Tuesday, July 14, 2026
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व्यापारी मोर्चा ने नगर विकास कार्यों में कमियों को लेकर उठाई आवाज

बस अड्डे पर सार्वजनिक शौचालय निर्माण तथा रोड पर विद्युत व्यवस्था सुधार की उठाई मांग

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जिले के गांधी नगर स्थित संयुक्त व्यापारी मोर्चा ने नगर विकास कार्यों की कमियों पर गंभीर चिंता जताई है। व्यापारी मोर्चा ने जिलाधिकारी एवं उद्योग-व्यापार बन्धु अध्यक्ष को एक ज्ञापन सौंपते हुए नगर में दो प्रमुख समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की है।
व्यापारी मोर्चा के संयोजक पशुपतिनाथ गुप्त ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि महराजगंज के नव निर्मित मुख्य बस स्टेशन पर कोई सार्वजनिक शौचालय नहीं बनाया गया है।

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इस वजह यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। पहले 7-8 कमरों का शौचालय,स्नानगृह वहां मौजूद था, लेकिन नवनिर्माण के समय पुराने शौचालय को ध्वस्त कर दिया गया। नई व्यवस्था में इसका निर्माण न होना यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। ज्ञापन में दूसरी बड़ी समस्या का उल्लेख किया गया है। नगर के निचलौल रोड पर एनएच-730 द्वारा निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसमें सब्जी मंडी चौराहे से मदरसा तक सड़क के दोनों ओर विद्युत पोल एवं लाइन की व्यवस्था होनी चाहिए थी। वर्तमान में केवल एक ही तरफ विद्युत पोल लगे हैं।

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इस वजह से कई स्थानों पर तारों को सड़क पार कराना पड़ता है जिससे हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। व्यापारी मोर्चा ने कहा कि जिस प्रकार फरेंदा रोड पर दोनों ओर बिजली की सप्लाई व्यवस्था की गई है, उसी प्रकार निचलौल रोड पर भी दोनों तरफ बिजली लाइन बिछाई जानी चाहिए।व्यापारी मोर्चा ने जिला प्रशासन से अपील की है कि इन दोनों समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान कराया जाए। इन कार्यों के पूरे हो जाने से न केवल यात्रियों एवं नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि नगर की व्यवस्था भी दुरुस्त होगी।व्यापारी मोर्चा के संयोजक पशुपतिनाथ गुप्त सहित तमाम व्यापारियों और नागरिकों के हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी वर्ग आंदोलन करने को बाध्य होगा।

कैलिफोर्निया में तेलंगाना के छात्र मोहम्मद निजामुद्दीन की पुलिस गोलीबारी में मौत

हैदराबाद/सांता क्लारा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।तेलंगाना के 30 वर्षीय छात्र और सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल मोहम्मद निजामुद्दीन की अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सांता क्लारा में पुलिस की गोलीबारी में मौत हो गई। यह घटना 3 सितम्बर को हुई थी, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी दो हफ्ते बाद 18 सितम्बर को मिली। मृतक महबूबनगर जिले का रहने वाला था।

सांता क्लारा पुलिस डिपार्टमेंट (SCPD) के अनुसार, कॉल आई थी कि एक घर में चाकूबाजी हुई है।
कॉल करने वाले ने बताया कि आरोपी ने अपने रूममेट पर चाकू से हमला किया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी से मुठभेड़ की।
इस दौरान पुलिस ने गोली चलाई, जिससे मोहम्मद निजामुद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गया।

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उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घायल रूममेट का अस्पताल में इलाज जारी है।
घटनास्थल से दो चाकू बरामद किए गए।
सांता क्लारा की पुलिस प्रमुख कोरी मॉर्गन ने बताया कि रूममेट्स के बीच झगड़ा हिंसक हो गया था। पुलिस के पहुंचने तक एक व्यक्ति चाकू से घायल हो चुका था। जब पुलिस अंदर गई तो निजामुद्दीन कथित तौर पर चाकू लिए हुए था और दोबारा हमला करने की धमकी दे रहा था। मॉर्गन ने कहा,

