Tuesday, July 14, 2026
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यूपी सरकार का बड़ा कदम: बनेगा “आउटसोर्सिंग सेवा निगम”


लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्सिंग सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और श्रमिक हित में संचालित करने के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम (UPCOS) के गठन का निर्णय लिया है। यह कंपनीज एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत एक नॉन-प्रॉफिट लिमिटेड कंपनी के रूप में कार्य करेगी।

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अब तक विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को समय पर वेतन, ईपीएफ, ईएसआई जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही थीं। एजेंसियां तय लाभों का पूरा भुगतान भी नहीं करती थीं और कमीशन प्रणाली में भी एकरूपता नहीं थी। इन अव्यवस्थाओं को समाप्त करने तथा आरक्षण प्रणाली के पालन को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नया निगम गठित किया है।
समय पर वेतन और सभी वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराना।आरक्षण का अनुपालन सुनिश्चित करना।विभागों को पारदर्शी तरीके से योग्य मानव संसाधन उपलब्ध कराना।कर्मियों की समस्याओं का समाधान व हितों की रक्षा करना।

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निगम के जरिए हर माह 1 से 5 तारीख तक वेतन मिलेगा। EPF, ESIC और बैंक सुविधाएं अनिवार्य होंगी। कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी।
एजेंसियों का चयन जेम पोर्टल के माध्यम से कम से कम 3 वर्षों के लिए होगा। विभाग, एजेंसी और निगम के बीच त्रिपक्षीय अनुबंध होगा। दायित्व न निभाने पर एजेंसी ब्लैकलिस्ट होगी।
कर्मियों की भर्ती 100 अंकों की पारदर्शी प्रणाली से होगी –अतिरिक्त योग्यता: 25 अंक,विधवा/तलाकशुदा/परित्यक्ता महिला: 10 अंक,लिखित परीक्षा: 50 अंक,स्थानीय निवास: 15 अंक
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, सलाहकार समिति और प्रबंधकीय स्तर पर महा निदेशक से लेकर जनरल मैनेजर तक पद सृजित होंगे। शासन, मंडल, जिला और स्थानीय स्तर पर मॉनिटरिंग समितियां भी बनाई जाएंगी।
आउटसोर्सिंग सेवाएं नियमित पदों का विकल्प नहीं होंगी। न्यूनतम वेतन सरकार तय करेगी और समय-समय पर वृद्धि की जाएगी। भुगतान विभागीय बजट से होगा।

इस कदम से सरकार का उद्देश्य है कि कर्मियों को न्यायसंगत अधिकार और समय पर सुविधाएं मिलें, साथ ही विभागों को एकसमान व पारदर्शी सेवाएं प्राप्त हों।

राष्ट्रीय डिज़ाइन चैलेंज में आईईटी-डीडीयूजीयू की बड़ी सफलता

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की पाँच टीमों ने राष्ट्रीय डिज़ाइन चैलेंज में भाग लिया। इसमें छात्र प्रज्ज्वल पांडेय एवं ओंकार सिंह की टीम ने शानदार प्रदर्शन कर प्रथम स्थान हासिल किया। विजेता टीम को ₹30,000 का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
यह उपलब्धि विभाग के समन्वयक डॉ. राहुल कुमार के मार्गदर्शन में संभव हो सकी। प्रतियोगिता का आयोजन ट्विनटेक इंजीनियरिंग एंड डिज़ाइन टेक्नोलॉजी प्रा. लि. ने ऑटोडेस्क इंक. के सहयोग से किया था। इसमें देशभर के 10 राज्यों और 14 विश्वविद्यालयों की कुल 37 टीमें फाइनल राउंड तक पहुँचीं। इनमें आईआईटी तिरुपति, केआईआईटी, जीएनए और एलपीयू जैसी नामचीन संस्थाएँ भी शामिल थीं।
कार्यक्रम में ऑटोडेस्क निदेशक कॉनवे गोह, केआईआईटी कुलपति प्रो. (डॉ.) सरनजीत सिंह, ओपेका के मानद सचिव बिनोद दाश तथा अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
कुलपति प्रो. (डॉ.) सरनजीत सिंह ने विजेता छात्रों को बधाई दी और विशेष रूप से मेंटोर डॉ. राहुल कुमार की सराहना की। साथ ही उन्होंने इस सफलता पर प्रो. एस. एन. तिवारी (प्रोफेसर-इन-चार्ज), प्रो. हिमांशु पांडेय (डीन, इंजीनियरिंग फैकल्टी) और विजेता टीम को शुभकामनाएँ दीं।

