Thursday, June 11, 2026
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बिहार में गणतंत्र दिवस की धूम, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर राज्यपाल तक ने फहराया तिरंगा

77वां गणतंत्र दिवस: पटना के गांधी मैदान में शान से फहराया तिरंगा, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने ली परेड की सलामी

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)देश आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास, गर्व और देशभक्ति की भावना के साथ मना रहा है। बिहार की राजधानी पटना में गणतंत्र दिवस का मुख्य राज्य स्तरीय समारोह ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित किया गया, जहां बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने तिरंगा फहराया और भव्य परेड की सलामी ली।
सुबह से ही गांधी मैदान और उसके आसपास का इलाका देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। सुरक्षा के मद्देनज़र जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे। हर आने-जाने वाले मार्ग पर कड़ी निगरानी रखी गई और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की मदद से पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई।

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गांधी मैदान में भव्य आयोजन, 12 विभागों की झांकियां आकर्षण का केंद्र
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर गांधी मैदान में आयोजित समारोह में बिहार सरकार के 12 विभागों की भव्य झांकियां निकाली गईं। इन झांकियों के माध्यम से राज्य सरकार की योजनाओं, सामाजिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कृषि और आधारभूत संरचना से जुड़ी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।
झांकियों ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा और बिहार के विकासशील चेहरे को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। परेड में शामिल पुलिस बल, एनसीसी कैडेट्स और विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने अनुशासन और देशभक्ति का अद्भुत उदाहरण पेश किया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीएम आवास पर फहराया झंडा
गांधी मैदान पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सरकारी आवास पर झंडारोहण किया। उन्होंने तिरंगे को सलामी दी और प्रदेशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संविधान के आदर्शों और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने दी शुभकामनाएं
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी अपने सरकारी आवास पर झंडा फहराया और तिरंगे को सलामी दी। उन्होंने प्रदेशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह दिन हमें संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है।
वहीं, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने 3 स्ट्रैंड रोड स्थित अपने सरकारी आवास पर झंडारोहण किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि गणतंत्र दिवस का यह गौरवपूर्ण अवसर हमें संविधान के मूल्यों, समानता, लोकतंत्र और राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का संदेश देता है।
विधानसभा और विधान परिषद में भी फहराया गया तिरंगा
बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह और विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने भी झंडारोहण किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में दोनों नेताओं ने प्रदेशवासियों और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की अपील की।
लालू यादव और तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया से दी बधाई
राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अपने आवास पर झंडा फहराया और 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए एनडीए सरकार पर निशाना साधा।
तेजस्वी यादव के पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को भी जन्म दिया, हालांकि उन्होंने लोकतंत्र और संविधान की मजबूती पर जोर दिया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, प्रशासन अलर्ट
गणतंत्र दिवस को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। गांधी मैदान के आसपास ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हुआ।
संविधान और लोकतंत्र के प्रति संकल्प का दिन
77वां गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र, समानता और सामाजिक न्याय के प्रति संकल्प को दोहराने का अवसर है। बिहार में आयोजित कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि राज्य विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों के रास्ते पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।

गणतंत्र दिवस 2026 की तस्वीर: झंडारोहण, श्रद्धांजलि और देशभक्ति का महासंगम

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) दिल्ली में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ ही गणतंत्र दिवस 2026 का शुभारंभ हुआ। राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, अन्य राज्यों की राजधानियों, जनपद मुख्यालयों और ग्रामीण अंचलों तक गणतंत्र दिवस समारोह पूरे हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया।


प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास और कार्यालय पर झंडारोहण कार्यक्रम किया। इसके साथ ही सभी विभागों के विभागाध्यक्षों ने अपने-अपने कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर 26 जनवरी भारत के ऐतिहासिक महत्व को याद किया। सरकारी कार्यालयों, कलेक्ट्रेट, तहसील, ब्लॉक कार्यालयों और पंचायत भवनों में राष्ट्रगान की गूंज सुनाई दी।


गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर सरकारी संस्थानों के साथ-साथ स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में विशेष आयोजन किए गए। विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों, नाट्य प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से संविधान, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण की गाथा को जीवंत किया।
विद्यालयों में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान बच्चों ने शहीद सैनिकों और महान स्वतंत्रता सेनानियों को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। शिक्षकों ने छात्रों को संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी। कई स्कूलों में बच्चों ने यह संकल्प लिया कि वे ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलकर देश को मजबूत बनाएंगे।


ग्रामीण अंचलों में भी गणतंत्र दिवस 2026 की धूम देखने को मिली। ग्राम पंचायतों, प्राथमिक विद्यालयों और सामुदायिक भवनों में झंडारोहण किया गया। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया और देश की एकता व अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। कहीं प्रभात फेरियां निकाली गईं तो कहीं देशभक्ति नारों से वातावरण गूंज उठा।
व्यापारी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने भी गणतंत्र दिवस समारोह में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर झंडारोहण कर गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि 26 जनवरी केवल एक तिथि नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों का प्रतीक है।

26 जनवरी भारत के इतिहास में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन 1950 में देश में संविधान लागू हुआ और भारत एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बना। इस अवसर पर वक्ताओं ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और अन्य महान नेताओं के योगदान को याद किया।
कई स्थानों पर देशभक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत शहीद स्मारकों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। लोगों ने उन वीर जवानों को नमन किया जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। युवाओं ने देश प्रेम में जीवन समर्पित करने की शपथ ली और राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प दोहराया।


शहरों में सांस्कृतिक मंचों से देशभक्ति गीतों की गूंज सुनाई दी। “ऐ मेरे वतन के लोगों” और “वंदे मातरम्” जैसे गीतों पर लोग भावविभोर हो उठे। गणतंत्र दिवस 2026 के इस अवसर पर पूरा देश एकजुट होकर तिरंगे के सम्मान में खड़ा नजर आया।


कुल मिलाकर, राष्ट्रपति से लेकर आम नागरिक तक, शहर से लेकर गांव तक, हर वर्ग ने गणतंत्र दिवस समारोह में सहभागिता निभाई। यह दिन न केवल उत्सव का बल्कि आत्ममंथन का भी अवसर है, जब हर भारतीय संविधान के प्रति अपनी निष्ठा दोहराता है और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प करता है।

US vs China: जंग हुई तो कौन पड़ेगा किस पर भारी?