“शुरुआती जांच के मुताबिक, अधिकारी की कार्रवाई ने और अधिक नुकसान होने से बचाया और कम से कम एक जान बच गई।”
महबूबनगर निवासी निजामुद्दीन के पिता मोहम्मद हुसैनुद्दीन, जो रिटायर्ड टीचर हैं, ने बताया कि उन्हें यह जानकारी 18 सितम्बर को कर्नाटक के रायचूर में रहने वाले अपने बेटे के दोस्त से मिली, जो सांता क्लारा में ही रहता है। पिता का कहना है,
“हमें सिर्फ अपने बेटे का पार्थिव शरीर घर लाना है और उसका अंतिम संस्कार करना है।”
परिवार घटना की देरी से मिली आधिकारिक सूचना को लेकर गहरे सदमे में है।
शिक्षा और करियर
निजामुद्दीन 2016 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए थे।
फ्लोरिडा कॉलेज से एमएस पूरा करने के बाद सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के तौर पर नौकरी शुरू की।
प्रमोशन के बाद वह कैलिफोर्निया शिफ्ट हो गए थे।
समुदाय के नेता और स्थानीय प्रतिनिधि अब विदेश मंत्रालय से अमेरिकी अधिकारियों के साथ इस मामले पर बातचीत कर रहे हैं, ताकि पार्थिव शरीर भारत लाने की प्रक्रिया तेज की जा सके और घटना की पारदर्शी जांच हो।

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साहब का खौफ – थानेदार पुलिसकर्मियों संग डॉक्टर को ही उठा ले गया, OPD सेवा रही ठप

इटावा।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) शहर में बड़ी घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं को ठप कर दिया। आरोप है कि सिविल लाइंस थानेदार पुलिसकर्मियों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को जबरन उठा ले गए।

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पीड़ित चिकित्सक डॉ. राहुल बाबू ने बताया कि पुलिस ने उनके साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। बाद में जब एसएसपी से बातचीत हुई तो पता चला कि उनकी मां की तबीयत खराब होने पर पहले ही एक निजी चिकित्सक को बुला लिया गया है। इसके बाद पुलिसकर्मी डॉक्टर को रास्ते में ही चौराहे पर छोड़ गए।

इस घटना से नाराज स्वास्थ्यकर्मियों ने विरोध जताते हुए ओपीडी सेवा बंद कर दी। जिला अस्पताल में मरीजों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हुई और डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा पुनः शुरू की।

स्वास्थ्यकर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। फिलहाल, मामले को लेकर चिकित्सक समुदाय में आक्रोश बना हुआ है।

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कोऑपरेटिव सोसाइटी की ज़मीन घोटाला मामला

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कोऑपरेटिव सोसाइटी की जमीन अपात्र लोगों को आवंटित किए जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस मामले की सुस्त जांच पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब इसकी जांच उत्तर प्रदेश विजिलेंस विभाग के निदेशक को सौंपी जाए।

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जानकारी के अनुसार, सोसाइटी की जमीन ऐसे लोगों के नाम कर दी गई, जो पात्र नहीं थे। इस धांधली में करोड़ों रुपये के बैनामे और धन हड़पने के आरोप सामने आए हैं। वर्तमान पदाधिकारियों की ओर से इस संबंध में याचिका दाखिल की गई थी।

हाईकोर्ट ने विशेष रूप से कहा कि EOW (आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन) द्वारा की जा रही जांच सुस्त और निष्प्रभावी रही है। इसी कारण कोर्ट ने विजिलेंस विभाग को जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही, हाईकोर्ट ने जांच की प्रगति रिपोर्ट 25 सितंबर 2025 तक प्रस्तुत करने के आदेश भी दिए हैं।

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हाईकोर्ट की टिप्पणी में यह भी कहा गया कि— “अपात्र लोगों को बैनामा कर जमीन दी गई और इस प्रक्रिया में धन का दुरुपयोग कर हड़पने की मंशा साफ नज़र आती है।”

मामला अब हाईकोर्ट की निगरानी में है और विजिलेंस विभाग की आगामी रिपोर्ट पर ही दोषियों की जिम्मेदारी तय होगी।

