Saturday, May 2, 2026
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महराजगंज में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ, जागरूकता वाहन रवाना — रुद्राक्ष पौधारोपण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय स्थित न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य और गरिमामय शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विवेक वर्मा ने फीता काटकर किया। उनके आगमन पर न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया।

उद्घाटन समारोह के दौरान न्यायमूर्ति विवेक वर्मा ने लोक अदालत के प्रति आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से तैयार किए गए विशेष जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को लोक अदालत के माध्यम से अपने विवादों का त्वरित और सरल समाधान कराने के लिए प्रेरित करेगा।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए न्यायमूर्ति विवेक वर्मा ने न्यायालय परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।

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इस मौके पर जिलाधिकारी महराजगंज, पुलिस अधीक्षक महराजगंज, जिला न्यायाधीश, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, न्यायिक अधिकारीगण और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लंबे समय से लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण संभव होता है, जिससे न्यायालयों पर मामलों का बोझ कम होता है और आम जनता को सुलभ, त्वरित और निःशुल्क न्याय प्राप्त होता है।

अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत की इस पहल से जिले में न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी तथा लोगों का न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा।

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ख़ुद अच्छे बनो सब अच्छे दिखेंगे

डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र
‘आदित्य’

शतरंज के खिलाड़ी हों या प्यादे,
अच्छे लोग सदा ही सस्ते होते हैं,
बस मीठा बोल बना लो अपना,
यद्यपि वह लोग अनमोल होते हैं।

शायद इसीलिए हम लोग उनकी
कीमत बिलकुल नहीं समझते हैं,
लेकिन यह भी सत्य है एक सरल
व्यक्ति के साथ हम छल करते हैं।

यही छल बल हमारी बर्बादी के
सभी बन्द द्वार भी खोल देते हैं,
कितनी अच्छी शतरंज खेलते हों,
छल के सामने सब कुछ खो देते हैं।

मेरा मानना है जो अच्छा लगता है,
उसे तो अधिक गौर से नहीं देखो,
जो बुरा लगता है उसे भी मत देखो,
ख़ुद अच्छे बनो सब अच्छे दिखेंगे।

उठ गया छोड़कर रात कि खुमारी,
चाह मिटी, अब नही कोई बीमारी,
कहते हैं आदित्य जब मन हुआ चंगा,
तभी दिख जाती हैं कठौती में गंगा।

मनरेगा कर्मियों के बकाया मानदेय भुगतान पर सख्ती, 25 से 30 मार्च तक एमआईएस फीडिंग पूरी करने के निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मनरेगा कर्मियों के लंबे समय से लंबित मानदेय भुगतान को लेकर शासन स्तर पर सख्ती दिखाई गई है। संयुक्त आयुक्त (मनरेगा) ग्राम्य विकास उत्तर प्रदेश संजय कुमार पाण्डेय द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि मनरेगा कर्मियों के बकाया मानदेय और ईपीएफ भुगतान से जुड़ी सभी प्रविष्टियों को निर्धारित समय के भीतर एमआईएस प्रणाली पर पूर्ण किया जाए, ताकि कर्मियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।

जारी पत्र में बताया गया है कि आयुक्त कार्यालय द्वारा पूर्व में पत्रांक 504/मनरेगा सेल/प्रा.सं. 08(ए)/2025-26 दिनांक 28 फरवरी 2026 के माध्यम से मनरेगा कर्मियों के लंबित मानदेय और ईपीएफ भुगतान से संबंधित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कई विकास खंडों द्वारा अभी तक एमआईएस प्रणाली में आवश्यक प्रविष्टियां पूरी नहीं की गई हैं, जिसके कारण कर्मियों के भुगतान में देरी हो रही है।