US vs China: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी है कि अगर कनाडा चीन के साथ किसी भी तरह का व्यापार समझौता करता है, तो अमेरिका उस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लागू कर देगा। इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हलचल तेज हो गई है।

अमेरिका की यह नीति पहली बार नहीं देखी जा रही है। इससे पहले भी अमेरिका कई देशों पर तेल व्यापार, आयात-निर्यात और आर्थिक गतिविधियों को लेकर प्रतिबंध लगाता रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका और चीन के बीच सीधी टक्कर होती है, तो कौन सी महाशक्ति किस पर भारी पड़ेगी।

दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना: अमेरिका

अमेरिका को लंबे समय से दुनिया की सबसे शक्तिशाली सैन्य ताकत माना जाता है।
ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स के अनुसार अमेरिका की आर्मी, एयरफोर्स और नेवी दुनिया में सबसे मजबूत हैं।

वर्तमान में अमेरिका की

• आर्मी में लगभग 14 लाख जवान,
• एयरफोर्स में करीब 7 लाख सैनिक,
• और नेवी में 6 लाख से ज्यादा सैनिक तैनात हैं।

एयर पावर में अमेरिका का दबदबा

अमेरिका के पास 13,000 से अधिक एयरक्राफ्ट हैं, जिनमें

• 1,790 फाइटर जेट,

• और लगभग 5,000 हेलीकॉप्टर शामिल हैं।

इसके अलावा अमेरिकी सेना अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें ड्रोन टेक्नोलॉजी, मिसाइल डिफेंस सिस्टम और आधुनिक टैंक शामिल हैं।

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परमाणु ताकत में भी आगे

अमेरिका परमाणु हथियारों के मामले में भी शीर्ष देशों में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की असली ताकत सिर्फ सैनिकों की संख्या में नहीं, बल्कि उसकी तकनीकी श्रेष्ठता, वैश्विक सैन्य नेटवर्क और युद्ध रणनीतियों में है।
अमेरिकी नौसेना दुनिया के किसी भी महासागर में तैनात होकर ऑपरेशन चलाने में सक्षम है, जिससे उसे वैश्विक स्तर पर बड़ी बढ़त मिलती है।

ड्रैगन भी किसी से कम नहीं: चीन

ताकत के मामले में चीन भी पीछे नहीं है।
ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स के अनुसार चीन की सेना दुनिया में तीसरे स्थान पर है और उसे 0.0788 पावर इंडेक्स अंक मिला है।

सैनिकों की संख्या में चीन आगे

चीन की

• आर्मी में 25 लाख से ज्यादा जवान,
• एयरफोर्स में 4 लाख से अधिक सैनिक,
• और नौसेना में करीब 3.8 लाख सैनिक तैनात हैं।

सैन्य तकनीक और हथियार

चीन के पास

• 3,000 से ज्यादा एयरक्राफ्ट,
• 1,212 फाइटर जेट,
• और 281 अटैक हेलीकॉप्टर हैं।

चीन की सेना भी आधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस है। हाल के वर्षों में चीन ने अपनी मिसाइल प्रणाली, नौसेना और समुद्री ताकत में तेजी से सुधार किया है। चीन भी एक परमाणु संपन्न देश है।

क्षेत्रीय प्रभुत्व की रणनीति

विशेषज्ञों के अनुसार चीन की ताकत सिर्फ संख्या तक सीमित नहीं है। उसकी रणनीति और क्षेत्रीय प्रभुत्व को लेकर की गई तैयारियां भी उसे मजबूत बनाती हैं।
चीन अपने पड़ोसी देशों के साथ सीमा विवादों और क्षेत्रीय मामलों में लगातार शक्ति प्रदर्शन करता रहा है, जो उसकी वैश्विक दबदबे की नीति का हिस्सा है।

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अगर अमेरिका-चीन में जंग हुई तो क्या होगा?

अगर दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियां, अमेरिका और चीन, सीधे युद्ध में उतरती हैं तो यह सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं होगी।
इसका असर

• वैश्विक बाजार,
• तेल की कीमतों,
• खाद्य आपूर्ति,
• और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ेगा।

दोनों देशों के पास परमाणु हथियार होने के कारण यह टकराव बेहद विनाशकारी साबित हो सकता है। किसी भी तरह की सैन्य भिड़ंत पूरी दुनिया को गंभीर संकट में डाल सकती है।

डोनाल्ड ट्रंप की कनाडा को दी गई चेतावनी से साफ है कि अमेरिका वैश्विक व्यापार और राजनीति में सख्त रुख अपनाए हुए है। वहीं, चीन भी अपनी सैन्य और आर्थिक ताकत के दम पर किसी से पीछे हटने को तैयार नहीं दिखता।
ऐसे में अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

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Maine Plane Crash: टेकऑफ के दौरान विमान हादसा, जांच जारी

Maine Plane Crash: अमेरिका के मेन (Maine) राज्य से एक बड़ी विमान दुर्घटना की खबर सामने आई है। बैंगोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार रात टेकऑफ के दौरान एक निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
Federal Aviation Administration (FAA) के अनुसार, Bombardier Challenger 600 विमान रविवार रात करीब 7:45 बजे उड़ान भरते समय क्रैश हुआ।

विमान में सवार थे आठ लोग

FAA की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस Bombardier Challenger 600 विमान में कुल आठ लोग सवार थे। फिलहाल हादसे के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही FAA और National Transportation Safety Board (NTSB) ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

टेकऑफ के दौरान हुआ हादसा

यह हादसा उस समय हुआ जब विमान बैंगोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भर रहा था। टेकऑफ के दौरान विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा एजेंसियों और आपातकालीन सेवाओं को तुरंत मौके पर भेजा गया।

खराब मौसम को माना जा रहा संभावित वजह

हादसे के पीछे खराब मौसम को एक संभावित कारण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि रविवार को पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका में भीषण शीतकालीन तूफान सक्रिय था। इसी तूफान के चलते देशभर में हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं।

हालांकि, FAA ने अभी तक किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की असली वजह सामने आने की बात कही है।

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FAA और NTSB कर रहे संयुक्त जांच

FAA ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि Bombardier Challenger 600 विमान मेन के बैंगोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेकऑफ के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ।
FAA और NTSB इस हादसे की संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं। जांच एजेंसियां विमान के तकनीकी पहलुओं, मौसम की स्थिति और उड़ान से जुड़े अन्य कारकों का गहराई से विश्लेषण कर रही हैं।

आपातकालीन दल तुरंत मौके पर पहुंचे

The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, बैंगोर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की प्रवक्ता एमी थिबोडो ने एक बयान में कहा कि दुर्घटना के तुरंत बाद आपातकालीन दल मौके पर पहुंच गए, जिसके कारण रविवार रात एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।

इलाके से दूर रहने की अपील

एमी थिबोडो ने अपने बयान में बताया कि दुर्घटना के बारे में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जा सकती। उन्होंने स्थानीय निवासियों को दुर्घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा, “हम इस समय कोई अतिरिक्त जानकारी प्रदान करने में असमर्थ हैं।”

शीतकालीन तूफान से बिगड़े हालात

रविवार को पूर्वी अमेरिका में आए भीषण शीतकालीन तूफान ने सामान्य जनजीवन और हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया। खराब मौसम के कारण दृश्यता कम हो गई थी और तेज हवाओं व बर्फबारी ने उड़ानों को जोखिम भरा बना दिया था।

इसी वजह से कई एयरलाइंस ने एहतियातन उड़ानें रद्द की थीं।

विमान दुर्घटनाओं पर बढ़ी चिंता

इस हादसे के बाद अमेरिका में विमानन सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, जांच एजेंसियों का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

FAA और NTSB की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि Bombardier Challenger 600 विमान के क्रैश होने की असली वजह क्या थी। फिलहाल सभी की नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं।

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US-Iran Tensions: इंडिगो ने कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कीं

US-Iran Tensions: ईरान में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच गहराते टकराव के संकेतों के बीच भारत की निजी विमानन कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने रविवार को जानकारी दी कि मौजूदा हालात को देखते हुए उसने त्बिलिसी (जॉर्जिया) और अल्माटी (कजाकिस्तान) के लिए अपनी उड़ान सेवाएं रद्द कर दी हैं। इंडिगो के अनुसार, यह निर्णय यात्रियों और फ्लाइट क्रू की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
इंडिगो की ओर से जारी बयान के मुताबिक, 25 जनवरी को दिल्ली से त्बिलिसी और मुंबई से अल्माटी जाने वाली तथा वहां से लौटने वाली सभी निर्धारित उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह फैसला मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए एहतियातन उठाया गया कदम है और यात्रियों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