👉 यह खबर प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा रही है, क्योंकि इसमें कई बड़े नामों पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

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पिपरहा गाँव में आकाशीय बिजली का प्रहार, 21 बकरियों की मौत, महिला घायल

रायबरेली।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)
जिले के भदोखर थाना क्षेत्र के पिपरहा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। अचानक गिरी बिजली की चपेट में आकर 21 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई।

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ग्रामीणों के अनुसार, महिला अपने मवेशियों को चराने के लिए खेत की ओर गई थी। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी और बकरियां मौके पर ही ढेर हो गईं। पास में खड़ी महिला भी उसकी चपेट में आकर झुलस गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल महिला को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग की टीम गांव पहुँची। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव के बाद तेज बारिश और गर्जन-तड़ित शुरू हो गई थी। इसी बीच यह हादसा हुआ। गाँव में 21 बकरियों की मौत से पशुपालक परिवार पूरी तरह सदमे में है।

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वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप टोक्यो में UPP के सिपाही सचिन यादव चमके, नीरज चोपड़ा को पछाड़कर हासिल किया चौथा स्थान

टोक्यो (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)
उत्तर प्रदेश पुलिस (UPP) के प्रतिभाशाली सिपाही सचिन यादव ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप टोक्यो-2025 में शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया। भाला फेंक (Javelin Throw) प्रतियोगिता में सचिन ने बेहतरीन थ्रो के दम पर चौथा स्थान हासिल किया।

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सबसे खास बात यह रही कि सचिन ने इस मुकाबले में भारत के स्टार ओलंपियन नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया। उनके इस प्रदर्शन से एथलेटिक्स जगत और पुलिस परिवार में गर्व की लहर है।उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने सचिन यादव को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल पुलिस बल बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

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सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही सचिन यादव को विशेष सम्मान प्रदान करेंगे। खेल जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रदर्शन आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में सचिन के लिए नई राह खोलेगा।

प्रदेश पुलिस बल के लिए यह क्षण ऐतिहासिक है, क्योंकि पुलिस ड्यूटी निभाते हुए सचिन ने अपने अथक परिश्रम और खेल के प्रति समर्पण से दुनिया के सबसे बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाई है।

⚽ फुटबॉल में हलचल: उमटीटी का संन्यास, पाकिस्तान पर फीफा का प्रतिबंध और खिलाड़ियों की सुरक्षा पर गहरी बहस

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)फुटबॉल की दुनिया में पिछले दिनों कई अहम घटनाएँ सुर्खियों में रहीं। यह घटनाएँ न केवल खेल के मैदान तक सीमित हैं, बल्कि खिलाड़ियों के स्वास्थ्य, तकनीकी नवाचार और खेल प्रशासन की पारदर्शिता तक फैली हुई हैं।

🇫🇷 सैमुअल उमटीटी का संन्यास – 31 की उम्र में अलविदा
फ्रांस के स्टार डिफेंडर सैमुअल उमटीटी ने महज 31 साल की उम्र में फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी। 2018 फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाली फ्रांस टीम के अहम सदस्य रहे उमटीटी लगातार चोटों से जूझते रहे, जिसके कारण उनका करियर अपेक्षा से पहले ही समाप्त हो गया।
उमटीटी ने अपने करियर में एफसी बार्सिलोना और ल्यों जैसे बड़े क्लबों का प्रतिनिधित्व किया।

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कई घुटनों और टखनों की चोटों ने उनके खेल को प्रभावित किया और आखिरकार उन्हें मजबूर होकर फुटबॉल छोड़ना पड़ा।
🇵🇰 फीफा का पाकिस्तान पर प्रतिबंध – प्रशासनिक संकट गहराया
दूसरी ओर, फीफा ने पाकिस्तान फुटबॉल फेडरेशन (PFF) पर प्रतिबंध लगा दिया है।
कारण: संगठन ने संविधान में आवश्यक सुधार नहीं किए और लोकतांत्रिक ढंग से चुनाव कराने में विफल रहा।
यह फैसला फीफा की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें खेल संस्थाओं में पारदर्शिता और सुशासन को प्राथमिकता दी जाती है।
इस प्रतिबंध के चलते पाकिस्तान की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल गतिविधियाँ प्रभावित होंगी।
🛡️ खिलाड़ियों की सुरक्षा – नई बहस का केंद्र
आज फुटबॉल में सबसे बड़ी चिंता का विषय खिलाड़ियों की सुरक्षा बन गई है।

