Thursday, May 14, 2026
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लोकतंत्र की मजबूती के लिए जागरूक मतदान जरूरी: आयुक्त अखिलेश सिंह

बस्ती, (राष्ट्र की परम्परा)राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर बस्ती मण्डलायुक्त कार्यालय के आयुक्त सभागार में एक भव्य मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मण्डलायुक्त अखिलेश सिंह ने की, जहां उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई गई।
मण्डलायुक्त अखिलेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुरुआत वर्ष 2011 में की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है, जब हर मतदाता निर्भीक, निष्पक्ष और जागरूक होकर मतदान करे।
उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से आह्वान किया कि वे जाति, धर्म, सम्प्रदाय, वर्ग, भाषा या किसी भी प्रकार के प्रलोभन से ऊपर उठकर एक योग्य और सक्षम उम्मीदवार का चयन करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी नागरिकों का दायित्व है कि वे स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया की गरिमा को बनाए रखें।

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कार्यक्रम के दौरान यह संकल्प लिया गया कि सभी लोकतांत्रिक परम्पराओं का पालन करेंगे और दूसरों को भी मतदाता जागरूकता के लिए प्रेरित करेंगे। राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 का यह आयोजन लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
इस अवसर पर अपर आयुक्त (न्यायिक) सुरेन्द्र प्रसाद यादव, अपर आयुक्त (प्रशासन) मनोज कुमार तिवारी, संयुक्त विकास आयुक्त निर्मल कुमार द्विवेदी, उप निदेशक पंचायत समरजीत यादव, मण्डलीय सांख्यिकी अधिकारी प्रवीण चौधरी, निरीक्षक राजकीय कार्यालय अश्वनी कन्नौजिया सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जागरूक मतदाता ही मजबूत लोकतंत्र की नींव होता है, और राष्ट्रीय मतदाता दिवस इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।

महोत्सव की सफलता पर डीएम ने की टीम वर्क की सराहना

उत्तर प्रदेश दिवस 2026: महराजगंज में भव्य सम्मान समारोह, अधिकारियों-कर्मचारियों का हुआ अभिनंदन

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।उत्तर प्रदेश दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत कलेक्ट्रेट परिसर, महराजगंज में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महराजगंज महोत्सव के सफल आयोजन में योगदान देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सहयोगी कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि महराजगंज महोत्सव अब जनपद की पहचान बन चुका है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का माध्यम है, बल्कि स्थानीय कलाकारों, उद्यमियों और युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम और विभिन्न चुनौतियों के बावजूद महोत्सव का सफल आयोजन सभी विभागों के समन्वय और टीम वर्क का परिणाम है।

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जिलाधिकारी ने तत्कालीन एवं वर्तमान मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), जिला सूचना अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा नगर पालिका परिषद महराजगंज के अधिशासी अधिकारी की विशेष सराहना की। साथ ही पुलिस प्रशासन, मीडिया प्रतिनिधियों, जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज एवं जीएस वीएस इंटर कॉलेज के प्रबंधन द्वारा दिए गए सहयोग की प्रशंसा भी की।
उन्होंने कहा कि महोत्सव स्थल पर तैनात सफाईकर्मी, श्रमिक एवं अन्य सहयोगी कार्मिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही, जिनके परिश्रम से आयोजन सुव्यवस्थित एवं सफल हो सका।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के अवसर पर युवा उद्यमियों एवं होटल व्यवसायियों को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि महराजगंज में इको टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन और कृषि पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। योजनाबद्ध प्रयासों से जनपद को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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कार्यक्रम के दौरान एम-पैक्स सदस्यता अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सहकारिता विभाग के अधिकारियों एवं पैक्स सचिवों को भी सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि इस अभियान के तहत जनपद में एक लाख से अधिक सदस्य बनाए गए, जो प्रदेश में सर्वाधिक हैं। इससे सहकारी समितियों को ₹2.18 करोड़ की अंश पूंजी प्राप्त हुई है।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से चयनित बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही उपस्थित जनसमूह को जागरूक और जिम्मेदार मतदाता बनने की शपथ दिलाई गई। एसआईआर प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण कराने पर निर्वाचन विभाग को बधाई दी गई।