ईरान तनाव का विमानन सेवाओं पर असर

इंडिगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वह ईरान और उसके आसपास के क्षेत्रों में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
कंपनी के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण क्षेत्रीय हवाई मार्गों पर जोखिम बढ़ गया है, जिसको ध्यान में रखते हुए उड़ानों की समय-सारिणी में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।

कुछ उड़ानों में दोहा में फ्यूल स्टॉप

इंडिगो ने जानकारी दी कि सुरक्षा कारणों से 26 जनवरी को त्बिलिसी, अल्माटी, बाकू (अजरबैजान) और ताशकंद (उज्बेकिस्तान) से आने-जाने वाली कुछ उड़ानें दोहा (कतर) में थोड़े समय के लिए रुक सकती हैं।
यह रुकावट ईंधन भरने और रूट मैनेजमेंट के उद्देश्य से होगी, ताकि विमानों को संभावित जोखिम वाले हवाई क्षेत्रों से दूर रखा जा सके।

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एहतियाती कदम, स्थिति सामान्य होने पर समीक्षा

विमानन कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कदम पूरी तरह से एहतियाती है और जैसे ही हालात सामान्य होते हैं, उड़ान सेवाओं की दोबारा समीक्षा की जाएगी।
इंडिगो ने कहा कि वह हालात का आकलन लगातार कर रही है और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर विशेषज्ञ एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए हुए है।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

इंडिगो ने प्रभावित और यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस जरूर जांच लें।

कंपनी ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे किसी भी ताजा अपडेट के लिए इंडिगो की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल्स पर नजर बनाए रखें, ताकि असुविधा से बचा जा सके।

सैन्य टकराव में बदलने का अंदेशा

गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में हालिया घटनाओं के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि यह स्थिति किसी बड़े सैन्य टकराव में भी बदल सकती है।
इसी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियां अपने ऑपरेशंस और रूट्स में बदलाव कर रही हैं, ताकि यात्रियों और विमानन कर्मियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

अंतरराष्ट्रीय विमानन उद्योग पर असर

ईरान के आसपास के हवाई क्षेत्र को लेकर पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस सतर्कता बरत चुकी हैं। मौजूदा हालात में इंडिगो जैसी कंपनियां अपने विमानों को संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रखने के लिए रूट डायवर्जन, फ्यूल स्टॉप और फ्लाइट कैंसिलेशन जैसे कदम उठा रही हैं।

यह फैसला दिखाता है कि बदलते वैश्विक हालात का सीधा असर विमानन उद्योग पर पड़ रहा है।

सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

इंडिगो ने दोहराया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा से बड़ा कोई भी व्यावसायिक निर्णय नहीं है। कंपनी का कहना है कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी उड़ानों को लेकर उचित निर्णय लिए जाएंगे।

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चन्द्र दोष से मुक्ति की दिव्य कथा: श्रावण का अद्भुत वरदान

🌙 श्रावण विशेष चन्द्र कथा
चन्द्रदेव का तप, श्रावण मास और शिव कृपा का दिव्य रहस्य


भूमिका
श्रावण मास को भगवान शिव का प्रिय महीना कहा जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस पावन मास का चन्द्रदेव से भी अत्यंत गहरा संबंध है। श्रावण विशेष चन्द्र कथा के इस 11वें एपिसोड में हम जानेंगे कि कैसे चन्द्रदेव ने अपने दोषों से मुक्ति पाने के लिए कठोर तप किया, कैसे शिव कृपा से उनका पुनर्जन्म समान तेज लौटा और क्यों आज भी श्रावण मास में चन्द्र आराधना का विशेष महत्व है।
यह कथा केवल पौराणिक नहीं, बल्कि जीवन में धैर्य, संयम और आत्मशुद्धि का संदेश भी देती है।
🌙 चन्द्रदेव का पतन: अहंकार से रोग तक
पुराणों के अनुसार, चन्द्रदेव ने दक्ष प्रजापति की 27 कन्याओं से विवाह किया था, जो आगे चलकर 27 नक्षत्र बनीं। परंतु चन्द्रदेव का झुकाव केवल रोहिणी की ओर अधिक हो गया। यह पक्षपात अन्य पत्नियों के लिए असहनीय था।
दक्ष प्रजापति ने क्रोधित होकर चन्द्रदेव को क्षय रोग का शाप दे दिया।
धीरे-धीरे चन्द्रमा की कांति घटने लगी। संसार में अंधकार, असंतुलन और मानसिक अशांति फैलने लगी।
यहीं से श्रावण विशेष चन्द्र कथा का निर्णायक मोड़ प्रारंभ होता है।
🔱 श्रावण मास में चन्द्रदेव का कठोर तप
शाप से मुक्त होने के लिए चन्द्रदेव ने श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का संकल्प लिया। उन्होंने हिमालय के एकांत क्षेत्र में श्रावण के प्रत्येक सोमवार को निराहार रहकर शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और सोम अर्पित किया।
श्रावण मास की रात्रियों में चन्द्रदेव ने स्वयं को देखा—
क्षीण, तेजहीन और विवश।
यही आत्मबोध उनके तप की शक्ति बना।
श्रावण विशेष चन्द्र कथा बताती है कि जब तप में अहंकार नहीं, पश्चाताप हो, तो देवता भी कृपा करते हैं।
🌙 शिव कृपा और चन्द्रमा का पुनर्जन्म
चन्द्रदेव की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए।
शिव ने कहा—
“तुम पूर्ण रूप से शापमुक्त नहीं हो सकते, परंतु लोक कल्याण हेतु तुम्हें शुक्ल और कृष्ण पक्ष में बढ़ने-घटने का वरदान देता हूँ।”
यही कारण है कि आज चन्द्रमा अमावस्या से पूर्णिमा और फिर क्षय की ओर जाता है।
भगवान शिव ने चन्द्रदेव को अपने मस्तक पर स्थान दिया।
इसलिए शिव को चन्द्रशेखर कहा गया।
श्रावण विशेष चन्द्र कथा यहीं से शिव-चन्द्र के अटूट संबंध को स्थापित करती है।
🌿 श्रावण मास में चन्द्र पूजा का महत्व
श्रावण मास में चन्द्रदेव की पूजा करने से
मानसिक तनाव कम होता है
मन स्थिर होता है
नींद, भावना और निर्णय शक्ति संतुलित होती है
विशेष रूप से
सोमवार को चन्द्र मंत्र जप
पूर्णिमा की रात्रि ध्यान
शिवलिंग पर दूध मिश्रित जल अर्पण
यह सब श्रावण विशेष चन्द्र कथा में वर्णित फल प्रदान करता है।
🕉️ चन्द्र दोष और श्रावण उपाय
जिनकी कुंडली में चन्द्र दोष हो, उनके लिए श्रावण मास वरदान है।
सरल उपाय
सोमवार व्रत
“ॐ सोम सोमाय नमः” का 108 बार जप
सफेद वस्त्र, चावल, दूध का दान
यह उपाय श्रावण विशेष चन्द्र कथा की आत्मा हैं।
🌕 11वें एपिसोड का जीवन संदेश
चन्द्रदेव की कथा हमें सिखाती है
अहंकार पतन लाता है
तप आत्मशुद्धि करता है
श्रावण मास क्षमा और करुणा का द्वार है
जो व्यक्ति अपने दोष स्वीकार कर शिव शरण में जाता है, उसे नया प्रकाश मिलता है—ठीक वैसे ही जैसे चन्द्रमा को मिला।

