Tuesday, June 30, 2026
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रूढ़ियों का बोझ अब कितना और? बदलते समय में बदलाव की पुकार

कैलाश सिंह

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। समय तेज़ी से बदल रहा है, समाज विकास की नई राहें पकड़ चुका है, लेकिन विडंबना यह है कि कई सामाजिक रूढ़ियां आज भी लोगों की सोच और जीवन दोनों पर भारी पड़ रही हैं। परंपरा और संस्कार के नाम पर ढोई जाने वाली ये पुरानी धारणाएं आधुनिक समाज की रफ्तार को लगातार रोक रही हैं। सवाल यही है—रूढ़ियों का बोझ आखिर कब उतरेगा?
आज भी कई घरों में बेटा-बेटी में फर्क किया जाता है, जातिगत भेद-भाव किसी न किसी रूप में मौजूद है, महिलाओं की भूमिका को लेकर पुरानी सोच कायम है और अंधविश्वास लोगों के निर्णयों को प्रभावित करता है। डिजिटल युग में पहुंच चुके समाज की यह तस्वीर बताती है कि तकनीक तो आगे बढ़ी है, पर सोच अब भी कई जगह अतीत में अटकी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार,समाज की जड़ें तब तक मजबूत नहीं हो सकतीं, जब तक लोग रूढ़ियों के दबाव से बाहर नहीं निकलते। इन रूढ़ियों के कारण शिक्षा समानता, आज़ादी और अवसर जैसे मूलभूत अधिकार प्रभावित होते हैं। युवा पीढ़ी नई दिशा देना चाहती है, लेकिन परिवार और समाज कभी-कभी पुरानी धारणाओं की बेड़ियां उनके कदम रोक देती हैं। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि रूढ़ियों को अक्सर परंपरा की रक्षा का नाम देकर सही ठहराया जाता है,जबकि परंपरा का मूल उद्देश्य समाज को जोड़ना है, तोड़ना नहीं। रूढ़ियां सामाजिक विभाजन को गहरा करती हैं और प्रगति की रफ्तार को धीमा करती हैं।बदलता समय अब स्पष्ट संदेश दे रहा है—सोच बदलने का समय आ चुका है। जागरूकता, शिक्षा और संवाद इन रूढ़ियों को खत्म करने की सबसे मजबूत चाबी हैं। समाज के हर वर्ग को आगे आकर यह तय करना होगा कि कौन-सी परंपराएं हमें जोड़ती हैं और कौन-सी रूढ़ियां हमें पीछे धकेल रही हैं।
अगर भारत को वास्तव में विकसित राष्ट्र बनना है, तो पुराने बोझ को उतारकर आगे बढ़ना ही होगा। बदलाव की पुकार साफ सुनाई दे रही है—अब जरूरत है इसे स्वीकार करने और क्रियान्वित करने की।

क्या रूस के आगे झुक जाएगा यूक्रेन? ट्रंप के शांति समझौते पर बोले जेलेंस्की — जानें क्या कहा

कीव/वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में तैयार किए जा रहे संभावित शांति फ्रेमवर्क पर यूक्रेन ने बड़ा बयान दिया है। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन अमेरिका के साथ विवादित मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है, और वह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधे मुलाकात के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में यूरोप के सहयोगियों को शामिल करना जरूरी है ताकि किसी भी समझौते की दीर्घकालिक विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।

जेलेंस्की बोले – “पीठ पीछे फैसले होंगे तो जोखिम बढ़ेगा”

जेलेंस्की ने कहा:
“यूक्रेन से जुड़े सुरक्षा फैसलों में यूक्रेन का शामिल होना अनिवार्य है। इसी तरह यूरोप की सुरक्षा पर फैसलों में यूरोप को शामिल किया जाना चाहिए। जब भी किसी देश की पीठ पीछे समझौते किए जाते हैं, तो उनके असफल होने का खतरा बढ़ जाता है। फ्रेमवर्क मौजूद है, और हम राष्ट्रपति ट्रंप के साथ व्यक्तिगत मुलाकात के लिए तैयार हैं।”

ट्रंप ने कहा – ‘पीस प्लान को अंतिम ब्लूप्रिंट न समझें’

डोनाल्ड ट्रंप कई बार युद्ध खत्म करने को लेकर डेडलाइन की चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि बातचीत तेज होनी चाहिए और “हर कोई लड़ते-लड़ते थक चुका है।”
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि 28-पॉइंट पीस प्लान अभी अंतिम मसौदा नहीं है।

सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने बताया कि कुछ विवादित बिंदु अभी भी बाकी हैं। उन्होंने अपने राजदूत स्टीव विटकॉफ को मॉस्को भेजा और आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल को यूक्रेन के अधिकारियों से मिलने के निर्देश दिए।

ट्रंप ने लिखा:
“मुझे उम्मीद है कि जल्द ही राष्ट्रपति जेलेंस्की और राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात होगी, लेकिन तभी जब युद्ध खत्म करने की डील अंतिम चरण में होगी।”

यूक्रेनी अधिकारी की चेतावनी – ‘इलाके छोड़ने का सवाल सबसे कठिन’

यूक्रेनी डिप्लोमैट ने कहा कि विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा इलाके छोड़ने का है। उनका इशारा प्रस्तावित शांति समझौते की उन शर्तों पर था, जिसमें कहा गया है कि यूक्रेन को अपने लगभग 20% कब्जाए गए क्षेत्र को छोड़ना पड़ सकता है।
यह भी प्रस्तावित है कि यूक्रेनी सेना को रोका जाए और यूक्रेन को NATO में शामिल न किया जाए — जिसे रूस सरेंडर के समान मानकर खारिज करता रहा है।

रूस का हमला जारी – कीव में 7 की मौत

शांति वार्ता के बीच रूस ने कीव पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला तेज कर दिया। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई और शहर की बिजली व हीटिंग सिस्टम फिर से प्रभावित हुए हैं।

इसी बीच यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख रुस्तम उमरोव ने संकेत दिया कि जेलेंस्की अगले कुछ दिनों में अमेरिका जा सकते हैं, ताकि ट्रंप के साथ शांति समझौते पर अंतिम रूप से बातचीत हो सके। हालांकि अमेरिका ने इस यात्रा की पुष्टि नहीं की है।

रूस का बयान – ‘प्लान में अलास्का चर्चा की भावना दिखनी चाहिए’

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि बदले हुए शांति प्लान में पुतिन और ट्रंप के बीच अलास्का बैठक में बनी समझ की भावना प्रतिबिंबित होनी चाहिए।

क्या शेख हसीना को बांग्लादेश भेजेगा भारत? युनूस सरकार की प्रत्यर्पण मांग पर विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने की मांग पर भारत ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ढाका से प्राप्त प्रत्यर्पण अनुरोध पर न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं के तहत गंभीरता से विचार किया जा रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत बांग्लादेश में शांति, लोकतंत्र, स्थिरता और समावेशिता को प्राथमिकता देता है और इस दिशा में सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक संवाद जारी रखेगा।

मानवता के विरुद्ध अपराध में मौत की सजा

78 वर्षीय शेख हसीना को पिछले सप्ताह ढाका के एक विशेष न्यायाधिकरण ने उनकी अनुपस्थिति में मानवता के विरुद्ध अपराध के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। आरोप है कि पिछले वर्ष छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों पर उनकी सरकार ने बर्बर कार्रवाई की थी।
इसी दौरान 5 अगस्त को बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों के बाद हसीना बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं।

बांग्लादेश ने भारत को भेजा प्रत्यर्पण अनुरोध

नए फैसले के बाद बांग्लादेश सरकार ने भारत को एक आधिकारिक पत्र भेजकर कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूद प्रत्यर्पण संधि के तहत हसीना को तत्काल ढाका को सौंपा जाए। ढाका का दावा है कि यह भारत की संधिगत ज़िम्मेदारी भी है।

भारत का रुख: कानूनी प्रक्रिया के बाद ही निर्णय

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया:
“इस अनुरोध पर कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार विचार किया जा रहा है। भारत बांग्लादेश के लोगों के सर्वोत्तम हितों, लोकतंत्र और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है।”

सूत्रों के अनुसार, भारत के प्रारंभिक आकलन में यह भी सामने आया है कि हसीना को सजा सुनाने की प्रक्रिया में न्यायाधीशों की नियुक्ति सहित कई संवैधानिक खामियां हो सकती हैं।

हसीना का आरोप – ‘गैरकानूनी न्यायाधिकरण में सुनाया गया फैसला’

शेख हसीना ने इस फैसले को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि यह निर्णय “एक अनिर्वाचित सरकार द्वारा स्थापित गैरकानूनी न्यायाधिकरण” ने दिया है, जिसका कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है।

चुनाव से पहले आया अहम फैसला

यह फैसला ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश में कुछ महीनों बाद संसदीय चुनाव होने हैं। हसीना की आवामी लीग पार्टी को आगामी फरवरी चुनावों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