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कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाते हुए समाज से बाल विवाह समाप्त करने की अपील की। इससे पूर्व उच्च प्राथमिक विद्यालय सोनरा एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय सदर की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन अरविंद जायसवाल ने किया।

कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान: यूपी पुलिस कर्मी अमित कुमार पाठक को स्वर्ण पदक

गणतंत्र दिवस 2026 पर ओझवलिया के अमित कुमार पाठक को स्वर्ण पदक, उत्तर प्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाया


सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। गणतंत्र दिवस 2026 के पावन अवसर पर देवरिया जनपद के सलेमपुर तहसील अंतर्गत ग्राम ओझवलिया निवासी और उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में कार्यरत अमित कुमार पाठक को उनकी उत्कृष्ट सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और अदम्य साहस के लिए स्वर्ण पदक से अलंकृत किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदान किया जाएगा, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और गौरव की बात है।

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अमित कुमार पाठक का चयन विभागीय सेवा अभिलेख, अनुशासन, ईमानदारी, कर्तव्यपरायणता और शौर्य के आधार पर किया गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी उन्हें उनके सराहनीय कार्यों के लिए विभागीय स्तर पर सम्मान मिल चुका है। लगातार दूसरे वर्ष इस प्रकार का प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त होना यह दर्शाता है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कर रहे हैं।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश के चुनिंदा पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह, सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह, प्रशंसा चिन्ह और स्वर्ण पदक जैसे अलंकरण प्रदान किए जाते हैं। इसी क्रम में अमित कुमार पाठक का नाम स्वर्ण पदक के लिए चयनित होना उनकी कार्यशैली और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

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सम्मान की सूचना जैसे ही ग्राम ओझवलिया पहुंची, पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। समाजसेवी पुनीत पाठक सहित अनेक गणमान्य नागरिकों, बुद्धिजीवियों और शुभचिंतकों ने अमित कुमार पाठक को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि अमित कुमार पाठक ने हमेशा ईमानदारी और अनुशासन को प्राथमिकता दी है। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने कर्तव्यों से कभी समझौता नहीं किया। यही कारण है कि आज उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस के सर्वोच्च विभागीय सम्मानों में से एक स्वर्ण पदक प्राप्त हो रहा है।

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यह सम्मान न केवल अमित कुमार पाठक और उनके परिवार के लिए, बल्कि देवरिया जिले और ओझवलिया गांव के लिए भी ऐतिहासिक उपलब्धि है। लोगों का मानना है कि इस तरह के सम्मान से पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है कि सच्ची निष्ठा और ईमानदारी का फल अवश्य मिलता है।
अमित कुमार पाठक की यह सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और सेवा भावना सच्ची हो, तो पहचान और सम्मान अपने आप मिलते हैं। गणतंत्र दिवस 2026 पर मिलने वाला यह स्वर्ण पदक आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बनेगा।

