Friday, June 26, 2026
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बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या के विरोध में आक्रोश, लगाए “बंगला देश मुर्दाबाद” के नारे

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l सलेमपुर नगर के सोहनाग मोड़ पर मंगलवार को बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी एवं एसडी संगठन के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के खिलाफ नारेबाजी करते हुए “बंगला देश मुर्दाबाद” के नारे लगाए और घटना की कड़ी निंदा की।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में लगातार हिंदू समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है और वहां अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश की वर्तमान अंतरिम सरकार के नेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।
कार्यकर्ताओं ने भारत सरकार से मांग की कि वह इस घटना का संज्ञान लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाए, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वक्ताओं ने कहा कि हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ जघन्य अपराध है।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। अंत में मृतक की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया तथा बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के मनीष चौरसिया (जिला गौ रक्षक प्रमुख), दिलीप कुशवाहा (जिला बलोपासना प्रमुख), सुमित कुशवाहा (जिला संयोजक), सत्येंद्र वर्मा (प्रखंड संयोजक लार), विकास जी, उत्कर्ष ठाकुर (जिला विद्यार्थी संपर्क प्रमुख), अमरजीत, ऋषभ, गोपाल, विशाल, बृजेश, क्षितिज, किसन, नागेंद्र जी, दुर्गेश जी, आचार्य सुभाष जी, आदरणीय बड़े बुजुर्ग संतोष जी, गोलू जी, परमवीर जी, कर्मवीर जी, धर्मेंद्र जी, चंदन जी, ऋषभ जी, धीरज जी सहित अन्य कार्यकर्ता व स्थानीय लोग मौजूद रहे।

विकास भवन में सुशासन पर मंथन, अधिकारियों को मिला प्रशासनिक मार्गदर्शन

आगरा(राष्ट्र की परम्परा)l सुशासन सप्ताह – प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद आगरा में 23 दिसंबर 2025 को विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह आयोजन 19 दिसंबर से 25 दिसंबर 2025 तक चल रहे सुशासन सप्ताह के क्रम में किया गया, जिसमें सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शशिकान्त शर्मा को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम में उन्हें उनके प्रशासनिक अनुभव और योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।
कार्यशाला में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी रेणु कुमारी, उपायुक्त मनरेगा रामायण सिंह यादव, उपायुक्त श्रम रोजगार राजन राय, जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संजीव दुवे सहित अनेक जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि शशिकान्त शर्मा ने अधिकारियों को सुशासन की मूल भावना से जोड़ते हुए सात बहुमूल्य सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद नागरिकों के प्रति अधिकारियों का व्यवहार दयालुता और सेवाभाव से परिपूर्ण होना चाहिए। अधीनस्थ कर्मचारियों के अच्छे कार्य की प्रशंसा सार्वजनिक रूप से तथा कमियों पर संवाद व्यक्तिगत स्तर पर किया जाना चाहिए।
उन्होंने योजनाओं और कार्यक्रमों के आंकड़ों का मैदानी सत्यापन अनिवार्य बताते हुए कहा कि फील्ड निरीक्षण से ही वास्तविक प्रगति का आकलन संभव है। साथ ही अधीनस्थों के साथ पारिवारिक व्यवहार, दंड प्रक्रिया में मानवीय दृष्टिकोण और सही कार्य के लिए दृढ़ संकल्प रखने पर जोर दिया।
आईएएस शर्मा ने शासनादेश के अनुसार जन चौपाल आयोजित कर जनसमस्याओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और सरकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार को सुशासन की रीढ़ बताया। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की वर्तमान योजनाओं की जानकारी साझा की। अंत में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।