भारत-बांग्लादेश के बीच सुरक्षा संवाद जारी

बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान ने हाल ही में भारत के NSA अजित डोभाल को ढाका आने का निमंत्रण भी दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि समय आने पर इस पर विचार किया जाएगा।

सीएचसी परसिया चंदौर व सोनाड़ी में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार की मांग, उपमुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। परसिया चंदौर (भागलपुर) एवं सोनाड़ी (भलुअनी) स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर राष्ट्रीय समानता दल ने गंभीर चिंता जताई है। प्रदेश अध्यक्ष संजयदीप कुशवाहा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवरिया के माध्यम से सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया है कि दोनों सीएचसी हजारों ग्रामीणों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र हैं, लेकिन वर्तमान में आपातकालीन सेवा, विशेषज्ञ डॉक्टरों, डायग्नोस्टिक सुविधाओं और रैबीज उपचार जैसे महत्वपूर्ण प्रबंधों का अभाव बना हुआ है। इससे क्षेत्र की आम जनता को समय पर उपचार न मिल पाने की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

प्रमुख मांगें

24×7 आपातकालीन सेवा शुरू हो:
आपात स्थितियों—दुर्घटना, प्रसव, हृदय रोग आदि—के दौरान तुरंत इलाज न मिलने से कई बार गंभीर स्थिति बन जाती है। इसलिए दोनों सीएचसी में चौबीसों घंटे आपातकालीन सेवाएँ शुरू करने की मांग उठाई गई।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती:
चिकित्सा विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ तथा लैब तकनीशियन की नियुक्ति की मांग की गई, जिससे मरीजों को जिला मुख्यालय या निजी अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े।

डायग्नोस्टिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं:
एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी और पैथोलॉजी लैब जैसी सुविधाएँ उपलब्ध न होने से ग्रामीणों को निजी केंद्रों पर महंगा इलाज कराना पड़ता है। प्रतिनिधिमंडल ने इन सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।

रैबीज उपचार की स्थायी व्यवस्था:
क्षेत्र में कुत्ता, सियार और बंदर के काटने की घटनाएँ बढ़ने के बाद भी दोनों सीएचसी में ARV और RIG का अभाव है। इसे जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर बताया गया और स्थायी आपूर्ति की मांग की गई।

सीएचसी परिसर की स्वच्छता व सौंदर्यीकरण:
भवनों की रंगाई-पुताई, सफाई और मरम्मत कार्य तत्काल कराए जाने का अनुरोध भी किया गया।

ज्ञापन में सुरेन्द्र बौद्ध, विमलेश कुमार, अभय कुमार, महिना बहुअन, गनेश प्रसाद, सुनिता देवी, रिंकू देवी, आकाश कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों व पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर कर समर्थन दिया।

प्रतिनिधिमंडल ने आशा व्यक्त की है कि जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए क्षेत्र की जनता को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

संविधान दिवस पर करमहां के अमृत सरोवर पर गोष्ठी, डीएम ने किया मतदाता जागरुकता और किसान हितों पर संवाद

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। संविधान दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत करमहां स्थित अमृत सरोवर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विशेष गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर संविधान के महत्व, मतदाता जागरूकता और किसान कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान लोकसत्ता का प्रतीक है, जिसने प्रत्येक नागरिक को वोट का अधिकार देकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। उन्होंने कहा कि मताधिकार का सही उपयोग तभी संभव है जब मतदाता सूची शुद्ध और अद्यतन हो। इसी उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर अभियान संचालित किया जा रहा है। डीएम ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने–अपने बीएलओ से गणना प्रपत्र प्राप्त कर सही-सही भरकर समय से जमा करें, ताकि त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जा सके।
पराली जलाने के नुकसान पर उन्होंने कहा कि इससे न केवल पर्यावरण बल्कि किसानों के खेतों की उर्वरता भी प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि पराली जलाने पर न्यायपालिका और सरकार दोनों की तरफ से सख्त कार्यवाही का प्रावधान है। उन्होंने किसानों को पराली न जलाने की शपथ भी दिलाई।उन्होंने सभी किसानों को फॉर्मर रजिस्ट्री के महत्व से भी अवगत कराया और कहा कि भविष्य में कृषक से जुड़ी सारी योजनाएं फॉर्मर आईडी से लिंक होंगी, ऐसे में पंजीकरण न कराने वाले किसान योजनाओं से वंचित हो सकते हैं।इसके साथ ही डीएम ने विशेष आयुष्मान कैंप के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि 05 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज हेतु आयुष्मान कार्ड बनवाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि 25 दिसंबर तक चलने वाले विशेष अभियान के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और स्वास्थ्य विभाग की सूची में शामिल लाभार्थियों के कार्ड बनाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ कराया तथा स्वच्छता शपथ दिलाई। मुख्य विकास अधिकारी ने लोगों को मौलिक कर्तव्यों का पाठ कराया। इससे पूर्व सूचना एवं संस्कृति विभाग के कलाकारों ने संविधान दिवस पर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी बी.एन. कन्नौजिया, परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी, डीसी मनरेगा गौरवेंद्र सिंह, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहें।