पत्र के अनुसार मनरेगा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश के साथ हुई वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया है कि मार्च 2026 के मानदेय की फीडिंग 25 मार्च से 30 मार्च 2026 के बीच हर हाल में पोर्टल पर पूरी की जाए। यदि धनराशि उपलब्ध रहती है तो इस अवधि के बाद कर्मियों के मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह व्यवस्था केवल मार्च 2026 के लिए लागू होगी। इसके बाद प्रत्येक माह मनरेगा कर्मियों के मानदेय की फीडिंग माह की 1 से 5 तारीख के बीच अनिवार्य रूप से की जाएगी।
संयुक्त आयुक्त ने सभी जनपदों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि विकास खंड स्तर पर मनरेगा कर्मियों के लंबित मानदेय और ईपीएफ से संबंधित प्रविष्टियों को तत्काल एमआईएस प्रणाली में अपडेट कराया जाए। साथ ही होल्डिंग अकाउंट में उपलब्ध ईपीएफ की धनराशि को संबंधित कर्मियों के पीएफएमएस खातों में शीघ्र स्थानांतरित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों को यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया है, ताकि मनरेगा कर्मियों के बकाया भुगतान का जल्द निस्तारण हो सके और उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।

इधर उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ, जिला इकाई महराजगंज ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद, जिला महासचिव इंद्रमणि विश्वकर्मा सहित कई ग्राम रोजगार सेवकों ने इसे कर्मियों के हित में उठाया गया सकारात्मक कदम बताया।

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सामाजिक बुराइयों पर काबू पाने के लिए जागरूकता, शिक्षा और सामूहिक प्रयास जरूरी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। समाज समय के साथ लगातार बदलता रहता है। विकास, तकनीकी प्रगति और आधुनिक जीवनशैली ने जहां लोगों का जीवन अधिक सुविधाजनक बनाया है, वहीं इसके साथ कई नई सामाजिक चुनौतियां भी सामने आई हैं। आज गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, नशाखोरी, अपराध, भ्रष्टाचार, दहेज प्रथा, लैंगिक भेदभाव और पर्यावरण प्रदूषण जैसी समस्याएं समाज के सामने गंभीर चुनौती बनकर खड़ी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक समस्याओं की जड़ में अज्ञानता, असमानता, संसाधनों का असंतुलित वितरण और सामाजिक चेतना की कमी प्रमुख कारण हैं। जब लोग अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक नहीं होते, तब समाज में कुरीतियां तेजी से फैलने लगती हैं। अशिक्षा के कारण कई लोग अपने अधिकारों से अनभिज्ञ रहते हैं, जिससे शोषण, अन्याय और भेदभाव को बढ़ावा मिलता है।

सामाजिक विशेषज्ञों के अनुसार, नशाखोरी, अपराध और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं सामाजिक व्यवस्था को कमजोर करती हैं। युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति न केवल उनके भविष्य को प्रभावित करती है, बल्कि परिवार और समाज के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। इसके अलावा दहेज प्रथा और लैंगिक भेदभाव जैसी कुरीतियां आज भी समाज के कई हिस्सों में मौजूद हैं, जो समानता और मानव मूल्यों के लिए चुनौती हैं।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि सामाजिक समस्याओं का समाधान केवल सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है। जब तक समाज के लोग स्वयं जागरूक होकर इन प्रयासों में भागीदारी नहीं निभाते, तब तक इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सामाजिक सुधार के लिए सक्रिय भूमिका निभाए।

इस दिशा में मीडिया, शिक्षा संस्थान और सामाजिक संगठनों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। मीडिया समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य करता है, वहीं शिक्षा संस्थान नई पीढ़ी को नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रेरित करते हैं। सामाजिक संगठन भी जन-जागरूकता अभियान, संगोष्ठी, रैली और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए समाज में आपसी सहयोग, संवाद और समरसता की भावना को बढ़ावा देना आवश्यक है। जब समाज के सभी वर्ग सकारात्मक सोच के साथ मिलकर कार्य करेंगे, तभी वास्तविक सामाजिक परिवर्तन संभव होगा।

आज समय की मांग है कि समाज केवल समस्याओं की चर्चा तक सीमित न रहे, बल्कि उनके समाधान के लिए भी सामूहिक प्रयास करे। यदि प्रत्येक नागरिक जागरूकता, शिक्षा और सामाजिक नैतिकता को अपने जीवन का हिस्सा बनाए, तो सामाजिक बुराइयों को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब उसके नागरिक जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील हों। सामूहिक प्रयास और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ ही एक स्वस्थ, समृद्ध और समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है।

