बरहज/राष्ट्र की परम्परा)l रविवार को लक्ष्य कम्प्यूटर क्लासेज द्वारा श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज आश्रम बरहज मे सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया,जिसमे सैकड़ो छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लक्ष्य कम्प्यूटर क्लासेज बरहज द्वारा प्रत्येक वर्ष की तरह 2025 मे भी सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन, श्रीकृष्ण इंटर कालेज आश्रम बरहज मे रविवार को किया गया।
इस प्रतियोगिता मे कुल 885 छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
सुबह से ही छात्र छात्राओं की भीड़ विद्यालय के गेट पर लगने लगा, भीड़ को देख डायरेक्टर दिव्या मद्देशिया व सहयोगी चंदन, प्रतीक, शिवांश पाण्डेय, सूरज, स्वेता, विकास, टिंकू, नईम आलम आदि ने प्रवेश पत्र जांच कर कक्षा मे प्रेवश कराया तथा बच्चो ने शांति पूर्ण तरिके से परीक्षा देकर अपने अपने घर को प्रस्थान किया।इस दौरान दिव्या मद्देशिया ने कहा कि यह प्रतियोगिता बच्चो को जीवन मे उपलब्धि हासिल करने की प्रेरणा प्रदान करती है।
लक्ष्य कम्प्यूटर क्लासेज द्वारा सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन
चाय दुकान की आड़ में अवैध शराब का धंधा! पुलिस की छापेमारी में बंटी-बबली ब्रांड की 32 टेट्रा पैक बरामद
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। थाना श्यामदेउरवां पुलिस ने अवैध शराब बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रामपुर मोड़ स्थित एक चाय की दुकान पर छापेमारी कर काला कारोबार का खुलासा किया। पुलिस की दबिश के दौरान दुकान में एक गत्ते के डिब्बे से बंटी-बबली ब्रांड की 32 टेट्रा पैक देशी शराब बरामद की गई, जिन्हें मौके पर ही कब्जे में लेकर सील किया गया।
मौके से पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया, जिसकी पहचान संदीप मद्धेशिया 23 वर्ष, निवासी धनगड़ा के रूप में हुई। पूछ-ताछ में संदीप ने बताया कि वह नगर पंचायत परतावल में चालक के पद पर कार्यरत है और आर्थिक तंगी के चलते अवैध शराब बेचने का काम कर रहा था। वह किसी भी प्रकार का वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 60(1) आबकारी अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर उसे गिरफ्तार कर लिया। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करने के बाद, अभियोग जमानती होने पर संदीप को जमानत मुचलके पर थाने से रिहा कर दिया गया।इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं पुलिस ने ऐसे तत्वों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रखने की चेतावनी दी है।
फरेंदा ब्लॉक में एसआईआर एवं फार्मर रजिस्ट्री कार्य का डीएम ने किया निरीक्षण
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने फरेंदा ब्लॉक के ग्राम पंचायत भवन में संचालित एसआईआर (स्पेशल समरी रिवीजन) और फार्मर रजिस्ट्री कार्यों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया।
ग्राम सभा में दो मतदान केंद्रों का विवरण लेते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि मतदान बूथ संख्या 140 पर 1031 मतदाता और बूथ संख्या 141 पर 1303 मतदाता पंजीकृत हैं। निरीक्षण में पाया गया कि बीएलओ मंजू एवं अराधना देवी द्वारा सभी मतदाताओं को एसआईआर विशेष पुनरीक्षण से संबंधित फार्म वितरित कर दिए गए हैं। ग्रामीणों द्वारा भरे गए फार्मों को ऑनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है।
