कविता

“घातक” जातिय जनगणना

भारत देश जिसे जातिवाद में उलझाते जा रहे हैं सत्ता लोलुप नेता। मंशा इनकी कहलाएंगे खुद को देश का दूसरा…

10 months ago

सब यहीं धरा रह जाता है

बचपन के दिन याद करूँ तो मनमें एक कसक पैदा हो जाती है,वे दिन भी क्या दिन होते थे जबकिंचित…

10 months ago

प्रेम भक्ति, श्रद्धा, विश्वास और दृढ़ता

जीवन एक अविराम यात्रा है,इस यात्रा में वही पथिक अपनेगंतव्य तक पहुँच पाता है जोनिरंतर यात्रा में चलता रहता है।…

10 months ago

नदी न पिए पानी

दूसरे के चेहरे पर हँसी, जीवन मेंख़ुशी लाने की जो सोच रखता है,वह व्यक्ति स्वयं भी खुश रहता है,और दूसरों…

10 months ago

स्वार्थ से बड़ा समाज व देश

वह दो तरह के व्यक्ति ख़ास होते हैं,जो समाज में तहलका मचाते हैं,एक वो जो जानकर भी चुप रहते हैं,दूसरे…

10 months ago

शख़्सियतें निशान छोड़ती हैं

किसी के साथ बुरा उतना ही करो,कि खुद पे आए तो सहन कर सको,बुरा ढूँढता हूँ, बुरा न मिलता कोय,दिल…

10 months ago

सत्ता, शहादत और सवाल

क्यों जलियाँ की चीख सुन, सत्ता है अब मौन?लाशों से ना सीख ली, अब समझाये कौन॥ डायर केवल नाम था,…

10 months ago

ख़ुद ही मुद्दई, ख़ुद ही मुद्दालय

ख़ुद ही मुद्दई, ख़ुद ही मुद्दालय,ख़ुद ही पुलिस ख़ुद न्यायालय,ख़ुद ही गवाह ख़ुद ही पैरोकारी,ख़ुद वकील ख़ुद जाँच अधिकारी। जहाँ…

10 months ago

प्रकृति का नियम

जिस तरह एक वृक्ष की प्रकृति होती हैहमारी प्रकृति भी वैसी ही होनी चाहिए,हमें अपनी धरती पर रहकर वृक्ष की…

10 months ago

ज़िंदगी एक किताब है

जिंदगी एक किताब की तरह है,कुछ पन्ने बेरुखे हैं, कुछ खुश हैं,और कुछ पन्ने रोमांचक भी हैं,लेकिन अगर हम पेज…

11 months ago