30 दिसंबर तक स्वीकार होंगी पंचायत निर्वाचक नामावली पर आपत्तियां

आगरा।(राष्ट्र की परम्परा)जनपद आगरा में आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों के तहत पंचायत निर्वाचक नामावली का ड्राफ्ट प्रकाशित कर दिया गया है। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (पंचायत) ए.बी. सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण) नियमावली, 1994 के अंतर्गत जिले की सभी तहसीलों एवं समस्त विकास खंडों की ग्राम पंचायतों के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची तैयार कर ली गई है।
उन्होंने जानकारी दी कि निर्वाचक नामावली की एक-एक प्रति कार्यालय समय में निरीक्षण हेतु उनके कार्यालय तथा संबंधित खंड विकास अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध है। जिले के सभी मतदाता अपने नाम, पता, आयु अथवा अन्य विवरणों की जांच कर सकते हैं। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं है, अथवा किसी प्रविष्टि में त्रुटि है, तो उसके संशोधन का अवसर प्रदान किया गया है।
निर्वाचक नामावली में नाम जोड़ने, हटाने या विवरण संशोधित कराने के लिए 24 दिसंबर 2025 से 30 दिसंबर 2025 तक दावा और आपत्ति दाखिल की जा सकती है। इसके लिए निर्धारित प्रपत्र-2, 3 अथवा 4 में आवेदन करना अनिवार्य होगा। सभी दावे और आपत्तियां अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के कार्यालय या संबंधित खंड विकास अधिकारी कार्यालय में अंतिम तिथि तक प्रस्तुत की जा सकती हैं।
प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपनी प्रविष्टियों का सत्यापन कर लें, ताकि अंतिम निर्वाचक नामावली में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे। यह प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित पंचायत चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी प्रकार का दावा या आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी, इसलिए नागरिकों को निर्धारित तिथियों के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने की सलाह दी गई है।

थावे मंदिर गहना चोरी कांड का खुलासा, गाजीपुर निवासी दीपक राय गिरफ्तार

थावे (बिहार)/ गाजीपुर(उत्तर प्रदेश) (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)
प्रसिद्ध थावे मंदिर से गहनों की चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस बहुचर्चित कांड में शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जमनिया क्षेत्र निवासी दीपक राय के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से मंदिर के कीमती आभूषणों पर हाथ साफ किया था।

सूत्रों के अनुसार, थावे मंदिर में चोरी की घटना के बाद स्थानीय पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम लगातार मामले की छानबीन कर रही थी। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। पूछताछ के दौरान दीपक राय ने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले भी धार्मिक स्थलों की गतिविधियों पर नजर रखता था और मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की रेकी कर चुका था। चोरी किए गए गहनों की बरामदगी के लिए पुलिस द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है। कुछ अहम सुराग भी हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

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थावे मंदिर न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में इस तरह की घटना से श्रद्धालुओं में नाराजगी और चिंता का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा तथा दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।

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सुशासन सप्ताह के तहत विकास भवन में आयोजित हुई कार्यशाला

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद देवरिया में सुशासन सप्ताह – प्रशासन गाँव की ओर कार्यक्रम के अंतर्गत विकास भवन स्थित गाँधी सभागार में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद में पूर्व में जिलाधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके रिटायर्ड आई.ए.एस. अधिकारी श्री मणि प्रसाद मिश्रा ने मुख्य अतिथि के रूप में की।कार्यक्रम के दौरान विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत–आत्मनिर्भर प्रदेश की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही शताब्दी संकल्प @2047 (समृद्धि का शताब्दी पर्व) के अंतर्गत सशक्त, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण की परिकल्पना प्रस्तुत की गई।इस अवसर पर बताया गया कि प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार द्वारा सुशासन सप्ताह – प्रशासन गाँव की ओर का आयोजन 19 से 25 दिसंबर, 2025 तक किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में भारत सरकार द्वारा एक वेब पोर्टल https://darpqapps.nic.in/GGW25 विकसित किया गया है।
भारत सरकार द्वारा सुशासन सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर उनकी प्रतिदिन पोर्टल पर अपलोडिंग किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें तहसील मुख्यालय एवं पंचायत स्तर पर लोक शिकायतों के निस्तारण हेतु विशेष शिविरों का आयोजन, केंद्रीय लोक शिकायत निवारण प्रणाली (CPGRAMS) तथा राज्य पोर्टल (IGRS) पर लंबित शिकायतों का निस्तारण, ऑनलाइन सेवा वितरण में वृद्धि, सेवा प्रदाय से संबंधित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण, सुशासन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों को फोटोग्राफ्स सहित अपलोड करना तथा प्रत्येक विभाग द्वारा कम से कम एक सफलता की कहानी (Success Story) पोर्टल पर अपलोड करना शामिल है।मुख्य अतिथि श्री मिश्रा ने मिशन की तीन प्रमुख थीम—अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति एवं जीवन शक्ति—तथा उनसे संबंधित चिन्हित 12 क्षेत्रों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में कृषि क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाले कृषकों को प्रमाण पत्र एवं शाल प्रदान कर सम्मानित किया गया।कार्यशाला में जनपद के मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जेल परिसर में नाच प्रकरण मामले में माननीय न्यायालय नाराज, अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित

रांची (राष्ट्र की परम्परा) जेल में नाच प्रकरण के बाद सोशल मीडिया अकाउंट से माफिया एवं सरगनाओं के द्वारा आपराधिक क्रियाकलापों की खबर समाचार पत्रों के माध्यम से आने पर झारखंड उच्च न्यायालय में माननीय मुख्य न्यायमूर्ति की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इसे बहुत ही गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को शपथ पत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है, इस मामले को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि माननीय खंडपीठ ने नाराजगी जाहिर करते हुए मौखिक रूप से कहा कि राज्य की एजेंसी के लिए शर्मनाक चिंताजनक स्थिति है। इस मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए 6/1/2026 का समय निर्धारित किया गया है।

अफीम की खेती के खिलाफ जागरूकता

महिला थाना द्वारा बाल विवाह, बच्चों को लैंगिक अपराध, अफीम की खेती एवं बिक्री के रोकथाम, डायल 112, 1930 एवं सड़क सुरक्षा के संबंध में जागरूक किया गया।

रांची /चतरा (राष्ट्र की परम्परा) पुलिस अधीक्षक चतरा के आदेशानुसार महिला थाना से महिला थाना प्रभारी पु0अ0नि0 सुषमा कुमारी के साथ निर्भया शक्ति के म0आ0 उषा कुमारी एवं म0आ0 सुषमा खलखो द्वारा इन्दुमती टिबड़ेवाल, सरस्वती विद्या मंदिर, चतरा में जाकर उपस्थित छात्रो को महिला से संबंधित मामले जैसे – बाल विवाह, लैंगिक अपराधों, घरेलु हिंसा, महिला उत्पीडन से संबंधित जानकारी दी गई । डायल 112 के बारे में जानकारी दी गई कि यदि किसी भी प्रकार की घटना होती है तो इसकी सूचना तुरंत 112 में दी जाए, साथ ही साथ सडक सुरक्षा एवं सडक सुरक्षा से संबंधित नियमों का पालन करने हेतु जानकारी दी गई । साईबर अपराधो से संबंधित मामलो के लिए डालय 1930 के बारे में जानकारी दी गई और साईबर अपराध से बचने के लिए जानकारी दी गई की लालच में आकर किसी भी अंजाने लिंक, अंजाने कॉल का उत्तर, लेने देने संबंधित ओ0टी0पी0 को शेयर ना करें एवं अफीम की खेती एवं बिक्री के रोकथाम हेतु बताया गया। साथ ही साथ वरीय पदाधिकारियों का नम्बर उपलब्ध कराते हुए बताया गया कि किसी भी प्रकार का यदि अपराध होता है या परेशानिया होती है तो इसकी जानकारी महिला थाना को या फिर उपलब्ध कराये गये वरीय पदाधिकारियो के नम्बर में संर्पक करे ।
स्थान – इन्दुमती टिबड़ेवाल, सरस्वती विद्या मंदिर, चतरा
कार्यक्रम संचालन पदाधिकारी का नाम :
थाना प्रभारी सुषमा कुमारी महिला थाना।

रांची नगर निगम के मजदूरों का बोनस भुगतान हेतु त्रि पक्षीय समझौता सम्पन्न

रांची (राष्ट्र की परम्परा)
रांची नगर निगम के मजदूरों के बोनस भुगतान को लेकरश्री अविनाश कृष्ण उप श्रमायुक्त,रांची के समक्ष
त्रि पक्षीय समझौता सम्पन्न हो गया।इस समझौता पत्र पर मजदूरों की ओर से भवन सिंह, प्राधिकृत एवं अध्यक्ष,झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन,रांची व सुखनाथ लोहरा ,सचिव, झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन, रांची और मेसर्स स्वच्छता कॉरपोरेशन, बैंगलोर की ओर से राजशेखर रेड्डी, महाप्रबंधक व जी गांधी,प्रोजेक्ट मैनेजर ने हस्ताक्षर किया।उप श्रमायुक्त ने इस समझौता पत्र की प्रति दोनों पक्षों को सौंपा।समझौता के अनुसार वर्ष 2024 – 25 के लिए दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में कार्यरत मजदूरों को 2 हजार रुपए प्रति कामगार दो किस्तों में क्रमश दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के वेतन के साथ किया जाएगा।जबकि फरवरी एवं मार्च 2025 में कार्यरत मजदूरों को 1हजार रुपए बोनस का भुगतान दिसम्बर 2025 के वेतन के साथ किया जाएगा। यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने कहा कि यूनियन के प्रयास से रांची नगर निगम के मजदूरों को पहली बार बोनस का भुगतान किया जाएगा।इसी तरह बाकी अधिकार भी हम संघर्ष कर हासिल करेंगे।

