मेरा दशहरा इस वर्ष का,जितना कष्टदायक रहा है,उससे अधिक सुखद रहा है,इंसानियत प्रेम जो मिला है। तेज़ ज्वर से कंपकँपाता…
मंदिर प्रांगण में जेठ के पहले बड़ेमंगल का भंडारा हो रहा था,पंक्ति बद्ध होकर स्त्री, पुरुष,बच्चे, बुजुर्ग आते जा रहे…
सम्भव को सम्भव करनाअसम्भव तो होता नहीं है,किसी बात पर भी कवितालिखना मुश्किल नहीं है। कविता तो वास्तविकताके ऊपर आधारित…
इससे अच्छा क्या होगा कि कोईछोटी छोटी बात पर करे प्रशंसा,स्वीकार करे आपको मुसीबत में,ज़रूरत के समय करे जो सहायता।…
छिति, जल, पावक, गगन, समीर,पाँच तत्व मिल बना अग़म शरीर,सत, रज, तम गुण मानव तन के,मन रहता इनसे ही अति…
भाई देखो “लातों के भूत,बातों से नही मानते”,यह एक कहावत सुनतेआये हैं हम बचपन से। द्वापर में जब काम न…
हे मातु दया कर दे, वर दे, तनस्वस्थ सुखी रखिए रखिये।रोटी, कपड़ा, रहने को घर, वैभवसुख से भूषित रखिए रखिये।…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के पश्चात सनातन परम्परानुसार जन्म के छठे दिन लड्डू गोपाल की छठी…
सच्चाई कड़वी होती है,सोच समझ कर लिखना होगा।बुरा न माने लोग कहीं,कदम फूंक कर रखना होगा। श्रीराम सरीखी मर्यादा में,रहकर…
दो दोस्तों ने दो जगह दो बातें लिखीं,समय, साँसे दो ही वास्तविक धन हैं,दोनो ही निश्चित हैं दोनो ही सीमित…