गणतंत्र दिवस 2026: जब वंदे मातरम की गूंज में दिखेगा आत्मनिर्भर भारत

भारतीय सेना के पशु दल पहली बार कर्तव्य पथ पर मार्च करेंगे, जिसमें बैक्ट्रियन ऊंट,ज़ांस्कर टट्टू, शिकारी पक्षी और स्वदेशी कुत्तों की नस्लें शामिल होंगी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत एक बार फिर इतिहास के ऐसे निर्णायक मोड़ पर खड़ा है,जहां परंपरा और भविष्य एक-दूसरे से हाथ मिलाते दिखाई दे रहे हैं।26 जनवरी 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है और इस बार यह समारोह केवल एक संवैधानिक उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना,सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक कूटनीति का भव्य प्रदर्शन बनने जा रहा है। कर्तव्य पथ पर होने वाला यह आयोजन भारत की उस यात्रा का प्रतीक है,जिसमें वह औपनिवेशिक विरासत से निकलकर आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और वैश्विक नेतृत्वकर्ता राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है।इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह विशेष इसलिए भी है क्योंकि यह भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत न केवल स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा रहा, बल्कि इसने भारतीय राष्ट्रवाद को एक सांस्कृतिक और भावनात्मक आधार प्रदान किया। 2026 में जब कर्तव्य पथ पर ‘वंदे मातरम’ की गूंज सुनाई देगी, तब वह केवल एक गीत नहीं होगा, बल्कि डेढ़ सौ वर्षों के संघर्ष,बलिदान और संकल्प का सामूहिक स्मरण होगा। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र यहमानता हूं कि यह सर्वेविदित है कि 26 जनवरी का दिन हर भारतीय के लिए गर्व, आत्मसम्मान और संविधान के प्रति निष्ठा का दिन होता है। यह वह दिन है जब भारत ने स्वयं को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया। 77 वर्षों की इस संवैधानिक यात्रा में भारत ने अनेक चुनौतियों का सामना किया, आर्थिक असमानता सामाजिक विविधता, सीमाई संघर्ष और वैश्विक दबाव। इसके बावजूद भारत ने लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखते हुए निरंतर प्रगति की है। 2026 का गणतंत्र दिवस इसी लोकतांत्रिक परिपक्वता का उत्सव है।इस बार का समारोह पिछले वर्षों से कई मायनों में अलग और विशिष्ट होने वाला है। सबसे बड़ा प्रतीकात्मक परिवर्तन यह है कि कर्तव्य पथ पर दर्शकों के लिए वीआईपी लेबल को समाप्त कर दिया गया है।यह निर्णय भारतीय लोकतंत्र की उस भावना को सशक्त करता है, जिसमें सभी नागरिक समान हैं। दर्शक दीर्घाओं को अब गंगा, यमुना, गोदावरी, नर्मदा जैसी भारतीय नदियों के नाम दिए गए हैं। यह कदम न केवल सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है,बल्कि भारत की भौगोलिक,सभ्यतागत और पारिस्थितिक चेतना को भी रेखांकित करता है। 

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साथियों बात अगर हम 26 जनवरी 2026 के 77वें गणतंत्र दिवस की थीम को समझने की करें तो, मुख्य विषय वंदे मातरम रखा गया है,जबकि आत्मनिर्भर भारत को द्वितीयक विषय के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।यह विषय चयन अपने आप में गहरा संदेश देता है।वंदेमातरम जहां भारत की आत्मा,संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम की स्मृति है, वहीं आत्मनिर्भर भारत भविष्य की ओर देखता हुआ संकल्प है। यह बताता है कि भारत अपनी जड़ों से जुड़कर ही वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ना चाहता है। 

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साथियों बात कर हम  2026 के गणतंत्र दिवस समारोह को अंतरराष्ट्रीय परिपेक्ष में समझने की करें तो यह इस दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।भारत- यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते  से ठीक पहले यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा का मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति को रेखांकित करता है। यह उपस्थिति केवल औपचारिक नहीं, बल्कि संकेत है कि भारत अब वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक संतुलन में एक केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी यह दर्शाती है कि भारत-यूरोप संबंध अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहे, बल्कि वे साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, तकनीकी सहयोग, रक्षा साझेदारी और वैश्विक स्थिरता के मुद्दों तक विस्तृत हो चुके हैं। गणतंत्र दिवस के मंच से यह संदेश जाएगा कि भारत किसी एक ध्रुव के साथ नहीं, बल्कि बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में संतुलन बनाने वाला प्रमुख स्तंभ है। 