किसान दिवस पर आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह

किसानों की समस्याओं पर प्रशासन हुआ गंभीर

चौधरी चरण सिंह जयंती पर किसान दिवस आयोजित

खाद दुकानों पर कार्रवाई और नहर सफाई के निर्देश

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद गोरखपुर में किसान दिवस के अवसर पर एनेक्सी सभागार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ नेता राधेश्याम सिंह तथा विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी दीपक मीणा रहे। इस अवसर पर देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभागार में उपस्थित किसानों एवं अधिकारियों ने चौधरी चरण सिंह के विचारों को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकास खंडों से आए सैकड़ों किसानों ने प्रतिभाग किया। सम्मान समारोह के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई एवं स्पष्ट निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने हमेशा किसानों के अधिकारों, सम्मान और आत्मनिर्भरता की बात की और किसान दिवस के अवसर पर उनके आदर्शों को व्यवहार में उतारना हम सभी की जिम्मेदारी है।
खाद की कालाबाजारी और अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन खाद की दुकानों पर रेट लिस्ट नहीं लगी है, वहां तत्काल रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में डीएम ने जानकारी दी कि जनपद में जांच के दौरान नियमों का पालन न करने पर दो खाद दुकानों का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्यक्रम में किसानों द्वारा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सब्सिडी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। किसानों ने सोलर पंप एवं अन्य उपकरणों पर मिलने वाली सब्सिडी में देरी की शिकायत की। वहीं मशरूम उत्पादन से जुड़े छोटे किसानों ने प्लांट स्थापना हेतु अतिरिक्त सब्सिडी की मांग रखी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीएम कुसुम योजना सहित अन्य कृषि योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।
नहरों की सफाई का मुद्दा भी किसान दिवस में प्रमुखता से उठा। किसानों ने बताया कि कई नहरों में समय पर सफाई न होने से टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है। इस पर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने स्पष्ट किया कि जहां नहरों में पानी का प्रवाह 8 क्यूसेक से कम होगा, वहां मनरेगा मजदूरों के माध्यम से सफाई कराई जाएगी और जहां इससे अधिक पानी होगा, वहां जेसीबी मशीन का प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देश दिया कि नहरों की स्थिति का आकलन कर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करें।
छुट्टा पशुओं से फसल नुकसान की समस्या को लेकर भी किसानों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। किसानों का कहना था कि छुट्टा पशु खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस पर डीएम ने कहा कि प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर सहयोग करें और गौशालाओं के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाएं। डीएम ने कहा कि जहां भी समस्या अधिक है, वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने किसानों की मेहनत और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसान अपने क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं और सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर कृषि को आधुनिक दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, उप निदेशक कृषि धनंजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान किसान मेला एवं किसान प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया, जिसमें कृषि से जुड़ी आधुनिक तकनीकों, उपकरणों एवं योजनाओं की जानकारी दी गई।
आत्मा योजना के अंतर्गत चयनित प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर किसानों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दिया। कार्यक्रम के समापन पर जिलाधिकारी एवं अन्य अतिथियों ने किसानों को चौधरी चरण सिंह के आदर्शों पर चलने और आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कुल मिलाकर किसान दिवस का यह आयोजन किसानों की समस्याओं, सम्मान और संवाद का सशक्त मंच साबित हुआ, जहां प्रशासन और किसान एक साथ मिलकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ते नजर।

