कब्रिस्तान कमेटी ने प्रेस वार्ता कर अवैध कब्जे व सरकारी रास्ता बंद करने का लगाया आरोप
गोरखपुर(राष्ट्र क़ी परम्परा)l शहर के बसंतपुर खास स्थित धूरन शाह तकिया कब्रिस्तान को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। कब्रिस्तान कमेटी के अध्यक्ष वसीऊल्लाह और सचिव मुशीर अहमद खां ने गोरखपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जिला प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों पुराने कब्रिस्तान और उससे जुड़े सरकारी रास्तों पर अवैध कब्जा किया जा रहा है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
प्रेस वार्ता में कमेटी पदाधिकारियों ने बताया कि धूरन शाह तकिया कब्रिस्तान राजस्व अभिलेखों में आराजी संख्या 377 के रूप में दर्ज है, जिसका उल्लेख बंदोबस्त और चकबंदी अभिलेखों में भी स्पष्ट रूप से मिलता है। कब्रिस्तान के चारों ओर पूर्व से ही सरकारी रास्ते दर्ज हैं, जिनमें आराजी संख्या 377/54 से 377/2 तक लगभग 54 फीट चौड़ा और आराजी संख्या 378 से 6 फीट चौड़ा रास्ता राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है।
अध्यक्ष वसीऊल्लाह ने कहा कि लंबे समय तक कब्रिस्तान कमेटी सक्रिय न होने के कारण कुछ दबंग और भू-माफिया तत्वों द्वारा कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध तरीके से नाम दर्ज कराकर कब्जा करने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे कब्रिस्तान की जमीन को निजी संपत्ति दिखाया जा रहा है, जिससे मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।
सचिव मुशीर अहमद खां ने बताया कि कब्रिस्तान में वर्षों से मुस्लिम समाज के लोग दफन संस्कार करते आ रहे हैं और आज भी नियमित रूप से अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इसके बावजूद कब्रिस्तान तक जाने वाले रास्ते को संकरा करने और बंद करने की साजिश की जा रही है, जिससे जनाज़े के दौरान भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कमेटी ने यह भी बताया कि 17 दिसंबर 2025 और 18 दिसंबर 2025 को प्रशासन द्वारा निरीक्षण और सीमांकन की कार्रवाई की गई थी, लेकिन उसके बाद भी अवैध निर्माण और कब्जा हटाने की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने जेसीबी लगाकर रास्ता अवरुद्ध करने की कोशिश की, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
प्रेस वार्ता में मौजूद कमेटी सदस्यों ने स्पष्ट किया कि यदि कब्रिस्तान की जमीन और सरकारी रास्ते को अवैध कब्जे से मुक्त नहीं कराया गया, तो वे शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
कब्रिस्तान कमेटी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा शासन की जिम्मेदारी है और इस मामले में त्वरित न्याय न मिलने पर समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो सकता है।
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