Category: लेख

दुनियाँ की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली भारतीय अर्थव्यवस्था को डेड कहना क्या ट्रंप की ट्रेड डील की पैतरेबाज़ी है?

ट्रंप की टैरिफ दबाव नीति क़े आगे भारत झुकेगा नहीं – संसद में वाणिज्यमंत्री की हुंकार राष्ट्रहित सर्वोपरि गोंदिया – वैश्विक स्तरपर विश्वबैंक आईएमएफ सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय एजेंसीयों ने…

“जब तक हिंदी भाषा जीवित है, प्रेमचंद के शब्द उसमें सांस लेते रहेंगे।”

हिंदी साहित्य के इतिहास में अगर किसी लेखक ने जनमानस को सबसे अधिक प्रभावित किया, तो वह हैं मुंशी प्रेमचंद। साहित्य को महलों से निकालकर झोपड़ियों तक पहुंचाने वाले प्रेमचंद…

उधम सिंह सरदार एक गोली सौ सालों की गूंज

उधम सिंह केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि एक विचार थे—संयम, संकल्प और सत्य का प्रतीक। जलियांवाला बाग़ के नरसंहार का प्रत्यक्षदर्शी यह वीर 21 वर्षों तक चुपचाप अपने मिशन…

मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर होगा “सवा सेर गेहूं” का मंचन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर नाट्य संस्था रंगाश्रम गोरखपुर द्वारा 31 जुलाई, गुरुवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा…

आज भी प्रासंगिक हैं प्रेमचंद के साहित्यिक व सामाजिक विमर्श– कृष्ण कुमार यादव

“साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि उसकी मशाल भी है।” यह कथन प्रेमचंद के साहित्यिक अवदान पर अक्षरशः खरा उतरता है। युगों-युगों तक पढ़े जाने वाले साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद…

6 वर्ष की बच्ची को रेबीज बीमारी ग्रस्त कुत्ते ने काटा- न्यूज़पेपर में खबर को पढ़कर सुप्रीम कोर्ट बेंच ने स्वतः संज्ञान लिया-याचिका दाखिल होगी

गोंदिया – भारत क़े करीब-करीब हर राज्य क़े हर शहरी क्षेत्र क़े हर शहर व ग्रामीण क्षेत्र के हर गांव में अगर हम देखेंगे तो हमेंआवारा या लावारिस कुत्ते कहीं…

लक्ष्मणरेखा के पार: उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा और सत्ता-संविधान के बीच संघर्ष

✍️ दिव्या भोसले, पत्रकार, मुंबई भारतीय राजनीति में कुछ फैसले क्षणभर में होते हैं, लेकिन उनके प्रभाव लम्बे समय तक प्रतिध्वनित होते रहते हैं। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा दिया गया…

भारत में बुजुर्गों का तिरस्कार कब खत्म होगा? – राम शर्मिंदा है,अयोध्या में संभावित परिजनों द्वारा माँ को सड़क पर फेक भाग निकले- मां दम तोड़ गई

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर पूरी दुनियाँ में भारत ही एक ऐसा संस्कारी सभ्यता का प्रतीक सर्वधर्म समभाव महा मानवों का देश है जहां,माता-पिता बड़े बुजुर्गों की आज्ञा को ऊपरवाले की…

त्यौहार विशेष

हरियाली तीज- परंपरा की जड़ें और आधुनिकता की डालियाँ हरियाली तीज केवल श्रृंगार, झूला और व्रत का पर्व नहीं, बल्कि भारतीय स्त्री के आत्मबल, प्रेम और प्रकृति से जुड़ाव का…

भारत यूके सीईटीए मुनाफेवाली डील पक्की- इकोनॉमी को बूस्टर डोज-टैरिफ टेंशन के खिलाफ संजीवनी बूटी-आर्थिक भगोड़ों का प्रत्यारर्पण संभव?

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर पूरी दुनियाँ जानती है कि भारत सहित अनेको देशों पर अंग्रेजों यानें इंग्लैंड का शासन था यानें वे सभी देश गुलामी के साए में जी रहे…

न्यायालय की चेतावनी और समाज का आईना

“लव जिहाद” — एक ऐसा शब्द जो न तो भारतीय क़ानून में परिभाषित है, न संविधान में मान्यता प्राप्त, लेकिन फिर भी राजनीतिक मंचों, टीवी डिबेट्स और सड़कों पर सुनाई…

सेहत के लिए शक्कर के खिलाफ़ विश्वयुद्ध-भारत से यूएई तक चीनी कम अभियान-यूएई में 1जनवरी 2026 से चीनी आधारित टैक्स सिस्टम लागू

सेहत के लिए शक्कर एक धीमा जहर है,इसके खिलाफ़ भारत के साथ यूएई ने भी कमर कसी- दीर्घकालीन रणनीति पर काम शुरू गोंदिया – वैश्विक स्तरपर जहां एक और दुनियाँ…