जूतों और मैदान का असर:
वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि आधुनिक फुटबॉल बूट और मैदान की सतह खिलाड़ियों की चोटों पर सीधा असर डालते हैं।
टखने और घुटनों की चोटें कम करने के लिए एर्गोनॉमिक डिज़ाइन और बेहतर मैदान तकनीक की ज़रूरत है।

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मस्तिष्काघात (Concussion):
बार-बार सिर पर लगने वाली चोटों से खिलाड़ियों में दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएँ बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि सुरक्षित तकनीकों का प्रशिक्षण, बेहतर उपकरण और सख्त नियम ही इसका समाधान हैं।
🌍 निष्कर्ष – मैदान से बाहर भी चुनौतियाँ
इन घटनाओं और शोधों से साफ है कि फुटबॉल अब केवल मैदान की प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं रहा।यह खेल स्वास्थ्य सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और प्रशासनिक पारदर्शिता से गहराई से जुड़ चुका है।
उमटीटी का संन्यास, पाकिस्तान पर फीफा का प्रतिबंध और खिलाड़ियों की सुरक्षा पर उठी बहस फुटबॉल के भविष्य की नई दिशा तय कर रही है।
आने वाले वर्षों में फुटबॉल तभी और मजबूत होगा, जब खिलाड़ियों की सुरक्षा, खेल संस्थाओं की पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार को बराबरी से महत्व दिया जाएगा।

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    19 सितम्बर का इतिहास

    प्रमुख घटनाएँ

    1356 – फ्रांस और इंग्लैंड के बीच पॉइटियर्स का युद्ध हुआ।

    1891 – शेक्सपियर के नाटक मर्चेंट ऑफ वेनिस का मैनचेस्टर में पहला मंचन।

    1893 – स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में विश्व धर्मसंसद में ऐतिहासिक भाषण दिया।

    1893 – न्यूजीलैंड में महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला।

    1944 – द्वितीय विश्व युद्ध में फ़िनलैंड और सोवियत संघ के बीच युद्धविराम।

    1955 – अर्जेंटीना में विद्रोह कर राष्ट्रपति जुआन पेरोन को पद से हटाया गया।

    1957 – अमेरिका ने नेवादा रेगिस्तान में पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।

    1962 – भारत की उत्तरी सीमा पर चीन का आक्रमण।

    1965 – भारत-पाक युद्ध में संयुक्त राष्ट्र द्वारा युद्धविराम लागू।

    1982 – स्कॉट फाहमैन ने पहला ऑनलाइन स्माइली संदेश इस्तेमाल किया।

    1982 – लेबनान के बेरूत में शरणार्थी शिविर नरसंहार।

    1983 – सेंट किट्स एवं नेविस ब्रिटेन से स्वतंत्र हुआ।

    1988 – इस्राइल ने होरिजोन-1 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया।

    1996 – बोस्निया के प्रथम राष्ट्रपति बने एलिजा इजेत्बोगोविक।

    1996 – ग्वाटेमाला सरकार और विद्रोहियों में शांति संधि।

    2000 – कर्नम मल्लेश्वरी ने ओलंपिक भारोत्तोलन में कांस्य पदक जीता।

    2002 – इस्रायल ने फिलिस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात की घेराबंदी की।

    2006 – थाईलैंड में सैन्य तख्तापलट, जनरल सुरायुद प्रधानमंत्री बने।

    2006 – जापान ने उत्तर कोरिया पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए।

    2007 – अमेरिकी एयरफ़ोर्स ने साइबर युद्ध रोकने हेतु कमांड का गठन किया।

    2008 – सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ के सलवा जुडूम पर रोक लगाई।

    2008 – भारत का पहला चन्द्रयान-1 लॉन्च स्थल पर पहुँचा।

    2009 – गोधरा दंगे मामले में नानावटी आयोग ने मोदी को तलब करने की याचिका का निबटारा किया।