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14 व 15 मार्च को दो पालियों में कुल 36 हजार परीक्षार्थी देंगे परीक्षा, प्रशासन ने पूरी की तैयारियां

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
उत्तर प्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती के लिए आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा को लेकर गोरखपुर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि जनपद के 24 परीक्षा केंद्रों पर 14 और 15 मार्च को यह परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। परीक्षा दोनों दिनों में दो-दो पालियों में संपन्न होगी। प्रत्येक पाली में लगभग 9000 परीक्षार्थी शामिल होंगे, इस प्रकार दो दिनों में कुल 36 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
जिलाधिकारी ने बताया कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है, ताकि परीक्षा के दौरान कानून व्यवस्था पूरी तरह बनाए रखी जा सके।
डीएम दीपक मीणा ने बताया कि परीक्षा की तैयारियों को लेकर प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में एडीजी, डीआईजी, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा अधिकारियों की संयुक्त रूप से ब्रीफिंग भी की जा चुकी है। ब्रीफिंग के दौरान सभी अधिकारियों को परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों की भी लगातार निगरानी रहेगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगे, इसके लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष निर्देश दिए गए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का संचालन व्यवस्थित ढंग से किया जाएगा, ताकि परीक्षार्थियों को अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। आवश्यकतानुसार यातायात का डायवर्जन भी किया जा सकता है।
दूर-दराज से आने वाले अभ्यर्थियों को ध्यान में रखते हुए परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। रोडवेज बसों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि परीक्षार्थी आसानी से अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें। प्रशासन ने परिवहन विभाग को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि सभी केंद्र व्यवस्थापकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं और परीक्षा के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हो तथा परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है।

एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर डीएम ने की समीक्षा बैठक

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जनपद में उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर की निर्वाध एवं सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित कराने के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित हुई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में गैस की उपलब्धता तथा वितरण में आ रही समस्याओं की समीक्षा की। विक्रय अधिकारियों ने बताया कि जनपद में एलपीजी सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और एजेंसियों को बॉटलिंग प्लांट से लगातार आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी का सर्वर सही ढंग से कार्य न करने के कारण उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग में समस्या आ रही है, जिसे शाम तक ठीक होने की संभावना है।
विक्रय अधिकारियों ने यह भी बताया कि वर्तमान में उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग की समय सीमा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तथा नगरीय क्षेत्रों में 25 दिन निर्धारित की गई है।
जिलाधिकारी ने गैस एजेंसियों के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि घरेलू गैस सिलेंडर केवल वास्तविक उपभोक्ताओं को ही उपलब्ध कराया जाए। जांच में यदि यह पाया जाता है कि घरेलू गैस सिलेंडर वास्तविक उपभोक्ताओं के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को दिया जा रहा है, तो संबंधित गैस एजेंसी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
बैठक के दौरान कुछ एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि कुछ लोगों और सोशल मीडिया से जुड़े व्यक्तियों द्वारा हाकरों (डिलीवरी मैन) को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने एजेंसी मालिकों और प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में गैस सिलेंडर का डायवर्जन न होने पाए।
जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि जनपद में गैस की आपूर्ति लगातार जारी है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
बैठक में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक, आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल के विक्रय अधिकारी तथा जनपद के गैस एजेंसियों के मालिक व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सदर तहसील सभागार में कानूनगो-लेखपाल को क्रॉप कटिंग का प्रशिक्षण