26 जनवरी निधन इतिहास : कला, साहित्य व विचारधारा के स्तंभ

✍️ महत्वपूर्ण निधन इतिहास | 26 जनवरी
26 जनवरी को हुए निधन भारत और विश्व इतिहास में विशेष स्थान रखते हैं। यह तिथि जहां भारत के लिए गणतंत्र दिवस के रूप में गौरव का प्रतीक है, वहीं इस दिन कई ऐसी महान विभूतियाँ भी हमें छोड़कर गईं, जिनका योगदान सदियों तक स्मरणीय रहेगा।
26 जनवरी निधन इतिहास हमें उन व्यक्तित्वों की याद दिलाता है, जिन्होंने कला, साहित्य, राजनीति, दर्शन और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में अमूल्य योगदान दिया।
नीचे प्रस्तुत है 26 जनवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन का विस्तृत, तथ्यात्मक और शोधपरक विवरण।
🕊️ आर. के. लक्ष्मण (2015)
26 जनवरी को हुए निधन में आर. के. लक्ष्मण का नाम भारतीय पत्रकारिता और कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। वे भारत के सबसे प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट थे और “कॉमन मैन” के रचयिता के रूप में विश्वभर में पहचाने जाते हैं।
उनके कार्टून आम आदमी की भावनाओं, राजनीति की विडंबनाओं और सामाजिक सच्चाइयों को सटीक व्यंग्य के साथ प्रस्तुत करते थे।
26 जनवरी निधन इतिहास में उनका योगदान भारतीय लोकतंत्र की आवाज़ के रूप में सदैव जीवित रहेगा।
🕊️ करतार सिंह दुग्गल (2012)
26 जनवरी को हुए निधन में प्रसिद्ध साहित्यकार करतार सिंह दुग्गल का जाना भारतीय साहित्य के लिए बड़ा आघात था।
वे पंजाबी, हिंदी और उर्दू—तीनों भाषाओं में समान अधिकार से लिखने वाले दुर्लभ लेखक थे।
उनकी रचनाओं में मानवीय संवेदनाएँ, विभाजन की पीड़ा और सामाजिक यथार्थ प्रमुख विषय रहे।
26 जनवरी की पुण्यतिथि पर उन्हें साहित्य जगत श्रद्धापूर्वक स्मरण करता है।
🕊️ एम. ओ. एच. फ़ारूक (2012)
26 जनवरी निधन इतिहास में एम. ओ. एच. फ़ारूक एक वरिष्ठ भारतीय राजनीतिज्ञ के रूप में दर्ज हैं।
वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े रहे और केंद्रीय मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर कार्य किया।
लोकतांत्रिक मूल्यों, प्रशासनिक दक्षता और सामाजिक समरसता के लिए उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
26 जनवरी को हुए निधन में उनका स्थान एक कुशल राजनेता के रूप में सदैव बना रहेगा।
🕊️ माधव श्रीहरि अणे (1968)
26 जनवरी को हुए निधन में माधव श्रीहरि अणे भारत के स्वतंत्रता संग्राम के उन सपूतों में से थे, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए आजीवन संघर्ष किया।
वे न केवल स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि एक प्रखर चिंतक और समाजसेवी भी थे।
26 जनवरी इतिहास में उनका नाम राष्ट्रनिर्माण के सच्चे सेवक के रूप में अंकित है।
🕊️ मानवेन्द्र नाथ राय (1954)
26 जनवरी निधन इतिहास में मानवेन्द्र नाथ राय का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वे आधुनिक भारत के क्रांतिकारी विचारक, दार्शनिक और मानवतावाद के प्रबल समर्थक थे।
उन्होंने मार्क्सवाद से आगे बढ़कर “रेडिकल ह्यूमनिज़्म” की अवधारणा दी, जिसने वैश्विक राजनीतिक चिंतन को प्रभावित किया।
26 जनवरी को हुए निधन में उनका विचारधारात्मक योगदान आज भी प्रासंगिक है।
🕊️ एडवर्ड जेनर (1823)
26 जनवरी को हुए निधन में एडवर्ड जेनर का नाम चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
उन्होंने चेचक के टीके की खोज कर मानवता को एक घातक रोग से बचाया।
उन्हें “इम्यूनोलॉजी का जनक” कहा जाता है।
26 जनवरी इतिहास में उनका योगदान वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र में मील का पत्थर है।
📌 निष्कर्ष
26 जनवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन केवल तिथियाँ नहीं हैं, बल्कि वे प्रेरणा के स्रोत हैं।
इन महान व्यक्तित्वों ने अपने कार्यों से समाज, राष्ट्र और मानवता को दिशा दी।
26 जनवरी निधन इतिहास हमें यह सिखाता है कि विचार, कर्म और सेवा कभी मृत्यु के साथ समाप्त नहीं होते।

गणतंत्र दिवस और जन्म इतिहास: 26 जनवरी की ऐतिहासिक विरासत

26 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व: स्वतंत्रता, संस्कृति और सृजन की अमर गाथा