    2009 – गुजरात के गांधीनगर में स्वामीनारायण मंदिर पर हमला।

    2014 – एप्पल आईफोन की बिक्री शुरू हुई।

    जन्म

    1867 – श्रीपाद दामोदर सातवलेकर – भारतीय सांस्कृतिक उन्नयन में योगदान देने वाले विद्वान।

    1886 – सैयद फ़ज़ल अली – भारतीय न्यायाधीश व राज्यपाल।

    1927 – कुंवर नारायण – हिन्दी के प्रसिद्ध कवि।

    1927 – उस्ताद विलायत खाँ – सुप्रसिद्ध सितार वादक।

    1948 – अभिनेता शक्ति कपूर।

    1958 – लकी अली – गायक, संगीतकार व अभिनेता।

    1965 – सुनीता विलियम्स – भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री।

    1967 – अभिनेत्री सोहा अली खान।

    1977 – भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा।

    1979 – भारतीय तीरंदाज़ सत्यदेव प्रसाद।

    निधन

    1581 – गुरु राम दास – सिखों के चौथे गुरु।

    1719 – रफ़ीउद्दौला – मुग़ल वंश का 11वाँ बादशाह।

    1881 – जेम्स ए. गारफ़ील्ड – अमेरिका के राष्ट्रपति (हत्या)।

    1936 – विष्णुनारायण भातखंडे – हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के विद्वान।

    1965 – बलवंतराय मेहता – गुजरात के दूसरे मुख्यमंत्री।

    1988 – पी. शीलू एओ – भारतीय राजनीतिज्ञ।

    1998 – विश्वनाथ प्रसाद तिवारी – हिंदी साहित्यकार।

    2013 – लेखिका सरस्वती प्रसाद।

    बिहार STET 2025: आवेदन की तारीखें घोषित, अब ऑनलाइन आवेदन करें


    पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया से संबंधित एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। इच्छुक शिक्षक अब इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
    बोर्ड द्वारा जारी अधिसूचना (पी०आर०-231/2025) के अनुसार, STET 2025 परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 19 सितंबर 2025 से शुरू होकर 27 सितंबर 2025 तक चलेगा।
    जो उम्मीदवार STET 2025 परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, वे संबंधित अभ्यर्थी समिति की आधिकारिक वेबसाइट [sandigdh link hata diya gaya] पर जाकर अपना आवेदन पत्र भर सकते हैं। अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि पिछली अधिसूचना (पी०आर०-218/2025) में दिए गए सभी अन्य निर्देश पहले की तरह ही लागू रहेंगे।


    मुख्य विवरण:


    परीक्षा का नाम: माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) 2025
    आवेदन शुरू होने की तिथि: 19 सितंबर 2025
    आवेदन की अंतिम तिथि: 27 सितंबर 2025


    यह उन उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो बिहार में माध्यमिक शिक्षक बनना चाहते हैं। किसी भी असुविधा से बचने के लिए, सुनिश्चित करें कि आप निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर दें।
    बिहार STET 2025 परीक्षा के बारे में अधिक जानकारी के लिए, हमारी वेबसाइट पर बने रहें।

    आज दिल्ली, यूपी और बिहार में कैसा रहेगा मौसम?

    नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। देशभर में मॉनसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा और तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। मौसम विभाग ने कल, 19 सितंबर 2025 के लिए जो मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है, उसके मुख्य अंश इस प्रकार हैं:


    उत्तर भारत: हल्की बारिश और उमस का मिला-जुला असर


    दिल्ली-एनसीआर का मौसम: राजधानी दिल्ली में कल आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दिन का अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रहने का अनुमान है। हल्की उमस से लोगों को थोड़ी परेशानी हो सकती है।
    उत्तर प्रदेश में बारिश का अलर्ट: पश्चिमी यूपी में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। लखनऊ का अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम 25°C रहने का अनुमान है।