कॉक्लियर इम्प्लांट से दिव्यांग बच्चों की मुस्कान लौटा रही सरकार

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी रवीश चन्द्र ने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित महत्वपूर्ण योजना “कॉक्लियर इम्प्लान्ट” के अन्तर्गत जनपद के ऐसे दिव्यांगजन जिनकी उम्र 5 वर्ष या 5 वर्ष से कम एवं जन्मजात मूक बधिर हैं, उनकी सर्जरी कर सुनने और बोलने योग्य बनाया जाता है। इससे उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि इस योजना में विभाग द्वारा प्रति लाभार्थी 6 लाख रुपये सम्बन्धित अस्पताल को दिये जाने का प्रावधान है। जनपदवासियों को सूचित किया जाता है कि जन्मजात मूक बधिर दिव्यांगजन को इस योजना से लाभ दिलाये जाने हेतु कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, विकास भवन में आवश्यक अभिलेख सहित सम्पर्क कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

रोहिणी आचार्य का फेसबुक वार, संजय यादव पर निशाना – तेजस्वी की छवि पर संकट

पटना।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार में लंबे समय से दबा विवाद अब सार्वजनिक रूप से सामने आ गया है। पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय यादव के खिलाफ चल रहा असंतोष खुलकर सामने आया, जब लालू प्रसाद की छोटी बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट ने न केवल परिवार के भीतर तनाव को और हवा दी है, बल्कि राजद और खासतौर पर विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव की राजनीतिक छवि और विधानसभा चुनावों की संभावनाओं पर भी असर डालने की आशंका जताई जा रही है।

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रोहिणी द्वारा साझा की गई पोस्ट पटना निवासी आलोक कुमार ने लिखी थी। इसमें संजय यादव की एक तस्वीर है, जिसमें वे एक छोटी बस की अगली सीट पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। यह बस वैनिटी वैन के रूप में तैयार की गई है, जिसका इस्तेमाल तेजस्वी यादव अपनी “बिहार अधिकार यात्रा” के दौरान कर रहे हैं। पोस्ट में तीखे शब्दों में लिखा गया है—“आगे की सीट हमेशा शीर्ष नेता के लिए होती है और उनकी अनुपस्थिति में भी कोई उस पर नहीं बैठ सकता। लेकिन अगर कोई खुद को शीर्ष नेतृत्व से ऊपर समझता है तो यह अलग बात है।” आगे कहा गया कि पूरा बिहार लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव को उस सीट पर देखने का आदी है, किसी और को वहां देखना अस्वीकार्य है।

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हालांकि यह तस्वीर किस तारीख को खींची गई थी, यह स्पष्ट नहीं है, मगर तेजस्वी ने 16 सितंबर से पांच दिवसीय बिहार अधिकार यात्रा की शुरुआत की थी, जो 20 सितंबर को वैशाली में समाप्त होगी। इस दौरान संजय यादव उनके साथ सक्रिय रूप से मौजूद रहे।

राजद के भीतर संजय यादव का प्रभाव लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले संजय को लेकर परिवार में असहमति नई नहीं है। लालू की बड़ी बेटी और पाटलिपुत्र की सांसद मीसा भारती और बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी उनके प्रभाव के विरोधी रहे हैं। तेज प्रताप अक्सर सोशल मीडिया पर ‘देशद्रोहियों’ का ज़िक्र करते आए हैं और कई बार अप्रत्यक्ष रूप से संजय को निशाना बनाया है।

लालू प्रसाद पहले ही अपने बड़े बेटे तेज प्रताप से दूरी बना चुके हैं। तेज प्रताप ने अपने निजी जीवन को लेकर खुलेआम स्वीकार किया था कि शादीशुदा होने के बावजूद उनका लंबे समय से एक लड़की के साथ प्रेम संबंध रहा है। अब रोहिणी आचार्य के इस कदम से राजद परिवार में तनाव और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद का असर आगामी विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है। पारिवारिक कलह और तेजस्वी की छवि को नुकसान पहुँचाने वाली ऐसी घटनाएं राजद समर्थकों को असमंजस में डाल सकती हैं। पार्टी को यह चुनौती अब केवल विपक्षी दलों से नहीं, बल्कि अपने ही घर के भीतर से भी झेलनी पड़ रही है।