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साथियों बातें कर हम सैन्य परेड को समझने की करें तो यह इस बार भी समारोह का केंद्र बिंदु होगी,लेकिन2026 की परेड कई ऐतिहासिक नवाचारों के साथ सामनेआएगी भारतीय सेना के पशु दल पहली बार कर्तव्य पथ पर मार्च करेंगे, जिसमें बैक्ट्रियन ऊंट, ज़ांस्कर टट्टू, शिकारी पक्षी और स्वदेशी कुत्तों की नस्लें जैसे मुधोल और राजपालयम शामिल होंगी।यह केवल एक दृश्यात्मक आकर्षण नहीं बल्कि भारत की पारंपरिक सैन्य विरासत और जैवविविधता के प्रति सम्मान का प्रतीक है।सैन्य परेड में पहली बार बैटल ऐरे फॉर्मेट का प्रदर्शन किया जाएगा, जो आधुनिक युद्ध रणनीतियों, नेटवर्क-केंद्रित युद्ध और स्वदेशी रक्षा तकनीक की क्षमता को प्रदर्शित करेगा। यह संदेश स्पष्ट होगा कि भारत न केवल हथियारों का आयातक नहीं, बल्कि रक्षा उत्पादन और नवाचार का उभरता हुआ वैश्विक केंद्र है। आत्मनिर्भर भारत की यह झलक भारत की सामरिक स्वतंत्रता को मजबूती प्रदान करती है।कर्तव्य पथ पर इस वर्ष कुल 30 झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता, राज्यों की विशिष्ट पहचान, तकनीकी प्रगति और सामाजिक नवाचारों को दर्शाएंगी। ये झांकियां केवल परंपरा का प्रदर्शन नहीं होंगी, बल्कि यह दिखाएंगी कि कैसे भारत अपनी विरासत को आधुनिक विकास के साथ जोड़ रहा है। 

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साथियों बातें कर हम गणतंत्र दिवस 2026 में जनभागीदारी को विशेष महत्व को समझने की करें तो  देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 10,हज़ार नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है,जबकि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में 2,500 कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। यह सहभागिता यह संदेश देती है कि गणतंत्र दिवस केवल सत्ता का उत्सव नहीं, बल्कि जनता का पर्व है।सरकार द्वारा माय भारत पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को वंदे मातरम गायन और निबंध लेखन जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर दिया गया है। यह डिजिटल माध्यम नई पीढ़ी को राष्ट्रीय प्रतीकों से जोड़ने का सशक्त प्रयास है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारत का राष्ट्रवाद समावेशी है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है।77वां गणतंत्र दिवस समारोह यह भी दर्शाता है कि भारत अपनी पहचान को केवल अतीत में नहीं खोजता, बल्कि भविष्य के लिए नए प्रतिमान स्थापित करता है। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होना हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि सतत जिम्मेदारी है। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प इसी जिम्मेदारी की आधुनिक अभिव्यक्ति है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह समारोह भारत की उस छवि को प्रस्तुत करेगा, जो सांस्कृतिक रूप से समृद्ध, सैन्य रूप से सक्षम, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और लोकतांत्रिक रूप से सशक्त है। यह आयोजन यह संदेश देगा कि भारत न तो आक्रामक राष्ट्रवाद में विश्वास करता है और न ही निर्भरता में,बल्कि सहयोग, संतुलन और आत्मसम्मान के रास्ते पर चलता है। 

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साथियों बात कर हम 26 जनवरी को राष्ट्रपति द्वारा और 15 अगस्त को प्रधानमंत्री द्वारा झंडा वंदन करने को समझने की करें तो 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को राष्ट्रपति इसलिए संबोधन देती हैं क्योंकि राष्ट्रपति देश की संवैधानिक प्रमुख़ होती हैं।26 जनवरी को संविधान लागू हुआ था, और संविधान के सर्वोच्च संरक्षक राष्ट्रपति होते हैं।इस दिन राष्ट्र राज्य का उत्सव मनाता है,न कि सरकार का इसलिए यह भूमिका राष्ट्रपति की होती है।राष्ट्रपति सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर भी होती हैं, जबकि परेड उसी का प्रतीक है।वहीं 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) को प्रधानमंत्री लाल किले से बोलते हैं क्योंकि वह सरकार के प्रमुख होते हैं।यह दिन आज़ादी और सरकार की नीतियों,उपलब्धियों से जुड़ा होता है। 

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अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि 26 जनवरी 2026 का दिन केवल एक तिथि नहीं,बल्कि एक विचार एक भावना और एक संकल्प है।कर्तव्य पथ पर जब वंदे मातरम की गूंज आत्मनिर्भर भारत की झलक के साथ मिलेगी,तब यह स्पष्ट होगा कि भारत अपनी जड़ों से शक्ति लेकर भविष्य की ओर बढ़ रहा है।77वां गणतंत्र दिवस वास्तव में भारत की बदलती वैश्विक भूमिका और अटूट राष्ट्रीय आत्मा का उत्सव होगा।

