अक्टूबर माह तक चलेगा संचारी रोग नियंत्रण अभियान

  • सात से 21अक्टूबर तक दस्तक अभियान
  • संचारी रोगों के साथ ही साथ टीबी के लक्षणयुक्त मरीजों पर भी रहेगा ज़ोर।
    बलिया( राष्ट्र की परम्परा) स्वास्थ्य विभाग जिले में बुखार के साथ ही खांसी और सांस लेने तकलीफ और दिमागी बुखार वाले मरीजों की तलाश और दिमागी बुखार पर नियंत्रण के लिए एक अक्टूबर से 31अक्टूबर तक संचारी रोग नियंत्रण माह और सात अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक दस्तक अभियान चलाएगा। अभियान में संचारी रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, दिमागी बुखार आदि के साथ ही टीबी के लक्ष्मणयुक्त मरीजों को चिन्हित करने में जोर रहेगा।
    जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव ने बताया कि सात अक्टूबर से 21अक्टूबर तक संचारी रोगों की रोकथाम के लिए चलने वाले दस्तक अभियान में भी काम किया जाएगा। इस दौरान आशा कार्यकर्त्ता और आगंनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को डेंगू, चिकनगुनिया, जेई, एईएस आदि संचारी रोगों के प्रति जागरूक करेंगी। उन्होंने बताया कि दस्तक अभियान के तहत आशा और एएनएम घर-घर जाकर बुखार और सांस की तकलीफ से पीड़ित लोगों की पहचान करेंगी। साथ ही टीबी के लक्षणयुक्त मरीजों को घर-घर जाकर चिन्हित करेंगी और उनका बलगम इकट्ठा करेंगी। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास, पंचायती राज, पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांग जन कल्याण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग सहित अन्य विभाग समन्वय बनाकर कार्य करेंगे।
    जिले में पिछले संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत हुए कार्य
    जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव ने बताया कि जिले में पिछले संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक जुलाई से 31 जुलाई तक चलाया गया था।
    विभिन्न विभागों की ओर से संपादित गतिविधियों की प्रगति इस प्रकार है।
    स्वास्थ्य विभाग ने 5642 सामुदायिक बैठकें की, 2836 रैली निकाली, 609415 घरों का सर्वेक्षण किया। इसमें 25113 जल पात्रों को देखा गया। इसमें 497 जल पात्रों में लार्वा मिला।
    पंचायती राज विभाग द्वारा 3628 ग्राम सभाओं एवं पुरवों में नालियों की सफाई करायी गयी साथ ही 3628 ग्रामों एवं पुरवों में झाड़ियों की कटाई कराई गई। ग्राम प्रधानों द्वारा 3760 जन जागरूकता बैठकें आयोजित कर लोगों को जागरूक किया गया। 2186 उथले हैंडपंपों को चिन्हित कर उसका पानी न पीने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 2250 नोडल अध्यापकों को संवेदीकृत कर 2250 जन जागरूकता गोष्ठियां कराई गई एवं 2250 प्रार्थना सभाओं में संचारी रोगों के प्रति बच्चों को जागरूक किया गया।
    माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा 589 स्कूल रैलियां आयोजित की गई एवं 589 स्कूलों में संचारी रोगों पर चित्रकला प्रतियोगिता की गई। बाल विकास पुष्टाहार विभाग द्वारा 74 कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया गया एवं उसमें से 40 बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में संदर्भित किया गया। पशुपालन विभाग द्वारा 542 पशुपालकों को संचारी रोगों के बारे में जागरूक किया गया एवं 542 पंपलेट वितरित किए गए। सिंचाई विभाग द्वारा दो माइनरों की सफाई कराई गई। नगर विकास विभाग द्वारा 363 स्थानों पर फागिंग कराई गई एवं 2362 नाले – नालियों की सफाई करायी गयी।
Editor CP pandey

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