Wednesday, February 11, 2026
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विधिक जागरूकता से सशक्त समाज की ओर देवरिया का कदम

महिलाओं और बालिकाओं के लिए विधिक साक्षरता से सशक्तिकरण, वृद्धजनों के अधिकारों पर जागरूकता अभियान


देवरिया। (राष्ट्र की परम्परा) समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को न्याय की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। महिलाओं और बालिकाओं के लिए विधिक साक्षरता से सशक्तिकरण तथा वृद्धजनों के अधिकारों के संरक्षण को केंद्र में रखते हुए व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं, बालिकाओं और वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनाना रहा।
दिनांक 10 फरवरी 2026 को यह कार्यक्रम माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा माननीय अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जनपद न्यायाधीश देवरिया धनेन्द्र प्रताप के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/सिविल जज (एस.डी.) श्रीमती शैलजा मिश्रा द्वारा किया गया।
वृद्धजनों के अधिकारों पर विशेष फोकस
कार्यक्रम का पहला चरण पूरवा मेहड़ा स्थित वृद्धा आश्रम में आयोजित किया गया। यहां वरिष्ठ नागरिकों को भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, पेंशन, चिकित्सा सुविधाएं, उत्पीड़न से संरक्षण और निःशुल्क विधिक सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
श्रीमती शैलजा मिश्रा ने कहा कि बुजुर्ग समाज की धरोहर हैं और उनका अनुभव आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक होता है। महिलाओं और बालिकाओं के लिए विधिक साक्षरता से सशक्तिकरण के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान और सुरक्षा देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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आश्रम की व्यवस्थाओं का निरीक्षण
कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीश द्वारा आश्रम में रह रहे संवासियों से व्यक्तिगत संवाद कर भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आवास की स्थिति का जायजा लिया गया। व्यवस्थाओं की सराहना के साथ-साथ समस्याओं को गंभीरता से सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। इससे वृद्धजनों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत हुई।
महिलाओं और बालिकाओं के लिए विधिक साक्षरता से सशक्तिकरण
कार्यक्रम के दूसरे चरण में कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज में महिलाओं और बालिकाओं के लिए विशेष विधिक साक्षरता अभियान चलाया गया। छात्राओं को उनके संवैधानिक अधिकार, शिक्षा का अधिकार, लैंगिक समानता, महिला सुरक्षा कानून, पॉक्सो अधिनियम और घरेलू हिंसा से संरक्षण जैसे विषयों पर सरल भाषा में जानकारी दी गई।
श्रीमती मिश्रा ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के लिए विधिक साक्षरता से सशक्तिकरण केवल कानून की जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और समाज में सम्मानजनक भागीदारी का माध्यम भी है।
समाज में सकारात्मक बदलाव की पहल
यह अभियान न्याय को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। महिलाओं और बालिकाओं के लिए विधिक साक्षरता से सशक्तिकरण तथा वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर केंद्रित ऐसे कार्यक्रम समाज में सामाजिक संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों और विधिक जागरूकता को बढ़ावा दे रहे हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया की यह पहल निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होगी।

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