संकलनकर्ता लेखक-क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

हत्या के प्रयास का वांछित आरोपी गिरफ्तार

गोरखपुर में हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार, गोला थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई


गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।गोरखपुर जनपद में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी क्रम में थाना गोला पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक गंभीर मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर, पुलिस अधीक्षक दक्षिणी के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी गोला के पर्यवेक्षण में की गई।
पुलिस के अनुसार थाना गोला क्षेत्र में दर्ज मुकदमा संख्या 28/2026, धारा 132, 131, 109, 351(2) बीएनएस के तहत हत्या के प्रयास के आरोपी की लंबे समय से तलाश की जा रही थी। विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोनू उर्फ अरविंद कुमार यादव पुत्र केशभान यादव, निवासी अहिरौली प्रथम, थाना गोला, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है।

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बताया जा रहा है कि अभियुक्त के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर आरोप हैं, जिनमें उसकी भूमिका की जांच पहले से चल रही थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को विधिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। साथ ही, मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गोरखपुर में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसे अभियानों को आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा। अपराध में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और इसे अपराध नियंत्रण की दिशा में अहम कदम बताया है।

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गौरतलब है कि हाल के दिनों में गोरखपुर पुलिस द्वारा लगातार अपराधियों की गिरफ्तारी की जा रही है, जिससे क्षेत्र में भयमुक्त माहौल बनाने में मदद मिल रही है। हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में त्वरित गिरफ्तारी से अपराधियों के हौसले पस्त होने की उम्मीद जताई जा रही है।

गढ़िया रंगीन में हिंदू सम्मेलन समिति की बैठक सम्पन्न


शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)।विकास खण्ड जैतीपुर के गढ़िया रंगीन स्थित सुनीता देवी आदर्श इंटर कॉलेज में हिंदू सम्मेलन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खण्ड संघ चालक आदरणीय ओमपाल जी ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित किए जा रहे विराट हिंदू सम्मेलन को लेकर रणनीति तय करना रहा।

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बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि खण्ड स्तर पर विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन 5 फरवरी को सुनीता देवी आदर्श इंटर कॉलेज, गढ़िया रंगीन में किया जाएगा। हिंदू सम्मेलन को सफल, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए एक आयोजन समिति का गठन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों को अलग-अलग दायित्व सौंपे गए।
बैठक के दौरान सह विभाग कार्यवाह रघुवीर जी ने समिति गठन और सम्मेलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि विराट हिंदू सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के विचार को जन-जन तक पहुंचाना है। सम्मेलन के माध्यम से युवाओं, महिलाओं और समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

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इस अवसर पर खण्ड कार्यवाह ज्योति प्रसाद, मचकेंद्र, वंश, डॉक्टर मित्रा, आकाश मानव, लालू प्रसाद, राहुल मिश्र, जगदीश राठौर, संजीव, अनमोल सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रचार-प्रसार, मंच व्यवस्था, अतिथि स्वागत, सुरक्षा और अनुशासन जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को विराट हिंदू सम्मेलन से जोड़ा जाएगा।
अंत में अध्यक्षीय उद्बोधन में ओमपाल जी ने कहा कि हिंदू सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना को मजबूत करने का माध्यम है। बैठक सकारात्मक ऊर्जा और संगठनात्मक मजबूती के संदेश के साथ सम्पन्न हुई।

गरीबों के लिए आगे आई समाजवादी पार्टी, बसरिखपुर में कंबल वितरण

सिकंदरपुर के बसरिखपुर में सपा कार्यकर्ताओं ने किया कंबल वितरण, ठंड से राहत को लेकर बड़ा जनसेवा अभियान


