सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जनपद के सलेमपुर विकासखंड अंतर्गत प्यासी गांव की दलित बस्ती (खटीक टोला) में लंबे समय से जलजमाव और गंदगी की गंभीर समस्या बनी हुई है। चारों ओर दूषित पानी भरा रहने और दुर्गंध फैलने से ग्रामीणों का जीवन बेहद कठिन हो गया है। हालात ऐसे हैं कि मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण नाली का गंदा पानी आसपास के खेतों और कुछ किसानों की निजी जमीन में भर रहा है। इससे खेती को नुकसान पहुंच रहा है और लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या उस समय और गंभीर हो गई, जब नाली की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया, जिसके चलते पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई।
बार-बार शिकायत करने के बावजूद जब प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो निराश ग्रामीणों ने खुद ही पहल करने का निर्णय लिया। बस्ती के लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर जलनिकासी की समस्या के समाधान की कोशिश शुरू कर दी है।
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ग्रामीण संजय सिंह और विकास कुमार ने बताया कि प्रशासनिक उदासीनता के चलते मजबूर होकर यह कदम उठाना पड़ा। सभी ग्रामीणों ने मिलकर आपसी सहयोग से धन जुटाया और चंदा देने वालों की सूची पर्ची के माध्यम से तैयार की गई है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नाली पर हुए अवैध कब्जे को हटाया जाए और स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में बस्ती को इस तरह की समस्या से निजात मिल सके।
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