Tuesday, July 7, 2026
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“न्याय अब विलंब नहीं, समय पर — अमित शाह बोले, नए आपराधिक कानून बदलेंगे भारत की न्यायिक पहचान”

जयपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में नए आपराधिक न्याय कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कहा कि न्याय अब दंड नहीं, सुधार और समयबद्धता पर केंद्रित होगा।

उन्होंने कहा कि देश की न्यायिक प्रणाली वर्षों से “न्याय में देरी” की पहचान से जूझ रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू किए गए तीन नए कानून इस पहचान को बदलने का काम करेंगे। शाह के अनुसार, अब समय पर, सुलभ और सरल न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
अमित शाह ने कहा,“हमारी न्यायिक व्यवस्था समय पर न्याय न देने के लिए बदनाम हो चुकी थी। पर अब यह बदलेगी — क्योंकि नया कानून दंड नहीं, न्याय की भावना से प्रेरित है।”
उन्होंने बताया कि 2027 के बाद दर्ज की जाने वाली किसी भी प्राथमिकी (FIR) पर तीन वर्ष के भीतर सर्वोच्च न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने इसे भारत के न्यायिक इतिहास का “टर्निंग पॉइंट” बताया।
गृह मंत्री ने बताया कि 160 साल पुराने दंड संहिता ढांचे को समाप्त करते हुए तीन नए कानून लागू किए गए हैं, जिनमें न्याय प्रक्रिया को तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों से जोड़ा गया है। इससे जांच और सुनवाई दोनों तेज होंगी।
शाह ने यह भी दावा किया कि राजस्थान में इन कानूनों के लागू होने के बाद दोषसिद्धि दर में 60% तक की वृद्धि दर्ज की गई है। पहले जहां यह दर 42% थी, अब बढ़कर 60% तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि पूरी व्यवस्था लागू होने के बाद यह दर 90% तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है।
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार सभी राज्यों को इस बदलाव के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन प्रदान कर रही है ताकि न्याय अब लोगों की पहुंच में आ सके।

भारत–कनाडा रिश्तों में फिर आई गर्माहट: अनीता आनंद की भारत यात्रा से खुला संवाद का नया अध्याय

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारत और कनाडा के बीच बीते एक वर्ष से ठंडे पड़े संबंधों में अब धीरे-धीरे गर्माहट लौटती दिखाई दे रही है। खालिस्तान समर्थक तत्वों की गतिविधियों और एक कनाडाई नागरिक की हत्या के बाद उपजे तनाव ने जहां दोनों देशों के रिश्तों को ठहराव की स्थिति में पहुँचा दिया था, वहीं अब कनाडा की नई विदेश मंत्री अनीता आनंद की भारत यात्रा ने संवाद के नए द्वार खोल दिए हैं।

नई दिल्ली में हुई इस उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री आनंद के बीच कई मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। यह केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि दोनों लोकतांत्रिक देशों की राजनयिक परिपक्वता और संवाद की इच्छाशक्ति का प्रतीक है, जिसने रिश्तों को पुनः पटरी पर लाने का अवसर प्रदान किया है।

जयशंकर ने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान अस्थिर वैश्विक व्यवस्था में भारत और कनाडा जैसी लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्थाओं को “जोखिम-मुक्त वैश्विक अर्थव्यवस्था” की दिशा में गहन साझेदारी करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों की उपस्थिति G20 और कॉमनवेल्थ जैसे मंचों पर उल्लेखनीय रही है, और अब समय आ गया है कि इस पारंपरिक सहयोग को “व्यावहारिक साझेदारी” में बदला जाए।

अनीता आनंद की यह यात्रा भारत-कनाडा संबंधों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संकेत देती है कि ओटावा अब नई दिल्ली के साथ टकराव नहीं, बल्कि तालमेल और विश्वास के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहता है।

दोनों देशों के बीच हुई वार्ता में व्यापार, निवेश, कृषि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने की सहमति बनी। विशेष रूप से “क्रिटिकल मिनरल्स साझेदारी” भविष्य में भारत की ऊर्जा सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक रणनीति को मजबूती प्रदान करेगी।

भारत और कनाडा दोनों ही “साझा लोकतांत्रिक मूल्यों” और “विविधता की भावना” पर आधारित समाज हैं। जयशंकर ने इसे रेखांकित करते हुए कहा कि, “जब हम कनाडा को देखते हैं, तो हमें एक ऐसी अर्थव्यवस्था दिखती है जो हमारी पूरक है, और एक समाज जो हमारे मूल्यों को साझा करता है।” यह वक्तव्य केवल कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि भविष्य की साझेदारी के प्रति भारत के आत्मविश्वास का संकेत है।