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र के बसरिखपुर गांव में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा कड़ाके की ठंड से जूझ रहे गरीब, असहाय और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस जनसेवा कार्यक्रम में आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग पहुंचे, जिन्हें सपा कार्यकर्ताओं द्वारा कंबल वितरित किए गए।
कार्यक्रम का उद्देश्य ठंड के मौसम में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को राहत पहुंचाना था। कंबल वितरण के दौरान पूरी व्यवस्था सुव्यवस्थित और अनुशासित रही, जिससे लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।

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इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शेख अमानुतुलाह ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के साथ खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में लगातार ऐसे जनसेवा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।

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उन्होंने इस आयोजन का श्रेय ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रामबचन यादव को देते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों और सामाजिक सोच के कारण गांव स्तर पर इस तरह की सराहनीय पहल संभव हो पाई है।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रामबचन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि ठंड के मौसम में गरीब और असहाय लोगों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में समाज के सक्षम लोगों और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे जरूरतमंदों की सहायता करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे भी कंबल वितरण सहित अन्य सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे।

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कार्यक्रम में कई प्रमुख स्थानीय कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें शेख इसरार, राजेश साहनी, मुन्नी लाल यादव, रामनाथ पटेल, एजाज अहमद, मनोज यादव, शेख शाहिद, मतलब खान, शेख शमशाद, दीनानाथ चौधरी और दिलीप यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी वक्ताओं ने समाजसेवा को सच्ची राजनीति का आधार बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि नवानगर रामबचन यादव ने की, जबकि संचालन रामेश्वर पासवान द्वारा किया गया। अंत में जिला उपाध्यक्ष डॉक्टर प्रमोद यादव ने सभी आगंतुकों, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की सेवा ही समाजवादी पार्टी की असली पहचान है।

आंगनबाड़ी केंद्र के पास कोबरा सांप और नेवले की रोमांचक लड़ाई का वीडियो वायरल

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जनपद के सदर कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद रोमांचक और चौंकाने वाला वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो कोबरा सांप और नेवले की लड़ाई से जुड़ा है, जिसे स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया।

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बताया जा रहा है कि यह घटना सोंदा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के बगल में बनी पुलिया के नीचे की है, जहां अचानक कोबरा सांप और नेवला आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच हुई यह रोमांचक लड़ाई कुछ ही पलों में आसपास मौजूद लोगों के लिए कौतूहल और डर का कारण बन गई।
कोबरा सांप और नेवला की लड़ाई का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आया, वैसे ही यह तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह नेवला फुर्ती और चालाकी से कोबरा के हमलों से बचते हुए पलटवार करता है। वहीं कोबरा भी बार-बार फन फैलाकर आक्रामक मुद्रा में दिखाई देता है।
लोगों में दिखा डर और रोमांच
इस कोबरा सांप और नेवला की लड़ाई को देखकर जहां एक ओर सोशल मीडिया यूजर्स रोमांचित हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आसपास रहने वाले लोग भयभीत भी नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सतर्कता न बरती जाती, तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था।

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वन्यजीव विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों के अनुसार, नेवला और कोबरा प्राकृतिक शत्रु माने जाते हैं और इस तरह की घटनाएं ग्रामीण इलाकों में कभी-कभी देखने को मिलती हैं। हालांकि, कोबरा सांप और नेवला की लड़ाई का खुले स्थान पर इस तरह वीडियो में कैद होना दुर्लभ माना जाता है।
प्रशासन से सतर्कता की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए और लोगों को सांपों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनहोनी न हो।

जमीन विवाद बना जानलेवा, गोरखपुर में प्रधान प्रत्याशी की हत्या

गोरखपुर में प्रधान प्रत्याशी की हत्या: जमीन विवाद में घर में घुसकर गोली, इलाज के दौरान मौत


गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा) गोरखपुर जिले के झंगहा थाना क्षेत्र में रविवार सुबह प्रधान प्रत्याशी की हत्या से सनसनी फैल गई। दुबौली गांव में जमीन विवाद को लेकर बदमाशों ने घर में घुसकर प्रधान प्रत्याशी पंकज निषाद को गोली मार दी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
परिजनों के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे कार से आए 4–5 हमलावर सीधे पंकज निषाद के घर पहुंचे। आरोप है कि पाटीदारों—रामजतन, अंकुल, सूरज और विशाल—ने पहले पंकज के चाचा पर कुदाल से हमला किया। जब पंकज बीच-बचाव करने पहुंचे, तो उनके साथ मारपीट की गई और जबरन कमरे में ले जाकर गोली मार दी गई। गोली लगते ही पंकज जमीन पर गिर पड़े।

