Friday, February 20, 2026
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चौंतीस लाख की साइबर ठगी का पर्दाफाश, नोएडा पुलिस की बड़ी सफलता – तीन शातिर आरोपी गिरफ्तार

नोएडा ( राष्ट्र की परम्परा के लिए ओ.पी.श्रीवास्तव) नोएडा पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने 33.92 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में तीन शातिर साइबर अपराधियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई का नेतृत्व एडीसीपी मनीषा सिंह के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना नोएडा की टीम ने किया।

ठगी का तरीका – शेयर बाजार में निवेश का झांसा

1 जून को सेक्टर-45, नोएडा निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने उसे शेयर बाजार में अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर ₹33,92,161 की ऑनलाइन ठगी कर ली।

शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खातों को फ्रीज किया और मामले की गहन जांच शुरू की।

गिरफ्तार आरोपी – राजस्थान के निवासी

तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने राजस्थान के श्रीगंगानगर और सूरतगढ़ से तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया:

महेंद्र पुत्र ओमप्रकाश – निवासी खरिया बास, बीकानेर

दिनेश पुत्र रामूराम – निवासी मोटाई मोती, फलौदी

विकास विश्नोई पुत्र हरीराम मेहला – निवासी भोजासर, जोधपुर

फर्जी कंपनी के जरिये धन को वैध दिखाने की साजिश

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी दिनेश ने एक फर्जी कंपनी का निर्माण कर, ठगी के पैसों को वैध कमाई के रूप में दिखाने की कोशिश की। इस कंपनी का संचालन महेंद्र और विकास के साथ मिलकर किया जा रहा था। पीड़ित द्वारा ठगे गए 4.20 लाख रुपये इसी फर्जी कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे।

देशभर में फैला ठग गिरोह – 5 राज्यों में 11 केस दर्ज

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के अनुसार, उक्त आरोपियों के विरुद्ध कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में कुल 11 साइबर धोखाधड़ी मामलों की शिकायतें दर्ज हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह गैंग अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और ठगी को संगठित तरीके से अंजाम देता था।

अब तक ₹18 लाख की राशि रिकवर

नोएडा पुलिस की तत्परता से अब तक ठगी की गई राशि में से 18 लाख रुपये की धनराशि रिकवर कराई जा चुकी है। शेष धनराशि की बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

एडीसीपी का बयान

एडीसीपी मनीषा सिंह ने कहा, “साइबर अपराधियों के खिलाफ हमारी टीम लगातार सतर्क है। आम जनता को भी सतर्क रहना चाहिए और किसी अनजान कॉल या निवेश के प्रलोभन में आकर अपने बैंक विवरण साझा नहीं करना चाहिए।”

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