समतामूलक समाज की स्थापना में संविधान की महत्वपूर्ण भूमिका: अपर जिला जज

समतामूलक समाज की स्थापना में संविधान की भूमिका पर गोष्ठी सम्पन्न

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय स्थित पी.डी. लॉ कॉलेज तथा प्रभा देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद में संविधान दिवस के अवसर पर “समतामूलक समाज में संविधान की भूमिका” विषयक विचार गोष्ठी आयोजित की गई। यह आयोजन जनपद न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अपर जनपद न्यायाधीश देवेन्द्र नाथ गोस्वामी ने कहा कि संविधान मात्र एक ग्रंथ नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाला जीवन-मूल्यों का आधार है। उन्होंने कहा कि संविधान में निहित आदर्शों को केवल याद करने की ही नहीं, बल्कि उन्हें आचरण में उतारने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “जब किसी गैर-संवैधानिक कार्य को देखकर मन में बेचैनी उत्पन्न हो, वहीं से विधि-चेतना की वास्तविक शुरुआत होती है।”
मुख्य अतिथि ने विधि के विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण विधिक परामर्श दिए और आवश्यकता पड़ने पर हर संभव सहायता का आश्वासन भी प्रदान किया।


अधिवक्ता अनंजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि “हम भारत के लोग” से प्रारंभ होने वाला हमारा संविधान समतामूलक समाज की भावना पर आधारित है। संविधान न्याय के आधार पर संचालित होता है और किसी भी भेदभाव या पूर्वाग्रह की अनुमति नहीं देता। उन्होंने आगामी 13 दिसंबर को आयोजित होने वाली लोक अदालत, टोल-फ्री नंबर 15100, तथा ‘न्याय मार्ग’ ऐप के उपयोग पर भी प्रकाश डाला।
पी.डी. लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश कुमार ने अतिथियों का परिचय कराते हुए संविधान में निहित विशेष प्रावधानों पर छात्रों के साथ सार्थक संवाद किया।
प्रभा देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने आभार ज्ञापन करते हुए संविधान के अनुच्छेद 15 से 18 तक की महत्वपूर्ण व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि ये अनुच्छेद भेदभावरहित एवं समतामूलक समाज की स्थापना के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
इस अवसर पर डॉ. अमरनाथ पाण्डेय, सीमा पाण्डेय, सुनीता गौतम, शाहिदा खातून, पूनम उपाध्याय, शक्ति उपाध्याय, प्रेमनाथ विश्वकर्मा, अर्चना निषाद, प्रशंसा श्रीवास्तव, सिकंदर कुमार सहित चंद्रेश, अनुराग, दीपक, यूसुफ, नेहा, साक्षी, अनुराधा, खुशी, मंतशा आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

प्रमुख सचिव ने किया खोराबार क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण

वॉटरलॉगिंग–फ्री बनाने पर जोर, नगर निगम में की समीक्षा

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l बुधवार को प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग पी. गुरुप्रसाद ने खोराबार क्षेत्र के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों—कल्याण मंडपम, खोराबार मेडिसिटी, तकिया घाट क्षेत्र—का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने नगर निगम गोरखपुर में विस्तृत समीक्षा बैठक की, जिसमें शहर में चल रहे विकास कार्यों, नाला निर्माण, जल निकासी व्यवस्था और अर्बन फ्लड मैनेजमेंट से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार, जीएम जलकल रघुवेंद्र कुमार, मुख्य अभियंता अमित शर्मा, लेखा अधिकारी नागेंद्र सिंह, सहित नगर निगम, जीडीए और जलकल विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल (UFMC) की प्रस्तुति

गोरखपुर को बाढ़–रोधी और जलभराव–मुक्त बनाने की दिशा में मजबूत पहल

नगर निगम द्वारा प्रमुख सचिव के समक्ष Urban Flood Management Cell (UFMC) की विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
इस प्रस्तुति का मुख्य उद्देश्य—

