July 25, 2024

राष्ट्र की परम्परा

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नायर अस्पताल में बंद पड़ी एमआरआई मशीन को जल्द से जल्द शुरू करने की मांग

राष्ट्रीय बजरंग दल के महाराष्ट्र कोकण प्रांत के उपाध्यक्ष राजाभाऊ सोनटक्के ने आवाज उठाई

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की जनसंख्या दिनोदिन बढ़ती जा रही है। लेकिन बढ़ती हुई आबादी के हिसाब से मनपा प्रशासन की ओर से अस्पतालों में स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधाओं को मुहैया कराने में विफल साबित हो रही है। यही नहीं मुंबई के चार प्रमुख मनपा के अस्पताल केईएम, नायर, सायन और कूपर अस्पताल है, जहां पर मरीजों की भारी भीड़ होती है। प्रमुख अस्पतालों में मरीजों के इलाज को लेकर सुविधा उपलब्ध नहीं करा पाना मुंबई मनपा के लिए अशोभनीय है। बता दें कि मुंबई मनपा का बजट 50 हजार करोड़ से अधिक है। उसके बाद भी पिछले दो साल से नायर अस्पताल में एमआरआई मशीन बंद है। जिसके कारण गरीब मरीजों का बुरा हाल हो रहा है। गरीबों को हो रही परेशानी को संज्ञान में लेते हुए राष्ट्रीय बजरंग दल कोकण प्रांत के उपाध्यक्ष राजा भाऊ सोनटक्के ने महाराष्ट्र राज्य के स्वास्थ्य मंत्री व मनपा आयुक्त से नायर अस्पताल में बंद पड़ी एमआरआई मशीनों को जल्द से जल्द शुरू करने की मांग की है।

सोनटक्के का कहना है कि देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई मनपा को शिक्षा, स्वास्थ्य और साफ सफाई का काम मुख्य रूप से है। मनपा प्रशासन मुंबई में बड़े – बड़े प्रोजेक्ट जरूर कर रही है, लेकिन लोगो को बेसिक सुविधा उपलब्ध कराने में नजरंदाज कर रही है। नायर अस्पताल में पिछले दो साल से एमआरआई मशीन बंद पड़ी है। राष्ट्रीय बजरंग दल के उपाध्यक्ष राजा भाऊ सोनटक्के ने मनपा आयुक्त भूषण
गागराणी को लिखे पत्र में कहा है कि मुंबई के पूर्व उपनगर और पश्चिम उपनगर और मुंबई शहर के नागरिक नायर अस्पताल का बड़ी संख्या में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाते हैं। उन्होंने कहा है कि नायर अस्पताल में भर्ती होने वाले सिर्फ 8से 10 मरीजों को ही एमआरआई जांच की सलाह दी जाती है। जबकि अधिकांश गरीब वर्ग मरीजों को ज्यादा पैसे देकर बाहर से एमआरआई करानी पड़ती है। जिसके कारण गरीब मरीजों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि नायर अस्पताल में एमआरआई मशीन की वैधता 2019 में ही समाप्त हो गई है। तब से मशीन चालू नहीं हो रही है और उसकी मरम्मत भी नहीं की जा सकती है। जिसके चलते मरीजों को जाँच के लिए मेडिकल पैथोलॉजी लैब में जाना पड़ता है और एमआरआई टेस्ट के लिए अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। मरीजों की हालत देखते हुए और उन पर पड़ते खर्च के बोझ को ध्यान में रखते हुए नायर अस्पताल में दो एमआरआई मशीन लगाने की मांग राजा भाऊ सोनटक्के ने की है। जिससे मरीजो को दर-दर भटकने से मजबूर नहीं होना पड़े।