Category: लेख

तंबाकू मुक्त भारत: कानून, नीति और राजनीतिक इच्छाशक्ति की परीक्षा

भारत में तंबाकू पूर्ण निषेध की तात्कालिक आवश्यकता: जनस्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और नैतिकता पर निर्णायक विधायी पहलराष्ट्रीय तंबाकू निषेध अधिनियम 2026 एवं भारतीय तंबाकू उत्पाद निषेध विधेयक 2026 को बजट सत्र…

2026 पासपोर्ट रैंकिंग में भारत: संकेत, सबक और भविष्य की राह

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026: भारत की 10 पायदान की छलांग, कूटनीतिक सफलता या चेतावनी? वीज़ा-फ्री सुविधा में बढ़ोतरी, दो देशों की कटौती और वैश्विक परिप्रेक्ष्य में गहन विश्लेषण वैश्विक दौर…

सुशासन बनाम दंडहीनता: विकसित भारत की असली चुनौती

विकसित भारत 2047 और सुशासन का संकटड्रेसकोड, पहचान पत्र और जवाबदेही की अनदेखी बनाम नागरिक-केन्द्रित शासन भारत आज वैश्विक स्तर पर एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। प्रधानमंत्री से लेकर…

जब अधिकारों के साथ कर्तव्यों की समझ विकसित होती है, तब राष्ट्रहित सर्वोपरि बनता है

चंद्रकांत सी. पूजारी, गुजरात किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र की मजबूती केवल उसके संविधान, कानून या शासन-प्रणाली पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उसके नागरिकों की सोच, आचरण और कर्तव्य-बोध पर भी…

डिजिटल युग में बचपन और समाज: बढ़ती चिंता का संकेत

डिजिटल प्रदूषण और बचपन पर संकट: सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और जिम्मेदारी का वैश्विक विमर्श डिजिटल युग ने मानव जीवन को अभूतपूर्व रूप से बदला है। सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग…

संसदीय मर्यादा बनाम राजनीतिक आक्रामकता: लोकतंत्र के लिए चेतावनी

लोकसभा के हालिया घटनाक्रम ने भारतीय लोकतंत्र की परंपराओं और संसदीय गरिमा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के बाद…

वैलेंटाइन वीक 7–14 फरवरी 2026 बनाम भारतीय विकल्प

प्यार, भावनाएँ, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन की वैश्विक आवश्यकता एक समग्र विश्लेषणगोंदिया। वैश्विक स्तर पर हर वर्ष फरवरी का दूसरा सप्ताह प्रेम, रिश्तों और भावनात्मक अभिव्यक्ति के…

मोबाइल की लत: संस्कारों से आत्मघात तक की खतरनाक यात्रा

लेखक – नवनीत मिश्र आज के दौर में मोबाइल फोन ने जीवन को जितना सुविधाजनक बनाया है, उतना ही वह बच्चों के भविष्य के लिए खतरनाक भी साबित हो रहा…

सीरियल अटेम्प्ट संस्कृति पर लगाम : UPSC के नए नियम क्या कहते हैं

डिजिटल युग में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2026 के ऐतिहासिक नियम परिवर्तन : एक समग्र विश्लेषण गोंदियावैश्विक डिजिटल युग में जहां तकनीक ने ज्ञान, सूचना…

मानसिक शांति के लिए बेपरवाही क्यों ज़रूरी है

बेपरवाही का मंत्र: चाह गई तो चिंता मिटी, मानसिक शांति पाने का सरल उपाय 🧠 भूमिका“चाह गई चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह।”यह दोहा आज के तनावग्रस्त जीवन में मानसिक शांति का…

एपस्टीन का काला जाल—मोदी के नाम पर वैश्विक साजिश?

एपस्टीन फाइल्स: लोकतंत्र का आईना या सत्ता का कवर-अप? लेखक: डॉ. सत्यवान सौरभ एपस्टीन फाइल्स, एपस्टीन कवर-अप, लोकतंत्र और पारदर्शिता, मोदी एपस्टीन विवाद, वैश्विक सत्ता नेटवर्क अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा…

कैंसर को चुनौती देता साहस: समाज के लिए प्रेरणा बने कर्नल मिश्रा दंपत्ति

कैंसर दिवस पर विशेष रिपोर्ट | नवनीत मिश्र देश में हर साल लाखों लोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन चिकित्सकों और कैंसर से जूझ…

किसान अधिकार और बीज गुणवत्ता: नया नियामक ढांचा

नकली बीजों पर लगाम: बीज विधेयक 2025 से किसान संरक्षण, गुणवत्ता नियमन और वैश्विक कृषि शासन की ओर भारत का निर्णायक कदम गोंदिया | विशेष लेख वर्तमान डिजिटल और वैश्विक…

बजट 2026-27 @ विज़न 2047: लोकलुभावनवाद से आगे आत्मनिर्भर विकसित भारत की वैश्विक रूपरेखा

शेयर बाजार और सोना-चांदी में गिरावट के बीच दीर्घकालिक आर्थिक अनुशासन का साहसिक संदेश गोंदिया (विशेष लेख) भारत का केंद्रीय बजट 2026-27 किसी चुनावी वर्ष की तात्कालिक लोकप्रियता का दस्तावेज़…

केंद्रीय बजट 2026: मध्यम वर्ग, किसान और युवाओं को क्या मिला?

संतुलन की पतली रस्सी पर बजट 2026: आर्थिक अनुशासन, विकास और मध्यम वर्ग की उम्मीदें 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश केंद्रीय बजट 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया…