“बारिश केवल राहत नहीं, जिम्मेदारी की भी परीक्षा है — बिजली से सावधानी, घर में रहकर सुरक्षा और समाज में जागरूकता ही सच्चा बचाव है।”
लगातार बारिश ने जनजीवन को चुनौती दी है। बिजली की लाइनें, खंभे और खुले तार मौत का जाल बन सकते हैं, वहीं पानी से भरी सड़कें और नालियां दुर्घटनाओं को न्योता देती हैं। ऐसे में नागरिकों की छोटी-सी लापरवाही बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बारिश के दिनों में बिना वजह घर से बाहर न निकलें और बिजली से जुड़े उपकरणों से दूरी बनाए रखें। समाज को मिलकर जागरूकता फैलानी होगी। याद रखें – सुरक्षा ही बचाव है और ज़िंदगी है तो सब कुछ है।
डॉ. प्रियंका सौरभ हिसार
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