Category: लेख

25 नवंबर के उजाले: इतिहास में जन्मे वे व्यक्तित्व

25 नवंबर के उजाले: इतिहास में जन्मे वे व्यक्तित्व जिन्होंने भारत की दिशा बदली भारत के इतिहास में 25 नवंबर ऐसा दिन है जब विविध क्षेत्रों—खेल, साहित्य, न्यायपालिका, राजनीति, कला…

वेद: मानव सभ्यता का शाश्वत प्रकाश

✒️नवनीत मिश्र वेद भारतीय ज्ञान परंपरा की वह प्रथम ज्योति हैं, जिनसे मानव सभ्यता ने अपने विकास का मार्ग पहचाना। वेदों को केवल धार्मिक ग्रंथ मानना उनकी महत्ता को सीमित…

डिग्री नहीं, कौशल है भारत की असली ताकत – युवाओं के भविष्य को बदल रही है ‘स्किल क्रांति’

भारत में तेजी से बढ़ती बेरोज़गारी के बीच यह सवाल बड़ा हो गया है कि क्या केवल डिग्री नौकरी दिला सकती है या अब कौशल ही रोजगार की सबसे अहम…

जीवन में कुछ बनने के लिए विनम्र होना जरूरी- बीज को भी पेड़ बनने जमीन के नीचे दबना पड़ता है

गोंदिया- वैश्विक मानवीय जीवन छैली को अगर हम देखें तो आधुनिकता का भाव कूट-कूट कर भरा है। वर्तमान डिजिटलाइजेशन और वैज्ञानिक युग में वैश्विक स्तरपर पुरानी परंपराओं, पौराणिक मान्यताओं, रीति-रिवाजों…

पम्पापुर से पहले हनुमान जी का दिव्य अध्याय — शक्ति, भक्ति और ज्ञान का अप्रतिम संगम

हनुमान जी का चरित्र भारतीय सनातन परंपरा में ऐसा दिव्य प्रकाश स्तंभ है, जिसकी आभा आज भी अनगिनत भक्तों के हृदय को आलोकित करती है। बाल्यकाल की सहज चपलता से…

वेद से पंचतत्व तक: सनातन धर्म के मूल आधार

✍️ नवनीत मिश्र भारतीय संस्कृति अपनी प्राचीनता, गहराई और वैज्ञानिक दृष्टि के कारण विश्व की सबसे समृद्ध परंपराओं में मानी जाती है। इसकी मजबूती उन आधार स्तंभों पर टिकी है,…

शहीदों के सरताज गुरु तेग बहादुर: धर्म, मानवता और अदम्य साहस के प्रतीक मौलिक एवं प्रवाहपूर्ण आलेख

✍️ पुनीत मिश्र भारत के इतिहास में साहस, सहिष्णुता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले नामों में गुरु तेग बहादुर का स्थान अनन्य है। वे…

धीरे चलिए, वरना जीवन की रफ्तार बन जाएगी काल—पुरानी सूक्तियों को न मानने की लापरवाही ले रही जानें

✍️ कैलाश सिंह महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।आधुनिक समय की तेज रफ्तार संस्कृति लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। सड़क सुरक्षा से जुड़ी पुरानी सूक्तियां—धीरे चले, सुरक्षित रहें —आज सिर्फ…

स्क्रीन के साए में रिश्ते: सोशल मीडिया और रिश्तों के बदलते मायने

सोमनाथ मिश्र की रिपोर्ट आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया हमारी जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। परिवार हो या दोस्ती, प्रेम संबंध हों या सामाजिक जुड़ाव—हर रिश्ते…

भारत में सबसे ज्यादा चलने वाली फिल्में: क्या हैं उनकी सफलता के कारण और किन पात्रों ने दिल में बनाई खास जगह

भारत में सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि भावना, संस्कृति, संघर्ष, प्रेम, साहस और समाज का आईना माना जाता है। पिछले कई दशकों में कुछ ऐसी फिल्में आईं जिन्होंने महीनों—कहीं-कहीं वर्षों…

अनोखी प्रतिभा के धनी पीयूष गोयल: पाँच तरीकों से पाँच महान कृतियाँ लिखकर रचा इतिहास

● नवनीत मिश्र दुनिया में कलाकारों की कमी नहीं, लेकिन कुछ लोग अपनी कल्पनाशक्ति और साधना से ऐसे चमत्कार कर दिखाते हैं जो सामान्य सोच से परे हों। ऐसी ही…

29 कानूनों की जटिलता खत्म: चार श्रम संहिताएँ कैसे बदलेंगी मजदूरों और उद्योगों की दुनिया?

10 लेबर यूनियनों के संयुक्त मंच ने इस कदम को मजदूर विरोधी बताते हुए कहा है कि इससे मालिक अधिक शक्तिशाली होंगे और श्रमिकों की सौदेबाजी क्षमता घटेगी गोंदिया –…

सबको हराने” की जगह “सबको जीतने” की कोशिश करे, बहुतसारी मुश्किले आसान हो जाएगी

सुनीता कुमारीबिहार जीवन में हम अक्सर प्रतिस्पर्धा को केवल दूसरों को हराने के रूप में देखते हैं। हमें लगता है कि सफलता तभी है जब हम सामने वाले को पीछे…

वंशवाद बनाम योग्यता: बिहार में बढ़ती राजनीतिक लड़ाई, सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय नेतृत्व पर उठते प्रश्न

गोंदिया – बिहार विधानसभा चुनाव क़े आए हैरत अंगेज़ नतीजों के बाद बिहार की राजनीति एक बार फिर से परिवारवाद के आरोपों के इर्द-गिर्द घूमने लगी है। नई सरकार के…

जल–जंगल–ज़मीन की पुकार: बदलते पर्यावरण में छात्रों के सपनों का भविष्य कैसे बचेगा?

धरती की धड़कन पहले से कहीं तेज़ हो चुकी है। सूखी नदियों में चौड़ी होती दरारें, जंगलों का सिकुड़ता घेरा और शहरों में जहरीली होती हवा अब केवल प्रकृति की…