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
सदर तहसील सभागार में कृषि सांख्यिकी एवं फसल उत्पादन के सही आकलन को लेकर कानूनगो एवं लेखपालों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का संचालन अमरेंद्र राय द्वारा किया गया। इस दौरान उन्होंने क्रॉप कटिंग प्रयोग (Crop Cutting Experiment) की प्रक्रिया, उद्देश्य और इसके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान जिला सांख्यिकी अधिकारी अमरेंद्र राय ने बताया कि क्रॉप कटिंग प्रयोग सरकार द्वारा फसलों के वास्तविक उत्पादन का आकलन करने की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। इसके माध्यम से खेत में खड़ी फसल का एक निश्चित क्षेत्र चिन्हित कर उसकी कटाई कराई जाती है और प्राप्त उपज के आधार पर प्रति हेक्टेयर उत्पादन का अनुमान लगाया जाता है। इसी आंकड़े के आधार पर जिले और प्रदेश की औसत पैदावार तय की जाती है, जो कृषि नीतियों और योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने बताया कि क्रॉप कटिंग प्रयोग के लिए सबसे पहले चयनित गांव और खेत की पहचान की जाती है। इसके बाद खेत में निर्धारित माप का प्लॉट (आमतौर पर 5 मीटर × 5 मीटर या तय मानक के अनुसार) बनाया जाता है। चिन्हित क्षेत्र की पूरी फसल को सावधानीपूर्वक काटा जाता है, फिर उसकी मड़ाई कराकर प्राप्त अनाज को तौला जाता है। प्राप्त वजन को निर्धारित फार्मेट में दर्ज कर प्रति हेक्टेयर उत्पादन का आंकड़ा तैयार किया जाता है।
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि क्रॉप कटिंग के दौरान पारदर्शिता और शुद्धता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। इसके लिए चयनित खेत का सही लोकेशन, फसल की स्थिति, कटाई की तिथि, उपस्थित अधिकारियों के हस्ताक्षर तथा फोटो आदि का रिकॉर्ड भी रखा जाता है। कई स्थानों पर मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी इन आंकड़ों को अपलोड किया जाता है, जिससे डेटा सीधे शासन स्तर तक पहुंचता है।
जिला सांख्यिकी अधिकारी अमरेंद्र राय ने कानूनगो और लेखपालों को निर्देश दिया कि क्रॉप कटिंग प्रयोग पूरी निष्पक्षता और सावधानी के साथ करें, ताकि फसल उत्पादन के आंकड़े वास्तविक और विश्वसनीय हों। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों के आधार पर ही किसानों को फसल बीमा, राहत और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित होता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने क्रॉप कटिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से समाधान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कानूनगो और लेखपाल उपस्थित रहे।