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घटना के समय घर में माता-पिता, भाई-बहन और बच्चे मौजूद थे। गोली चलने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजन तत्काल पंकज को नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद प्रधान प्रत्याशी की हत्या का यह मामला जानलेवा साबित हुआ।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह जमीन विवाद बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी अंकुल कई वर्षों बाद गांव आया था और आते ही वारदात को अंजाम दिया। सूचना मिलते ही झंगहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

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झंगहा पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश में टीमें गठित की गई हैं। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रधान प्रत्याशी की हत्या के इस मामले का खुलासा किया जाएगा। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।

PWD ठेकेदार संघ का आरोप, बिना तैयारी लागू किया गया प्रहरी ऐप बना समस्या

🔴 लोक निर्माण विभाग में प्रहरी ऐप और रॉयल्टी व्यवस्था के खिलाफ ठेकेदारों का विरोध, तकनीकी खामियों पर उठे गंभीर सवाल

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)लोक निर्माण विभाग में लागू की गई प्रहरी ऐप और रॉयल्टी व्यवस्था को लेकर प्रदेश भर के ठेकेदारों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। ठेकेदार संघों ने इसे अव्यवहारिक, तकनीकी रूप से कमजोर और बिना तैयारी लागू किया गया सिस्टम बताते हुए विभागीय अधिकारियों को औपचारिक शिकायत सौंपी है।
ठेकेदार संघ की ओर से प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग लखनऊ को दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जब से लोक निर्माण विभाग प्रहरी ऐप को प्रदेश के ठेकेदारों पर लागू किया गया है, तब से कार्य प्रणाली में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ठेकेदारों का आरोप है कि बिना ट्रायल, बिना प्रशिक्षण और बिना तकनीकी तैयारी के इस ऐप को लागू करना पूरी तरह से अव्यवस्थित निर्णय है।

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प्रदेश अध्यक्ष ठेकेदार संघ के नेतृत्व में इससे पहले भी मुख्यालय लखनऊ सहित कई जनपदों में PWD ठेकेदार विरोध दर्ज कराया जा चुका है। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रहरी ऐप रॉयल्टी विवाद को प्रमुख मुद्दा बनाया गया था। ठेकेदारों का कहना है कि रॉयल्टी व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के बाद भुगतान, सत्यापन और स्वीकृति में बार-बार तकनीकी त्रुटियां सामने आ रही हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभाग द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया। उल्टा, रोज नए नियम बनाकर उन्हें प्रयोग के तौर पर लागू किया जा रहा है, जिससे ठेकेदारों पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा है। ठेकेदार संघ का मानना है कि यह स्थिति लोक निर्माण विभाग ऑनलाइन व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है।
ठेकेदारों ने स्पष्ट मांग की है कि जब तक प्रहरी ऐप की तकनीकी खामियों को पूरी तरह दूर नहीं किया जाता, तब तक विभाग में हर प्रकार की ऑनलाइन व्यवस्था को अस्थायी रूप से बंद किया जाए। उनका कहना है कि अधूरी तकनीक के सहारे काम करना न केवल ठेकेदारों के लिए नुकसानदायक है, बल्कि सरकारी परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर भी असर डालता है।