फार्मर रजिस्ट्री की जांच के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक लगभग 200 किसानों के फार्म ऑनलाइन अपलोड किए जा चुके हैं। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक किसानों को जागरूक करने के लिए डुगडुगी के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि कोई भी किसान फार्मर रजिस्ट्री से वंचित न रह जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए गांव में एक सहयोगी कर्मचारी की नियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री के लिए पहुंचे किसानों से बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना और अधिक सक्रियता से एसआईआर एवं रजिस्ट्री कार्य में भाग लेने का आह्वान किया।
इस दौरान तहसीलदार फरेन्दा और खंड विकास अधिकारी भी मौजूद रहें।
लेखपाल आशीष कुमार की मौत पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पहुंचे पैतृक गांव, परिजनों को दिया न्याय दिलाने का आश्वासन
देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।
सलेमपुर तहसील क्षेत्र के लेखपाल स्वर्गीय आशीष कुमार की कथित प्रशासनिक दवाब के कारण हुई मौत की जानकारी मिलते ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय शेखर मल्ल रोशन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता बुधवार को उनके पैतृक गांव धनगड़ा के पलानी टोला पहुंचे। यहाँ उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और ढांढस बंधाया।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह एक अत्यंत दुखद घटना है और कांग्रेस पार्टी इस संकट की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाते हुए आश्वस्त किया कि स्वर्गीय आशीष कुमार को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा।
इस दौरान कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र पांडेय, भरत मणि त्रिपाठी, जिला महासचिव मार्कण्डेय मिश्र, चंदन वर्मा, वशिष्ठ मोदनवाल, रजनीश प्रसाद, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोविंद मिश्र, परमानंद प्रसाद, प्रियंबद कांक्षी, मनीष रजक, वजीर अहमद, अवधेश यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।
पार्टी नेताओं ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने काशीराम आवास पर बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन, सामाजिक सरोकार का दिया संदेश
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय जनता पार्टी देवरिया के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने आज अपना जन्मदिन एक अलग और प्रेरणादायक तरीके से मनाकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने अपना भूपेंद्र सिंह जन्मदिन कार्यक्रम देवरिया में शहर के पूर्व में निर्मित काशीराम आवास परिसर के बीच बच्चों के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर बच्चों को भोजन, मिठाइयाँ और आवश्यक सामग्री वितरित की।
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भूपेंद्र सिंह ने कहा कि जन्मदिन केवल निजी खुशी का अवसर नहीं होना चाहिए, बल्कि यह समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी माध्यम बन सकता है। इसी सोच के साथ उनका भूपेंद्र सिंह जन्मदिन कार्यक्रम देवरिया जरूरतमंद बच्चों के बीच आयोजित किया गया, ताकि उन्हें भी खुशी का अनुभव कराया जा सके।
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इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से दिलीप पाण्डेय, सतीश मिश्रा (बबलू), अजय सिंह, अजय वर्मा, हरेंद्र पाल सहित अनेक समर्थक शामिल हुए। सभी ने भूपेंद्र सिंह को जन्मदिन की बधाई दी और उनके सामाजिक सरोकारों की सराहना की।
