दो पंक्तियों में जीवन का सार कहने की कला में पारंगत संत कबीर दास
भारतीय संत परंपरा में संत कबीर दास जी एक प्रमुख नाम हैं। उनकी सखी-सबद-रमैनी की त्रिवेणी से निकली पंक्तियां आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। संत कबीर दास जी…
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भारतीय संत परंपरा में संत कबीर दास जी एक प्रमुख नाम हैं। उनकी सखी-सबद-रमैनी की त्रिवेणी से निकली पंक्तियां आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। संत कबीर दास जी…
जयंती पर विशेष ✍️नवनीत मिश्र युग पुरुष स्वामी विवेकानंद जी का जन्म जिस समय हुआ, उस समय भारत की सामाजिक, राजनैतिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियां विषमताओं व उथल-पुथल से भरी थी।…
बजट 2025 में कौशलता, एंप्लॉयमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट टैक्स सुधार के माध्यम से लोगों के हाथ में पैसा आए जैसे सुधारो पर फोकस की संभावना- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र…
विरासत में मिले साहित्य प्रेम और माहौल से बनी लेखिका प्रियंका ‘सौरभ कहते है न कि बच्चों को जैसा माहौल घर में मिलता है, उनके भविष्य में उसकी छाप ज़रूर…
✒️नवनीत मिश्र आज से प्रत्येक वर्ष 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य विश्व भर में शांति, एकता और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है। यह दिन…
राष्ट्रीय मिर्गी दिवस 17 नवंबर 2024 पर विशेष-शैक्षिक गोंदिया – वैश्विक स्तरपर दुनियाँ का हर देश इस आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी युगमें भी अनेक प्रकार की बीमारियों रोगों से ग्रस्त है,…
समयनिष्ठा का पालन मानव केश्रेष्ठ गुणों में सर्वश्रेष्ठ होता है,यह ऐसा स्वभाव है जो हमें सफलबनाने में बहुत सहायक होता है। समय पर सभी कार्य पूरे करने वालासमय निकलने पर…
✒️प्रियंका सौरभ आज की भागती दौड़ती ज़िन्दगी में लोग अपनी परंपरा को भूलते जा रहे हैं। इसका परिणाम है कि आज देश में पर्यावरण संकट के साथ-साथ कई तरह की…
आधुनिकता के दौर में दीपोत्सव पर मिट्टी की दीये जलाने की परंपरा विलुप्त हो रही है। इससे सामाजिक रूप से व पर्यावरण पर ग़लत प्रभाव पड़ने की आशंका को नकारा…
विश्व बैंक उच्च प्राथमिकता वाले कौशल क्षेत्र की पहचान कर रोज़गार कौशल प्लान व श्रम बनाए रखने में देशों के साथ सहयोग की सलाह दी हरित नौकरियों व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस…
भूल गए वो मित्र हमारे,जो रोज़ खबर ले लेते थे,ऐसी याद बिसारी मेरी जैसेकान्हा गोकुल छोड़ गए थे। कहना ऊधव जाकर उनसेगोकुल की गलियाँ सूनी हैं,अब तो वापस आ भी…
स्वप्न देखना अच्छा होता है, उस परअमल करना और भी अच्छा होता है,आस्था बलशाली होती है, उसकोफलीभूत करना और प्रबल होता है। जीवन में चाहत जिसको भी होती है,हमेशा उसकी…
रेस्टौरेंट होटल हैं खुल गये,जगह जगह हैं माल बन रहे,अस्पतालों की लाइन लगी है,कुकुरमुत्ते की भाँति बढ़ रहे । नहीं कहीं पार्किंग की व्यवस्था,नहीं कहीं अग्निशमन की सुरक्षा,कोई नहीं नियम…
राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा अकादमिक जांच और आलोचनात्मक सोच के दायरे को सीमित कर रहा है नेट पर बढ़ती निर्भरता अनजाने में भारत में शोध के दायरे को सीमित कर सकती…
केंद्र सरकार ने खेत से लेकर थाली तक बागवानी उत्पाद (सब्जियों) की कीमत में भारी अंतर की नब्ज़ पकड़कर साइंटिफिक व्यवस्था बनाने कमेटी बनाई किसानों से कौड़ियों के रेट में…