गोरखपुर को फ्लड रेजिलिएंट बनाना

वॉटरलॉगिंग से स्थायी राहत दिलाना

स्मार्ट ड्रेनेज नेटवर्क तैयार करना

नालों, पंप हाउस, जल निकासी ढांचों का आधुनिकीकरण करना

प्रमुख सचिव ने कहा कि गोरखपुर में जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए दीर्घकालिक और तकनीकी दृष्टिकोण जरूरी है। UFMC द्वारा तैयार की गई योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए।

तकिया घाट पर जल शोधन संयंत्र पर चर्चा

स्थायी जल गुणवत्ता सुधार पर जोर

तकिया घाट क्षेत्र के निरीक्षण में प्रमुख सचिव ने जल शोधन संयंत्र की कार्यप्रणाली और भविष्य की जरूरतों पर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि—नदी व नाले के संगम बिंदुओं पर प्रदूषण रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता हो जल शोधन संयंत्रों की क्षमता बढ़ाई जाए पुराने उपकरणों को बदलकर आधुनिक मशीनरी लगाई जाए

गौड़धोइया नाला— निर्माण कार्य प्रगति पर

अतिक्रमण हटाकर तेजी से चल रहा निर्माण, बारिश में मिलेगी राहत

बैठक में शहर के अहम जल निकासी ढांचों की चर्चा के दौरान गौड़धोइया नाला पर विशेष फोकस रहा। अधिकारियों ने प्रमुख सचिव को बताया कि गौड़धोइया नाले का निर्माण कार्य वर्तमान में तेजी से चल रहा है।
मजबूती के लिए कंक्रीट संरचना का प्रयोग किया जा रहा है।
भविष्य की भारी वर्षा को ध्यान में रखते हुए नाले की क्षमता बढ़ाई गई है,नाले के किनारे अभियान चलाकर अतिक्रमण पूरी तरह हटाया जा चुका है।

निर्माण कार्य समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है

प्रमुख सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि नाले का निर्माण गुणवत्तापूर्ण हो और किसी भी स्थिति में कार्य में ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि यह नाला शहर की जल निकासी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसका निर्माण समय पर और मानकों के अनुसार पूरा होना अनिवार्य है।

नगर निगम के चल रहे कार्यों पर विस्तृत समीक्षा

सफाई, ड्रेनेज, निर्माण कार्य, सड़क सुधार पर विस्तृत चर्चा

प्रमुख सचिव ने नगर निगम द्वारा संचालित सभी प्रमुख अभियानों और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि—
नालों की डी–सिल्टिंग समय से पहले की जाए जहां जलभराव की समस्या बार–बार आती है, वहां स्थायी समाधान तैयार किया जाए सड़क किनारे और नालों के आसपास किसी तरह का अतिक्रमण न रहे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को बढ़ावा दिया जाए जलकल विभाग आपूर्ति और निकासी दोनों की सतत मॉनिटरिंग करे
नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम लगातार मशीनरी और मानव संसाधन की बढ़ोत्तरी कर रहा है। रियल–टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है ताकि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में पानी भरने की समस्या हो तो उसका तुरंत समाधान किया जा सके।

साइट निरीक्षण में मिली कई महत्वपूर्ण जानकारी

मेडिसिटी क्षेत्र के लिए विशेष योजना बनाने के निर्देश

खोराबार मेडिसिटी क्षेत्र के निरीक्षण में प्रमुख सचिव ने कहा कि इस क्षेत्र को भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए विशेष मास्टर प्लान की अवधारणा के साथ विकसित किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि—

मुख्य सड़कों के साथ–साथ आंतरिक मार्ग भी मजबूत किए जाएं स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज नेटवर्क को प्राथमिकता दी जाए हरित क्षेत्र को बढ़ाया जाए

प्रमुख सचिव का निर्देश—“गोरखपुर जलभराव–मुक्त शहर बने

समयबद्ध कार्य पूरा करने और सतर्कता बढ़ाने का आदेश

बैठक के अंत में प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि—शहर में जलभराव रोकने के सभी कार्य समय पर पूरे हों टेक्निकल निगरानी बढ़ाई जाए सभी विभाग आपस में समन्वय बनाए रखें मानसून पूर्व ड्रेनेज तैयारी की संयुक्त समीक्षा अनिवार्य हो।
उन्होंने कहा कि अर्बन फ्लड मैनेजमेंट मॉडल सफल हुआ तो गोरखपुर प्रदेश के अन्य नगर निगमों के लिए उदाहरण बनेगा।