सील के बाद भी फिर खुला अस्पताल, प्रसव मरीजों की भर्ती शुरू

एक सप्ताह के भीतर ही खुल गया सृष्टि हेल्थ केयर अस्पताल

आशा कार्यकर्ताओं की मदद से हो रही मरीजों की भर्ती

12 सितंबर को अधीक्षक की संयुक्त टीम ने किया था सील

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक द्वारा सील किया गया अस्पताल मात्र एक सप्ताह के भीतर ही शुक्रवार को पुनः खुल गया। उल्लेखनीय है कि इसी अस्पताल में एक नवजात की मौत हो गई थी, जबकि वहां भर्ती निजामाबाद गांव की निवासी अजमेरी पत्नी नवाज और ग्राम हिछौरा लाला निवासी पूजा देवी (35) पत्नी विपिन प्रसाद की हालत प्रसव के बाद गंभीर हो गई थी। दोनों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था।

इसी बीच प्रसूता अजमेरी ने इसी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया, लेकिन ऑक्सीजन की कमी के कारण नवजात की मौत हो गई। इन घटनाओं की शिकायत मिलने पर सीएचसी अधीक्षक अतुल कुमार ने एक संयुक्त टीम बनाकर 12 सितंबर को अस्पताल की जांच की और उसे अवैध रूप से संचालित पाए जाने पर सील कर दिया था।

इसके बावजूद सृष्टि हेल्थ केयर अस्पताल शुक्रवार को पुनः खोल दिया गया और प्रसव मरीजों की भर्ती का सिलसिला आशा कार्यकर्ताओं की मदद से फिर शुरू हो गया।

अधीक्षक अतुल कुमार ने कहा कि मेरे द्वारा कुछ दिन पूर्व अस्पताल को सील किया गया था। अस्पताल खुले होने की सूचना मिली है, मामले की जांच कराई जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।

ड्रोन उड़ने और चोरी की अफवाहों से पुलिस बनी चकरघिन्नी, आम जनता में दहशत

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। जिला पुलिस एवं प्रशासन लगातार जनपद में किसी तरह के ड्रोन उड़ने और चोर गिरोह के सक्रिय न होने का दावा कर जनता को लगातार जागरूक कर रहा है। परन्तु शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में अभी भी आसमान में ड्रोन उड़ते देखे जाने और चोरों के आने की अफवाहों का दौर जारी है। यह अफवाहें थमने का नाम तक नहीं ले रही है। जिससे शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अभी भी इन अफवाहों से भयभीत है। इनमें सबसे अधिक महिलाऐं और युवा पीढ़ी के लोग इन अफवाहों पर अधिक विश्वास कर रहे हैं। जिसको लेकर गांव के लोग रात्रि में जगा कर पहरा दे रहे हैं। किसी भी व्यक्ति को संदिग्ध समझकर उन्हें पीटने तक में देर नहीं लगा रहे हैं। इसके कारण कानून व्यवस्था को बिगड़ने देने से बचाने के लिये पुलिस की नींद उड़ी हुई है कि कहीं अफवाहों के कारण भीड़ किसी निर्दोष को निशाना न बना दे। जिसको लेकर हर छोटी बड़ी सूचना पर पुलिस बल न सिर्फ दिन बल्कि रात में भी दौड़ लगाने को मजबूर है। ग्रामीणों के मुताबिक जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में प्रतिदिन इन अफवाहों की सूचनाएं पुलिस को रात दिन प्राप्त हो रही है। जिसके कारण पुलिस बल को मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालना पड़ रहा है। हालांकि, पुलिस बल के मौके पर पहुंचने पर यह सूचनाएं सिर्फ अफवाहें साबित हो रही है। जिसमें सिर्फ लोगों के मन के डर और भय या फिर राह चलने वालों को चोर समझ लेने की गलती निकल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रतिदिन एक थाने पर 112 या फिर सीयूजी नंबर पर कम से कम 3 से 4 काल ऐसी आती है। जिसमें कालर द्वारा बताया जाता है कि उनके घर के गेट खटखटाई जा रही है। गांव में संदिग्ध घूम रहे है। या फिर रात्रि में आसमान से ड्रोन उड़ रहे है। इन सूचनाओं पर कालर की संतुष्टि एवं जागरूकता के लिये मौके पर पहुंचना पड़ता है। यह काल सबसे अधिक शाम ढलने के बाद से सुबह तड़के तक आती है। लेकिन जनपद में अभी तक ड्रोन एवं भीड़ द्वारा पकड़े गए संदिग्ध महिला पुरुषों के संबद्ध में कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं निकला। जिससे कि उसका चोर या लुटेरे गिरोह आदि से संबद्ध रहा हो। फिर भी लोग जागरूक नहीं बन रहे हैं और इंटरनेट मीडिया पर चल रही अफवाहों से डर व भय मान रहे हैं।

नक्सलियों के खात्मे की ओर बिहार, कुख्यात गिरोहों का सफाया

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार और झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान तेज़ी से अपने मुकाम तक पहुँच रहा है। कभी ग्रामीण इलाकों में दहशत फैलाने वाले दुर्दांत नक्सली अब या तो पुलिस मुठभेड़ों में ढेर हो रहे हैं या फिर सरेंडर करने को मजबूर हो रहे हैं। हाल के महीनों में हुई बड़ी कार्रवाइयों ने बिहार के लोगों को राहत की सांस दी है।

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अप्रैल 2025 में बोकारो जिले में चलाए गए ‘ऑपरेशन डाकाबेड़ा’ में आठ नक्सली मारे गए। इनमें अरविंद यादव उर्फ अविनाश दा भी शामिल था, जो पिछले दो दशकों से बिहार में खौफ का पर्याय बना हुआ था। वहीं, हजारीबाग के हालिया एनकाउंटर में कुख्यात सहदेव सोरेन उर्फ प्रवेश दा मारा गया। अविनाश दा और प्रवेश दा दोनों ने मिलकर जमुई, लखीसराय और मुंगेर समेत कई जिलों में वर्षों तक खूनी खेल खेला था।

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नक्सलियों की इस सूची में पिंटू राणा, अर्जुन कोड़ा, बालेश्वर कोड़ा, नागेश्वर कोड़ा, सुरेश कोड़ा, नारायण कोड़ा और रावण कोड़ा जैसे नाम भी शामिल रहे हैं, जो पुलिस और ग्राम रक्षा दल के जवानों की हत्याओं के लिए कुख्यात थे। वर्ष 2005 का भेलवाघाटी नरसंहार और चिलखारी हत्याकांड, जिसमें दर्जनों निर्दोषों की जान गई, इन्हीं की बर्बरता का गवाह है। पिंटू राणा वर्ष 2022 में पुलिस के हत्थे चढ़ा था।

बीते कुछ सालों में केंद्र और राज्य सरकारों ने सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से नक्सली नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी सफलता हासिल की। दबाव इतना बढ़ा कि कई हार्डकोर नक्सली सरेंडर करने लगे। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि बिहार अब नक्सली आतंक की गिरफ्त से बाहर निकलने की राह पर है और आम जनता का भरोसा सुरक्षा एजेंसियों पर और मजबूत हुआ है।

आग से बचाव के लिए अग्निशन दस्ते का मॉक ड्रिल

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पुलिस वाहन और एम्बुलेंस व पुलिस वाहन के सायरन बजने से मची अफरातफरी

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
शुक्रवार को नगर स्थित रिलायंस मॉल की बिल्डिंग मे आग से बचाव के लिए अग्निशन दस्ते ने किया मॉक ड्रिल। इस दौरान एम्बुलेंस व पुलिस वाहन के सायरन सुनकर माल के आस पास अफरा तफरी मच गयी।
त्यौहारो के समय भीड़भाड़ वाले बाजारो और मालो में आग लगने की घटनाओं को लेकर, जिला प्रशासन गंभीर होता नजर आ रहा है।
नगर की मुख्य बाजार स्थित एक माल में अग्नि शमन दस्ते और तहसील प्रशासन ने आग लगते ही उसे बुझाने एवं जानमाल की सुरक्षा के उपाय बताते हुए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। फायर सर्विस और एम्बुलेंस का सायरन सुनकर बाजार में अफरातफरी मच गई। लोग माल की ओर भागे, किन्तु मॉकड्रिल की जानकारी होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
जिला अग्निशन अधिकारी अरुण कुमार की अगुवाई में अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा सबसे पहले माल की सीढ़ी पर आग लगाकर उसे बुझाने का कार्य किया गया। आग लगने की सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड की टीम द्वारा तत्काल आग पर काबू पा लिया गया इसे वहां पर उपस्थित लोगों ने उत्सुकता के साथ देखा। टीम ने आग को बुझाने की विधि बताई, इसके बाद आग में फंसे लोगों को किस प्रकार रेस्क्यू किया जाय इसके बारे में बताया गया। टीम द्वारा नाट्य रूपान्तर के माध्यम से आग में फंसे व्यक्ति को बाहर निकाला गया, और वही पर ही डाक्टरो की टीम ने घायल व्यक्ति की जांच कर एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल भेजा । फायर अधिकारी राजमंगल ने माल के कर्मचारियों और मौजूद लोगों को आग से बचाव के अन्य तरीकों के बारे में बताकर जागरूक किया गया।
उपजिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि आपदा से निपटने के लिए लोगो मे जागरूकता आवश्यक है। जागरूकता फैलाकर हम आग से होने वाले नुकसान को कम कर सकते हैं। आग लगने के बाद इसको कैसे काबू किया जाय इसकी जानकारी दी।
इस दौरान तहसीलदार अरुण कुमार, नायब तहसीलदार रविन्द्र मौर्य, प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह, आनंद सिंह, राजेश जायसवाल, अमित जायसवाल, सन्तोष गहमरी, यूनिट प्रभारी अजय कुमार चौबे सहित भारी संख्या मे लोग मौजूद रहे।

स्कूल जाते समय कंबाइन की चपेट में आए भाई-बहन की दर्दनाक मौत से गांव में मातम

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। ददरौल क्षेत्र के मुतिहासा गांव में शुक्रवार की सुबह बड़ा हादसा हो गया। गांव के श्रीनिवास मिश्र के पुत्र और पुत्री स्कूल जा रहे थे, रास्ते में चल रही कंबाइन मशीन की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही दोनों ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों बच्चे स्नातक एवं इंटरमीडिएट के प्रतिभाशाली छात्र बताए जा रहे थे। परिवार को उनसे बड़ी उम्मीदें थीं। घटना की जानकारी पाकर परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। वहां उमड़ी भीड़ में हर किसी की आंखें नम थीं। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व सामाजिक संगठनों ने भी परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इस दर्दनाक हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

देवरिया की बेटी पल्लवी राय ने रचा इतिहास

सीएसआईआर-नेट परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल, जिले का नाम किया रोशन

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले की होनहार बेटी पल्लवी राय ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने सीएसआईआर-नेट परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-2 प्राप्त कर देवरिया का मान बढ़ाया है। एम.एससी. पूरी करते ही मिली इस सफलता पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
पल्लवी राय जिले के मोतिपुर, पोस्ट मेहहरहंगपुर, थाना बघुचघाट की निवासी हैं। बचपन से ही देवरिया में पढ़ाई करने वाली पल्लवी ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट देवरिया से किया। इसके बाद स्नातक (बी.एससी.) लखनऊ से तथा स्नातकोत्तर (एम.एससी.) जयपुर से पूरा किया।
एम.एससी. पूरी करने के तुरंत बाद ही उन्होंने नेट-जेआरएफ की परीक्षा में यह शानदार सफलता अर्जित की।
परिजनों ने पल्लवी की इस उपलब्धि पर गर्व जताया। पिता सचिन्द्र राय, माता पूनम राय और दादा रामनरेश राय ने कहा कि पल्लवी ने पूरे परिवार का नाम रोशन किया है। छोटे भाई आदर्श राय ने भी बहन की सफलता पर हर्ष व्यक्त किया।
पल्लवी राय ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और गुरुजनों को देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत और सही दिशा में प्रयास ही सफलता की कुंजी है। यदि हम ठान लें तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं होता।
उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोग भी बधाई देने उनके घर पहुँच रहे हैं। गाँव और जिले में पल्लवी की सफलता से उत्साह का माहौल है।

देवरिया में वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, नाजायज चाकू बरामद

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। अपराध व अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना रामपुर कारखाना पुलिस ने शुक्रवार को एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी जितेन्द्र यादव पुत्र शिवनन्दन यादव निवासी नौतन हथियागढ़, थाना रामपुर कारखाना है, जिसके पास से एक नाजायज चाकू बरामद किया गया। अभियुक्त थाना स्थानीय पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 179/2025 धारा 3/5/8 गोवध निवारण अधिनियम व धारा 11 पशु क्रूरता अधिनियम में वांछित था। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 4/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोत्तरी कर दी है।इससे पहले इस मामले में तीन आरोपी — पूरन गुप्ता, परमहंस पाल और नन्हे पासवान — को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इस प्रकार इस मुकदमे में नामजद सभी चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी पूरी हो गई है।गिरफ्तारी टीम में थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार राय के नेतृत्व में उपनिरीक्षक नीरज सिंह यादव, कांस्टेबल हरि प्रसाद यादव, सर्वेश कुमार यादव, अनमोल सरोज और विकास मिश्रा शामिल