इसके साथ ही, दोनों देशों ने अपने-अपने नए उच्चायुक्तों की नियुक्ति कर यह सुनिश्चित किया है कि संवाद की निरंतरता बनी रहे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों, व्यापार मंत्रियों और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच चल रही निरंतर बैठकों से यह स्पष्ट है कि दोनों देश विश्वास बहाली की प्रक्रिया को गंभीरता से आगे बढ़ा रहे हैं।

हालाँकि, चुनौतियाँ अब भी मौजूद हैं। भारत के लिए खालिस्तान समर्थक गतिविधियाँ एक प्रमुख सुरक्षा चिंता बनी हुई हैं, और इस विषय पर कनाडा की अस्पष्ट नीति अब भी सवाल खड़े करती है। बावजूद इसके, अनीता आनंद की यात्रा का प्रमुख संदेश यही है कि मतभेदों को संवाद के ज़रिए सुलझाने का संकल्प अब दोनों देशों में दृढ़ होता जा रहा है।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य में यह सहयोग ऐसे समय में उभर रहा है जब विश्व अर्थव्यवस्था “फ्रेंडशोरिंग” और “रिस्क डाइवर्सिफिकेशन” की ओर अग्रसर है। चीन पर निर्भरता घटाने, आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत करने और इंडो-पैसिफिक में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए भारत और कनाडा जैसे देशों की भूमिका अब निर्णायक मानी जा रही है।

इसलिए कहा जा सकता है कि जयशंकर–आनंद वार्ता केवल द्विपक्षीय चर्चा नहीं, बल्कि एक वैश्विक संदेश है — कि लोकतांत्रिक देशों के बीच संवाद और परस्पर सम्मान ही स्थायी पुल बन सकता है। अनीता आनंद की यह यात्रा इस “नए आरंभ” का प्रतीक है, जो भारत–कनाडा संबंधों को अतीत की कड़वाहट से निकालकर परिपक्व साझेदारी की नई दिशा दे सकती है।

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स्वदेशी मेले में महिलाओं को दिया सिलाई मशीन और प्रमाण पत्र, बढ़ाया आत्मनिर्भर भारत अभियान का संदेश

देवरिया/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देवरिया क्लब में आयोजित स्वदेशी मेला 2025 के पांचवें दिन बरहज विधायक दीपक मिश्र शाका ने मेले का शुभारंभ किया और महिलाओं को सिलाई मशीन व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

विधायक दीपक मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना है। उन्होंने सभी से स्वदेशी अपनाने और इस दिशा में योगदान देने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने पार्टी के आगामी कार्यक्रमों और लोकल फॉर वोकल अभियान पर भी विस्तार से चर्चा की।

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उन्होंने बताया कि 25 सितंबर से 25 दिसंबर 2025 तक स्वदेशी अभियान कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी। इन कार्यशालाओं में महिला सम्मेलन, युवा जागरूकता कार्यक्रम और विधानसभा सम्मेलन के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी अपनाने के संदेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि अभियान का मंत्र “हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी” को जनांदोलन में बदलने की जरूरत है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक और सरदार पटेल जैसे नेताओं द्वारा स्वदेशी अभियान को स्वतंत्रता की लड़ाई का हथियार बनाने का जिक्र किया।

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स्वदेशी मेला अभियान के संयोजक व जिला उपाध्यक्ष राजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को दैनिक जीवन में अपनाकर ही देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन पंकज शुक्ला ने किया, जबकि भाजपा के अन्य नेताओं और जिला पदाधिकारियों ने भी इसमें भाग लिया।

