Saturday, February 14, 2026
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कैल्शियम की कमी से बढ़ता जोड़ों का दर्द और फ्रैक्चर का खतरा, डाइट में शामिल करें ये प्राकृतिक स्रोत


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा के साथ डा0 वाचस्पति शुक्ला)
कैल्शियम शरीर के लिए एक बेहद जरूरी मिनरल है, जो हड्डियों और दांतों की मजबूती बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसके पर्याप्त स्तर से मांसपेशियां सही ढंग से काम करती हैं और नसों के सिग्नल भी सुचारू रूप से पहुंचते हैं। लेकिन आज के समय में बच्चों से लेकर बड़ों तक, काफी लोग कैल्शियम की कमी से जूझ रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, कैल्शियम की कमी से जोड़ों में दर्द, हड्डियों का कमजोर होना, मांसपेशियों में ऐंठन और थकान जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। लंबे समय तक इसकी कमी ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डी के फ्रैक्चर के खतरे को भी कई गुना बढ़ा देती है।

आमतौर पर जब शरीर में कैल्शियम की कमी होती है, तो लोग सप्लीमेंट्स का सहारा लेने लगते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर डाइट में कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल कर लिए जाएं, तो सप्लीमेंट्स की जरूरत कम हो सकती है।

कैल्शियम के प्राकृतिक स्रोत दूध और डेयरी उत्पाद – दूध, दही, पनीर कैल्शियम का सबसे अच्छा स्रोत हैं।हरी पत्तेदार सब्जियां – पालक, मेथी, बथुआ, सरसों का साग। सूखे मेवे और बीज – बादाम, अंजीर, तिल, चिया सीड्स। मछली और अंडे – खासकर छोटी हड्डियों वाली मछली जैसे सार्डिन, सालमन।

दालें और सोया उत्पाद – राजमा, चना, सोया मिल्क, टोफू।स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजाना संतुलित आहार के साथ-साथ धूप में कुछ समय बिताना भी जरूरी है, क्योंकि विटामिन-डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है।

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