महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद महराजगंज पुलिस ने भारत–नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए 133 बैग ब्राजीलियन पॉपकॉर्न मक्का बरामद किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान वज्र के तहत की गई, जिससे सीमा क्षेत्र में सक्रिय तस्कर गिरोहों में हड़कंप मच गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मार्गदर्शन में थाना निचलौल की स्थानीय पुलिस एवं सशस्त्र सीमा बल की संयुक्त टीम गठित की गई थी। इसी क्रम में 22 दिसंबर 2025 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने सीमा स्तंभ संख्या 499 के निकट कनमिसवां गांव के खेतों में छिपाकर रखे गए 133 बैग ब्राजीलियन पॉपकॉर्न मक्का को बरामद किया। यह कार्रवाई दोपहर करीब 3:05 बजे सफलतापूर्वक अंजाम दी गई।
पुलिस के अनुसार बरामद मक्का अवैध रूप से भारत से नेपाल अथवा नेपाल से भारत तस्करी किए जाने की तैयारी में था। चूंकि यह माल कस्टम एक्ट की धारा 11 के अंतर्गत अवैध तस्करी की श्रेणी में आता है, इसलिए इसे पुलिस कब्जे में लेते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क इकाई निचलौल को सुपुर्द कर दिया गया है। हालांकि मौके से कोई तस्कर पकड़ में नहीं आ सका, लेकिन पुलिस द्वारा तस्करी से जुड़े नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना ने कहा कि जनपद पुलिस भारत– नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी, मादक पदार्थों, खाद्य सामग्री और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों पर पूरी सतर्कता और मुस्तैदी के साथ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तस्करी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे अभियानों को आगे भी और तेज किया जाएगा।
इस सफलता से यह स्पष्ट है कि महराजगंज पुलिस और सुरक्षा बल सीमा की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह चौकस हैं और अवैध गतिविधियों पर लगातार प्रभावी प्रहार कर रहे हैं।
गोरखपुर विश्वविद्यालय की छात्रा का आईआईटी दिल्ली कैंपस एंबेसडर कार्यक्रम में चयन
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की बी.ए. (ऑनर्स) द्वितीय वर्ष, तृतीय सेमेस्टर की छात्रा अंशिका त्रिपाठी का चयन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ (eDC) द्वारा संचालित कैंपस एंबेसडर प्रोग्राम 2025–26 के लिए हुआ है।
यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम विद्यार्थियों को उद्यमिता, नेतृत्व क्षमता और नवाचार से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है। कार्यक्रम 45 दिनों की अवधि का होगा, जो वर्क-फ्रॉम-होम आधार पर 15 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होगा।
छात्रा की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आईआईटी दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की छात्रा का चयन शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थियों की प्रतिभा को दर्शाता है। अंशिका त्रिपाठी ने इस सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय और शिक्षकों के मार्गदर्शन को देते हुए आभार व्यक्त किया।
शिक्षा परिवर्तन की सबसे बड़ी प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी बनकर उभरा “Teachers Of Bihar”
पटना/बिहार (राष्ट्र की परम्परा)। बदलते समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में नवाचार, तकनीक और शिक्षक सहयोग की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे समय में Teachers Of Bihar – The Change Makers मंच देश की शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक परिवर्तन की एक सशक्त मिसाल बनकर उभरा है। बिहार से शुरू हुई यह पहल आज देश की सबसे बड़ी प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी (PLC) के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुकी है।
शिक्षकों द्वारा शिक्षकों के लिए सशक्त मंच
Teachers Of Bihar मंच का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आपस में जोड़कर Collaborative Learning को बढ़ावा देना है। इस मंच पर शिक्षक अपने अनुभव, नवाचार, टीएलएम, गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियाँ और कक्षा में किए गए सफल प्रयोग साझा करते हैं। इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव कक्षा शिक्षण और छात्र अधिगम पर देखा जा रहा है।
एनसीईआरटी की सराहना, मिली राष्ट्रीय पहचान
Teachers Of Bihar द्वारा किए जा रहे शैक्षिक प्रयासों को एनसीईआरटी (NCERT) द्वारा सराहा जाना इस बात का प्रमाण है कि यह मंच अब राज्य स्तर से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा सुधार की दिशा में प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है।