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की दी गई विस्तृत जानकारी

देवरिया। (राष्ट्र की परम्परा)जनपद देवरिया की पुलिस लाईन स्थित प्रेक्षा गृह में दिनांक 23 दिसंबर 2025 को ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम (27 नवंबर 2025 से 08 मार्च 2026) एवं विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह की रोकथाम, कानून की जानकारी तथा विभिन्न विभागों के समन्वय से जनपद को बाल विवाह मुक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के डिप्टी लीगल डिफेंस प्रतिनिधि ओम प्रकाश तिवारी ने की, जबकि संचालन जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी जय प्रकाश तिवारी द्वारा किया गया। अध्यक्षीय संबोधन में तिवारी ने बताया कि बाल विवाह से संबंधित किसी भी पीड़ित बालक या बालिका को निःशुल्क विधिक सहायता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है।कार्यक्रम में बताया गया कि शासनादेश के अनुसार जिला प्रशासन, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, श्रम विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, स्वयंसेवी संगठन, धार्मिक संस्थान एवं विवाह स्थलों के प्रबंधकों को शामिल करते हुए जिला संचालन समिति का गठन किया गया है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 वर्ष से कम आयु की बालिका एवं 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह कराने पर एक लाख रुपये जुर्माना व दो वर्ष के कारावास का प्रावधान है।
उपस्थित सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को बाल विवाह रोकथाम योद्धा के रूप में कार्य करने की अपील की गई तथा बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई। साथ ही आपात स्थिति में 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और 112 पुलिस हेल्पलाइन की जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, बाल गृह, श्रम विभाग एवं महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों ने भी अपने-अपने दायित्वों और सेवाओं की जानकारी दी।

खेलते-खेलते थम गई सांसें, देवरिया में युवक की अचानक मौत

देवरिया स्टेडियम में खेल के दौरान युवक की हार्ट अटैक से मौत, बैडमिंटन कोर्ट पर छाया मातम

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद देवरिया में मंगलवार की शाम खेल और स्वास्थ्य को लेकर एक बेहद दुखद घटना सामने आई, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। आमतौर पर ऊर्जा, उत्साह और खेल भावना से गुलजार रहने वाला देवरिया स्टेडियम उस समय मातम के सन्नाटे में बदल गया, जब बैडमिंटन खेलते समय 40 वर्षीय युवक की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई।

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ट्यूबवेल कॉलोनी निवासी काशी नाथ यादव के पुत्र अमरेश यादव, जो सामाजिक रूप से मिलनसार और खेल प्रेमी माने जाते थे, रोज की तरह बैडमिंटन खेलने स्टेडियम पहुंचे थे। वे जनपद के जाने-माने चिकित्सक डॉ. समीर यादव के छोटे भाई भी थे। खेल के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वे कोर्ट पर ही गिर पड़े। साथी खिलाड़ियों ने तुरंत प्राथमिक सहायता देने की कोशिश की और उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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इस हृदयविदारक घटना से परिवार में कोहराम मच गया, वहीं स्टेडियम में मौजूद खिलाड़ी और खेल प्रेमी स्तब्ध रह गए। अमरेश यादव को एक फिट और सक्रिय व्यक्ति के रूप में जाना जाता था, जिससे यह सवाल और गहरा हो गया कि आखिर युवा और फिट दिखने वाले लोगों में हार्ट अटैक के मामले क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं।

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विशेषज्ञों के अनुसार, अनियमित दिनचर्या, मानसिक तनाव, खानपान में लापरवाही और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच न कराना इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि केवल बाहरी फिटनेस ही नहीं, बल्कि आंतरिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना उतना ही जरूरी है।

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देवरिया स्टेडियम में हुई यह घटना खेल जगत के साथ-साथ आम लोगों को भी आत्ममंथन करने पर मजबूर कर रही है।

गोरखपुर में प्राचीन भारतीय अभिलेख व मुद्राओं पर सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर एवं प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं विषय पर सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के अंतर्गत राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया जा रहा है।

यह कार्यशाला 3 से 9 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन अपराह्न 2:30 बजे से 4:00 बजे तक आयोजित होगी। कार्यक्रम का शुभारंभ 3 फरवरी 2026 (मंगलवार) को किया जाएगा। इस राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में अभिलेख विद्या और मुद्राशास्त्र से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिए जाएंगे।

आयोजन में अधिकतम 150 प्रतिभागियों का पंजीकरण प्रथम आगत–प्रथम स्वागत के आधार पर किया जाएगा। कार्यशाला में स्नातक, परास्नातक, शोधार्थी, अध्यापनरत शिक्षक एवं प्राचीन इतिहास, पुरातत्व और संस्कृति में रुचि रखने वाले प्रतिभागी भाग ले सकेंगे। प्रतिभागियों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि अधिकतम आयु सीमा नहीं रखी गई है।