संविधान दिवस पर एडीएम ने दिलाई उद्देशिका की शपथ

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l संविधान दिवस 2025 के अवसर पर बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित पर्यटन भवन सभागार में संविधान की उद्देशिका का सामूहिक शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एडीएम प्रशासन ने की। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान की प्रति के साथ उद्देशिका की शपथ दिलाई और कहा कि संविधान सर्वोच्च है, इसकी भावना के अनुरूप कार्य करना हमारा सर्वोपरि कर्तव्य है।
इस अवसर पर एडीएम प्रशासन सहदेव मिश्र, एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसीएम द्वितीय राजू कुमार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश कुमार सिंह सहित समस्त कलेक्ट्रेट प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने संविधान में वर्णित समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुता जैसे मूल्यों को अपने कार्यों में उतारने का संकल्प लिया। कलेक्ट्रेट में आयोजित यह आयोजन राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति सभी को जागरूक करने का संदेश देता रहा।

मोहन सेतु जल्द पूरा नहीं हुआ तो पद यात्रा कर सरकार को जगाने का कार्य करेगी कांग्रेस -रविप्रताप सिंह

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l तहसील स्थित मोहन- सेतु के निर्माण को जल्द से जल्द पूरा करने के सम्बन्ध में अखिल भारतीय काग्रेस के तत्वाधान में धरना-प्रदर्शन।
बताते चले कि आखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के स्थानीय कांग्रेस जन बुधवार को दिन में 10 बजे से मोहन सेतु सम्पर्क मार्ग के तिराहे पर,कांग्रेस प्रवक्ता रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में अधूरे मोहन-सेत’ के निर्माण को पूरा कराने के लिए सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौपा गया। ज्ञापन प्रेसित करते हुए रविप्रताप सिंह ने कहाँ कि
कांग्रेस कमेटी विधान सभा बरहज मुख्य मन्त्री योगी आदित्यनाथ से मांग करती है कि एक दशक से अधूरे पड़े ‘मोहन सेतु का तत्काल निर्माण कार्य प्रारम्भ कर जल्द से जल्द पूरा किया जाय ताकि दो से अधिक जनपद वासियो का आवागमन सुचारु रूप हो सके।
उन्होंने कहा कि उपरोक्त मांग पूरी न होने पर हम कांग्रेस जन जनहित में धरना-प्रदर्शन, जन सभा एवं पद यात्रा करने के लिए बाध्य होगे,जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होंगी। उन्होंने कहा कि मोहन सेतु आज वर्षो से उपेक्षा का शिकार है, अगर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो बरहज विधानसभा क्षेत्र कि जनता के साथ पद यात्रा कर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को जगाने का कार्य करेगा कांग्रेस। पार्टी प्रवक्ता रविप्रताप सिंह ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओ संग तहसील पहुँच कर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौपा। इस दौरान जितेंद्र जायसवाल, भोला तिवारी, राधारमण पाण्डेय, रविप्रकाश तिवारी, डॉ शैलेन्द्र जायसवाल, मुकेश सिंह, कैलाश शर्मा(शिव सेना )शिवकुमार सिंह, वृजेश सिंह, जियाउद्दीन अंसारी, नागेंद्र शुक्ल, विजय शंकर मिश्र, सूर्य प्रताप सिंह, राजेश प्रसाद, अखिलेश सिंह, दुर्गेश कुमार अखिलानन्द तिवारी, राजेंद्र तिवारी सहित आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

भाजपाइयों का बूथ स्तर पर संगठन को सुदृढ़ करने पर जोर

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय जनता पार्टी सलेमपुर मंडल की बैठक मंडल कार्यालय पर संपन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुनीत यादव ने की, जिन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्य अतिथि भाजपा जिला मंत्री अभिषेक जायसवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सभी बूथों के कार्यकर्ता सेक्टर स्तर पर सही नाम जोड़ने में तेजी लाएं। उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा, लोकसभा, नगर पालिका और नगर पंचायत के चुनाव एक ही मतदाता सूची के आधार पर होंगे, इसलिए मतदाता सूची को मजबूत बनाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर कार्य के अंतर्गत सभी फॉर्म 4 दिसंबर तक एकत्र कर लिए जाएंगे। वरिष्ठ नेताओं के सहयोग से अधिक से अधिक फॉर्म जमा कराने पर बल दिया गया।

बैठक में त्रिपुणायक विश्वकर्मा, शेषनाथ भाई, बचन देव गोंड, जटाशंकर दुबे, अखिलेश कुमार, धनंजय चतुर्वेदी, अनूप उपाध्याय, राजेश रौनियार, प्रतीक मिश्रा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