ई-पत्रिकाओं के माध्यम से ज्ञान का विस्तार
मंच द्वारा शिक्षकों और छात्रों के लिए नियमित रूप से कई शैक्षिक ई-पत्रिकाएं प्रकाशित की जाती हैं।
दैनिक ज्ञानकोश: समसामयिक एवं सामान्य ज्ञान
प्रज्ञानिका: शैक्षिक नवाचार, शोध एवं शिक्षण रणनीतियाँ
बालमंच एवं बालमन: बच्चों की रचनात्मक अभिव्यक्ति को मंच
पद्यपंकज एवं गद्यगुंजन: साहित्यिक एवं शैक्षिक सामग्री
इन ई-पत्रिकाओं ने डिजिटल माध्यम से शिक्षा को अधिक सुलभ, रोचक और प्रभावी बनाया है।
मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट दृष्टि
Teachers Of Bihar के फाउंडर शिव कुमार एवं टेक्निकल टीम लीडर ई. शिवेंद्र प्रकाश सुमन के नेतृत्व में मंच निरंतर नई ऊँचाइयों को छू रहा है। उनका मानना है कि शिक्षक सशक्त होंगे, तभी छात्र और समाज सशक्त होगा।
शिक्षा सुधार का आंदोलन
प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार एवं प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार के अनुसार, Teachers Of Bihar आज केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि शिक्षा सुधार का सशक्त आंदोलन बन चुका है। हजारों शिक्षक इससे जुड़कर सरकारी विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
प्रशिक्षण, वेबिनार और नवाचार
इवेंट लीडर केशव कुमार के अनुसार मंच द्वारा समय-समय पर वेबिनार, ऑनलाइन शिक्षक संवाद, कार्यशालाएं और नवाचार प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं, जिससे शिक्षकों को डिजिटल टूल्स और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों की जानकारी मिलती है।
भविष्य की दिशा
Teachers Of Bihar – The Change Makers का लक्ष्य आने वाले समय में अधिक से अधिक शिक्षकों को जोड़ते हुए शिक्षा को समावेशी, गुणवत्तापूर्ण और बाल-केंद्रित बनाना है। यह मंच साबित कर रहा है कि संगठित शिक्षक ही शिक्षा परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति हैं।
सेंट्रल बैंक के 115वें स्थापना दिवस पर आरसेटी बाजार का भव्य आयोजन
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 115वें स्थापना दिवस (फाउंडेशन डे) के अवसर पर सेंट ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र (आरसेटी), जीरा बस्ती में आरसेटी बाजार का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना और प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों के उत्पादों को मंच प्रदान करना रहा।
आरसेटी बाजार में विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षित प्रतिभागियों द्वारा स्वयं निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में अगरबत्ती, मशरूम, बिंदी, टैडी वियर, ब्यूटी प्रोडक्ट्स सहित दैनिक उपयोग की घरेलू वस्तुओं ने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
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प्रदर्शनी का अवलोकन सिटी मजिस्ट्रेट श्री आसाराम वर्मा ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों से संवाद कर उनके स्वरोजगार कार्यों की जानकारी ली और उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने कहा कि आरसेटी प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान आरसेटी निदेशक सुमित कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं ऋण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। वहीं एफएलसीसी अनिल शुक्ला ने विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर जिला अग्रणी बैंक कार्यालय के अखिलेश सिंह सहित बैंक अधिकारी, प्रशिक्षणार्थी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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मनरेगा कानून कमजोर करने के विरोध में माकपा का धरना-प्रदर्शन, नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
मनरेगा कानून को कमजोर किए जाने के विरोध में सोमवार को माकपा कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक से प्रदर्शन करते हुए तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता तहसील पहुंचे, जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया। धरने की अध्यक्षता रामचंद्र खरवार ने की, जबकि संचालन बलविंदर मौर्य ने किया।
धरने को संबोधित करते हुए कामरेड सतीश कुमार ने कहा कि वर्तमान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत मजदूरी की पूरी राशि केंद्र सरकार देती है, लेकिन प्रस्तावित नया बिल “विकसित भारत गारंटी का रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण 2025 (VBG RAM-G)” के तहत केंद्र का हिस्सा घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है और 40 प्रतिशत भार राज्य सरकारों पर डाल दिया जाएगा। इससे राज्य सरकारों पर अतिरिक्त बजट बोझ पड़ेगा और योजना निष्प्रभावी हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक संसाधनों की कमी से जूझ रहे विपक्षी राज्यों के साथ केंद्र सरकार भेदभावपूर्ण नीति अपना रही है।