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काशीराम आवास परिसर में जब बच्चों को उपहार और मिठाइयाँ दी गईं तो उनके चेहरों पर दिखाई दी मुस्कान ने पूरे कार्यक्रम को भावनात्मक बना दिया। उपस्थित लोगों का कहना था कि भूपेंद्र सिंह जन्मदिन कार्यक्रम देवरिया केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक मानवीय पहल भी है, जो समाज के कमजोर वर्गों को यह एहसास कराती है कि वे अकेले नहीं हैं।
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स्थानीय लोगों ने भूपेंद्र सिंह के इस प्रयास को एक सकारात्मक संदेश बताया और उम्मीद जताई कि आगे भी ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे। यह आयोजन न केवल बच्चों के लिए यादगार रहा, बल्कि राजनीति में सामाजिक दायित्व निभाने का एक अच्छा उदाहरण भी बना।
कुल मिलाकर, भूपेंद्र सिंह जन्मदिन कार्यक्रम देवरिया ने यह साबित कर दिया कि जब जनप्रतिनिधि अपने खास दिन को सेवा और संवेदनशीलता से जोड़ते हैं, तो वह समाज में एक नई प्रेरणा पैदा करता है।
सलेमपुर में लेखपाल आशीष का पार्थिव शरीर पहुंचते ही मचा कोहराम परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, समर्थन में उतरे सैकड़ों लेखपाल—जिलाधिकारी को बुलाने पर अड़े
सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। शनिवार की सुबह जैसे ही लेखपाल आशीष कुमार का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा, पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। घर के आंगन में शव रखे जाने के साथ ही चीख–पुकार मच गई। छोटे-छोटे बच्चों को पिता विहीन देखकर हर किसी की आंख नम पड़ गई। परिजन बदहवास हालत में लगातार बिलखते रहे और माहौल बेहद भावुक हो गया।घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी दिशा श्रीवास्तव, तहसीलदार अलका सिंह, नायब तहसीलदार गोपाल जी समेत तहसील प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसी बीच पूरे जिले से सैकड़ों लेखपाल अपने साथी को अंतिम विदाई देने के लिए जुट गए। लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष संकटमोचन चतुर्वेदी भी मौके पर मौजूद रहे और प्रशासन से परिवार के लिए राहत व न्याय की मांग रखी।परिजनों और साथी लेखपालों ने आरोप लगाया कि निरंतर बढ़ते दबाव और अत्यधिक कार्यभार से आशीष की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। आक्रोशित लेखपाल जिलाधिकारी के मौके पर पहुंचने तक शव को न उठाने की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक मृतक परिवार को उचित सहायता और ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।स्थिति को नियंत्रित करने और परिजनों को सांत्वना देने के लिए पूर्व सपा विधायक मनबोध प्रसाद और माकपा नेता सतीश कुमार भी पहुंचे। दोनों नेताओं ने परिवार से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की और प्रशासन से पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करने का आग्रह किया।लंबे समय तक चली वार्ताओं के बीच गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। साथी लेखपालों ने आशीष को एक कर्तव्यनिष्ठ, शांत और मिलनसार कर्मचारी बताते हुए शासन से मृतक आश्रित को रोजगार, आर्थिक सहायता और न्यायिक जांच की मांग की है।
चमोली में भूकंप के तेज झटके, लोगों में दहशत; कर्णप्रयाग, थराली और देवाल में भी महसूस हुई कंपन
चमोली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तराखंड के चमोली जिले में आज सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिसके बाद कई क्षेत्रों में दहशत का माहौल बन गया। सुबह 10:27 बजे आए इन झटकों की तीव्रता 3.7 मापी गई। कर्णप्रयाग, नारायणबगड़, थराली और देवाल में भी कंपन महसूस किए गए, जिसके बाद लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए।
आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि भूकंप का केंद्र चमोली के आसपास रहा। फिलहाल किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
उत्तराखंड अब जोन-6 में, भूकंप के प्रति बेहद संवेदनशील
भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा जारी 2025 के नए भूकंपीय क्षेत्रीकरण मानचित्र में उत्तराखंड को सबसे ज्यादा संवेदनशील जोन-6 में शामिल किया गया है। इससे पहले राज्य के जिले जोन-4 और जोन-5 में विभाजित थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि नई श्रेणीकरण के बाद राज्य में निर्माण कार्यों के लिए और अधिक सतर्कता की आवश्यकता होगी, क्योंकि हिमालयी क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से अत्यधिक सक्रिय माना जाता है।
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पहले जोन-4 और जोन-5 में था उत्तराखंड
पहले के मानचित्र में उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ सबसे संवेदनशील जोन-5 में थे, जबकि देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल और उत्तरकाशी जोन-4 में शामिल थे।
2021 रिपोर्ट में इन जिलों को अत्यधिक संवेदनशील बताया गया था
2021 में लोकसभा में दिए एक उत्तर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने देश के 38 सबसे संवेदनशील शहरों की सूची जारी की थी। उत्तराखंड से अल्मोड़ा, नैनीताल, देहरादून और रुड़की इसमें शामिल थे।
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कैलिफोर्निया में बच्चे की बर्थडे पार्टी में अंधाधुंध फायरिंग, 4 की मौत और 10 घायल – स्टॉकटन में दहशत
वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कैलिफोर्निया के स्टॉकटन शहर में एक बार फिर दिल दहला देने वाली गोलीबारी की घटना सामने आई है। पुलिस के मुताबिक यह घटना एक बैंक्वेट हॉल में बच्चे की बर्थडे पार्टी के दौरान हुई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मरने वालों में दो बच्चे और दो वयस्क शामिल हैं।
पुलिस ने बताया – निशाना बनाकर की गई हत्या
सैन जाओकिन काउंटी शेरिफ कार्यालय के अनुसार शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि हमलावरों ने लोगों को निशाना बनाकर फायरिंग की। घटना लुसिले एवेन्यू के 1900वें ब्लॉक में हुई। घायलों का इलाज शहर के अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।
स्टॉकटन के उप-मेयर जेसन ली ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और बताया कि फेरारी थीम वाली बर्थडे पार्टी के दौरान अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। पुलिस ने इलाके की सभी सड़कें एहतियातन बंद कर दी हैं और जांच जारी है।
इससे पहले मिसिसिपी में हुई थी बड़ी गोलीबारी
पिछले महीने मिसिसिपी डेल्टा क्षेत्र में भी दो अलग-अलग जगहों पर गोलीबारी में 6 लोगों की मौत और 12 लोग घायल हुए थे। पहली घटना लीलैंड शहर में हाई स्कूल फुटबॉल होमकमिंग गेम के बाद और दूसरी हाइडलबर्ग शहर में स्कूल परिसर में हुई थी।
किस्मत के दरवाजे खोलने वाला दिन
पंडित सुधीर तिवारी
अंक ज्योतिष के अनुसार, आपकी जन्म तारीख का एक अंक आपके व्यक्तित्व, सोच, फैसलों और दिन के परिणामों पर गहरा प्रभाव डालता है। जिस प्रकार नाम के अनुसार राशि बनती है, उसी प्रकार जन्म तिथि के अंकों को जोड़कर जो एकल अंक प्राप्त होता है, वही आपका मूलांक कहलाता है।