सदर ब्लाक में सशक्त पंचायत नेत्री अभियान के तहत प्रशिक्षण शुरू


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान अन्तर्गत सशक्त पंचायत नेत्री अभियान के तहत महिला ग्राम प्रधानों के तीन दिवसीय जनपद स्तरीय प्रशिक्षण का शुभारम्भ सोमवार को सदर विकास खण्ड सभागार में हुआ।प्रशिक्षण का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
इस दौरान डीपीआरसी सहप्रबंधक ब्रजेश नाथ तिवारी ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों को सशक्त करना सामाजिक प्रगति का आधार है। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से ग्राम पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व और अधिक प्रभावी और जागरूक बनेगा। प्रशिक्षक अजीत कुमार तिवारी ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को सशक्त करना है ताकि पंचायती राज व्यवस्था में उनकी भूमिका और अधिक प्रभावशाली हो तथा सुशासन को बढ़ावा देना है। सहायक विकास अधिकारी पंचायत विंध्याचल सिंह ने कहा कि कार्यशाला के दौरान महिला प्रतिनिधियों को शासन के विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना, प्रबंधन कौशल , वितीय साक्षरता व निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करना है।
उक्त प्रशिक्षण को प्रदीप मणि, अर्पिता द्विवेदी, अजय दूबे ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम में अंजली दीक्षित, पुष्पा देवी, निर्मला देवी, जैनव खातून, रीता देवी, नीलू देवी, नीतू तिवारी, सुमन देवी, हरिपाल यादव, विनय पाण्डेय, आनन्द मणि, अनिल कुमार कुशवाहा आदि मौजूद रहे।

गोरखपुर नगर निगम बोर्ड की बैठक में हंगामा, पार्षदों ने भतीजे पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की रखी मांग

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। सोमवार को नगर निगम सभागार में आयोजित गोरखपुर नगर निगम बोर्ड की 15वीं बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक शुरू होने से पहले ही पार्षदों ने जमकर नारेबाजी की और पार्षद छोटे लाल के भतीजे पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग उठाई। इससे सभागार में तनावपूर्ण माहौल बन गया और बैठक की शुरुआत कुछ देर के लिए टालनी पड़ी।

सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पूर्व नगर निगम के सफाई कर्मचारियों से हुई मारपीट की घटना में पार्षद छोटे लाल के भतीजे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। सफाई कर्मचारियों ने उस दौरान कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि मामला शांत हो गया, लेकिन मुकदमा वापस न होने से पार्षद नाराज थे।

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बैठक शुरू होने से पहले ही पार्षदों ने महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल से मुलाकात की और मुकदमा वापस लेने की मांग की। विरोध के चलते बैठक कुछ समय के लिए बाधित रही।

पार्षदों का आरोप था कि प्रशासन नगर निगम कर्मचारियों के पक्ष में पक्षपात कर रहा है। कुछ पार्षदों ने कहा कि “पहले हंगामा फिर एकता” का चलन निगम में बढ़ता जा रहा है।

लगातार नारेबाजी के बीच महापौर ने पार्षदों से शांति की अपील की और कहा कि मुकदमे की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी। बातचीत के बाद माहौल शांत हुआ और बैठक शुरू की गई, जिसमें विकास कार्यों, बजट और सफाई व्यवस्था पर चर्चा की गई।

बैठक के अंत में महापौर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का उद्देश्य जनता की सेवा है, इसलिए व्यक्तिगत विवादों को निगम के काम से ऊपर नहीं रखना चाहिए।

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दीपावली पर अस्थायी हरित आतिशबाजी की 208 दुकानों के लिए लाइसेंस 18 से 22 अक्टूबर तक जारी होंगे

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। दीपावली पर्व के अवसर पर शहरवासियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस उपायुक्त नगर, सोनम कुमार ने बताया कि इस वर्ष अस्थायी हरित आतिशबाजी की कुल 208 दुकानों को लाइसेंस प्रदान किए जाएंगे। ये अल्पकालिक अस्थायी लाइसेंस 18 अक्टूबर से 22 अक्टूबर 2025 तक के लिए जारी किए जाएंगे।

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि जनसुरक्षा के दृष्टिगत आतिशबाजी की बिक्री हेतु खुले स्थलों का चयन कर लिया गया है। इन स्थलों पर ही अस्थायी लाइसेंसधारक अपनी दुकानें स्थापित कर सकेंगे।चयनित स्थलों एवं दुकानों की संख्या इस प्रकार है:कोठी जी.आई.सी. का खाली मैदान, थाना लोहामंडी – 25 दुकानें

सेक्टर 11 व 15 का पार्क, थाना सिकन्दरा – 50 दुकानें
वैप्टिस्ट हायर सेकेंडरी स्कूल का खाली मैदान, साईं की तकिया, थाना रकाबगंज – 10 दुकानें कम्पनी गार्डन का खाली मैदान, थाना सदर – 17 दुकानें

खाली मैदान, थाना सदर बाजार – 10 दुकानें मेहताबाग पार्किंग के सामने खुला मैदान, थाना एत्माददौला – 80 दुकानें यमुना किनारा कॉरीडोर पार्क, थाना ताजगंज – 16 दुकानें