रमजान के बाद खुशियों की सौगात लेकर आती है ईद-उल-फितर

भाई-चारा, इंसानियत और जरूरतमंदों की मदद का देता है पैगाम

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। रमजान के पाक महीने की समाप्ति के साथ मनाया जाने वाला ईद-उल-फितर का त्योहार मुस्लिम समाज के लिए सबसे अहम और म
पवित्र पर्वों में से एक माना जाता है। पूरे महीने रोजा, सब्र और इबादत के बाद आने वाली यह ईद अल्लाह की रहमत और बख्शिश का प्रतीक मानी जाती है। इस दिन मुस्लिम समाज के लोग मस्जिदों और ईदगाहों में एकत्र होकर ईद की नमाज अदा करते हैं और देश-दुनिया में अमन, भाई-चारे और खुशहाली की दुआ मांगते हैं।
रमजान के महीने में मुसलमान रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं, कुरआन की तिलावत करते हैं और अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। इस पूरे महीने का उद्देश्य इंसान में सब्र, संयम, त्याग और दूसरों के दुख-दर्द को समझने की भावना विकसित करना होता है। इसी तपस्या और इबादत के बाद ईद- उल-फितर का त्योहार खुशियों का संदेश लेकर आता है।
इस्लाम धर्म के अनुसार ईद केवल खुशी मनाने का पर्व नहीं, बल्कि समाज में इंसानियत, बराबरी और आपसी भाई-चारे को मजबूत करने का अवसर भी है। इस्लाम के आखिरी पैगम्बर हज़रत मुहम्मद साहब की तालीमात में लोगों के बीच मोहब्बत, सहानुभूति और सेवा भाव को सबसे बड़ी नेकी बताया गया है। धार्मिक ग्रंथ हदीसो में उल्लेख मिलता है कि इंसान की सबसे बड़ी अच्छाई यह है कि वह अपने भाई के लिए वही पसंद करे जो वह अपने लिए पसंद करता है।
पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब ने फरमाया है कि सबसे बेहतर इंसान वह है जो इंसानों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद हो। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए ईद के मौके पर मुस्लिम समाज के लोग जकात और सदका देकर गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करते हैं। ताकि समाज का हर वर्ग इस त्योहार की खुशियों में शामिल हो सके और किसी के घर की खुशियां अधूरी न रह जाएं।
ईद की नमाज के बाद लोग एक-दूसरे से गले मिलकर ईद मुबारक कहते हैं और आपसी प्रेम व भाई-चारे का संदेश देते हैं। घरों में सेवइयां, खीर और अन्य मिठाइयां बनती हैं। बच्चे नए कपड़े पहनकर ईद की खुशियां मनाते हैं और बड़ों से ईदी प्राप्त करते हैं। पूरे माहौल में खुशी, उत्साह और अपनत्व की झलक देखने को मिलती है।
उलेमा का कहना है कि ईद-उल-फितर का असली संदेश समाज में मोहब्बत, रहमत, बराबरी और इंसानियत को बढ़ावा देना है। यह त्योहार हमें सिखाता है कि खुशियों को बांटने से ही समाज में एकता और सौहार्द मजबूत होता है। पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब की तालीमात आज भी पूरी दुनिया को अमन, भाई-चारे और इंसानियत की राह दिखाती हैं।

युवाओं के लिए सुनहरा मौका: महराजगंज में लगेगा मेगा क्रेडिट कैंप

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण, 18 व 25 मार्च को विकास भवन में आयोजन

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और सूक्ष्म व लघु उद्यमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत महराजगंज में मेगा क्रेडिट कैंप का आयोजन किया जाएगा। यह कैंप 18 मार्च और 25 मार्च को विकास भवन सभागार में आयोजित होगा, जहां विभिन्न बैंकों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों के ऋण स्वीकृत और वितरित किए जाएंगे।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र, महराजगंज के उपायुक्त उद्योग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार की तलाश करने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। इसके तहत जिले के युवाओं को उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में अपना स्वरोजगार स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
योजना के तहत 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे युवाओं को लाभ दिया जाएगा, जिन्होंने कम से कम कक्षा आठ तक की शिक्षा प्राप्त की हो और किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय या प्रशिक्षण संस्थान से कौशल संबंधी सर्टिफिकेट कोर्स किया हो। पात्र युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए अधिकतम 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण चार वर्षों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
मेगा क्रेडिट कैंप में युवाओं को योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी। साथ ही पात्र आवेदकों के आवेदन पत्रों की जांच कर बैंक द्वारा ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को भी मौके पर ही आगे बढ़ाया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से जनपद में नए उद्योग-धंधों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
उपायुक्त उद्योग ने जनपद के सभी युवा उद्यमियों और पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे अपने स्वरोजगार के सपनों को साकार करने के लिए निर्धारित तिथियों पर समय से विकास भवन सभागार पहुंचकर कैंप में प्रतिभाग करें और सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
प्रशासन का कहना है कि यदि युवा इस योजना का लाभ उठाते हैं तो न केवल वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि जिले के विकास और रोजगार सृजन में भी अहम भूमिका निभाएंगे।

एनएसएस के सप्त दिवसीय विशेष शिविर का समापन, स्वयंसेवकों ने दिया सामाजिक जागरूकता का संदेश