संविधान दिवस पर विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम, छात्रों ने किया सामूहिक संकल्प

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। सलेमपुर क्षेत्र के एक विद्यालय में बुधवार को संविधान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रबंधन और स्टाफ द्वारा भारतीय संविधान के निर्माणकर्ता को नमन करते हुए उनके चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर सभी ने संविधान निर्माण में किए गए योगदान को स्मरण करते हुए राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में विद्यालय के हिंदी विभाग के एक वरिष्ठ शिक्षक द्वारा छात्रों को संविधान की महत्ता, उसकी प्रस्तावना, उद्देश्यों और देश के नागरिकों को प्राप्त मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक भावना और मूल आदर्शों का मार्गदर्शक है, जिसे हर नागरिक को समझना और जीवन में उतारना आवश्यक है।

इसके बाद विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया। छात्रों ने संविधान पर आधारित भाषण, निबंध और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्रों द्वारा तैयार किए गए पोस्टरों में राष्ट्रीय एकता, समानता, न्याय और स्वतंत्रता जैसे मूल्यों को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने बच्चों को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के साथ-साथ उनके कर्तव्यों को गंभीरता से निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है जब नागरिक संविधान की भावना को आत्मसात करें और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखें।

कार्यक्रम में विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं, शिक्षक एवं सम्पूर्ण विद्यालय परिवार उपस्थित रहा। सभी ने संविधान दिवस मनाने के उद्देश्य और उसके महत्व पर चर्चा करते हुए देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत बनाए रखने का संकल्प दोहराया।

विदित हो कि हर वर्ष 26 नवंबर को भारत में संविधान दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1949 में संविधान सभा ने भारतीय संविधान को औपचारिक रूप से अपनाया था, जिसे 26 जनवरी 1950 से पूरे देश में लागू किया गया। संविधान दिवस का उद्देश्य नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ते हुए राष्ट्र के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाना है।

संविधान दिवस पर शिलापट्ट का उदघाटन जिला जज द्वारा किया गया

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा )माननीय उ0 प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,लखनऊ द्वारा प्राप्त निर्देशों के अनुक्रम में दिनांक 26.11.2025 को संविधान दिवस के अवसर पर दीवानी न्यायालय परिसर में संविधान की प्रस्तावना के शिलापट्ट का उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन एवं संविधान की प्रस्तावना का पाठन, माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,मऊ डा0 बाल मुकुन्द द्वारा कराया गया जिसमें न्यायिक अधिकारीगण,अधिवक्तागण एवं कर्मचारीगण द्वारा प्रतिभाग किया गया। उक्त अवसर के उपलक्ष्य में दीवानी न्यायालय परिसर में संविधान की प्रर्दशनी का भी आयोजन किया गया।
अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,मऊ बाकर शमीम रिजवी ने अवगत कराया कि संविधान दिवस के अवसर पर समस्त तहसील विधिक सेवा समिति, जिला कारागार, मऊ , राजकीय सम्प्रेक्षण गृह एवं जगरुप यादव स्मारक विधि महाविद्यालय, इन्दारा, मऊ में संविधान की प्रस्तावना का पाठन तथा संगोष्ठी का आयोजन किया गया है।

संविधान दिवस पर जिला गंगा समिति, मऊ द्वारा भव्य कार्यक्रम का हुआ आयोजन

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा )संविधान दिवस के अवसर पर जिला गंगा समिति, मऊ द्वारा आलिया गर्ल्स इंटर कॉलेज, आईटीआई तथा एस. के. डी पब्लिक स्कूल, रेवरीडीह में भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ कराया गया। इस कार्यक्रम में 3,000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परियोजना अधिकारी, नमामि गंगे डॉ. हेमंत कुमार यादव ने कहा कि भारत आज एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य है क्योंकि हमारे पास एक सशक्त और समावेशी संविधान है। संविधान ही वह आधार है जो प्रत्येक नागरिक को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के साथ-साथ विचार, अभिव्यक्ति, आस्था और उपासना की स्वतंत्रता प्रदान करता है।
डॉ. यादव ने कहा कि आज भारतीय वैज्ञानिक विश्व मंच पर अपना परचम लहरा रहे हैं, किसानों के बेटों से लेकर सामान्य परिवारों के युवाओं तक हर नागरिक को अपनी प्रतिभा और क्षमता के बल पर आगे बढ़ने का अवसर संविधान ही प्रदान करता है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, जिला कलेक्टर जैसे उच्च पदों पर पहुंचने की प्रेरणा और अधिकार हमारे संविधान की देन है। शिक्षा, रोजगार और अपने जनप्रतिनिधि चुनने का अधिकार भी इसी संविधान की उपज है।
उन्होंने यह भी कहा कि कठिन समय में हम सभी बंधुत्व, एकता और सौहार्द के सूत्र में बंध जाते हैं, क्योंकि संविधान हमें एकजुट रहने का मार्ग दिखाता है। संविधान हमें देश के आंतरिक मुद्दों पर निर्णय लेने की शक्ति देता है और हमें सजग, सक्षम एवं संस्कारित नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में मरियम, योगेंद्र यादव, धर्मेंद्र यादव, शाहिद सहित कई शिक्षक व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती पर मऊ में निकली पदयात्रा

