Category: लेख

रिश्तों को समझने और संवारने की दिशा में पहल

दिल्ली यूनिवर्सिटी शुरू करेगी ‘नेगोशिएटिंग इंटिमेट रिलेशनशिप’ कोर्स (विशेष रिपोर्ट – राजकुमार मणि) आज के तेज़ रफ्तार और प्रतिस्पर्धात्मक जीवन में जहां तकनीक ने लोगों को जोड़ा है, वहीं भावनात्मक…

क्षमा मांगना या देना भावनात्मक और मानसिक कल्याण का एक पहलू

वैश्विक क्षमा दिवस 7 जुलाई क्षमा दिवस मनाने से खुद को व दूसरों को क्षमा करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है,जिससे एक अधिक दयालू और सहानुभूतिपूर्ण दुनियाँ को बढ़ावा मिलता…

बोल म्हारी माटी

माटी री बोली में घुली कविता री आत्मा हरियाणा रा नाम आवै तो मन मैं दूध-दही, खेत-खलियाण, पहलवान, चौपाल, बागड़ी-जेबड़ी बोली अर सादगी भर्यी जिन्दगी सै। पर इस हरियाणा री…

भारत ग्लोबल साउथ की अग्रणी आवाज़ के रूप में स्थापित होकर पश्चिम नेतृत्व वाली वैश्विक व्यवस्था क़ा विकल्प बनने की ओर?

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर आज भारत की रेपुटेशन ऐसी हो गई है कि, भारत जो बोलता या करता है, उसे दुनियाँ गंभीरता पूर्वक ध्यान देता हुआ सुनती है, जिसका सटीक…

ई-वोटिंग: लोकतंत्र की मजबूती या तकनीकी जटिलता?

ई-वोटिंग मतदान प्रक्रिया को सरल, सुलभ और व्यापक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हो सकता है। बिहार के प्रयोग से स्पष्ट है कि मोबाइल ऐप के माध्यम से…

दलाई लामा : करुणा, शांति और साहस के जीवंत प्रतीक

दलाई लामा के जन्म दिवस पर विशेष (लेखक – नवनीत मिश्र) जब हम “दलाई लामा” का नाम लेते हैं, तो हमारी स्मृतियों में एक शांत मुस्कान, सौम्य दृष्टि और करुणा…

नवजागरण के अग्रदूत स्वामी विवेकानंद जी युवा चेतना के प्रेरणास्रोत

(नवनीत मिश्र) स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में नरेंद्रनाथ दत्त के रूप में हुआ थाl आधुनिक भारत के उन महानतम विचारकों में गिने जाते हैं…

“CET के नाम पर कोचिंग माफिया: हरियाणा में शिक्षा का बढ़ता सौदा”

“कुकुरमुत्तों की तरह उगते कोचिंग सेंटर: CET या लूट की नई राह?” “CET का चक्रव्यूह और कोचिंग का जाल हरियाणा में CET परीक्षा लागू होने के बाद जिस रफ्तार से…

विश्व की नज़रें ट्रंप-मस्क की तगड़ी भिड़ंत और जुबानी जंगबाजी पर लगी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर पूरी दुनियाँ देख रही थी कि पिछले कुछ महीनो से कैसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनियाँ में चल रहे अनेको युद्धों को रोकने के लिए रुचि…

महिला आरक्षण की दहलीज़ पर लोकतंत्र अब दलों को जिम्मेदारी उठानी होगी

2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारत में राजनीति के स्वरूप को बदलने का ऐतिहासिक अवसर है। हालांकि इसका क्रियान्वयन 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संभव है, लेकिन…

साहित्य का मंच या शिकार की मंडी?

नई लेखिका आई है — और मंडी के गिद्ध जाग उठे हैं नई लेखिकाओं के उभार के साथ-साथ जिस तरह साहित्यिक मंडियों में उनकी रचनात्मकता की बजाय उनकी देह, उम्र…

जल की बूंद-बूंद पर संकट नीतियों के बावजूद क्यों प्यासी है भारत की धरती?

भारत दुनिया की 18% आबादी और मात्र 4% ताजे जल संसाधनों के साथ गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। भूजल का अत्यधिक दोहन, प्रदूषण, असंतुलित खेती, और जलवायु…

राष्ट्र की परम्परा के खबर का हुआ असर

कॉलर ट्यून की विदाई जनता की सुनवाई या थकान की जीत? कॉलर ट्यून को अलविदा कहा गया 6 दिन पहले प्रकाशित हुआ मेरा लेख — “कॉलर ट्यून या कलेजे पर…

सीबीएसई 10वीं की परीक्षा 2026 से वर्ष में दो बार होगी- सप्लीमेंट्री खत्म-पहली परीक्षा फरवरी में कंपलसरी, दूसरी मई में ऑप्शनल-अप्रैल जून में नतीजे

परीक्षा के नए पैटर्न में छात्रों को अंकों में बेहतर सुधार का यह मौका करियर में मील का पत्थर साबित होगा सीबीएसई 10वीं का नया पैटर्न राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020…

25 जून 1975: जब लोकतंत्र ने रातोंरात सांस लेना छोड़ दिया

नवनीत मिश्र आपातकाल के 50 साल पर विशेष:- संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल तब घोषित किया जाता है जब देश की एकता, अखंडता या सुरक्षा को गंभीर खतरा…