
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखपुर प्रवास गुरुवार को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर अध्यात्म, सेवा और जनसंवाद से परिपूर्ण रहा। दिन की शुरुआत उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना से की। उन्होंने गुरु परंपरा का निर्वहन करते हुए अपने गुरुओं—महायोगी गुरु गोरखनाथ, ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी की समाधियों पर जाकर पुष्प अर्पित किए और नमन किया।
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान प्रदेश भर से आए सैकड़ों लोगों ने अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं प्रशासनिक समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक फरियादी से संवेदनशीलता एवं धैर्यपूर्वक संवाद किया और उनकी समस्याओं के निराकरण हेतु मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर जनप्रतिनिधि और अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जनता को त्वरित, पारदर्शी एवं न्यायपूर्ण समाधान मिले। उन्होंने कहा, “जनता की समस्या का समाधान ही हमारी प्राथमिकता है और यही सच्ची जनसेवा है।”
मुख्यमंत्री योगी के जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जमीन विवाद, स्वास्थ्य उपचार, सुरक्षा, पेंशन, नौकरी और आर्थिक सहायता से जुड़ी समस्याएं सामने आईं, जिन पर उन्होंने तत्काल कार्यवाही का भरोसा दिलाया।
गुरु पूर्णिमा के इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आध्यात्मिक परंपराओं को भी जीवंत किया और सेवा व जनकल्याण के आदर्शों को मजबूत करने का संदेश दिया।