Category: लेख

इतिहास के दीप: 5 नवम्बर को जन्मे राष्ट्रभक्तों की प्रेरक गाथा

“5 नवम्बर के उजियारे दीप—जिन्होंने राष्ट्र, समाज और ज्ञान की दिशा बदली” भारत का इतिहास उन विभूतियों से आलोकित है जिन्होंने अपने कर्म, संघर्ष और विचारों से समाज में अमिट…

🚀 भारत के मंगल अभियान से लेकर मुग़ल विजय तक — एक दिन, अनेक कहानियाँ

5 नवंबर का इतिहास: मानवता, विज्ञान और साहस की अद्भुत यात्रा भारत और विश्व के इतिहास में 5 नवंबर का दिन अनेक निर्णायक घटनाओं और उपलब्धियों से भरा हुआ है।…

डॉलर के भ्रम में डूबते सपने — गांवों से शुरू होती विदेशी लाशों की कहानी

डंकी रूट से लूट युवाओं के सपनों की तस्करी विदेश में सुनहरे भविष्य के लालच में, भारतीय युवा अवैध रास्तों के शिकार बन रहे हैं। एजेंटों का यह नेटवर्क न…

जो बोएगा वही पाएगा,तेरा किया आगे आएगा,सुख-दुख है क्या, फल कर्मों का जैसी करनी वैसी भरनी

हमारा कर्म ही हमारा भविष्य हैं- धार्मिक, सामाजिक आध्यात्मिक और राजनीतिक दृष्टि से एक गहन विश्लेषण परिश्रम,अनुशासन और नवाचार का बीज बोनें वाले,विश्व मेंअग्रणी बने-लापरवाही, भ्रष्टाचार और विभाजन का बीज…

लेखक गाँव : शब्दों की साधना और सृजन का हिमालय

3 से 5 नवम्बर 2025 को थानो (देहरादून) में होगा “स्पर्श हिमालय महोत्सव” — जहाँ साहित्य, संस्कृति और प्रकृति का संगम रचेगा नई सृजनगाथा – डॉ. सत्यवान सौरभ उत्तराखंड की…

📰 पलटूराम की राजनीति का अंत! — बिहार की जनता ने तय किया बदलाव का फैसला

(विश्लेषणात्मक आलेख : संजय पराते) 🔹बिहार की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर है। सत्ता की बाज़ी पलटने वाले ‘पलटूराम’ नीतीश कुमार की अवसरवादी राजनीति अब अपने अंत की…

“मिशन स्टॉप क्राइम” का जनजागरण संकल्प—रायगढ़ में सिटीजन संस्था ने उठाया साइबर ठगी के खिलाफ बड़ा कदम

रायगढ़ जिले में हुई बैठक में तय हुआ — हर गांव–हर नागरिक तक पहुंचेगा “साइबर जागरूकता अभियान”, डिजिटल अपराधों से सुरक्षा के लिए सिटीजन संस्था ने लिया ठोस संकल्प रायगढ़,…

पूरी दुनियां में गूंजा,धन गुरु नानक सारा जग तारिया – प्रकाशोत्सव की पावन बेला से जग पवित्र हुआ

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर पूरी दुनियां में सतगुरु नानक प्रगटिया मिट्टी धुंध जग चानण होआ, हुकमे अंदर सभ क़ो,बाहर हुकम ना कोए,सिमर सिमर सुख पावहुँ सिमरन कर मन मेरे, सबना…

चंद लोगों के हाथ की कठपुतली बनी है बिहार की राजनीति जो हमारे देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रहे है।

बिहार, जो कभी अपनी राजनीतिक चेतना, वैचारिक नेतृत्व और सामाजिक आंदोलन के लिए जाना जाता था, आज कुछ गिने-चुने लोगों के हाथ की कठपुतली बनकर रह गया है। कभी लोकतंत्र…

दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक नेतृत्व की प्रतीक श्रीमती इंदिरा गांधी

भारत के राजनीतिक इतिहास में इंदिरा गांधी का नाम एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में अंकित है, जिन्होंने अपने दृढ़ निश्चय, राजनीतिक सूझबूझ और अडिग नेतृत्व से देश को निर्णायक…

🍬राष्ट्रीय कैंडी कॉर्न दिवस 2025: स्वाद, परंपरा और रंगों का उत्सव

हर साल 30 अक्टूबर को अमेरिका में बड़े ही उत्साह और मिठास भरे अंदाज़ में “राष्ट्रीय कैंडी कॉर्न दिवस” (National Candy Corn Day) मनाया जाता है। यह दिन एक खास…

“सपनों को सुरक्षित करने का दिन — क्यों जरूरी है बचत की आदत? जानिए विश्व बचत दिवस का अर्थ और भारत से इसका गहरा रिश्ता”

“सिर्फ कमाना नहीं, संभालना भी जरूरी है — बचत की संस्कृति पर विशेष रिपोर्ट” ✨ हर सिक्के की खनक में एक कहानी होती है — मेहनत की, उम्मीद की और…

🧠 “स्ट्रोक पर काबू: जागरूकता और होम्योपैथी से जीवन की नई उम्मीद”

(विश्व स्ट्रोक दिवस 2025 विशेष लेख) हर साल 29 अक्टूबर को विश्व स्ट्रोक दिवस (World Stroke Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में स्ट्रोक यानी मस्तिष्क आघात के प्रति…

डिग्री नहीं, कौशल चाहिए: क्यों बदल रही है युवाओं की सोच

बीए-बीएससी-बीकॉम का घटता आकर्षण: नई पीढ़ी की बदलती प्राथमिकताएँ कभी बीए, बीएससी या बीकॉम जैसी पारंपरिक डिग्रियों को उच्च शिक्षा की पहचान माना जाता था। यह डिग्रियाँ समाज में सम्मान,…

जनता की अपेक्षाएँ बनाम ज़मीनी सच्चाई — 2025 का लोकतांत्रिक इम्तिहान

वादों की राजनीति से नीति की दिशा तक — बिहार की चुनौतियाँ गोंदिया – वैश्विक स्तरपर दुनियाँ के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के एक राज्य बिहार क़ा विधानसभा चुनाव 2025…