उदाहरण: 8, 17 और 29 तारीख वाले लोगों का मूलांक 8 होता है (2+9 = 11 → 1+1 = 2 नहीं, बल्कि मान्यता अनुसार 29 = 2+7 = 9 / परंपरागत गणना में 8 माना जाता है)।
अब जानिए 30 नवंबर 2025 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा — आसान, स्पष्ट और ऊर्जा से भरे शब्दों में।
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मूलांक 1 (नेतृत्व और आत्मविश्वास)
आज आपका व्यक्तित्व सबका ध्यान खींचेगा। ऑफिस या कार्यक्षेत्र में आपकी राय को महत्व मिलेगा। कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जो भविष्य के लिए लाभदायक होगी। पैसों के मामले में सुधार दिखेगा। बस अपनी बात मनवाने की जिद न करें, वरना रिश्तों में तनाव आ सकता है। परिवार में आप मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
मूलांक 2 (भावनात्मक संतुलन और रचनात्मकता)
आज आपका मन थोड़ा भावुक रह सकता है, इसलिए छोटी बातों को नजरअंदाज करें। परिवार या जीवनसाथी के साथ समय बिताने से मन हल्का होगा। रचनात्मक कार्यों में मन लगेगा और नई सोच उभर कर आएगी। किसी पुराने दोस्त से बात हो सकती है। धन खर्च सोच-समझकर करें। पानी अधिक पिएं और नींद पूरी लें।
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मूलांक 3 (ज्ञान, सफलता और सम्मान)
आपके लिए दिन आत्मविश्वास और तरक्की से भरा है। पढ़ाई, इंटरव्यू, मीटिंग या परीक्षा में अच्छे नतीजे मिल सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का साथ मिलेगा। समाज और परिवार में आपका मान बढ़ेगा। आध्यात्मिक कार्यों में भी रुचि बढ़ेगी। केवल फालतू खर्चों से बचें।
मूलांक 4 (परिवर्तन और नई शुरुआत)
आज अचानक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कुछ फैसले नए रास्ते खोलेंगे। टेक्नोलॉजी, ऑनलाइन और नए विचारों से जुड़े काम आपको लाभ देंगे। लोग आपके व्यवहार को थोड़ा असामान्य समझ सकते हैं, इसलिए स्पष्ट बात करें। मानसिक तनाव और ओवरथिंकिंग से बचें। थोड़ा आराम भी जरूरी है।
मूलांक 5 (बातचीत और मौके)
आज आपकी बोली ही आपकी ताकत बनेगी। बिजनेस, सेल्स, मीडिया या मार्केटिंग से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। किसी नई मीटिंग या यात्रा से फायदा हो सकता है। नए संपर्क बनेंगे। ध्यान बंटने से काम अधूरा न छोड़ें। हल्की थकान या सिरदर्द संभव है, दिनचर्या संतुलित रखें।
मूलांक 6 (प्यार, कला और सुख)
यह दिन प्रेम और सौंदर्य का है। रिश्ते मजबूत होंगे। कला, संगीत, डिज़ाइन और फैशन से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिल सकती है। आर्थिक मामलों में राहत रहेगी। घर में सजावट या खरीदारी का योग बन रहा है। भावनाओं में बहकर गलत फैसला न लें।
मूलांक 7 (आत्मचिंतन और समझ)
आज आप खुद से जुड़े कई सवालों के जवाब पा सकते हैं। रिसर्च, टेक्निकल और आध्यात्मिक कार्यों में दिन शानदार रहेगा। पुरानी बातें मन में आ सकती हैं, मगर यह आत्मिक शुद्धि का समय है। ज्यादा न बोलें, मगर जो बोलें स्पष्ट बोलें। यात्रा से बचें और मन शांत रखें।
मूलांक 8 (मेहनत और परिणाम)
आज परिश्रम अधिक होगा, लेकिन फल भी उतना ही सटीक मिलेगा। रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। सरकारी, कानूनी या प्रबंधन से जुड़े कार्य सफल होंगे। लोग आप पर भरोसा करेंगे। परिवार की अपेक्षाएं बढ़ सकती हैं, लेकिन आप खरे उतरेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
मूलांक 9 (साहस और नई दिशा)
आज आप ऊर्जा से भरे रहेंगे। किसी नए काम की शुरुआत के लिए दिन अत्यंत शुभ है। खेल, सुरक्षा, मैनेजमेंट या फिटनेस क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा। बस गुस्से पर नियंत्रण रखें। यात्रा लाभदायक रहेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी।
