मनरेगा का नाम बदलना मजदूरों के भविष्य से खिलवाड़ – राघवेंद्र प्रताप सिंह
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं जनपद मऊ के मनरेगा बचाओ संग्राम पदयात्रा के प्रभारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदले जाने को मजदूरों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम की पहचान बदलना केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि देश के करोड़ों श्रमिकों के अधिकारों और भरोसे पर चोट है।
बलिया से मऊ जाते समय बलिया–मऊ सीमा पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव घनश्याम सहाय के नेतृत्व में राघवेंद्र प्रताप सिंह का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।
केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला
अपने संबोधन में राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण किसान, मजदूर, बुनकर, दलित, छात्र और नौजवान—समाज का हर तबका परेशान है। रोजगार, महंगाई और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार विफल साबित हुई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पूर्व सरकारों ने गरीबों और मजदूरों के सशक्तिकरण के लिए मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना लागू की थी, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिरता दी। आज उसी योजना का नाम बदलकर सरकार श्रमिकों की भावनाओं और अधिकारों के साथ खिलवाड़ कर रही है, जिसे कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
‘मनरेगा बचाओ’ आंदोलन जारी रहेगा
राष्ट्र की परम्परा से बातचीत में राघवेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मजदूरों के हक की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ेगी। मनरेगा बचाओ संग्राम पदयात्रा का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार, समय पर भुगतान, कार्यदिवसों की गारंटी और योजना की मूल पहचान की रक्षा है।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष इंतेखाब आलम, अनिल जायसवाल, प्रेमचंद चौहान, रविप्रकाश सिंह, भवानी सिंह, रामभवन, अजीत कुमार, सुदर्शन चौहान और रामप्रवेश यादव सहित अनेक नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