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पंजीकरण फॉर्म 24 दिसंबर 2025 से 27 जनवरी 2026 तक राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर से किसी भी कार्यदिवस में प्राप्त किए जा सकते हैं। पंजीकरण फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 27 जनवरी 2026, सायं 5:00 बजे निर्धारित है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. राजदत्त राय होंगे, जबकि आयोजन की संयोजक प्रो. पूजा चतुर्वेदी एवं डॉ. यशवंत सिंह राठौर हैं। आयोजकों ने इच्छुक प्रतिभागियों से समय रहते पंजीकरण कराने की अपील की है।

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उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभाग एक साथ लगाएं कैंप: जिलाधिकारी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में उद्योगों को बढ़ावा देने और उद्यमियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान के उद्देश्य से मंगलवार को जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई।

बैठक में उद्यमी मित्र द्वारा जनपद में निवेश प्रस्तावों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया गया। जानकारी के अनुसार, जनपद में निवेश हेतु कुल 135 इंटेंट के एमओयू साइन किए गए हैं, जिनमें 7216.94 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश तथा 24,698 रोजगार सृजन का प्रस्ताव है। इनमें से 47 प्रस्ताव, लगभग 944.5 करोड़ रुपये के निवेश के साथ धरातल पर उतर चुके हैं, जबकि 33 इकाइयों में कमर्शियल प्रोडक्शन भी शुरू हो चुका है।

जिलाधिकारी ने निवेश से जुड़े प्रस्तावों पर उद्यमियों से संवाद करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में उद्यम-अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रशासन और उद्यमियों दोनों को विशेष प्रयास करने होंगे। उन्होंने उद्यमियों से भी मऊ जनपद में निवेश को प्रोत्साहित करने की अपील की।

बैठक के दौरान उद्यमियों द्वारा ताजोपुर इंडस्ट्रियल एरिया से संबंधित समस्याएं उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने यूपीसीडा के अधिकारियों को सभी संबंधित विभागों के साथ संयुक्त कैंप लगाकर शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही उद्यमियों से परामर्श कर कैंप की तिथि शीघ्र तय करने को कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन वाहनों के पास वैध बिल और वाउचर हैं, उन्हें औद्योगिक क्षेत्र में प्रवेश से न रोका जाए।

विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को शासन की मंशा के अनुरूप निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष कार्य करने के निर्देश दिए। वहीं एनएच-29 पर बढ़ुवा गोदाम औद्योगिक क्षेत्र में जल जमाव की समस्या को लेकर एनएचएआई के सीनियर इंजीनियर को पानी निकासी के तुरंत बाद कार्य शुरू करने के आदेश दिए।

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कारखाना अधिनियम, 1948 के तहत औद्योगिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने सहायक श्रम आयुक्त को पंजीकरण की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में उद्यमियों द्वारा उठाई गई अन्य समस्याओं पर भी जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में अपेक्षित निवेश अभी नहीं हो पा रहा है। इस दिशा में यूपीसीडा के प्रतिनिधि और उद्यमी मित्र, उद्यमियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर विशेष प्रयास करें, जिससे मऊ जनपद में उद्योगों के अनुकूल वातावरण बने और औद्योगिक विकास को गति मिले।

इस अवसर पर उपायुक्त उद्योग राजेश रोमन, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद दिनेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।

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पूर्व प्रधान के नवनिर्मित आवास से 53 लाख की भीषण चोरी, पुलिस को भनक तक नहीं


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के हलधरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मुहवा विजयगढ़ गांव में सोमवार की भोर चोरों ने एक बड़ी और सुनियोजित चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर पूर्व ग्राम प्रधान के नवनिर्मित आवास से करीब 45 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और 8 लाख 30 हजार रुपये नगद लेकर फरार हो गए। घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, डी.डी. पब्लिक स्कूल के प्रबंधक परशुराम भारद्वाज और उनके बड़े भाई, पूर्व ग्राम प्रधान विक्रम भारद्वाज का संयुक्त परिवार गांव के बाहर बने नए मकान में निवास करता है। सोमवार तड़के करीब 3 बजे चोरों ने मकान के बाहर रखी चौकी और बांस की सीढ़ी का इस्तेमाल कर खिड़की का शीशा हटाया और घर के अंदर प्रवेश किया।
चोरों ने परिवार के सभी कमरों के दरवाजों की कुंडी बाहर से बंद कर दी और उस कमरे को निशाना बनाया, जहां अलमारी और बक्सों में गहने व नकदी रखी थी। चोर अलमारी तोड़कर सोने-चांदी के कीमती आभूषण और 8.30 लाख रुपये नगद लेकर फरार हो गए।