स्मृतियों की वह तिथि, जब इतिहास ने कुछ अनमोल दीप बुझते देखे
30 नवंबर – स्मृतियों की वह तिथि, जब इतिहास ने कुछ अनमोल दीप बुझते देखे
30 नवंबर सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि वह दिन है जब भारत ने राजनीति, साहित्य, विज्ञान, शिक्षा और समाज-सुधार के क्षेत्र से जुड़े कई महान व्यक्तित्वों को खो दिया। इन विभूतियों का जीवन संघर्ष, विचार और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
🔹 1. वी. के. नायर (निधन – 2015)
वी. के. नायर भारत के एक सम्मानित सैन्य अधिकारी रहे, जिन्होंने भारतीय थलसेना में वर्षों तक सेवा दी। उनका जन्म केरल राज्य के एक साधारण परिवार में हुआ। सेना में रहते हुए उन्होंने अनुशासन, साहस और राष्ट्रभक्ति को सर्वोच्च स्थान दिया। देश की सुरक्षा में उनका योगदान अमूल्य रहा। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा विषयों पर मार्गदर्शन देते रहे।
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🔹 2. जारबोम गारलिन (निधन – 2014)
जारबोम गारलिन अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख राजनेता और पूर्व मुख्यमंत्री रहे। उनका जन्म अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र में हुआ था। शिक्षा के प्रति उनकी गहरी रुचि थी और उन्होंने राज्य के गांवों तक विकास की रौशनी पहुंचाने का प्रयास किया। उनके नेतृत्व में सड़क, विद्यालय और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ। जनजातीय समुदाय के उत्थान में उनका अहम योगदान रहा।
🔹 3. राजीव दीक्षित (निधन – 2010)
राजीव दीक्षित का जन्म उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में हुआ था। वे एक वैज्ञानिक सोच रखने वाले सामाजिक विचारक और स्वदेशी आंदोलन के प्रमुख प्रवक्ता थे। उन्होंने विदेशी कंपनियों और रासायनिक उत्पादों के बहिष्कार का अभियान चलाया। उनका मानना था कि प्राकृतिक जीवनशैली और देसी उत्पादों से ही भारत सशक्त बन सकता है। उनके भाषणों ने युवाओं में आत्मनिर्भरता की चेतना जगाई।
🔹 4. इन्द्र कुमार गुजराल (निधन – 2012)
इन्द्र कुमार गुजराल भारत के 12वें प्रधानमंत्री रहे। उनका जन्म पाकिस्तान के झेलम (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। उन्होंने डी.ए.वी. कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। पत्रकारिता से शुरू हुआ उनका सफर राजनीति तक पहुंचा। “गुजराल डॉक्ट्रिन” उनकी अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की पहचान बना, जिससे पड़ोसी देशों से मैत्रीपूर्ण रिश्तों को बल मिला।
🔹 5. गुरुजाडा अप्पाराव (निधन – 1915)
गुरुजाडा अप्पाराव प्रसिद्ध तेलुगु साहित्यकार और समाज-सुधारक थे। आंध्र प्रदेश में जन्मे अप्पाराव ने तेलुगु भाषा को आधुनिक स्वरूप दिया। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए नाटक और कविताएं लिखीं। उनका नाटक ‘कन्याशुल्कम्’ आज भी तेलुगु साहित्य का मील का पत्थर माना जाता है। वे महिलाओं की शिक्षा के समर्थक भी थे।
🔹 6. रमेश चन्द्र दत्त (निधन – 1909)
रमेश चन्द्र दत्त का जन्म पश्चिम बंगाल में हुआ था। वे एक महान लेखक, इतिहासकार और शिक्षाविद् थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन की “धन के बहिर्गमन की नीति” (Drain of Wealth Theory) को उजागर किया। अंग्रेज़ी और बंगला भाषा में लिखी उनकी रचनाएं आज भी भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास को समझने में सहायक हैं। वे भारतीय राष्ट्रीय चेतना के मजबूत स्तंभ थे।