इस प्रकार कुल 208 दुकानों के लिए अस्थायी हरित आतिशबाजी लाइसेंस जारी किए जाएंगे।

डीसीपी नगर ने बताया कि अस्थायी लाइसेंस प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्तियों से आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक आवेदक निर्धारित अवधि में आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अधिक जानकारी एवं नियम/शर्तों के लिए इच्छुक व्यक्ति किसी भी कार्य दिवस में पुलिस उपायुक्त नगर, कमिश्नरेट आगरा के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

🌍 भारत फिर बनेगा शांति का सेतु: गाज़ा पीस समिट में गूंजेगा “वसुधैव कुटुंबकम” का संदेश

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारत की विदेश नीति सदियों से “वसुधैव कुटुंबकम” — संपूर्ण विश्व एक परिवार है — के सिद्धांत पर आधारित रही है। यही कारण है कि भारत किसी भी संघर्ष या युद्ध में पक्ष नहीं लेता, बल्कि शांति, स्थिरता और संवाद का सेतु बनता है। बीते महीनों में भारत की यह कूटनीतिक पहचान और सशक्त हुई है — चाहे अफगान तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की भारत यात्रा रही हो, रूस-यूक्रेन युद्ध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शांति पहल या जी-20 सम्मेलन में भारत की निर्णायक भूमिका — हर मंच पर भारत की डिप्लोमैटिक साख बढ़ी है।

अब मिस्र का गाज़ा पीस समिट (Gaza Peace Summit) भारत के लिए एक और वैश्विक मंच बनने जा रहा है। यह सम्मेलन मिस्र के शर्म-अल-शेख में आयोजित हो रहा है, जिसकी अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी कर रहे हैं। इस उच्चस्तरीय शिखर बैठक में शांति योजना के पहले चरण को अंतिम रूप दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही व्यक्तिगत रूप से इसमें शामिल नहीं होंगे, लेकिन भारत की उपस्थिति विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के माध्यम से दर्ज होगी। यह भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें स्पेन, जापान, पाकिस्तान, अज़रबैजान, हंगरी, साइप्रस, ग्रीस, बहरीन जैसे 20 देशों के नेता हिस्सा लेंगे।

इस सम्मेलन का उद्देश्य इज़राइल और हमास के बीच हुए युद्धविराम को स्थायी शांति योजना में बदलना है। सूत्रों के अनुसार, हमास 20 इज़राइली बंधकों को रिहा करेगा, वहीं इज़राइल 1900 से अधिक फ़िलिस्तीनी कैदियों को मुक्त करेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प सोमवार को तेल अवीव पहुंचे, जहां उनका विमान ‘एयर फोर्स वन’ सुबह 9:42 पर बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। इस दौरान ‘होस्टेजेज स्क्वायर’ पर हजारों लोग एकत्रित थे, जिन्होंने रिहा किए गए बंधकों का स्वागत किया। ट्रम्प का यह दौरा उस शांति प्रक्रिया की शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है, जिसमें भारत की “संतुलित कूटनीति” फिर एक बार वैश्विक विमर्श का केंद्र बनेगी।

भारत के लिए यह अवसर है कि वह विश्व के सामने एक जिम्मेदार शक्ति के रूप में अपनी छवि को और सशक्त करे — जो न युद्ध का समर्थन करता है, न चुप रहता है; बल्कि संवाद, संयम और समाधान का मार्ग दिखाता है।

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एग्री सर्वे अंतिम चरण में सदर तहसील में डिप्टी कलेक्टर ने दी सख्त हिदायतें

आज ही निस्तारित हों 25 हजार गाटे जिलाधिकारी के निर्देश पर तेज हुई कार्यवाही

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए चलाए जा रहे एग्री सर्वे अभियान की समीक्षा सोमवार को सदर तहसील सभागार में की गई। बैठक की अध्यक्षता डिप्टी कलेक्टर/तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह ने की। बैठक में सदर तहसील के सभी कानूनगो और लेखपाल मौजूद रहे।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर ने एग्री सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सोमवार के दिन तक बचे हुए 25,000 गाटों (खातों) का निस्तारण हर हाल में किया जाए। उन्होंने कहा कि एग्री सर्वे किसानों के लिए अत्यंत आवश्यक कार्य है, क्योंकि इससे भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण सुनिश्चित होगा और किसी भी दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को तत्काल सरकारी सहायता मिल सकेगी।
ज्ञान प्रताप सिंह ने संबंधित कानूनगो और लेखपालों को स्पष्ट चेतावनी दी कि जो क्षेत्र शेष रहेगा, उस क्षेत्र के जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्य किसानों के भविष्य और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है, इसलिए किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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डिप्टी कलेक्टर ने यह भी कहा कि यदि कहीं तकनीकी या सर्वर संबंधी समस्या आती है, तो तुरंत उच्च अधिकारियों को अवगत कराएं ताकि समाधान तत्काल हो सके और कार्य में कोई देरी न हो।
बैठक में उन्होंने याद दिलाया कि जिलाधिकारी दीपक मीणा ने पहले ही सभी तहसीलदारों को निर्देश दिया था कि जनपद की प्रत्येक तहसील में प्रतिदिन 25,000 गाटों का एग्री सर्वे कार्य पूरा किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अंतिम दिन तक कोई भी गांव या गाटा पेंडिंग न रहे।

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अंत में डिप्टी कलेक्टर ने सभी लेखपालों और कानूनगों से कहा कि यह कार्य केवल आंकड़ा पूरा करने का नहीं बल्कि किसानों की सुविधा के लिए है, इसलिए इसे मिशन मोड में और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा करें।

पेंशनरों की समस्याओं के समाधान हेतु 15 अक्टूबर को होगी त्रैमासिक बैठक

मुख्य कोषाधिकारी रीता सचान की अध्यक्षता में कोषागार कार्यालय, आगरा में होगा आयोजन

आगरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पेंशनरों की समस्याओं के निराकरण एवं उनके हित में आवश्यक कदम उठाने के उद्देश्य से कोषागार आगरा में मुख्य कोषाधिकारी रीता सचान की अध्यक्षता में पेंशनर संगठनों की त्रैमासिक बैठक (तृतीय मिनी पेंशनर डे) का आयोजन 15 अक्टूबर 2025, प्रातः 12:00 बजे कोषागार कार्यालय के पेंशनर सभाकक्ष में किया जाएगा।

मुख्य कोषाधिकारी ने बताया कि इस बैठक का उद्देश्य पेंशनरों द्वारा अनुभव की जा रही समस्याओं को सुनना और उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी पेंशनर संगठनों से आग्रह किया है कि वे अपनी समस्याओं एवं सुझावों के साथ बैठक में अवश्य प्रतिभाग करें।

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जीवित प्रमाण-पत्र शीघ्र जमा करने की अपील

रीता सचान ने पेंशनरों को अवगत कराया कि अधिकांश पेंशनर अपना जीवित प्रमाण-पत्र (Life Certificate) नवंबर माह में ही जमा करते हैं, जिससे कोषागार में भीड़ बढ़ जाती है और असुविधा होती है।
इसलिए सभी पेंशनरों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने जीवित प्रमाण-पत्र शीघ्र जमा करें, ताकि पेंशन भुगतान निर्बाध रूप से जारी रह सके।

पेंशनर अपने प्रमाण-पत्र को दो माध्यमों से जमा कर सकते हैं —
ऑनलाइन माध्यम से http://jeevanpramaan.gov.in वेबसाइट पर PPO विवरण दर्ज कर।
प्रत्यक्ष रूप से कोषागार कार्यालय में जाकर।
जो पेंशनर व्यक्तिगत रूप से कोषागार नहीं आ सकते, वे अपना जीवित प्रमाण-पत्र संबंधित बैंक शाखा में भी जमा कर सकते हैं। बैंक शाखाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे पेंशनर सूची और प्राप्त प्रमाण-पत्र समय से कोषागार को प्रेषित करें।

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नवंबर माह में प्रमाण-पत्र जमा करने वाले पेंशनरों हेतु दिशा-निर्देश
जो पेंशनर नवंबर 2025 में प्रमाण-पत्र जमा करना चाहते हैं, उनसे अनुरोध है कि वे अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक आदि मूल अभिलेखों के साथ कोषागार पहुंचें। सभी आवश्यक विवरण स्वयं प्रमाण-पत्र में अंकित करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

15 अक्टूबर तक कराएं श्रमिक पहचान पत्र का नवीनीकरण, वरना रुक जाएंगे कल्याणकारी योजनाओं के लाभ — देवरिया श्रम विभाग की अपील

देवरिया/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। सहायक श्रम आयुक्त स्कन्द कुमार ने जानकारी दी है कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) में पंजीकृत सभी निर्माण श्रमिकों को अपना श्रमिक पहचान पत्र (Labour ID Card) 15 अक्टूबर 2025 तक अनिवार्य रूप से नवीनीकृत कराना होगा।

अधिकारी ने बताया कि जिन श्रमिकों ने पिछले चार वर्ष या उससे अधिक समय से नवीनीकरण नहीं कराया है, वे निर्धारित तिथि तक प्रक्रिया पूरी कर लें। नवीनीकरण के लिए जन सेवा केंद्र (CSC) या बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट http://www.upbocw.in पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

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नवीनीकरण की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2025

श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 अक्टूबर के बाद नवीनीकरण न कराने वाले श्रमिकों के नाम निष्क्रिय सूची (Inactive List) में डाल दिए जाएंगे। इससे वे बोर्ड की किसी भी कल्याणकारी योजना जैसे सहायता राशि, बीमा, छात्रवृत्ति, या पेंशन योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे।

श्रमिकों के लिए अपील

सहायक श्रम आयुक्त स्कन्द कुमार ने सभी श्रमिकों से अपील की कि वे समय पर अपने Labour Card Renewal की प्रक्रिया पूरी करें ताकि सरकारी योजनाओं का निरंतर लाभ मिलता रहे।

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1 नवंबर से शुरू होगी धान खरीद: देवरिया में बटाईदार किसान भी बेच सकेंगे अपना धान, जानें पंजीकरण प्रक्रिया और समर्थन मूल्य

देवरिया/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद देवरिया में धान क्रय सत्र 2025-26 की शुरुआत 1 नवंबर 2025 से की जाएगी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी सुलभ आनंद ने जानकारी दी कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने इस वर्ष धान खरीद की प्रक्रिया समय पर शुरू करने का निर्णय लिया है।

इस वर्ष की खास बात यह है कि बटाईदार किसानों से भी धान की खरीद की जाएगी। यानी जिन किसानों के पास खुद की जमीन नहीं है लेकिन वे बटाई पर खेती करते हैं, वे भी अपना धान बेच सकेंगे।

धान का समर्थन मूल्य (MSP)

शासन ने इस वर्ष धान का समर्थन मूल्य ₹2369 प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹69 अधिक है। इसके अलावा किसानों को उतराई और छनाई के लिए ₹20 प्रति क्विंटल अतिरिक्त भुगतान दिया जाएगा।

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पंजीकरण अनिवार्य

धान बेचने के इच्छुक किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। किसान खाद्य विभाग की वेबसाइट http://fcs.up.gov.in पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। बिना पंजीकरण किसी भी किसान का धान नहीं खरीदा जाएगा।

पंजीकरण की सुविधा निम्न माध्यमों से उपलब्ध है:

खाद्य विभाग पोर्टल

किसान मित्र एप

केंद्र प्रभारियों के माध्यम से

जन सेवा केंद्र (CSC)

बटाईदार किसानों के लिए प्रक्रिया

बटाईदार किसान पंजीकरण के दौरान मूल भू-स्वामी के आधार नंबर पर दर्ज मोबाइल नंबर से प्राप्त OTP के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करेंगे। अधिकारी ने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, इसलिए किसानों से अपील है कि वे जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन करा लें ताकि सत्यापन समय पर पूरा किया जा सके।

आवश्यक दस्तावेज

ऑनलाइन पंजीकरण के लिए किसानों को निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

आधार कार्ड

मोबाइल नंबर

पासपोर्ट आकार का फोटो

बैंक पासबुक

पहचान पत्र

खतौनी

भोजपुरी स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह लड़ेंगी बिहार विधानसभा चुनाव, ससुर रामबाबू सिंह का बड़ा दावा

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और गायक पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह जल्द ही बिहार की राजनीति में कदम रख सकती हैं। पवन सिंह के ससुर रामबाबू सिंह ने दावा किया है कि ज्योति सिंह आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरेंगी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ज्योति सिंह किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी।

रामबाबू सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह के प्रचार अभियान में कराकट क्षेत्र के लोगों से ज्योति सिंह का गहरा जुड़ाव बन गया था। पवन सिंह की हार के बाद स्थानीय लोगों ने ज्योति सिंह को विधानसभा चुनाव में उतारने की मांग की, जिस पर अब गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।

रामबाबू सिंह ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा —

“तीन महीने पहले मैं पवन सिंह से मिला था। मैंने उनसे अपनी बेटी को सम्मानपूर्वक साथ रखने की अपील की थी। लेकिन उन्होंने कहा कि अब अदालत फैसला करेगी तो देखा जाएगा। तब से उन्होंने मेरा फोन तक नहीं उठाया।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पवन सिंह द्वारा दिया गया यह बयान कि “ज्योति को विधायक बनाने की बात ससुराल वालों ने की थी” पूरी तरह गलत है। रामबाबू सिंह का कहना है कि उनकी प्राथमिक चिंता बेटी की इज्जत और सम्मान की रक्षा है, न कि राजनीतिक पद।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर ज्योति सिंह चुनावी मैदान में उतरती हैं, तो वह भोजपुरी स्टार पवन सिंह की लोकप्रियता का लाभ उठा सकती हैं। उनके मैदान में आने से कराकट क्षेत्र की राजनीति में नई हलचल मच सकती है।

