कविता

आदित्य वही कर्ता-वही धर्ता

योगा, प्राणायाम और व्यायाम सेध्यान मनन चिंतन और स्मरण से,तन की मन की सुस्ती मिट जाती है,तन मन की सक्षमता…

2 years ago

लक्ष्य प्राप्ति की राह

आज इंसान लक्ष्य से भटक रहा है,यही भटकाव सबको थका रहा है,इस भटकाव की कथा लिख रहा हूँ,मालिक व श्वान…

2 years ago

मै पहचान हूँ भारत की

मुंबई/ महाराष्ट्र(राष्ट्र की परम्परा)मै पहचान हूं भारत की।मैं शान हूं भारत माता की ।। छंद हूं रस हूं सोरठा हूं…

2 years ago

स्मरण कर, उसका मनन कर

मौत शब्द सबको डराने वाला होता है,जिसे सुनकर हर जीव काँप जाता है,पर सत्य यह है कि जीतेजी जो कष्ट,मिलता…

2 years ago

ईश्वर सबको प्रसन्न रखता है

जैसे ईश्वर सबको प्रसन्न रखता है,इसलिए सबपर दया भाव रखता है,वैसे ही मनुष्य से सब ख़ुश रहते हैं तोउसे भी…

2 years ago

पहली बारिस की स्निग्ध फुहार

आख़िर देर से ही सही आयी तो,झमाझम बादल आज यूँ बरसे,चिपचिपाती गर्मी की यह उमस,बादल बरसे और जमकर बरसे। कड़कती…

2 years ago

वक्त का मान-सम्मान

मानव जीवन में मित्र हमेशामिलते और बिछुड़ते रहते हैं,वैसे ही वक्त सदा इस जीवन में,उतार चढ़ाव ले बदलते रहते हैं।…

2 years ago

खुद का किरदार ढूँढ रहा हूँ

क्या दूसरों की कहानी में मैंखुद के किरदार ढूँढ रहा हूँ,क्या मैं नि:शब्द हो गया हूँ,इसलिए कुछ शब्द ढूंढ़ रहा…

2 years ago

मदद एक ऐसा परमार्थ

सुयोग्य व अच्छे मित्रों का होना भीशायद बहुत बड़ा सौभाग्य होता है,बहुत कम लोगों के हाथ में ऐसी रेखाहोती है…

2 years ago

सत्य अक्सर कड़वा होता है

सत्य बोलना हमेशा लाभप्रद होता है,सत्य वचन याद नहीं रखना होता है,सत्य सदा सरल व निष्छल होता है,हाँ, पर सत्य…

2 years ago