
नौ स्थानों पर स्थापित प्रतिमाओं के दर्शन को उमड़ रही भीड़, अग्निशमन यंत्र और बालू-पानी की व्यवस्था नहीं
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। आदर्श नगर पंचायत सिकंदरपुर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर नौ स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। पूजा पंडालों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, लेकिन सुरक्षा इंतजामों की कमी चिंता बढ़ा रही है। कई पंडालों के आसपास बिजली के तार होने के बावजूद आग से बचाव के पर्याप्त प्रबंध नजर नहीं आ रहे हैं।नगर के बस स्टेशन चौराहे पर स्थापित दुर्गा पंडाल के ऊपर से हाईटेंशन बिजली का तार गुजर रहा है। वहीं, इंदिरा मार्केट के पास बने पंडाल के बीच से बिजली का तार मौजूद है। ऐसे में पूजा के दौरान विद्युत झालरों, दीपक और अगरबत्ती के इस्तेमाल से संभावित खतरे की आशंका बनी हुई है। पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।आग से बचाव के इंतजाम नहींपंडालों में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अग्निशमन यंत्र, बालू और पानी जैसी जरूरी व्यवस्थाएं होनी चाहिए, ताकि आग लगने की स्थिति में तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जा सके। हालांकि, संबंधित पंडालों में इन इंतजामों की उपलब्धता नजर नहीं आ रही है। ऐसे में आग लगने की स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।पश्चिम बंगाल में आग लगने की घटना में 19 लोगों की मौत की खबर के बीच सिकंदरपुर के पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। बिजली के तारों के आसपास पंडालों की मौजूदगी और अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से जोखिम बढ़ सकता है।समय रहते जरूरी कदम उठाने की जरूरतश्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन, बिजली विभाग और अग्निशमन विभाग को पूजा पंडालों का तत्काल निरीक्षण करना चाहिए। हाईटेंशन तारों से उत्पन्न खतरे का आकलन कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए। साथ ही, बिजली के तारों की सुरक्षित व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन बचाव के इंतजाम सुनिश्चित किए जाने की जरूरत है, ताकि मां दुर्गा के दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में पूजा-अर्चना कर सकें।