Internet के भी होते हैं नियम! जानिए क्या है TCP/IP और कैसे ये पूरी ऑनलाइन दुनिया को नियंत्रित करता है

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टेक, (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।

इंटरनेट आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है — ऑनलाइन पढ़ाई, सोशल मीडिया, बैंकिंग या वीडियो कॉल, हर चीज़ इसी पर निर्भर है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया के करोड़ों कंप्यूटर और मोबाइल एक-दूसरे से इतनी सहजता से बातचीत कैसे करते हैं? इसका रहस्य छिपा है TCP/IP नाम की उस डिजिटल भाषा में, जो इंटरनेट की रीढ़ मानी जाती है।

क्या होता है TCP/IP

TCP/IP (Transmission Control Protocol / Internet Protocol) इंटरनेट की वह प्रणाली है जो डेटा को सही तरीके से भेजने और प्राप्त करने का काम करती है। इसे आप एक डिजिटल पोस्ट ऑफिस की तरह समझ सकते हैं — जहां हर जानकारी (Data) एक लिफाफे में पैक होती है, और उस पर भेजने वाले व प्राप्तकर्ता का पता लिखा होता है। यही पता होता है IP Address।

IP Address क्या है

जब कोई डिवाइस (कंप्यूटर या मोबाइल) इंटरनेट से जुड़ता है, तो उसे एक यूनिक IP एड्रेस दिया जाता है। यह दो फॉर्म में हो सकता है:

IPv4 (जैसे 192.168.1.1)

IPv6 (अक्षरों और अंकों का संयोजन)

यह IP एड्रेस आपके डिवाइस का डिजिटल घर कहलाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि IP एड्रेस स्थायी नहीं होता — घर, ऑफिस या कैफे में अलग-अलग नेटवर्क पर यह बदल सकता है।

DNS क्या है और कैसे काम करता है

हम हर वेबसाइट का IP याद नहीं रख सकते, इसलिए इंटरनेट ने एक आसान सिस्टम बनाया — DNS (Domain Name System)। यह वेबसाइटों को इंसानों के लिए आसान नाम देता है जैसे google.com या youtube.com। DNS इन नामों को सही IP एड्रेस में बदल देता है ताकि आपका ब्राउज़र सही सर्वर से जुड़ सके।

डेटा ट्रांसफर कैसे होता है

जब आपका कंप्यूटर किसी वेबसाइट या सर्वर से जुड़ता है, तो यह एक Three-Way Handshake से शुरू होता है —
1. कंप्यूटर पूछता है “क्या आप तैयार हैं?”
2. सर्वर जवाब देता है “हां, तैयार हूं।”
3. कंप्यूटर पुष्टि करता है और डेटा ट्रांसफर शुरू हो जाता है।

वेबसाइट का डेटा छोटे-छोटे पैकेट्स में बांटा जाता है। हर पैकेट पर IP एड्रेस और नंबर लिखा होता है ताकि रिसीवर उन्हें सही क्रम में जोड़ सके। अगर कोई पैकेट बीच में खो जाए तो सर्वर उसे दोबारा भेज देता है।

TCP/IP इंटरनेट की रीढ़ (Backbone) है। यही तकनीक सुनिश्चित करती है कि ईमेल, वीडियो, सोशल मीडिया या वेबसाइट — हर डेटा सुरक्षित, सही क्रम में और समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचे। बिना TCP/IP के इंटरनेट अस्तित्व में ही नहीं होता।

पाकिस्तान में रेंजर्स और पुलिस की बर्बर गोलीबारी: मुरीदके में 280 से अधिक की मौत, TLP कार्यकर्ताओं पर नरसंहार

(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के शेखपुरा जिले में स्थित मुरीदके शहर में सोमवार को सुरक्षा बलों ने तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के समर्थकों को लगातार तीन घंटे तक गोलीबारी कर 280 से अधिक लोगों की जान ली और लगभग 1900 से ज़्यादा घायल किए।

रविवार रात से ही TLP का काफिला लाहौर से इस्लामाबाद की ओर मार्च कर रहा था, लेकिन सुरक्षा बलों ने इस मार्च को रोकने के लिए देर रात पहले स्मोक ग्रेनेड दिए और सुबह होते-होते पुलिस व रेंजर्स ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों को बर्बर तरीके से गोली मारी। गोलीबारी के बीच TLP का मंच भी आग के हवाले कर दिया गया। संगठन का दावा है कि उनके प्रमुख मौलाना साद हुसैन रिज़वी को भी गोली लगी और वे मंच से गिर गए।

