बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा) जिले के उतरौला में 2005 में होली के दिन हुए दंगे में सत्रह साल बाद आया फैसला। अपर जिला जज के न्यायालय ने कुल 62 में से 41 आरोपियों पर आरोप तय करने के साथ न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा।18 लोगों को किया गया दोषमुक्त। दो लोगों की ट्रायल के दौरान हो चुकी है मौत। एक आरोपी सुनवाई के दौरान रहा अनुपस्थित। दोषी लोगों में पूर्व नपाध्यक्ष अनूप गुप्त व अमरनाथ गुप्त भी शामिल। शुक्रवार को एडीजे न्यायालय से सुनाई जाएगी सजा। आरोपियों में दोनों समुदाय के लोग शामिल। दंगे में चार दर्जन से अधिक दुकानों में लूटपाट के बाद की गई थी आगजनी। तत्कालीन एसडीएम आरके सिंह, सीओ आरके सोनकर, प्रभारी निरीक्षक बलराम सरोज समेत दर्जनों पुलिसकर्मियों व आम लोगों को आई थी गंभीर चोटें। तत्कालीन कोतवाल की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा।
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