उत्तर प्रदेश खेत यूनियन के जिला मंत्री कामरेड रामनिवास यादव ने कहा कि मनरेगा कानून मजदूरों के संघर्ष और लाल झंडे की ताकत से बना था, जिसमें काम की गारंटी और 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित था। केंद्र सरकार की नीतियों ने इस योजना को बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि कई रिपोर्टें बताती हैं कि मनरेगा से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली थी।
किसान सभा के जिला मंत्री कामरेड प्रेमचंद यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनविरोधी नीतियों के जरिए किसान और मजदूरों को कमजोर कर रही है तथा महापुरुषों के नाम बदलकर वैचारिक भ्रम फैलाते हुए देश को आर्थिक संकट की ओर धकेल रही है।
सभा में सच्चिदानंद तिवारी ने रैनाथ ब्रह्मदेव महाविद्यालय के पास रास्ता अवरुद्ध होने का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन पर लेन-देन का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगे।
धरने को कामरेड बालेंद्र मौर्य, संजय गोंड, जावेद हाशमी, बलबीर यादव, कामरेड राम सुशील यादव, कामरेड प्रदीप भारती, कामरेड गंगा देवी सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। सभा में राजेंद्र गुप्ता, रामचंद्र खरवार और तारा देवी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जेएनसीयू स्थापना दिवस के प्रथम दिन खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय (जेएनसीयू) के दसवें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित द्वि-दिवसीय समारोह का शुभारंभ सोमवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिन विश्वविद्यालय परिसर में खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
प्रातः सत्र में आयोजित पारंपरिक खेल समारोह में वॉलीबॉल, खो-खो, रस्साकशी एवं बैडमिंटन जैसे खेल शामिल रहे। खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। खेल समारोह का उद्घाटन गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. नसीम अहमद एवं प्रो. आर. के. सिंह ने किया। आयोजन विश्वविद्यालय की क्रीड़ा समिति द्वारा किया गया, जिसके समन्वयक डॉ. विवेक यादव रहे।
अपराह्न द्वितीय सत्र में सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला न्यायाधीश अनिल झा तथा विशिष्ट अतिथि अपर जिला न्यायाधीश पुनीत गुप्ता, सीजेएम शैलेश पाण्डेय एवं एडीएम रंजीत राम गुप्ता उपस्थित रहे।
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मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम हमारी परंपरा, पहचान, जीवनशैली और संस्कारों को जीवंत रखते हैं तथा समाज में एकता, सृजनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने की।
इस अवसर पर संगीत विभाग के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गीतों एवं भजनों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया। तबले पर लवकेश एवं शिवेंद्र तथा ऑक्टोपैड पर सानी कुमार ने संगत दी।
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कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक समिति की समन्वयक डॉ. रजनी चौबे ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सरिता पांडेय ने प्रस्तुत किया। समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी पर कवि सम्मेलन हेतु नौ विद्यार्थी कवि चयनित
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ ‘तरंग’ की ओर से अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर 24 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाले कवि सम्मेलन के लिए विश्वविद्यालय के नौ प्रतिभाशाली विद्यार्थी कवियों का चयन किया गया है।
कवि सम्मेलन के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। प्रतिभागी विद्यार्थियों को अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व, कृतित्व, राष्ट्रभाव और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित स्वरचित कविता का पाठ प्रस्तुत करना था। प्राप्त 25 प्रविष्टियों में से विषयवस्तु, भावाभिव्यक्ति, काव्य-शैली, भाषा सौष्ठव और प्रस्तुति के आधार पर नौ विद्यार्थियों को मुख्य कवि सम्मेलन के लिए चयनित किया गया।
24 दिसंबर को आयोजित होने वाले मुख्य कवि सम्मेलन में प्रख्यात कवि सलीम कैसर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन करेंगी।