भारत के इतिहास में 26 जनवरी केवल गणतंत्र दिवस के कारण ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह तिथि उन महान व्यक्तित्वों के जन्म की भी साक्षी है जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन, साहित्य, संगीत और सामाजिक चेतना को नई दिशा दी।
26 जनवरी को जन्मे व्यक्ति भारतीय इतिहास और संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। इन व्यक्तित्वों का जीवन आज भी प्रेरणा देता है और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करता है।
रानी गाइदिनल्यू (1915)
निडर स्वतंत्रता सेनानी और जनजातीय चेतना की प्रतीक
26 जनवरी को जन्मी रानी गाइदिनल्यू भारत की सबसे साहसी महिला स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थीं। मणिपुर और नागालैंड क्षेत्र में उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध जनजातीय आंदोलन का नेतृत्व किया।
महज 13 वर्ष की आयु में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ने वाली रानी गाइदिनल्यू को अंग्रेजों ने आजीवन कारावास की सजा दी, लेकिन उनका साहस कभी नहीं टूटा।
भारत सरकार ने उनके योगदान को सम्मान देते हुए पद्म भूषण से अलंकृत किया।
26 जनवरी जन्म इतिहास में रानी गाइदिनल्यू का नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज है।
सत्यवती देवी (1906)
साम्यवादी विचारधारा और महिला सशक्तिकरण की अग्रदूत
26 जनवरी को जन्मी सत्यवती देवी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की एक प्रखर साम्यवादी महिला नेता थीं। उन्होंने महिलाओं को संगठित कर सामाजिक समानता, श्रमिक अधिकार और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया।
वे केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति की आवाज़ भी थीं।
उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि 26 जनवरी को जन्मे व्यक्ति केवल इतिहास नहीं, बल्कि विचारधारा होते हैं।
देवनाथ पाण्डेय ‘रसाल’ (1923)
जनभावनाओं के कवि और साहित्यिक चेतना
हिंदी साहित्य को समृद्ध करने वाले प्रसिद्ध कवि देवनाथ पाण्डेय ‘रसाल’ का जन्म भी 26 जनवरी को हुआ था।
उनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक यथार्थ और मानवीय संवेदना का गहरा समावेश मिलता है।
उन्होंने साहित्य को केवल शब्दों का संसार नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाया।
26 जनवरी प्रसिद्ध व्यक्ति की सूची में उनका योगदान साहित्य प्रेमियों के लिए अमूल्य है।
आचार्य चंदना (1937)
जैन धर्म की प्रथम महिला आचार्य
आचार्य चंदना जैन धर्म की पहली महिला आचार्य हैं और उनका जन्म 26 जनवरी को हुआ।
उन्होंने आध्यात्मिक अनुशासन, अहिंसा और करुणा के मूल्यों को समाज तक पहुँचाया।
महिला नेतृत्व के क्षेत्र में उनका योगदान ऐतिहासिक है।
26 जनवरी जन्म इतिहास में आचार्य चंदना का नाम आध्यात्मिक क्रांति का प्रतीक है।
प्रदीप सोमासुंदरन (1967)
शास्त्रीय और फ़िल्मी संगीत का मधुर संगम
26 जनवरी को जन्मे प्रदीप सोमासुंदरन भारतीय संगीत जगत के जाने-माने पार्श्वगायक हैं।
उन्होंने शास्त्रीय संगीत, भक्ति गीतों और फ़िल्मी संगीत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
उनकी आवाज़ भारतीय सांस्कृतिक विरासत की मधुर अभिव्यक्ति है।
26 January born personalities India में उनका नाम संगीत प्रेमियों के लिए विशेष महत्व रखता है।
26 जनवरी जन्म इतिहास का राष्ट्रीय महत्व
26 जनवरी को जन्मे ये सभी महान व्यक्तित्व अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े थे, लेकिन इन सभी में एक समानता थी—राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण।
चाहे स्वतंत्रता संग्राम हो, साहित्य, संगीत या आध्यात्मिक चेतना—26 जनवरी को जन्मे व्यक्ति भारत की आत्मा को सशक्त बनाते हैं।

निष्कर्ष
26 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व केवल अतीत का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे आज भी भारत की चेतना में जीवित हैं।
उनका जीवन संघर्ष, सेवा और सृजन का संदेश देता है।
26 जनवरी को जन्मे व्यक्ति भारत के गौरव, साहस और सांस्कृतिक समृद्धि के स्थायी स्तंभ हैं।

किस राशि पर बरसेगा भाग्य और कौन रहे सावधान

🔷 26 जनवरी 2026 का राशिफल: चंद्रमा मेष में, शनि मीन में – जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल

🔹 आज का राशिफल |
26 जनवरी 2026, सोमवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के कारण सभी 12 राशियों के लिए विशेष प्रभाव लेकर आया है। आज चंद्रमा मेष राशि, शनि मीन, राहु कुंभ, केतु सिंह, जबकि सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल मकर राशि में गोचर कर रहे हैं।
इन ग्रह योगों का असर नौकरी, व्यवसाय, करियर, शिक्षा, राजनीति, प्रेम, स्वास्थ्य और धन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
यह आज का राशिफल 26 जनवरी 2026 उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो अपने दिन की शुरुआत सही दिशा में करना चाहते हैं।

🔴 मेष राशि (Aries Horoscope Today 26 January 2026)
आज मेष राशि वालों का दिन आत्मविश्वास और सफलता से भरा रहेगा। आप कार्यक्षेत्र में अलग ही चमक बिखेरेंगे।
नौकरी व करियर: प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
व्यवसाय: व्यापार में लाभ, नया अनुबंध संभव।
प्रेम व परिवार: रिश्तों में मिठास, संतान से सुख।
स्वास्थ्य: ऊर्जा से भरपूर रहेंगे।
🔹 शुभ उपाय: लाल वस्तु पास रखें।
🟢 वृषभ राशि (Taurus Horoscope Today)
आज खर्चों में वृद्धि से मन थोड़ा परेशान रह सकता है।
नौकरी: कार्य का दबाव रहेगा, लेकिन परिणाम सकारात्मक।
व्यवसाय: धीमी लेकिन स्थिर प्रगति।
प्रेम जीवन: भावनात्मक सहयोग मिलेगा।
स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें।
🔹 शुभ उपाय: हरी वस्तु पास रखें।
🟡 मिथुन राशि (Gemini Horoscope Today 26 January 2026)
आर्थिक मामलों में दिन शुभ है।
धन लाभ: नए आय स्रोत बन सकते हैं।
करियर: मीडिया, लेखन, शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए अच्छा दिन।
प्रेम: संवाद बनाए रखें।
स्वास्थ्य: मानसिक थकान संभव।
🔹 शुभ उपाय: काली जी को प्रणाम करें।
🔵 कर्क राशि (Cancer Horoscope Today)
आज सफलता आपके कदम चूमेगी।
नौकरी व व्यापार: रुके काम पूरे होंगे।
कानूनी मामला: फैसला पक्ष में।
प्रेम व संतान: सुखद समाचार।
स्वास्थ्य: उत्तम।
🔹 शुभ उपाय: लाल वस्तु पास रखें।
🟠 सिंह राशि (Leo Horoscope Today)
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा।
रोजगार: उन्नति के अवसर।
राजनीति: मान-सम्मान बढ़ेगा।
प्रेम: रिश्तों में स्थिरता।
स्वास्थ्य: थोड़ी सावधानी जरूरी।
🔹 शुभ उपाय: पीली वस्तु पास रखें।
🟣 कन्या राशि (Virgo Horoscope Today)
दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है।
नौकरी: कार्य में रुकावट।
व्यवसाय: बड़ा जोखिम न लें।
प्रेम व परिवार: धैर्य जरूरी।
स्वास्थ्य: चोट-चपेट से बचें।
🔹 शुभ उपाय: शनिदेव को प्रणाम करें।
⚖️ तुला राशि (Libra Horoscope Today 26 January 2026)
प्रेम और सहयोग का दिन।
जीवनसाथी: पूरा साथ मिलेगा।
प्रेम संबंध: मुलाकात के योग।
व्यवसाय: लाभदायक दिन।
स्वास्थ्य: अच्छा रहेगा।
🔹 शुभ उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें।
🦂 वृश्चिक राशि (Scorpio Horoscope Today)
आज पराक्रम बढ़ा हुआ रहेगा।
शत्रु पक्ष: कमजोर होगा।
व्यवसाय: योजनाएं सफल।
प्रेम: संतुलित रहेगा।
स्वास्थ्य: मध्यम।
🔹 शुभ उपाय: पीली वस्तु पास रखें।
🏹 धनु राशि (Sagittarius Horoscope Today)
भावनाओं में बहकर निर्णय न लें।
सरकारी कार्य: लाभ के योग।
प्रेम व संतान: बहुत अच्छा।
करियर: स्थिर प्रगति।
🔹 शुभ उपाय: लाल वस्तु पास रखें।
🐐 मकर राशि (Capricorn Horoscope Today 26 January 2026)
प्रभाव और नेतृत्व का दिन।
नौकरी: पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
व्यवसाय: लाभ के योग।
प्रॉपर्टी: खरीद संभव।
परिवार: विवाद से बचें।
🔹 शुभ उपाय: काली जी को प्रणाम करें।
🌊 कुंभ राशि (Aquarius Horoscope Today)
व्यापार के लिए दिन अनुकूल।
परिवार: सहयोग मिलेगा।
सरकारी तंत्र: टकराव से बचें।
प्रेम: थोड़ी दूरी महसूस होगी।
🔹 शुभ उपाय: हरी वस्तु पास रखें।
🐟 मीन राशि (Pisces Horoscope Today 26 January 2026)
राहत और सुधार का दिन।
स्वास्थ्य: सुधार के संकेत।
प्रेम: भावनात्मक मजबूती।
करियर व नौकरी: सहयोग मिलेगा।
व्यवसाय: स्थिर लाभ।
🔹 शुभ उपाय: लाल वस्तु पास रखें।

