांति — आवश्यक (ज्येष्ठा/मूल जन्म वालों हेतु)
