चमोली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में बुधवार रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इस आपदा में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 लोग घायल बताए जा रहे हैं। दो लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और स्थानीय पुलिस के दल लगातार अभियान चला रहे हैं।
शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नंदानगर पहुंचकर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। कुरुद हेलीपैड पर उतरने के बाद वे सीधे प्रभावित गांवों में पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार संकट की इस घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
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राज्य आपदा एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि बादल फटने से कुल 45 इमारतें और 15 गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। साथ ही 28 जानवर लापता हैं, जिनमें से चार की मौत की पुष्टि हो चुकी है। प्रभावित लोगों के लिए आश्रय स्थल बनाए गए हैं और आवश्यक सामग्री हेलीकॉप्टर से पहुंचाई जा रही है।
चमोली पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को भी कुंतारी और धुर्मा गांवों में बचाव अभियान जारी रहा। राहत टीम मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही है। जिला प्रशासन ने प्रभावितों की सहायता के लिए अस्थायी शिविर और चिकित्सा सुविधाएं शुरू कर दी हैं।
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मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा और पुनर्वास सहायता दी जाए। साथ ही, उन्होंने बचाव दलों को तेजी से काम करने और हर प्रभावित व्यक्ति तक मदद पहुंचाने पर जोर दिया।
यह आपदा न केवल कई परिवारों को उजाड़ गई है, बल्कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को भी उजागर करती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी जरूरतमंद को बिना सहायता के नहीं छोड़ा जाएगा।
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