IND vs NZ 3rd T20I: भारत की 8 विकेट से जीत, सीरीज में 3-0 बढ़त

IND vs NZ 3rd T20I: भारत ने न्यूजीलैंड को तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 10 ओवर शेष रहते आठ विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। रविवार को गुवाहाटी के बारसपारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में टीम इंडिया ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में दमदार प्रदर्शन किया।टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने 36 रन के स्कोर पर तीन अहम विकेट गंवा दिए।
हार्दिक पांड्या ने पहले ही ओवर में डेवोन कॉनवे (1) को शानदार कैच पर आउट कराया। अगले ओवर में रचिन रवींद्र (4) भी बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में पांड्या का शिकार बने। इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने टिम सिफर्ट (12) को बोल्ड कर मेहमान टीम को दबाव में डाल दिया।

फिलिप्स और चैपमैन की अहम साझेदारी

शुरुआती झटकों के बाद न्यूजीलैंड को ग्लेन फिलिप्स और मार्क चैपमैन ने संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच 52 रनों की अहम साझेदारी हुई।
फिलिप्स ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए 48 रन बनाए, लेकिन अर्धशतक से पहले ही रवि बिश्नोई की सटीक गेंद पर आउट हो गए। वहीं, चैपमैन ने 23 गेंदों में 32 रन की तेज पारी खेली, जिसमें दो चौके और दो छक्के शामिल थे।

भारतीय गेंदबाजों का दबदबा

मध्यक्रम के बाद न्यूजीलैंड की पारी एक बार फिर लड़खड़ा गई।
जसप्रीत बुमराह ने तीन विकेट लेकर रनगति पर लगाम लगाई, जबकि हार्दिक पांड्या और रवि बिश्नोई ने बीच के ओवरों में लगातार दबाव बनाए रखा।
कुलदीप यादव को छोड़ दें तो भारतीय गेंदबाजों ने कहीं भी ढील नहीं दी और न्यूजीलैंड को 20 ओवर में 9 विकेट पर 153 रन तक सीमित कर दिया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत की विस्फोटक शुरुआत

154 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को पहला झटका जल्दी लगा।

संजू सैमसन लगातार तीसरे मैच में फेल

सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन एक बार फिर निराशाजनक प्रदर्शन करते नजर आए। वह पहली ही गेंद पर मैट हेनरी का शिकार बन गए और बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए।
इस सीरीज में सैमसन अब तक केवल 16 रन ही बना पाए हैं। टी20 विश्व कप से पहले उनका यह खराब फॉर्म भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

ईशान किशन ने दिखाई आक्रामकता

सैमसन के आउट होने के बाद तीसरे नंबर पर उतरे ईशान किशन ने आते ही आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने अपनी पारी की तीसरी गेंद पर छक्का लगाकर इरादे साफ कर दिए।
ईशान ने अभिषेक शर्मा के साथ दूसरे विकेट के लिए 53 रनों की साझेदारी निभाई। उन्होंने 215.38 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 28 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और दो छक्के शामिल थे।

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भारत का रिकॉर्डतोड़ पावरप्ले

भारत ने महज 3.1 ओवर में 50 रन पूरे कर लिए और अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले टीम इंडिया ने 2023 में बांग्लादेश के खिलाफ 3.4 ओवर में 50 रन बनाए थे।

पावरप्ले में भारत ने इस मुकाबले में दो विकेट पर 94 रन बनाए, जो उसका दूसरा सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है।
इससे पहले भारत ने वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ पावरप्ले में 95/1 रन बनाए थे।

अभिषेक शर्मा का तूफानी अर्धशतक

इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा का बल्ला जमकर बोला। उन्होंने महज 14 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया।
इसके साथ ही वह युवराज सिंह (12 गेंद) के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत के लिए सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए।
वहीं, किसी फुल मेंबर टीम के खिलाफ यह संयुक्त रूप से तीसरा सबसे तेज अर्धशतक है। इस मामले में उन्होंने कॉलिन मुनरो की बराबरी कर ली।

सूर्यकुमार यादव का लगातार दूसरा शानदार प्रदर्शन

कप्तान सूर्यकुमार यादव ने लगातार दूसरे मैच में अपनी क्लास दिखाई। उन्होंने 25 गेंदों में अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 23वां अर्धशतक पूरा किया और भारत की जीत सुनिश्चित की।
पिछले मुकाबले में भी सूर्यकुमार ने कप्तानी पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी। आगामी टी20 विश्व कप से पहले उनका फॉर्म में लौटना विरोधी टीमों के लिए खतरे की घंटी है।

अभिषेक–सूर्यकुमार की नाबाद साझेदारी

अभिषेक शर्मा और सूर्यकुमार यादव के बीच तीसरे विकेट के लिए 40 गेंदों में 102 रनों की नाबाद साझेदारी हुई। दोनों बल्लेबाजों ने भारत को महज 10 ओवर में 155 रन तक पहुंचाकर शानदार जीत दिलाई।

सीरीज में भारत का दबदबा

इस जीत के साथ ही भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है। भारतीय टीम का आत्मविश्वास चरम पर है और शेष मुकाबलों में भी टीम का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।

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Toilet में मोबाइल चलाने की आदत सेहत के लिए कितनी खतरनाक?

हाई-टेक्नोलॉजी के इस दौर में लोगों के लिए मोबाइल फोन से कुछ मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल होता जा रहा है। रील्स देखने और सोशल मीडिया पर समय बिताने की आदत इतनी बढ़ चुकी है कि लोग Toilet में भी मोबाइल अपने साथ ले जाने लगे हैं और जरूरत से ज्यादा वक्त वहीं बिता देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपकी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है?

रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली बातें

टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की बढ़ती आदत को लेकर कई रिसर्च की गई हैं। इन रिसर्च में यह साफ पाया गया कि जो लोग टॉयलेट में लंबे समय तक मोबाइल चलाते हैं, उनमें पाचन संबंधी समस्याएं और पाइल्स की शिकायत ज्यादा देखने को मिलती है।

टॉयलेट सीट पर ज्यादा देर तक बैठे रहने से रेक्टम पर दबाव पड़ता है, जिससे पाइल्स होने का खतरा अन्य लोगों की तुलना में बढ़ जाता है। साथ ही पेट पर दबाव बढ़ने से पाचन शक्ति कमजोर होती है और कब्ज की समस्या भी बढ़ सकती है।

मांसपेशियों और हड्डियों पर पड़ता है असर

टॉयलेट में मोबाइल देखने की आदत से मांसपेशियों और हड्डियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लगातार गर्दन झुकाकर मोबाइल देखने से गर्दन और कंधों में दर्द व जकड़न की समस्या बढ़ जाती है। इससे रीढ़ की हड्डी भी प्रभावित हो सकती है। जिन लोगों को पहले से स्पाइन या कमर से जुड़ी समस्या है, उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए।

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सर्वाइकल का खतरा भी बढ़ता है

मोबाइल चलाते समय गलत पोस्चर अपनाने से सर्वाइकल की समस्या का खतरा बढ़ जाता है। टॉयलेट में लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से सिर और गर्दन के ऊपरी हिस्से पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे तेज सिरदर्द और गर्दन दर्द की परेशानी हो सकती है।

पेट भी नहीं हो पाता पूरी तरह साफ

टॉयलेट में मोबाइल ले जाने से उस पर खतरनाक बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। बार-बार मोबाइल छूने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ता है।
इसके अलावा, मोबाइल इस्तेमाल करने से मेंटल प्रेशर बढ़ता है और पेट पूरी तरह साफ नहीं हो पाता। शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकालने की प्रक्रिया में दिमाग की अहम भूमिका होती है। जब दिमाग मोबाइल में व्यस्त रहता है, तो यह प्रक्रिया पूरी तरह से नहीं हो पाती और पेट में बची गंदगी धीरे-धीरे शरीर को बीमार करने लगती है।

सावधानी ही है बचाव

विशेषज्ञों के अनुसार, टॉयलेट में मोबाइल का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। यह न केवल पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि हड्डियों, मांसपेशियों और मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालता है।

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी नई आदत या गतिविधि को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

BCCI अध्यक्ष का 84 वर्ष की उम्र में निधन

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह बिंद्रा (IS Bindra) का रविवार को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से भारतीय क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद खबर की पुष्टि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के चेयरमैन जय शाह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से की।

जय शाह ने इमोशनल पोस्ट साझा करते हुए लिखा,
“भारतीय क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेशन के दिग्गज और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष आईएस बिंद्रा के निधन पर गहरी संवेदनाएं। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। ॐ शांति।”

अचानक बिगड़ी तबीयत, शाम को हुआ निधन

परिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, रविवार दोपहर भोजन करने के बाद इंद्रजीत सिंह बिंद्रा की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी थी। इसके बाद शाम लगभग 6:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही क्रिकेट प्रशासन से जुड़े कई दिग्गजों और खेल प्रेमियों ने शोक व्यक्त किया।

सोमवार को होगा अंतिम संस्कार

पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर लोधी शमशान घाट में किया जाएगा। उनके अंतिम दर्शन के लिए क्रिकेट जगत से जुड़े कई बड़े नामों के पहुंचने की संभावना है।

BCCI अध्यक्ष के रूप में अहम भूमिका

इंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने 1993 से 1996 तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली। उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय क्रिकेट प्रशासन को मजबूती मिली और कई अहम फैसले लिए गए, जिन्होंने आगे चलकर भारतीय क्रिकेट की दिशा तय की।

पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन से लंबा जुड़ाव

बीसीसीआई अध्यक्ष बनने से पहले और बाद में भी बिंद्रा का पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) से गहरा नाता रहा।
उन्होंने 1978 से 2014 तक करीब 36 वर्षों तक पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर कार्य किया। उनके लंबे कार्यकाल को पंजाब क्रिकेट के विकास के लिए बेहद अहम माना जाता है।

IS Bindra Stadium: सम्मान की पहचान

क्रिकेट प्रशासन में उनके योगदान को सम्मान देते हुए वर्ष 2015 में मोहाली के पीसीए स्टेडियम का नाम बदलकर आईएस बिंद्रा स्टेडियम रखा गया। यह स्टेडियम आज भी उनके योगदान की पहचान के रूप में जाना जाता है और कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का गवाह रहा है।

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1987 वर्ल्ड कप में अहम भूमिका

क्रिकेट इतिहास में इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का नाम एक और बड़ी उपलब्धि से जुड़ा हुआ है।
माना जाता है कि 1987 क्रिकेट वर्ल्ड कप की मेजबानी भारत को दिलाने में इंद्रजीत सिंह बिंद्रा और बीसीसीआई के एक अन्य पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने अहम भूमिका निभाई थी। यह टूर्नामेंट भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ।

क्रिकेट जगत में शोक की लहर

इंद्रजीत सिंह बिंद्रा के निधन पर क्रिकेट प्रशासकों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने गहरा दुख जताया है। उनका जीवन भारतीय क्रिकेट प्रशासन के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। उन्होंने न केवल संगठनात्मक मजबूती दी बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय क्रिकेट की पहचान को भी मजबूत किया।

विरासत जो प्रेरणा देती रहेगी

आईएस बिंद्रा का नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा। बीसीसीआई और पीसीए में उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। उनका प्रशासनिक अनुभव, दूरदर्शिता और क्रिकेट के प्रति समर्पण भारतीय खेल जगत की अमूल्य धरोहर है।

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77वें गणतंत्र दिवस पर पुलिस लाइन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूमवित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना रहे मुख्य अतिथि एक्स

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शाहजहाँपुर(राष्ट्र की परम्परा)77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन में भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ हुईं। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं व कलाकारों द्वारा देशभक्ति गीत, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमें संविधान के मूल्यों, एकता और अखंडता को बनाए रखने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से युवाओं में देशप्रेम की भावना और मजबूत होती है।

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कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। समारोह में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

26 जनवरी की प्रमुख घटनाएँ: भारत और विश्व इतिहास का आईना

✨ 26 जनवरी का इतिहास केवल एक तारीख नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक स्वाभिमान, संवैधानिक चेतना और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है। इसी दिन भारत ने स्वयं को एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया। इसके साथ-साथ 26 जनवरी विश्व इतिहास में भी कई राजनीतिक, सैन्य, सामाजिक और सांस्कृतिक घटनाओं का साक्षी रहा है।
यह लेख 26 जनवरी की प्रमुख घटनाएँ, गणतंत्र दिवस का इतिहास, और इससे जुड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रसंगों को सरल, तथ्यपरक और खोज-अनुकूल भाषा में प्रस्तुत करता है।

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🇮🇳 26 जनवरी 1950: भारत का स्वर्णिम अध्याय
26 जनवरी 1950 को भारत में संविधान लागू हुआ और देश आधिकारिक रूप से गणराज्य बना।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति बने, जबकि चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ने गवर्नर जनरल पद से त्यागपत्र दिया।
इसी दिन—
अशोक स्तंभ के सिंह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक बने
फेडरल कोर्ट ऑफ इंडिया का नाम बदलकर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया रखा गया
एच.एम.आई.एस. दिल्ली का नाम बदलकर आई.एन.एस. दिल्ली किया गया
यह दिन भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का प्रतीक है।

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🦚 राष्ट्रीय पहचान से जुड़े ऐतिहासिक निर्णय
26 जनवरी 1963 को भारत सरकार ने मोर को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया।
1972 में शहीद सैनिकों की स्मृति में अमर जवान राष्ट्रीय स्मारक की स्थापना हुई।
1982 में भारतीय रेल ने शाही पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु पैलेस ऑन व्हील्स सेवा शुरू की।
⚠️ प्राकृतिक आपदा और राष्ट्रीय स्मृति
26 जनवरी 2001 को गुजरात के भुज में आया 7.7 तीव्रता का भूकंप आधुनिक भारत की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है। इस त्रासदी ने आपदा प्रबंधन नीतियों में बड़े सुधार की दिशा तय की।