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आज नगर में पदयात्रा का आयोजन किया गया, यह यात्रा मिर्ज़ादीपुरा चौक से डी.ए.वी. इंटर कॉलेज, श्री दयानन्द विद्या मंदिर संस्कृत महाविद्यालय, सदर चौक, मुस्लिम इंटर कॉलेज, रेलवे फाटक, डाक बंगला मऊ, सोनी धापा इंटर कॉलेज, डी.सी.एस.के. पी.जी. कॉलेज, एवं आज़मगढ़ मोड़ से होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा गाजीपुर तिराहा पर संपन्न हुई , यात्रा का नेतृत्व मुख्य अतिथि गिरीश चंद यादव , प्रभारी मंत्री ने किया , संचालन व्यवस्था जिले के उपाध्यक्ष आनंद प्रताप सिंह ने किया, यात्रा समापन के उपरांत गाजीपुर तिराहा स्थित सरदार पटेल जी की प्रतिमा के समक्ष प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए सरदार पटेल के आजादी के योगदान , आजादी के बाद कई रियासतें जो भारत में नहीं मिलना चाहती थीं सरदार पटेल की सूझ बूझ एवं कूटनीति से वे सब कैसे भारत का हिस्सा बने इसके बारे में विस्तारपूर्वक उपस्थित लोगों को बताया गया एवं युवाओ से अपील की कि सरदार पटेल के पद चिन्हों पर चलने का काम करें एवं एक भारत श्रेष्ठ भारत के नारे के साथ अपने संबोधन को समाप्त किया, इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रामश्रय मौर्य जिलाध्यक भाजपा, जिला मंत्री राघवेंद्र राय शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह, सचिंद्र सिंह, प्रतीक जायसवाल, यशपाल सिंह, आकाश मल्ल, अर्पित उपाध्याय , मीडिया प्रभारी फैसल अब्बासी , दीपू चौरसिया आदि उपस्थित रहेl

संविधान दिवस पर जेएलएन पीजी कॉलेज में विचार गोष्ठी, युवाओं ने समझी संविधान की असली शक्ति

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी कॉलेज, महराजगंज में बुधवार को संविधान दिवस बड़े ही सम्मान और अनुशासन के साथ मनाया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयों—सतपुड़ा, विन्ध्यांचल और शिवालिक—के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विशेष संगोष्ठी में संविधान की आत्मा, नागरिक अधिकारों, कर्तव्यों और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को संविधान की नींव और उसके महत्व से अवगत कराना था।
समारोह का शुभारंभ भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार मिश्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संविधान दुनिया के सबसे समावेशी और संतुलित संविधानों में अग्रणी है, जो नागरिकों को समानता, न्याय और स्वतंत्रता के अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान के प्रति सम्मान और राष्ट्रहित में कर्तव्य पालन का संदेश दिया।
इसके बाद प्रो. धर्मेंद्र कुमार सोनकर, डॉ. राहुल सिंह, दिवाकर सिंह, डॉ. छट्ठू यादव, डॉ. अशोक कुमार वर्मा और डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव ने संविधान निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा, बाबा साहेब के योगदान और आधुनिक भारत में संविधान की भूमिका पर अपने विचार प्रस्तुत किए। शिक्षकों ने कहा कि संविधान केवल कानूनों का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक भविष्य का मार्गदर्शक है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र- छात्राओं ने भाग लिया और संविधान की प्रस्तावना तथा मौलिक अधिकारों पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि युवा यदि संविधान के मूल्यों को व्यवहार में उतारें, तो राष्ट्र विकास की दिशा और मजबूत हो सकती है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पीयूष कुमार जायसवाल ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मिथलेश कुमार चौधरी ने किया। एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका ने कार्यक्रम को सफल और यादगार बनाया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।