सुबह करीब 4:30 बजे जब परशुराम भारद्वाज की मां दुलेश्वरी देवी जागीं और दरवाजा खोलने का प्रयास किया, तो वह बाहर से बंद मिला। शोर मचाने पर परिवार के अन्य सदस्यों को घटना की जानकारी हुई। सौभाग्य से बैठक में सो रहे पूर्व प्रधान विक्रम भारद्वाज के एक दरवाजे की कुंडी चोर बंद करना भूल गए थे, जिससे परिवार बाहर निकल सका।

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चोरी गए आभूषणों में सोने के हार, मंगलसूत्र, अंगूठियां, कंगन, पायल, चांदी की पैजनी, हंसली, बाली, कील, चेन, कड़ा सहित बड़ी संख्या में कीमती गहने शामिल हैं। इसके अलावा चोरों ने मकान के बाहर खड़ी तीन बाइकों के प्लग वायर काट दिए और पश्चिम दिशा में लगे बल्ब भी तोड़ दिए, ताकि परिवार पीछा न कर सके।

घटना की सूचना मिलते ही हलधरपुर थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। चोरी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। उल्लेखनीय है कि इसी मकान से हाल ही में 30 नवंबर को परशुराम भारद्वाज के भतीजे चेतन भारद्वाज की शादी हुई थी।

इस बड़ी चोरी की घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ समय में एक दर्जन से अधिक चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। इससे लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश भी देखा जा रहा है।

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पीड़ित परशुराम भारद्वाज ने थाने में तहरीर देकर शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द घटना के खुलासे की मांग की है। फिलहाल यह हाईटेक चोरी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

रोज़गार के अभाव में सिकंदरपुर से बढ़ता पलायन, युवाओं का भविष्य संकट में

सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। सिकंदरपुर क्षेत्र में पर्याप्त रोज़गार के अवसर न होने के कारण लगातार पलायन की समस्या गंभीर होती जा रही है। हालात यह हैं कि पढ़े-लिखे और हुनरमंद युवा मजबूरी में अपने गांव, परिवार और सामाजिक जड़ों को छोड़कर दिल्ली, मुंबई, सूरत जैसे महानगरों की ओर पलायन कर रहे हैं।

ग्रामीण इलाकों में अब अधिकांशतः बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे ही रह गए हैं, जबकि क्षेत्र की युवा शक्ति रोज़गार की तलाश में बाहर भटकने को मजबूर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सिकंदरपुर में उद्योग-धंधे, लघु एवं कुटीर उद्योग, स्वरोज़गार योजनाएं और कौशल प्रशिक्षण केंद्र पर्याप्त संख्या में होते, तो युवाओं को पलायन नहीं करना पड़ता।

क्षेत्र में न तो कोई बड़ा उद्योग स्थापित हो सका है और न ही छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीति दिखाई देती है। इसका नतीजा यह है कि हर वर्ष सैकड़ों युवा रोज़गार की तलाश में अपने घर-परिवार से दूर जा रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, पलायन का सीधा असर सामाजिक और पारिवारिक ढांचे पर भी पड़ रहा है। युवाओं के बाहर होने से खेती, पशुपालन और स्थानीय व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। बुजुर्गों को सहारे की कमी महसूस हो रही है, वहीं बच्चों की परवरिश और शिक्षा पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

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युवाओं का सवाल है कि क्या उन्हें अपने ही क्षेत्र में सम्मानजनक रोज़गार नहीं मिलना चाहिए? कब तक सिकंदरपुर केवल श्रम देने वाला क्षेत्र बना रहेगा और कब यहां रोज़गार देने वाले उद्योग स्थापित होंगे?

स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों ने सरकार एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि सिकंदरपुर में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, कौशल विकास केंद्रों की शुरुआत और स्वरोज़गार योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ठोस नीति बनाई जाए।

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यदि समय रहते रोज़गार सृजन की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में सिकंदरपुर से पलायन और तेज़ होगा, जिसका खामियाजा पूरे क्षेत्र को सामाजिक और आर्थिक रूप से भुगतना पड़ेगा।