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🛰️ रक्षा, विज्ञान और कूटनीति
2002: 53वें गणतंत्र दिवस पर अग्नि-2 मिसाइल प्रमुख आकर्षण रही
2003: ईरान के राष्ट्रपति सैयद मोहम्मद खातमी भारत के मुख्य अतिथि बने
2004: ब्रिटेन की महारानी ने बिल गेट्स को नाइटहुड देने की घोषणा की
🏏 खेल और सम्मान (2010)
26 जनवरी 2010 को भारत ने बांग्लादेश को मीरपुर टेस्ट में हराकर सीरीज़ 2-0 से जीती।
इसी दिन पद्म पुरस्कारों की घोषणा हुई, जिनमें शामिल रहे—
ए.आर. रहमान
आमिर ख़ान
रेखा
साइना नेहवाल
वीरेंद्र सहवाग
नारायण कार्तिकेयन
यह वर्ष भारतीय खेल और कला जगत के लिए ऐतिहासिक रहा।

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🌍 अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ
1930: भारत में पहली बार स्वराज दिवस मनाया गया
1931: सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी रिहा
1934: जर्मनी-पोलैंड अनाक्रमण संधि
1666: फ्रांस ने इंग्लैंड के विरुद्ध युद्ध घोषित किया

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📌 निष्कर्ष
26 जनवरी का इतिहास भारत की आत्मा, संघर्ष, उपलब्धियों और वैश्विक जुड़ाव को दर्शाता है। यह दिन हमें संविधान, कर्तव्य और नागरिक चेतना की याद दिलाता है।
गणतंत्र दिवस का इतिहास न केवल अतीत की झलक है, बल्कि भविष्य की दिशा भी तय करता है।

कौन-सा मूलांक बनायेगा आज आपको सफल

🔮 मूलांक के अनुसार जानें कैसा रहेगा आपका कल, करियर, प्रेम, धन और भविष्य का पूरा विश्लेषण


अंक ज्योतिष में मूलांक के माध्यम से व्यक्ति के स्वभाव, निर्णय क्षमता, भविष्य की संभावनाओं और दैनिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण किया जाता है।
मूलांक 1 से 9 तक होते हैं, जो जन्म तिथि के अंकों को जोड़कर प्राप्त किए जाते हैं।
उदाहरण: यदि किसी व्यक्ति का जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है तो उसका मूलांक 1 होगा।
26 जनवरी 2026 का दिन न केवल राष्ट्रीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि अंक ज्योतिष के अनुसार भी यह दिन कई मूलांकों के लिए बदलाव, निर्णय और अवसर लेकर आ रहा है।
मूलांक 1 (जन्म तिथि: 1, 10, 19, 28)
Numerology Horoscope 26 January 2026 के अनुसार मूलांक 1 वालों के लिए यह दिन नेतृत्व और आत्मविश्वास से भरा रहेगा।
नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या प्रमोशन का संकेत मिल सकता है।
व्यवसाय में कोई बड़ा फैसला लेने का मन बनेगा, जिसमें सफलता के योग हैं।
राजनीति या प्रशासन से जुड़े लोगों को जनसमर्थन मिलेगा।
प्रेम जीवन में साथी आपकी बातों को गंभीरता से लेगा।
स्वास्थ्य में हल्की थकान संभव है, पर्याप्त आराम जरूरी है।
🌙 मूलांक 2 (जन्म तिथि: 2, 11, 20, 29)
Numerology Horoscope 26 January 2026 बताता है कि आज आप भावनात्मक रूप से संवेदनशील रह सकते हैं।
रिश्तों में गलतफहमी से बचें और संवाद बनाए रखें।
शिक्षा से जुड़े छात्रों का मन पढ़ाई से भटक सकता है, ध्यान केंद्रित करना जरूरी होगा।
करियर में सहयोगियों का सहयोग मिलेगा।
प्रेम जीवन में भावनाओं को संतुलित रखें।
स्वास्थ्य के लिहाज से हल्का भोजन करें।
🔱 मूलांक 3 (जन्म तिथि: 3, 12, 21, 30)
आज का दिन आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहेगा।
Numerology Horoscope 26 January 2026 के अनुसार अटके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं।
नौकरी और व्यवसाय दोनों में लाभ के संकेत हैं।
शिक्षा क्षेत्र में सफलता मिलेगी।
राजनीति, मीडिया और शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए दिन शुभ है।
स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, नींद पूरी लें।
🧱 मूलांक 4 (जन्म तिथि: 4, 13, 22, 31)
मूलांक 4 वालों के लिए यह दिन जिम्मेदारियों से भरा रहेगा।
काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन सही योजना से आप सब संभाल लेंगे।
व्यवसाय में स्थिरता आएगी।
परिवार को समय देना जरूरी होगा।
स्वास्थ्य के लिए योग और मेडिटेशन लाभकारी रहेगा।
🌪️ मूलांक 5 (जन्म तिथि: 5, 14, 23)
Numerology Horoscope 26 January 2026 के अनुसार यह दिन उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है।
अचानक यात्रा या मुलाकात के योग बन रहे हैं।
धन निवेश में सावधानी रखें।
प्रेम जीवन में उत्साह रहेगा।
डिजिटल स्क्रीन से दूरी बनाएं।
💖 मूलांक 6 (जन्म तिथि: 6, 15, 24)
आज का दिन रिश्तों और प्रेम के लिए बेहद शुभ है।
जीवनसाथी के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।
कला, फैशन, मीडिया और डिजाइन से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी।
स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन देर रात भोजन से बचें।
🔮 मूलांक 7 (जन्म तिथि: 7, 16, 25)
मूलांक 7 वालों का मन आध्यात्मिक और आत्मविश्लेषण की ओर रहेगा।
आज अकेले रहकर सोचने और सीखने का मन करेगा।
शिक्षा और रिसर्च से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल है।
स्वास्थ्य में लापरवाही न करें।
⚙️ मूलांक 8 (जन्म तिथि: 8, 17, 26)
Numerology Horoscope 26 January 2026 के अनुसार आज मेहनत अधिक और परिणाम धीरे मिलेंगे।
धैर्य रखना जरूरी है।
व्यवसाय में दीर्घकालिक योजना बनाना लाभकारी होगा।
स्वास्थ्य के लिए व्यायाम जरूरी है।
🔥 मूलांक 9 (जन्म तिथि: 9, 18, 27)
मूलांक 9 वालों के लिए दिन ऊर्जा से भरा रहेगा।
नौकरी में तेजी से काम निपटाने का मौका मिलेगा।
राजनीति, सेना, पुलिस और खेल से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है।
गुस्से पर नियंत्रण रखें।
निवेश फिलहाल टालें।
📌 अंक ज्योतिष से जुड़ी महत्वपूर्ण सलाह
निर्णय सोच-समझकर लें
भावनाओं और व्यवहार में संतुलन रखें
स्वास्थ्य और भोजन पर विशेष ध्यान दें
📢 डिस्क्लेमर – यह लेख Numerology Horoscope 26 January 2026 पर आधारित सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर तैयार किया गया है। यह पूर्णतः सत्य या सटीक होने का दावा नहीं करता। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।