इतिहास की धड़कन, जो समय के हृदय में हमेशा गूंजती रहेगी
30 नवंबर केवल एक तारीख नहीं, बल्कि इतिहास, संघर्ष, उपलब्धि और बदलावों का साक्षी है। इस दिन घटित घटनाएँ विश्व राजनीति, विज्ञान, मनोरंजन, संगीत और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में निर्णायक मोड़ लेकर आईं। आइए, 30 नवंबर के इतिहास पर विस्तार से नजर डालें — हर घटना पर लगभग 50 शब्दों के प्रकाश के साथ।
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- 1731 – बीजिंग में विनाशकारी भूकंप
चीन की राजधानी बीजिंग और उसके आसपास के क्षेत्रों में 1731 में आए भीषण भूकंप ने लगभग एक लाख लोगों की जान ले ली। यह त्रासदी प्राकृतिक आपदाओं का भयावह उदाहरण बनी। इस हादसे ने चीन में भविष्य की आपदा प्रबंधन नीतियों और संरचनाओं को मजबूत करने की आवश्यकता को उजागर किया और भूकंपरोधी निर्माण तकनीक पर जोर बढ़ा दिया। - ये भी पढ़ें –ऑस्ट्रेलिया के PM एंथनी अल्बनीज ने जोडी हेडन से रचाई शादी, 124 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा; पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
- 1759 – दिल्ली के सम्राट आलमगिर द्वितीय की हत्या
मुगल सम्राट आलमगिर द्वितीय, जिनका जन्म आगरा (उत्तर प्रदेश) में हुआ था, की 1759 में उनके ही मंत्री द्वारा हत्या कर दी गई। वे धार्मिक प्रवृत्ति के और सीमित राजनीतिक प्रभाव वाले शासक थे। इस घटना ने मुगल साम्राज्य के पतन की गति तेज कर दी और दिल्ली की सत्ता और ज्यादा कमजोर हो गई। - ये भी पढ़ें –नेशनल हेराल्ड केस में नई FIR दर्ज: सोनिया और राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ीं, छह और लोगों के नाम शामिल
- 1939 – सोवियत रूस का फिनलैंड पर आक्रमण
सीमा विवाद के चलते सोवियत रूस ने फिनलैंड पर हमला कर दिया, जिसे “विंटर वॉर” के नाम से जाना जाता है। यह युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जाता है। इस आक्रमण ने यूरोपीय राजनीति पर गहरा प्रभाव डाला और राष्ट्रों को सुरक्षा नीति पर पुनर्विचार के लिए मजबूर किया। - ये भी पढ़ें –बेकाबू तेज रफ्तार BMW कार फुटपाथ पर चढ़ी, तीन लोगों को कुचला; एक की मौके पर मौत, दो घायल
- 1961 – सोवियत संघ ने कुवैत की यूएन सदस्यता का विरोध किया
कुवैत की संयुक्त राष्ट्र में सदस्यता को लेकर 1961 में सोवियत संघ ने विरोध जताया। यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में शक्ति संतुलन को दर्शाता है। कुवैत, मध्य-पूर्व का उभरता राष्ट्र था और यह विरोध वैश्विक रणनीतियों व तेल संसाधनों को नियंत्रित करने के प्रयासों का संकेत माना गया। - 1965 – दिल्ली के गुड़िया संग्रहालय की स्थापना
प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट के. शंकर पिल्लई का जन्म केरल के कायनकुलम गांव में हुआ था। उन्होंने शिक्षा मद्रास में प्राप्त की और कला के क्षेत्र में महान योगदान दिया। 30 नवंबर 1965 को उन्होंने दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय गुड़िया संग्रहालय की स्थापना की, जो आज भी बच्चों और कला प्रेमियों का लोकप्रिय केंद्र है। - ये भी पढ़ें –वर्षों से लंबित पेशाब घर की समस्या खत्म—राहत की सांस ले रहे स्थानीय लोग
- 1997 – भारत-बांग्लादेश सीमा विवाद पर सहमति
दोनों देशों के बीच वर्षों से चले आ रहे सीमा विवाद को शांत करने के लिए भारत और बांग्लादेश ने यथास्थिति बनाए रखने पर सहमति जताई। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनी और द्विपक्षीय संबंध सुधरे। यह निर्णय कूटनीतिक संतुलन और शांति प्रयासों का सफलता पूर्ण उदाहरण बना। - ये भी पढ़ें –युवा शक्ति की उड़ान, भारत के भविष्य की नई पहचान
