बाल श्रम कानून की हो रही अनदेखी

होटलों और दुकानों में धड़ल्ले से बाल श्रमिक कर रहे है काम

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) सलेमपुर नगर और नवलपुर में लगभग सभी होटलों और चाय की दुकानों, किराना स्टोरो पर कम उम्र के बच्चे काम करते देखे जा सकते है। की तो किसी को बाल श्रम कानून की जानकारी नहीं है या ये बाल श्रमिक कम पैसे में काम करने के लिए तैयार है ।जिससे इन काम कराने वाले लोगो को मोटी कमाई करने में आसानी होती है । जहा एक व्यस्क व्यक्ति दिन के काम के लिए पूरी मजदूरी लेगा वही ये बच्चे कम पैसे में उपलब्ध हो जाते है । जिनके कंधे पर कापी किताब के बस्ते होने चाहिए ये कंधे लोगो का बोझ उठा रहे है । इस तरफ किसी का ध्यान ही नही जाता बाल श्रमिक अपने श्रम से लोगो की झोली भर रहे है । जिले प्रशासन को कीतो इसकी खबर नही है या तो सब जानबूझ कर अनदेखा किया जा रहा है ।

क्या कहता है बाल श्रम कानून ।

14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी कारखाने, खान या अन्य खतरनाक गतिविधियों जैसे निर्माण कार्य या रेलवे में रोजगार पर प्रतिबंध लगाता है। यह पूर्णत: निषेध है।
अक्टूबर 2006 में, सरकार ने बाल श्रम (उन्मूलन और पुनर्वास) विधेयक, 2006 को बाल श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 में संशोधन के रूप में पारित किया। वर्ष 2006 में, सरकार ने होटल, ढाबों, रेस्तरां, दुकानों, कारखानों, रिसॉर्ट, स्पा, चाय की दुकानों आदि जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू नौकर या श्रमिकों के रूप में बच्चों के रोजगार पर प्रतिबंध लगा दिया। इसने चेतावनी दी कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों को काम पर रखने वाला कोई भी व्यक्ति अभियोजन और दंडात्मक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होगा।
बाल श्रम (निषेध और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 ने बाल श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 में संशोधन किया
इसने मूल अधिनियम का नाम बदलकर बाल मजदूरी (निषेध एवं नियमन) अधिनियम, 1986 कर दिया है।

rkpnews@desk

Recent Posts

भारत से नेपाल जा रहा मोबाइल सामान का बड़ा खेप बरामद

सीमा शुल्क चोरी कर ले जाए जा रहे 94.84 लाख नेपाली रुपये के एसेसरीज बरामद,…

1 minute ago

भारत से नेपाल जा रही मोबाइल एसेसरीज की बड़ी खेप बरामद

सीमा शुल्क चोरी कर ले जाए जा रहे 94.84 लाख नेपाली रुपये के सामान के…

3 minutes ago

जल शुद्धीकरण संयंत्र पहुंचीं जीएनएम छात्राएं, समझीं पेयजल गुणवत्ता की बारीकियां

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संकाय की जीएनएम प्रथम…

7 minutes ago

कक्षा एक-दो में अंकों की जगह मिलेंगे स्टार, व्यवहार से रचनात्मकता तक होगा आकलन

बलिया (राष्ट्र की परम्परा )|नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा एक और दो के बच्चों…

12 minutes ago

कबाड़ से बनेगा ज्ञान का संसार, प्राथमिक में 20 तो जूनियर में 15 रुपये प्रति छात्र

शिक्षण-अधिगम सामग्री के लिए विद्यालयों को मिलेगी धनराशिबच्चों को देखकर-छूकर और गतिविधियों से सीखने का…

19 minutes ago

गन्ना किसानों के लिए प्राथमिक कैलेंडर जारी, आपत्तियों के निस्तारण को लगेंगे मेले

गरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों के बीच गन्ना किसानों को प्राथमिक…

42 minutes ago