डीडीयू के एनएसएस स्वयंसेवक को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार

29 सितम्बर को राष्ट्रपति भवन में होगा सम्मान

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के एम.ए. द्वितीय वर्ष के छात्र एवं एनएसएस स्वयंसेवक अंकुर कुमार मिश्रा का चयन वर्ष 2022–23 के लिए “माई भारत–राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) पुरस्कार” में स्वयंसेवक श्रेणी हेतु किया गया है। कुशीनगर ज़िले के कसया नगर क्षेत्र के ग्राम धनहा उर्फ मल्लूदिह निवासी अंकुर को सामुदायिक सेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है। यह पुरस्कार महामहिम राष्ट्रपति 29 सितम्बर 2025 को पूर्वाह्न 11:30 बजे राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में प्रदान करेंगे। इसके पूर्व 28 सितम्बर को रिहर्सल सत्र आयोजित होगा। इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि अंकुर की यह सफलता विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। सामाजिक सेवा और अनुशासन के प्रति उनकी निष्ठा एनएसएस की मूल भावना का प्रतीक है। यह उपलब्धि निश्चित रूप से विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करेगी। विश्वविद्यालय परिवार ने अंकुर को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

वरिष्ठ सर्जन डॉ. संजीत कुमार मिश्र का निधन, कैंसर से जूझ रहे थे

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के वरिष्ठ सर्जन डॉ. संजीत कुमार मिश्र का लंबी बीमारी से जूझने के बाद निधन हो गया। वह कैंसर से पीड़ित थे और पिछले काफी समय से उनका इलाज चल रहा था।डॉ. मिश्र इस समय जिला अस्पताल में बतौर सर्जन अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें एक कुशल डॉक्टर और सहयोगी व्यक्तित्व के रूप में याद किया।समाज के विभिन्न वर्गों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। लोगों का कहना है कि डॉ. मिश्र की कमी को लंबे समय तक महसूस किया जाएगा।चिकित्सा जगत ने भी उनकी असामयिक मृत्यु को बड़ा आघात बताया और कहा कि उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

“एक राष्ट्र, एक चुनाव” से विकास को मिलेगी रफ्तार, भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश – बरहज कॉलेज में संगोष्ठी

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। स्थानीय बाबा राघवदास भगवानदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय आश्रम में भारतीय जनता पार्टी के स्टूडेंट्स फॉर वन नेशन, वन इलेक्शन अभियान के तहत “एक राष्ट्र, एक चुनाव” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रो० शम्भुनाथ तिवारी ने कहा कि एक देश, एक चुनाव से समय, धन और ऊर्जा की बचत होगी तथा लोकतंत्र अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगा। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव से सरकारी संसाधनों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।

मुख्य वक्ता राजनीति विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ० अरविन्द पाण्डेय ने बताया कि लगातार चुनावों के चलते आचार संहिता लागू होती रहती है, जिससे विकास कार्य रुक जाते हैं। एक साथ चुनाव होने से सरकार लंबे समय तक योजनाओं को बिना बाधा लागू कर सकेगी।

विशिष्ट अतिथि डॉ० वेद प्रकाश सिंह ने कहा कि एक साथ चुनाव से स्थिर और स्थायी राजनीतिक वातावरण बनेगा तथा जनता को बार-बार मतदान की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। वहीं कार्यक्रम अध्यक्ष निशिकांत दीक्षित ने कहा कि इससे भ्रष्टाचार और चुनावी खर्च पर अंकुश लगेगा।

जिला संयोजक शिवम् निषाद ने कहा कि यदि चुनाव एक साथ होंगे तो सरकारें जनहित और विकास पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर सकेंगी।संगोष्ठी में डॉ० अरविन्द कुमार पाण्डेय, सुश्री कंचन तिवारी, डॉ० अनुज श्रीवास्तव, विनय कुमार मिश्र सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन प्रदीप शुक्ला ने मंगलाचरण और सरस्वती वंदना के साथ किया।