चयन प्रक्रिया में निर्णायक मंडल की भूमिका में तरंग समिति से जुड़े विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. गौरीशंकर चौहान, डॉ. प्रदीप साहनी, डॉ. गरिमा सिंह, डॉ. प्रियंका गौतम और डॉ. कुलदीपक शुक्ल शामिल रहे। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और साहित्यिक चेतना की सराहना की।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अमोद कुमार राय ने बताया कि यह आयोजन केवल साहित्यिक मंच नहीं, बल्कि अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, राष्ट्रभाव और लोकतांत्रिक मूल्यों से युवाओं को जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रकोष्ठ ‘तरंग’ की निदेशक प्रो. उषा सिंह ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं को अभिव्यक्ति का अवसर देने के साथ भारतीय काव्य परंपरा को भी समृद्ध करते हैं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शोधार्थी, छात्र-छात्राएँ और साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना! मृतक आश्रितों की नियुक्ति अब तक लंबित, प्रशासनिक लापरवाही उजागर
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद महराजगंज में मनरेगा के अंतर्गत ग्राम रोजगार सेवक पद पर 12 मृतक आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति का मामला अब गंभीर प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक बनता जा रहा है। माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के स्पष्ट आदेश के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से पीड़ित परिवार और कर्मचारी संगठनों में भारी रोष व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 मृतक ग्राम रोजगार सेवकों की आश्रित हैं। शासन द्वारा शासनादेश संख्या 73-38-7002(099)-143-2019 दिनांक 18 मार्च 2024 के तहत मृतक आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति/समायोजन का प्रावधान किया गया है। इसी क्रम में उपायुक्त श्रम रोजगार द्वारा 1 अगस्त 2024 को सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि वे ग्राम पंचायतों से मृतक आश्रितों के प्रस्ताव उपलब्ध कराएं। ग्राम पंचायतों द्वारा प्रस्ताव भेजा गया। जब कई माह बीत जाने के बाद भी नियुक्ति नहीं हुई, तो उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ,जनपदीय इकाई महराजगंज के अध्यक्ष/ प्रांतीय उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय इलाहाबाद की शरण ली। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ महराजगंज द्वारा दायर रिट संख्या 3032/2025 पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने 14 अगस्त 2025 को जिलाधिकारी महराजगंज सहित सभी संबंधित अधिकारियों को 2 से 3 माह के भीतर मृतक आश्रितों को ग्राम रोजगार सेवक पद पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्त/समायोजित करने का स्पष्ट आदेश पारित किया।आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद जिला प्रशासन ने कोई गंभीर पहल नहीं की। संगठन और मृतक आश्रितों की ओर से 29 अगस्त 2025 एवं 5 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आदेश के अनुपालन की मांग की गई, लेकिन आज तक परिणाम शून्य है।इस पूरे प्रकरण ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ का कहना है कि यदि शीघ्र ही हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया, तो आंदोलनात्मक कदम उठाने के साथ-साथ पुनः न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन कब जागता है और मृतक आश्रित परिवारों को उसका संवैधानिक व न्यायिक अधिकार कब मिलता है।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की परास्नातक विषम सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू, 268 परीक्षार्थी शामिल
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)l सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में विषम सेमेस्टर परीक्षाओं की शुरुआत सोमवार हो गई है। इसी क्रम में प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खलीलाबाद में स्नातकोत्तर कला, विज्ञान एवं वाणिज्य तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएँ सकुशल संपन्न हुईं।
प्रातः पाली में एमएससी प्राणी विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान के साथ बीकॉम पंचम सेमेस्टर द्वितीय प्रश्नपत्र तथा बीए पंचम सेमेस्टर संस्कृत विषय की परीक्षा आयोजित की गई। इस पाली में कुल पंजीकृत 152 परीक्षार्थियों में से 151 उपस्थित रहे, जबकि बीकॉम का एक परीक्षार्थी अनुपस्थित रहा।
सायं पाली में एमए तृतीय सेमेस्टर हिंदी, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, गृहविज्ञान, प्राचीन इतिहास, शिक्षाशास्त्र विषयों के साथ बीए तृतीय सेमेस्टर समाजशास्त्र एवं बीकॉम तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएँ आयोजित की गईं। सायं पाली में कुल 118 पंजीकृत परीक्षार्थियों में 117 ने परीक्षा दी, जबकि एक परीक्षार्थी अनुपस्थित रहा।
