प्लास्टिक – अमर ज़हर
मनुष्य ने जब आग और पहिए की खोज की, वह सभ्यता की शुरुआत थी। जब उसने विज्ञान से दोस्ती की, उसने चमत्कार रचे। लेकिन इस चमत्कारों की अंधी दौड़ में…
मनुष्य ने जब आग और पहिए की खोज की, वह सभ्यता की शुरुआत थी। जब उसने विज्ञान से दोस्ती की, उसने चमत्कार रचे। लेकिन इस चमत्कारों की अंधी दौड़ में…
“सीबीआई जांच भी इंसाफ़ की गारंटी नहीं, सालों से पेंडिंग हैं मामले” भिवानी की शिक्षिका मनीषा हत्याकांड को सीबीआई जांच के लिए भेजा गया है। लेकिन प्रदेश में पहले से…
(राष्ट्र की परम्परा के लिए गणेश दत्त द्विवेदी की रिपोर्ट) लोकतंत्र की सबसे बड़ी पहचान उसकी संसद होती है। संसद केवल कानून बनाने का मंच नहीं बल्कि वह पवित्र स्थान…
(दिलीप कुमार पाण्डेय) नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2025) को लालकिले के प्राचीर से देश के युवाओं और उद्योग जगत को बड़ी…
“जब न्याय के प्रहरी ही अपराधी बन जाएँ, तो कानून की आस्था कैसे बचे?” झूठे मुकदमे केवल निर्दोषों को पीड़ा नहीं देते, बल्कि न्याय तंत्र की नींव को भी हिला…
पांच नए समुद्री कानून भारत के विज़न आत्मनिर्भर भारत 2047 में विकसित राष्ट्र और वैश्विक समुद्री महाशक्ति बनाने में अहम रोल अदा करेंगे गोंदिया – भारत को प्राचीन काल से…
(राजकुमार मणि) “मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया” – मजरूह सुल्तानपुरी की ये पंक्तियाँ मौजूदा भारतीय राजनीति की सियासी यात्रा संस्कृति…
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। विवाहित महिलाओं द्वारा मांग में सिंदूर लगाने से नकारात्मक शक्तियां नजदीक नहीं आने पाती तथा सौंदर्य में वृद्धि होती है। पौराणिक कथाओं में लाल रंग के…
भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई से निवेशकों का विश्वासबढ़ेगा प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तरपर भारत की छवि“जवाबदेह लोकतंत्र”की बनेगी गोंदिया – भारतीय स्वतंत्रता के बाद से अब तक देश में…
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। शिक्षा मनुष्य का वह आभूषण है। जिसे ग्रहण करने से व्यक्ति का भविष्य गुणवान संस्कारी बन जाता है। शिक्षा ही मनुष्य को कर्मठ, महत्वाकांक्षी, और परिश्रमी…
कानून अपनी जगह ज़रूरी है, लेकिन समाज, परिवार माता- पिता को चाहिए कि वे बच्चों के स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण रखें, शिक्षकों को चाहिए कि वे विद्यार्थियों को सही दिशा…
संघर्ष की गाथा भूली, तस्वीरों की दुनिया में खोया युवा आज की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि युवा वर्ग केवल फ्रेम और क्लिक की दुनिया में सिमटकर न रह…
✍️नवनीत मिश्र भारतीय राजनीति में कई नेता आए और गए, लेकिन कुछ ही ऐसे हुए जो अपने पद से अधिक अपने व्यक्तित्व के कारण पहचाने गए। कल्याण सिंह उन्हीं में…
19 अगस्त को विश्व फोटोग्राफी दिवस के रूप में मनाया जाता है। तस्वीर खींचने की कला ने इंसानी सभ्यता को एक नई दृष्टि दी है। कैमरे की लेंस से गुज़री…
🖊️नवनीत मिश्र भारतीय संस्कृति के आकाश में अनेक साधु-संतों ने अपने तप, त्याग और त्यागमयी जीवन से अमिट प्रकाश फैलाया है। इन्हीं में एक महान विभूति थे, धर्मसम्राट स्वामी करपात्री…