    पूर्वी और मध्य भारत: गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना


    बिहार और झारखंड में मौसम का हाल: इन राज्यों में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। पटना में अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम 27°C जबकि रांची में अधिकतम 31°C और न्यूनतम 23°C रहेगा।
    मध्य प्रदेश का मौसम अपडेट: यहां भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल में अधिकतम तापमान 30°C और न्यूनतम 23°C रहने की उम्मीद है।


    पश्चिमी और दक्षिणी भारत: कहीं साफ, कहीं बादल


    महाराष्ट्र और मुंबई का मौसम: मुंबई में मौसम मिला-जुला रहेगा। अधिकतम तापमान 30°C और न्यूनतम 26°C तक जा सकता है।
    दक्षिण भारत में मौसम: चेन्नई जैसे शहरों में मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जहां अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम 24°C के आसपास रहेगा।

    कुल मिलाकर, मॉनसून की विदाई के इस दौर में मौसम तेजी से बदल रहा है। इसलिए घर से बाहर निकलने से पहले अपने शहर का स्थानीय मौसम पूर्वानुमान जरूर देख लें।

    फ्रांस में हाहाकार: मैक्रॉन सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, बजट कटौती के विरोध में प्रदर्शन


    पेरिस (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की सरकार द्वारा की गई बजट में कटौती के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और व्यापक हड़ताल शुरू हो गई है। हजारों की संख्या में लोग सरकार के इस फैसले का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। इन प्रदर्शनों का असर आम जनजीवन पर दिखना शुरू हो गया है, जिससे कई सेवाएं ठप हो गई हैं।


    प्रदर्शनों का असर और पुलिस की तैनाती


    फ्रांस में चल रही इस हड़ताल के कारण सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्कूलों और ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से बाधित हो गया है। स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए, मैक्रॉन सरकार ने देशभर में 80,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है।


    क्या है विरोध का कारण?


    सरकार का कहना है कि आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए बजट कटौती जरूरी थी, लेकिन ट्रेड यूनियनों और प्रदर्शनकारियों का मानना है कि इससे सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ेगा और आम नागरिकों को नुकसान होगा। अंतर्राष्ट्रीय समाचार की दुनिया में फ्रांस का यह विरोध प्रदर्शन एक बड़ी खबर बन गया है, जिससे सरकार पर अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का दबाव बढ़ रहा है।

    गाजा युद्ध: इजरायल ने तेज की कार्रवाई, मानवीय संगठनों ने ‘अकाल’ की चेतावनी दी


    गाजा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। गाजा में जारी संघर्ष के बीच, इजरायल की सेना ने गाजा शहर में अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। इस आक्रामक कार्रवाई से मानवीय स्थिति और भी खराब हो गई है, जिससे एक बड़े मानवीय संकट का खतरा मंडरा रहा है।


    गाजा में गहराता मानवीय संकट


    क्षेत्र में काम कर रहे मानवीय संगठनों ने ईंधन और भोजन की भारी कमी को लेकर ‘गंभीर’ चिंताएं व्यक्त की हैं। उनकी चेतावनी है कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो गाजा में अकाल का खतरा बढ़ सकता है। भोजन, पानी और चिकित्सा आपूर्ति की कमी के कारण हजारों लोगों का जीवन खतरे में है।


    कतर की कानूनी कार्रवाई की पहल


    इस बीच, कूटनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। कतर ने इजरायल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के प्रमुख से मुलाकात की है। कतर की यह पहल गाजा संघर्ष को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
    अंतर्राष्ट्रीय समाचार की दुनिया में गाजा युद्ध लगातार सुर्खियों में बना हुआ है, जहां सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक प्रयास दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।

    रूस-यूक्रेन युद्ध में नया मोड़: यूरोप ने भेजे घातक हथियार, डोनाल्ड ट्रम्प ने पुतिन पर साधा निशाना


    कीव/वाशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। रूस-यूक्रेन युद्ध में दो बड़ी खबरें सामने आई हैं, जो संघर्ष की दिशा बदल सकती हैं। एक तरफ, यूक्रेन को यूरोप द्वारा वित्त पोषित हथियारों की एक बड़ी खेप मिलना शुरू हो गई है, तो वहीं दूसरी ओर, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन पर तीखी टिप्पणी की है।