महिला सशक्तिकरण, नशा मुक्ति व पर्यावरण संरक्षण पर चलाए अभियान

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। डॉ. राम मनोहर लोहिया पीजी कॉलेज, नौतनवां में राष्ट्रीय सेवा योजना के सप्त दिवसीय विशेष शिविर का समापन शुक्रवार को उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने सप्ताह भर किए गए सामाजिक कार्यों और जागरूकता अभियानों का प्रस्तुतिकरण करते हुए समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गंगा प्रसाद स्मारक डिग्री कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य जितेंद्र नाथ चौबे रहे। उन्होंने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए समाज सेवा और देश सेवा में भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देती है।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विमल कुमार यादव ने शिविर के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एनएसएस केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि जीवन में अनुशासन, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान समाज में जो जागरूकता फैलाई गई है, उसे स्वयंसेवकों को अपने जीवन में भी उतारना होगा, तभी समाज की मुख्यधारा से सशक्त रूप से जुड़ा जा सकेगा।
शिविर के दौरान दोनों इकाईयों के स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल प्राथमिक विद्यालय पुरैनिंहा से ग्राम पोंखरभिंडा तक विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए। इस दौरान महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, दहेज निषेध और साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। स्वयंसेवकों ने रैली, नुक्कड़ सभा और जनसंवाद के माध्यम से लोगों को सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने और सकारात्मक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रंजना सिंह ने किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक डॉ. शिवजी कुमार पांडेय, सुखराम सिंह, प्रियंका पासवान, प्रियंका शर्मा, प्रीति मोदनवाल, अंगद यादव, सुनील कुमार यादव, सर्वेश मिश्रा, राजेश यादव, राबिया खातून सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक शिविरार्थी मौजूद रहे।
समापन कार्यक्रम के साथ ही सप्ताह भर चले इस शिविर ने युवाओं में समाज सेवा की भावना को और मजबूत करने का संदेश दिया।

गैस की कमी की अफवाहों पर न दें ध्यान, पर्याप्त है सिलेंडर की उपलब्धता : अभय कुमार सिंह

24 घंटे के भीतर होम डिलीवरी से मिल रहा गैस सिलेंडर, उपभोक्ताओं से एजेंसी पर भीड़ न लगाने की अपील

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में रसोई गैस की कथित कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच आदिशक्ति एचपी गैस के मालिक एवं जिला पंचायत सदस्य अभय कुमार सिंह ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि उपभोक्ता किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाह पर ध्यान न दें। गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर गैस की कमी को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं में अनावश्यक चिंता और भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि एजेंसी के पास गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और नियमित रूप से आपूर्ति भी प्राप्त हो रही है। ऐसे में किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे गैस बुकिंग सामान्य प्रक्रिया के तहत कराएं और धैर्य बनाए रखें। बुकिंग के लगभग 24 घंटे के भीतर उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के माध्यम से गैस सिलेंडर उपलब्ध करा दिया जाता है। एजेंसी की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी उपभोक्ता को असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ता एजेंसी पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और केवल बुकिंग के माध्यम से ही गैस प्राप्त करें। इससे वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होगी और सभी उपभोक्ताओं तक समय पर गैस पहुंच सकेगी।
अंत में उन्होंने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को गैस आपूर्ति से संबंधित किसी प्रकार की समस्या आती है तो वह सीधे एजेंसी से संपर्क कर सकता है। एजेंसी त हर संभव सहयोग देने के लिए तत्पर है।

महिला दिवस पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के क्रम में शुक्रवार 13 – 3- 2026 को नगर पालिका कार्यालय पर सभी सफाई मित्रों व सभी नगर पालिका कर्मचारियों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया है। जिसमे सभी नगरपालिका कर्मचारी एवं अधिकारी गणो ने कार्यालय में उपस्थित होकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया । इस दौरान नपा अध्यक्ष श्वेता जायसवाल ने कहाँ कि, आज के भौतिक परिवेश मे सभी लोगो को अपने आप को स्वस्थ्य रखने के लिए स्वास्थ्य शिविर मे उपस्थित होकर स्वास्थ्य का परीक्षण कराना चाहिए। इस अवसर पर सभी नपा कर्मचारी एवं अधिकारी गण मौजूद रहे।