इस प्रकार दोनों पालियों में कुल 270 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 268 परीक्षा में सम्मिलित हुए, जबकि 2 परीक्षार्थियों ने परीक्षा नहीं दी।
केंद्राध्यक्ष डॉ.प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि परीक्षाएँ विश्वविद्यालय के निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही हैं। महाविद्यालय के आंतरिक सचल दल द्वारा मुख्य द्वार से लेकर परीक्षा कक्षों तक नियमित निगरानी की गई।
परीक्षा व्यवस्था में डॉ. रमेश कुमार. अमरनाथ पाण्डेय, रितेश त्रिपाठी, नवनीत मिश्रा, पूनम उपाध्याय, सीमा पाण्डेय, माया, सुनीता गौतम, शाहिदा खातून, बबिता चौरसिया, प्रिया श्रीवास्तव, जिज्ञासा पाण्डेय, मुस्कान गुप्ता सहित अन्य शिक्षक व कर्मचारी सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
आत्म निरीक्षण और आंतरिक शांति का प्रतीक है ध्यान: विश्व ध्यान दिवस पर विशेष आयोजन
रांची (राष्ट्र की परम्परा)। विश्व ध्यान दिवस के शुभ अवसर पर प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, नटराज योग संस्थान एवं रिलेशंस के संयुक्त तत्वावधान में पिठौरिया बीडू स्थित ब्रह्मकुमारी आश्रम के प्रेक्षागृह में भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर ध्यान, योग और आंतरिक शांति के महत्व को रेखांकित करते हुए कार्यक्रम धूमधाम से संपन्न हुआ।
विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर नटराज योग संस्थान, आश्रम के भक्तों एवं रिलेशंस से जुड़े योग साधकों द्वारा एक दिवसीय ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान वैश्विक शांति और सद्भाव के लिए विशेष ध्यान सत्र भी आयोजित किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था की संचालिका बी.के. राजमती बहन ने युद्ध क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए ध्यान योग के उपदेश का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज का मानव जीवन भी किसी युद्ध क्षेत्र से कम नहीं है, क्योंकि समाज में विभिन्न समस्याएं संघर्ष की स्थिति उत्पन्न कर रही हैं। ध्यान और योग के माध्यम से ही व्यक्ति मानसिक तनाव, निराशा और अंधकार से बाहर निकल सकता है।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि कई देशों में भीषण युद्ध के दौरान सैनिकों ने ध्यान और शांति के बल पर विजय प्राप्त की। योग और ध्यान के बिना जीवन में वास्तविक सफलता और शांति संभव नहीं है। यह द्वितीय विश्व ध्यान दिवस पूरे विश्व में मनाया जा रहा है और शांति का वैश्विक संदेश दे रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं, अपने परिवार और समाज के प्रत्येक वर्ग को ध्यान के लिए जागरूक करें, तभी विश्व में आंतरिक शांति स्थापित की जा सकती है।
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इस अवसर पर नटराज योग संस्थान के योगाचार्य आर्य प्रहलाद भगत ने उपस्थित लोगों को ध्यान के प्रमुख आसनों और तकनीकों का अभ्यास कराया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से रिलेशंस के निदेशक आशुतोष द्विवेदी, संगीता बनर्जी, सरिता सिंह, रितेश कुमार, मोहित तिवारी, पवन कुमार, माही कशक, श्रंबती, रुचिका श्रीमोई सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
पूरे राज्य में बढ़ाई जाएगी मोक्ष वाहनों की संख्या: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी
रांची (राष्ट्र की परम्परा)। झारखंड में हाल ही में झोले में शिशु का शव ले जाने की घटना के बाद राज्य सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक संवेदनशील और मानवीय बनाने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य के सभी जिलों में मोक्ष वाहन (मॉर्च्युरी वाहन) की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले के सदर अस्पताल में चार-चार मोक्ष वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस व्यवस्था को एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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चाईबासा में सामने आए मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए डॉ. अंसारी ने कहा कि जांच रिपोर्ट के अनुसार शिशु की उम्र चार माह थी, न कि चार वर्ष। उन्होंने बताया कि मौके पर दो मोक्ष वाहन मौजूद थे, जिनमें से एक तकनीकी खराबी के कारण काम नहीं कर रहा था, जबकि दूसरा वाहन वहां पहुंचने वाला था। इसी बीच परिजन स्वयं बच्चे को लेकर चले गए।
स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया और जिला प्रशासन से अपील की कि भ्रामक और फर्जी खबरें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि राज्य सरकार स्वास्थ्यकर्मियों के मनोबल के साथ खड़ी है और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए ठोस कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।
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