Saturday, March 7, 2026
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भागवत कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र का हुआ वर्णन

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) रामनाथ देवरिया स्थित स्वर्गीय सुरेंद्र प्रताप त्रिपाठी के निज आवास पर भागवत कथा के अंतिम दिन भागवत कथा शास्त्री पंडित बृजेश कृष्ण द्विवेदी जो वृंदावन धाम से आए हैं उन्होंने अपने यजमान ललिता देवी पति स्व. सुरेंद्र प्रताप त्रिपाठी व अन्य परिवार के सदस्य जगन्नाथ तिवारी, जनार्दन तिवारी, संजय तिवारी सहित सभी श्रोतागण को कृष्ण-सुदामा के मित्रता का सजीव वर्णन करते हुए सभी श्रोतागणों को भाव विभोर कर दिया,और उनके निःस्वार्थ मित्रता का अटूट परिचय दिया। और साथ ही इस भागवत कथा उपस्थित सभी श्रोतागणों को इस भागवत कथा का अमृतपान कराया।

उन्होंने बताया कि भागवत कथा केवल सुनने मात्र से सभी पाप धुल जाते हैं, और साथ ही जीवन मरण से मुक्ति मिलती है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर भागवत कथा व भगवान की चर्चा होती है वहां पर भगवान स्वयं विराजमान होकर सभी श्रोतागण को अपना आशीर्वाद के रूप में उनके जीवन के सभी पाप हर कर उनके जीवन में मोक्ष की प्राप्ति कराते हैं।

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