युवाओं को सड़क सुरक्षा का दिया प्रशिक्षण

ब्लैक स्पॉट पर कराया अध्ययन

शाहजहांपुर।( राष्ट्र की परम्परा) सड़क सुरक्षा के प्रति युवाओं और आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘माय भारत’ के सड़क सुरक्षा मित्रों के लिए अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) और ट्रैफिक पुलिस विभाग के समन्वय से किया गया। कार्यक्रम में सीओ यातायात संजय कुमार सिंह, जिला युवा अधिकारी मयंक भदौरिया, संभागीय निरीक्षक विकास यादव, माल एवं कर अधिकारी आरपी गौतम तथा टीएसआई विनय पांडेय ने युवाओं को सड़क सुरक्षा नियमों, सुरक्षित यातायात व्यवहार और दुर्घटनाओं की रोकथाम के संबंध में जानकारी दी। अधिकारियों ने युवाओं को हेलमेट व सीट बेल्ट के प्रयोग, ओवरस्पीडिंग के दुष्परिणाम और सड़क संकेतों की जानकारी देते हुए सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित किया। साथ ही नशे में वाहन न चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने की सलाह दी। इस दौरान सड़क सुरक्षा मित्रों को प्राथमिक चिकित्सा किट, जैकेट, हेलमेट, टॉर्च और ट्रैफिक बटन सहित अन्य आवश्यक उपकरण तथा प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इसके बाद स्वयंसेवकों को दुर्घटना स्थल अध्ययन के तहत नगरिया मोड़ सहित आसपास के ब्लैक स्पॉट का भ्रमण कराया गया, जहां उन्हें सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान के बारे में व्यवहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अमित श्रीवास्तव, शगुन सक्सेना, दिव्यांशी मिश्रा, आकांक्षा मिश्रा, वैष्णवी सक्सेना, रुद्र प्रताप, देवेश कुमार, सूरज शर्मा, नीतीश यादव, मोहम्मद अमन, हिमांशु सक्सेना, अनूप कुमार, रामबहोरे और साहिल खान सहित माय भारत के स्वयंसेवक तथा एआरटीओ कार्यालय व ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

युवती को बहला-फुसलाकर भगाने और आत्महत्या के लिए उकसाने वाला आरोपी गिरफ्तार

शाहजहाँपुर(राष्ट्र की परम्परा)
थाना खुटार पुलिस ने युवती को बहला-फुसलाकर भगाने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार 7 मार्च को पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर पुजेश उर्फ पीयूष पाण्डे तथा उसके पिता प्रदीप पाण्डे, निवासी ग्राम धनसिंहपुर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पुजेश उर्फ पीयूष ने युवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा लिया था। मामले की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी द्वारा युवती पर मानसिक दबाव बनाया गया और उसे आत्महत्या के लिए उकसाया गया। इसी तनाव के चलते युवती ने कथित तौर पर जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। शुक्रवार को खुटार पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर जेसी बाबा भट्टे के पास से आरोपी पुजेश उर्फ पीयूष (22) को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

बरसीम काटने पर हुई मारपीट मे दो बच्चो सहित महिला घायल

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
शुक्रवार को बरसीम काटने को लेकर दो पक्ष आपस मे मारपीट करने लगे एक पक्ष से निकी देवी 35 पत्नी शत्रुघन व अमन यादव 12 पुत्र शत्रुघन यादव अनुज 8 पुत्र शत्रुघन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने तत्काल घायलो को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने प्राथमिक इलाज कर महर्षि देवराहा बाबा अस्पताल देवरिया भेज दिया।
बताते चले कि पुराना बरहज निवासिनी निकी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि, सुबह लगभग 7:00 बजे अपने खेत से पशुओं के लिए चारा काटने गई थी तभी पड़ोसियों ने खेत से बरसीम न काटने के लिए कहा। वही महिला ने बताया कि वह अपने खेत से चारा काट रही थी कि पड़ोसी वहाँ आकर मारने पीटने लगे मां को पिटता देख दोनों बेटे बीच बचाव करने गए लेकिन आरोपियों ने बच्चों को भी नहीं छोड़ा, पीड़िता ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध मे थाना अध्यक्ष विशाल उपाध्याय ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपितों पर अभियोग पंजीकृत कर विधिक करवाई की जा रही है।