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TLP इस मार्च को “लहबैक या अक्सा मार्च” नाम दे रहा था, जिसका उद्देश्य इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास के सामने विरोध करना था। हालांकि, सरकार द्वारा मार्च को अवैध करार दिए जाने और सुरक्षा घेरे तानने की रणनीति से टकराव अनिवार्य हो गया।

अंतरिम सरकार और TLP के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन सौदा नहीं हो सका। प्रशासन ने पहले ही इमरजेंसी स्तर की बैठक और तैयारियाँ शुरू कर दी थीं। गृहमंत्री मोहसिन नकवी और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के बीच हुई बैठक में ही पहले से इस हिंसक कार्रवाई की योजना बनी थी, पत्रकारों का अनुमान है।

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उल्लेखनीय है कि इस महीने यह तीसरा बड़े स्तर का मामला है, जब सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की — इससे पहले 29 सितंबर और 1 अक्टूबर को पीओके में और फिर लाहौर में हुई घटना में कुल 19 और 15 लोगों की मौत हुई थी। अब यह मौतों का आंकड़ा 280 के पार पहुंच चुका है और बढ़ने की आशंका है।

यह घटना पाकिस्तान में लोकतंत्र, मानवाधिकार और सुरक्षा बलों के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

दिवाली की पूजा: पारंपरिक पोशाक में मां लक्ष्मी की विधिपूर्वक अराधना

प्रस्तुति – सोमनाथ मिश्र

राष्ट्र की परम्परा डेस्क दिवाली का त्यौहार न केवल रोशनी और उल्लास का प्रतीक है, बल्कि यह हमारे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत चित्र भी प्रस्तुत करता है। इस पावन अवसर पर मां लक्ष्मी की पूजा का महत्व अत्यधिक है। लेकिन पूजा केवल दीप जलाने और मंत्र पढ़ने तक सीमित नहीं है। आपके पहनावे और मानसिक स्थिति का भी इस शुभ कार्य में प्रभाव होता है।

पारंपरिक आभूषण और पोशाक पूजा को और भी पवित्र और प्रभावशाली बनाते हैं। महिलाओं के लिए यह सलाह दी जाती है कि वे संस्कारी सूट, सलवार-कुर्ता या साड़ी पहनें। यह न केवल आपकी भव्यता और गरिमा को बढ़ाता है, बल्कि पूजा की ऊर्जा को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। पुरुषों के लिए धोती-कुर्ता पहनना सर्वोत्तम माना जाता है। इसका उद्देश्य मन-मस्तिष्क पर किसी भी प्रकार का दबाव न रहना और पूजा में पूर्ण एकाग्रता बनाए रखना है।

ध्यान रखें कि पूजा की सफलता का मुख्य आधार आपकी मानसिक स्थिति और समर्पण है। मन में किसी प्रकार की उलझन या चिंता होने पर ध्यान भटक सकता है और पूजा का प्रभाव कम हो सकता है। इसलिए, दिवाली के दिन पूरे विश्वास और श्रद्धा के साथ पूजा करने का प्रयास करें। घर को स्वच्छ और सजाया हुआ रखना भी मां लक्ष्मी के आकर्षण के लिए महत्वपूर्ण है।

मां लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा के लिए कुछ सरल लेकिन महत्वपूर्ण कदम हैं। पूजा स्थल पर साफ-सुथरा आसन रखें, दीपक और अगरबत्ती जलाएं, फूल और नैवेद्य अर्पित करें। मंत्रों का उच्चारण मन और मस्तिष्क को शांति प्रदान करता है और आपके समर्पण की ऊर्जा को बढ़ाता है। इस प्रकार, परंपरा और मनोबल दोनों का संगम होने पर पूजा निर्विघ्न और सफल होती है।

इस दिवाली, केवल रोशनी फैलाना ही नहीं, बल्कि पारंपरिक पोशाक और सही मानसिक स्थिति में पूजा करना मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सर्वोत्तम मार्ग है। ऐसा करने से न केवल समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति होती है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी जीवित रखता है।

नोट: राष्ट्र की परंपरा ने इस प्रकार की पूजा और पोशाक का सुझाव दिया है। अमल में लाने से पहले जानकार या अनुभवशील व्यक्ति से सलाह अवश्य लें।

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