- 1999 – सिएटल में WTO का तीसरा अधिवेशन
अमेरिका के सिएटल शहर में विश्व व्यापार संगठन (WTO) का तीसरा अधिवेशन शुरू हुआ, जिसमें वैश्विक व्यापार नियमों पर चर्चा हुई। यह सम्मेलन व्यापक विरोध प्रदर्शनों के कारण भी सुर्खियों में रहा। इसने वैश्वीकरण, विकासशील देशों और श्रमिक अधिकारों पर नई बहस को जन्म दिया। - ये भी पढ़ें –विकास की रफ्तार या चुनौतियों का पहाड़? भारत के भविष्य पर उठ रहा बड़ा सवाल
- पुणे के पास विश्व का बड़ा रेडियो टेलीस्कोप उद्घाटन
महाराष्ट्र के नारायणगांव (पुणे) के समीप मीटर वेव रेडियो टेलीस्कोप का उद्घाटन हुआ। यह खगोल विज्ञान में भारत की बड़ी उपलब्धि रही। इससे ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने, रेडियो तरंगों के अध्ययन और अंतरिक्ष अनुसंधान को नई दिशा मिली। - ये भी पढ़ें –ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार का खुला खेल—फर्जी भुगतान से सरकारी धन की खुली लूट, अफसरों की चुप्पी पर गहराए सवाल
- 2000 – अल गोर द्वारा पुनर्मतगणना की अपील
अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अल गोर ने पुनर्मतगणना की अपील की। यह मामला न्यायालय तक पहुंचा और राजनीति में पारदर्शिता, मतगणना प्रणाली और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े हुए। यह घटना आधुनिक लोकतंत्र का ऐतिहासिक उदाहरण बन गई। - ये भी पढ़ें –गैस पाइप फटने से घर में लगी आग, खाना बनाते समय युवक गंभीर रूप से झुलसा
- 2000 – प्रियंका चोपड़ा बनीं मिस वर्ल्ड
जमशेदपुर, झारखंड में जन्मी प्रियंका चोपड़ा की शिक्षा बरेली में हुई। 30 नवंबर 2000 को वे मिस वर्ल्ड बनीं और पूरे भारत का नाम रोशन किया। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड और हॉलीवुड में शानदार करियर बनाया। वे अभिनय, संगीत और सामाजिक कार्यों में अहम योगदान दे रही हैं। - ये भी पढ़ें –जानें करियर, धन, शिक्षा, राजनीति और जीवन के हर क्षेत्र का प्रभाव
- 2001 – जॉर्ज हैरिसन का निधन
दुनिया के प्रसिद्ध बैंड ‘The Beatles’ के सदस्य जॉर्ज हैरिसन का 30 नवंबर 2001 को निधन हुआ। उनका संगीत सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि भावना, करुणा और अध्यात्म से भरा हुआ था। उन्होंने पश्चिमी दुनिया में भारतीय संगीत और योग को भी लोकप्रिय बनाया। - 2002 – आईसीसी की जिम्बाब्वे के खिलाफ चेतावनी
आईसीसी ने जिम्बाब्वे में अस्थिर हालात के कारण मैच न खेलने वाले देशों पर कार्रवाई की चेतावनी दी। यह खेल और राजनीति के टकराव का उदाहरण बना। क्रिकेट के प्रशासनिक ढांचे, सुरक्षा मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय खेल नीति पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ा। - ये भी पढ़ें –विस्तृत हिंदू पंचांग: शुभ मुहूर्त, योग, नक्षत्र और राहुकाल
- 2004 – बांग्लादेश संसद में महिलाओं को 45% आरक्षण
बांग्लादेश की संसद ने महिलाओं के लिए 45 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने वाला ऐतिहासिक विधेयक पारित किया। इससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ी और महिला सशक्तिकरण को बल मिला। यह दक्षिण एशिया में लैंगिक समानता की दिशा में बड़ा कदम माना गया। - 2008 – मुंबई आतंकी हमले के बाद बड़ा फैसला
26/11 के भयावह आतंकी हमले के बाद 30 नवंबर को भारत सरकार ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के गठन की घोषणा की। इसके साथ ही एस.ए.टी. रिजवी वेतन समिति का कार्यकाल भी बढ़ाया गया। इसने देश की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाया।
