माँ तुझे सलाम’-हरवंश डांगे
आलेख माँ संवेदना हैं, भावना हैं, एहसास हैं, माँ जीवन के फूलों में खुशबू का वास है। माँ सिर्फ एक शब्द नहीं जीवन की वह भावना होती है जिसमें स्नेह,…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
आलेख माँ संवेदना हैं, भावना हैं, एहसास हैं, माँ जीवन के फूलों में खुशबू का वास है। माँ सिर्फ एक शब्द नहीं जीवन की वह भावना होती है जिसमें स्नेह,…
राशन कालाबाजारी पर सरकारी सख्ती जमीनी हकीकत और खोखले वादे राशन की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के दावे एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या…
आलेख- शिव नाम के जयकारे पुरे देश-दुनिया में लगाई जाती है , शिव पुत्र गणेश जी के पुजा के बिना कोई भी पुजा शुरू नही होती। शिव जी के पुत्र…
सिंदूर की सौगंध ‘एक था पाकिस्तान’ की गूंज “एक था पाकिस्तान” – ये केवल तीन शब्द नहीं, बल्कि इतिहास की एक गहरी दास्तां है। यह उस विभाजन का प्रतीक है,…
भूकम्प के झटके आये, नेपाल हिला,भारत, लंका, पाकिस्तान हिल गये,प्रभू मसीह, अल्लाह व भगवान कहाँ,हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, भी गये। प्रकृति के आगे है बेवश हर इंसान,हैं समान सब उसकी…
भारत सांस्कृतिक، धार्मिक और भाषाई विविधता एवं समरसता का देश है। यहाँ हज़ारों किस्म की जबानें और बोलियां प्रचलित हैं। हमारी परंपराओं में विभिन्न प्रकार के धर्म-संप्रदाय, रंग-नस्ल, रीति-रिवाज, वेश-भूषा…
“सोशल मीडिया युग में करुणा की कैद” सोशल मीडिया के युग में भलाई और करुणा अब मौन संवेदनाएँ नहीं रहीं, वे कैमरे के फ्रेम में क़ैद होती जा रही हैं।…
रायपुर/छत्तीसगढ़ (राष्ट्र की परम्परा)। घटनाएं-दुर्घटनाएं भूलने के लिए ज्यादा, याद रखने के लिए कम होती हैं। आपको भी सरकार की तरह 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हत्याकांड को भूलकर अपने…
शिकागो के अमर शहीदों के संघर्ष और त्याग के कारण आठ घंटे काम का अधिकार हम मेहनतकशों और सर्वहारा वर्ग ने प्राप्त किया है। इस अधिकार पर अब हमले हो…
विशेष———मजदूर दिवस केवल एक तारीख नहीं, श्रमिकों की मेहनत, संघर्ष और हक की पहचान है। 1 मई को मनाया जाने वाला यह दिन उस आंदोलन की याद है जिसने काम…
भारत में एक बार विधायक या सांसद बन जाना आजीवन पेंशन की गारंटी बन चुका है, चाहे उनका संसदीय रिकॉर्ड शून्य क्यों न हो। वहीं, सीमाओं पर तैनात सैनिक हर…
मानव जनित स्वभाव विचित्र है,जो व्यक्ति उसे अच्छा लगता है,उसकी सब बुराइयाँ भूल जाता है,बुरा बर्ताव अच्छा लगने लगता है। और जो व्यक्ति उसे बुरा लगता है,उसकी अच्छाइयाँ भी भूल…
“हे परशुराम, अब कब तक इंतजार करें?” आज के दौर में परशुराम की शिक्षा और आदर्श हमें सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। उनके संघर्ष, न्याय के…
बिश्नोई समाज राजस्थान का एक अनूठा समुदाय है जो सदियों से पेड़-पौधों और वन्य जीवों की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करता आया है। यहां की महिलाएं घायल हिरणों को…
अक्षय तृतीया का दिन दान-पुण्य,गरीबों, जरूरतमंदों को दान करने,सोना खरीदने, शुभ कार्य के लिएअत्यंत शुभ मुहूर्त माना जाता है। श्रद्धापूर्वक पूजा, दान पुण्य करना,भौतिक सुख-समृद्धि प्राप्त करना,भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी…