CCTV में कैद रामपुर हत्या कांड, पत्नी पर भी किया हमला
रामपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश के रामपुर जिला पंचायत कार्यालय में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक वरिष्ठ वकील फारुख की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना करीब डेढ़ बजे की है, जब जिला पंचायत में तैनात बाबू असगर अली और अधिवक्ता फारुख के बीच कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई।
इस रामपुर गोलीकांड ने न सिर्फ सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पूरे शहर में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम
मिली जानकारी के अनुसार, नगर कोतवाली नालापार निवासी अधिवक्ता फारुख (45 वर्ष) की पत्नी गौसिया जिला पंचायत कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। दोपहर के समय गौसिया और बाबू असगर अली के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई।
बहस के बाद गौसिया ने अपने पति फारुख को फोन कर कार्यालय बुलाया। फारुख सीधे असगर अली के केबिन में पहुंचे, जहां दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि हाथापाई हो गई और तभी असगर अली ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी।
तीन गोलियां चलीं, दो वकील को लगीं
पुलिस के मुताबिक, इस दौरान कुल तीन गोलियां चलीं।दो गोलियां अधिवक्ता फारुख को लगीं।एक गोली असगर अली को लगी,फारुख के सीने और फेफड़े में गोली लगने से मौके पर ही उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद आरोपी असगर अली ने खुद को भी घायल कर लिया और पुलिस ने उसे अपनी बोलेरो से जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
सीसीटीवी में कैद खौफनाक मंजर
इस रामपुर जिला पंचायत कार्यालय हत्या मामले में एक CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें फायरिंग के बाद आरोपी असगर अली, मृतक वकील फारुख की पत्नी गौसिया के सिर पर रिवॉल्वर से वार करता दिखाई दे रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
अस्पताल में हंगामा, शीशे तोड़े
वकील फारुख की मौत की खबर मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। गुस्साए परिजनों ने इमरजेंसी वार्ड में जमकर हंगामा किया और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए।
स्थिति को संभालने के लिए एसपी विद्यासागर मिश्र, एएसपी अनुराग सिंह और डीएम अजय कुमार द्विवेदी मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया।
परिवार का आरोप: साजिश के तहत हत्या
मृतक के भतीजे कामरान खान ने आरोप लगाया कि यह हत्या सोची-समझी साजिश के तहत की गई।उनका कहना है कि,“चाची को बहस के बाद चाचा को बुलाया गया। वहां बाबू असगर अली ने जानबूझकर गोली मारकर हत्या कर दी।”
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी नीरज रस्तोगी की भूमिका संदिग्ध है।
एफआईआर दर्ज, पिस्टल बरामद
पुलिस ने इस मामले में असगर अली और नीरज रस्तोगी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
हत्या,उकसाने,अवैध फायरिंग,जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।पुलिस ने मौके से 32 बोर की पिस्टल भी बरामद कर ली है और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की गहन जांच की है।
30 साल की वकालत, परिवार में मातम
अधिवक्ता फारुख पिछले 30 वर्षों से जिला कचहरी में प्रैक्टिस कर रहे थे। वे अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। दोनों बच्चे शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ते हैं।
उनकी हत्या से वकील समुदाय में भारी रोष है और बार एसोसिएशन ने घटना की कड़ी निंदा की है।
पुलिस का बयान
एडिशनल एसपी अनुराग सिंह ने बताया कि,
“यह एक गंभीर आपराधिक घटना है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।”
रामपुर जिला पंचायत कार्यालय में वकील की गोली मारकर हत्या ने प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी दफ्तर में इस तरह की वारदात न केवल कानून-व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि आम नागरिकों के मन में असुरक्षा की भावना भी बढ़ाती है।आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई पर पूरे प्रदेश की नजर बनी रहेगी।
