कविता

सब यहीं धरा रह जाता है

बचपन के दिन याद करूँ तो मनमें एक कसक पैदा हो जाती है,वे दिन भी क्या दिन होते थे जबकिंचित…

1 year ago

प्रेम भक्ति, श्रद्धा, विश्वास और दृढ़ता

जीवन एक अविराम यात्रा है,इस यात्रा में वही पथिक अपनेगंतव्य तक पहुँच पाता है जोनिरंतर यात्रा में चलता रहता है।…

1 year ago

नदी न पिए पानी

दूसरे के चेहरे पर हँसी, जीवन मेंख़ुशी लाने की जो सोच रखता है,वह व्यक्ति स्वयं भी खुश रहता है,और दूसरों…

1 year ago

स्वार्थ से बड़ा समाज व देश

वह दो तरह के व्यक्ति ख़ास होते हैं,जो समाज में तहलका मचाते हैं,एक वो जो जानकर भी चुप रहते हैं,दूसरे…

1 year ago

शख़्सियतें निशान छोड़ती हैं

किसी के साथ बुरा उतना ही करो,कि खुद पे आए तो सहन कर सको,बुरा ढूँढता हूँ, बुरा न मिलता कोय,दिल…

1 year ago

सत्ता, शहादत और सवाल

क्यों जलियाँ की चीख सुन, सत्ता है अब मौन?लाशों से ना सीख ली, अब समझाये कौन॥ डायर केवल नाम था,…

1 year ago

ख़ुद ही मुद्दई, ख़ुद ही मुद्दालय

ख़ुद ही मुद्दई, ख़ुद ही मुद्दालय,ख़ुद ही पुलिस ख़ुद न्यायालय,ख़ुद ही गवाह ख़ुद ही पैरोकारी,ख़ुद वकील ख़ुद जाँच अधिकारी। जहाँ…

1 year ago

प्रकृति का नियम

जिस तरह एक वृक्ष की प्रकृति होती हैहमारी प्रकृति भी वैसी ही होनी चाहिए,हमें अपनी धरती पर रहकर वृक्ष की…

1 year ago

ज़िंदगी एक किताब है

जिंदगी एक किताब की तरह है,कुछ पन्ने बेरुखे हैं, कुछ खुश हैं,और कुछ पन्ने रोमांचक भी हैं,लेकिन अगर हम पेज…

1 year ago

डाल सब्र के बीज।

सूना जब आँगन लगे, बने न कोई बात।सब्र रखो उस वक़्त में, वही बने सौगात॥ धन वैभव जब पास हो,…

1 year ago