    यूक्रेन को ‘पर्ल’ योजना के तहत मिले हथियार


    यूक्रेन को सैन्य रूप से मजबूत करने के लिए यूरोप ने ‘पर्ल’ नामक एक नई योजना के तहत हथियारों की खेप भेजना शुरू कर दिया है। ये हथियार युद्धग्रस्त देश की रक्षा क्षमताओं को और बढ़ाएंगे। इस मदद को रूस-यूक्रेन संघर्ष में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे यूक्रेन को अपनी सीमाओं की रक्षा करने में मदद मिलेगी।


    ट्रम्प ने पुतिन से क्यों जताई निराशा?


    अंतर्राष्ट्रीय समाचार में सबसे बड़ी सुर्खियां बटोर रही है, डोनाल्ड ट्रम्प का बयान। उन्होंने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें निराश किया है। ट्रम्प के अनुसार, पुतिन ने उनसे वादा किया था कि वह यूक्रेन युद्ध को ‘आसानी से सुलझा’ देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन को पश्चिमी देशों से लगातार सैन्य सहायता मिल रही है। ये दोनों घटनाक्रम दर्शाते हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध में सैन्य और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर हलचल जारी है।

    इंदौर में इस दशहरे जलेगा 11 मुखी शूर्पणखा का पुतला, रावण का नहीं

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    इंदौर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। इस दशहरे पर इंदौर के महालक्ष्मी नगर मेला मैदान में एक अनोखी परंपरा शुरू हो रही है। इस बार रावण के पुतले की जगह 11 मुखी शूर्पणखा का पुतला दहन किया जाएगा। इस आयोजन के पीछे की वजह समाज में बढ़ते महिला अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाना है।


    पुतले पर होंगी महिला अपराधियों की तस्वीरें


    ‘पौरुष’ नामक एक पत्नी पीड़ित संस्था द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शूर्पणखा के पुतले पर उन महिला अपराधियों की तस्वीरें लगाई जाएंगी, जिन्होंने पति या बच्चों की हत्या जैसे जघन्य अपराध किए हैं। इसमें हाल ही में चर्चित हुई सोनम रघुवंशी और मुस्कान जैसी महिलाओं के चेहरे भी शामिल होंगे। यह पहल समाज को यह संदेश देगी कि अपराध किसी भी लिंग द्वारा किया जा सकता है।


    दशहरे पर समाज को मिलेगा एक नया संदेश


    पारंपरिक रूप से दशहरे पर रावण दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होता है। लेकिन इस साल यह आयोजन एक नए दृष्टिकोण को सामने लाएगा। 2 अक्टूबर को होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं द्वारा किए जा रहे गंभीर अपराधों की ओर ध्यान आकर्षित करना है, जिस पर अक्सर बात नहीं होती। यह अनोखा आयोजन दशहरे के उत्सव को एक सामाजिक जागरूकता अभियान में बदल देगा।

    रेलवे Group D परीक्षा पर लगी रोक, जानें क्या है पूरा मामला


    गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की ग्रुप डी (Group D) परीक्षा की तिथि पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज की सुनवाई के बाद रोक लगा दी है। अब अगली सुनवाई तक कोई नई परीक्षा तिथि घोषित नहीं की जाएगी। यह फैसला उन लाखों छात्रों के लिए एक बड़ा झटका है जो इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।

    CAT में अंतिम सुनवाई का इंतजार


    उच्च न्यायालय ने यह रोक केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) में चल रही अंतिम सुनवाई के पूरा होने तक लगाई है। इस मामले में कई छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित कुछ अनियमितताओं को लेकर याचिका दायर की थी। इस याचिका पर ही अब CAT में अंतिम फैसला आना बाकी है।


    छात्रों में असमंजस की स्थिति

    इस फैसले के बाद से छात्रों में असमंजस की स्थिति है। वे जानना चाहते हैं कि परीक्षा कब होगी और उन्हें आगे क्या करना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में जल्द ही कोई समाधान निकलने की उम्मीद है, जिसके बाद रेलवे भर्ती बोर्ड नई तारीखों का ऐलान कर सकता है।
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