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यह शिकायत केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। ठेकेदार संघों ने इस मुद्दे को प्रदेश के विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया है, जिनमें
मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग कानपुर,मुख्य अभियंता गोरखपुर क्षेत्र,मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग अलीगढ़,आगरा लोक निर्माण विभाग,मुख्य अभियंता मुरादाबाद लोक निर्माण विभाग मुरादाबाद
जैसे अधिकारी शामिल हैं।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोक निर्माण विभाग प्रहरी ऐप को पारदर्शिता और निगरानी के उद्देश्य से लाया गया है, तो पहले इसकी तकनीकी मजबूती, सर्वर क्षमता और यूजर-फ्रेंडली सिस्टम पर काम करना जरूरी है। बिना फील्ड टेस्ट और ग्राउंड फीडबैक के किसी भी डिजिटल सिस्टम को लागू करना व्यावहारिक नहीं कहा जा सकता।
फिलहाल, ठेकेदार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेश-स्तरीय आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आने वाले दिनों में यह विवाद PWD ठेकेदार संघ और विभाग के बीच बड़ा टकराव बन सकता है।

गणतंत्र दिवस पर महराजगंज के सात पुलिसकर्मियों को मिलेगा सेवा पदक

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महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जनपद महराजगंज को गौरवपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने जिले के सात पुलिसकर्मियों को उनकी उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए सेवा पदक देने की घोषणा की है। यह सम्मान 26 जनवरी को आयोजित भव्य गणतंत्र दिवस समारोह एवं रेतिक परेड के दौरान मुख्य अतिथि जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा द्वारा प्रदान किया जाएगा।
इस गरिमामय कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक महराजगंज सोमेंद्र मीणा सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहेंगे। सेवा पदक की घोषणा से पुलिस महकमे में उत्साह और गर्व का वातावरण बना हुआ है।
घोषणा के अनुसार चार पुलिसकर्मियों को अति उत्कृष्ट सेवा पदक तथा तीन को उत्कृष्ट सेवा पदक प्रदान किया जाएगा। अति उत्कृष्ट सेवा पदक से रेडियो उपनिरीक्षक सुनील कुमार विश्वकर्मा, हेड कांस्टेबल एमटी चन्द्रशेखर यादव, मुख्य आरक्षी चालक संतोष कुमार गुप्ता एवं मुख्य आरक्षी सशस्त्र पुलिस जय किशुन को सम्मानित किया जाएगा। वहीं उत्कृष्ट सेवा पदक के लिए निरीक्षक नागरिक पुलिस रामकृष्ण यादव, मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस वीरेन्द्र कुमार यादव तथा मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस सुनील कुमार चौधरी का चयन किया गया है।
पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने चयनित पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान उनके कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रमाण है। इससे पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा और अन्य कर्मियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
गणतंत्र दिवस समारोह को भव्य स्वरूप देने के लिए पुलिस लाइन, महराजगंज में रेतिक परेड की ग्रैंड रिहर्सल पूरी कर ली गई है। परेड में कुल नौ टोलियां भाग लेंगी, जिनमें पुलिस ऑफिस, महिला पुलिस, पीएसी, एनसीसी कैडेट, मोटरसाइकिल दस्ता, एंटी ह्यूमन ट्रैफिक थाना, महिला थाना, अग्निशमन विभाग, एसओजी और रेडियो शाखा सहित अन्य इकाइयां शामिल होंगी।
रेतिक परेड के लिए क्षेत्राधिकारी फरेंदा को प्रथम परेड कमांडर तथा प्रतिसार निरीक्षक को द्वितीय परेड कमांडर नामित किया गया है। 26 जनवरी को सुबह 9 बजे ध्वजारोहण के साथ गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत होगी। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे, जो देशभक्ति, अनुशासन और सेवा भावना का सशक्त संदेश देंगे।

मतदान से ही सशक्त होगा लोकतंत्र: प्रो. पूनम टंडन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय सेवा योजना, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो सत्रों में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करना तथा नागरिकों को मतदान के प्रति प्रेरित करना रहा।
प्रथम सत्र में विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्वामी विवेकानन्द योग वाटिका में मतदान शपथग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. पूनम टंडन का स्वागत राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. सत्यपाल सिंह, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. संदीप दीक्षित, वित्त अधिकारी जय मंगल राव एवं कुल सचिव धीरेन्द्र श्रीवास्तव द्वारा रोज स्टिक भेंट कर किया गया। इसके पश्चात सभी अतिथियों ने स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्य अतिथि प्रो. पूनम टंडन ने “मतदान से लोकतंत्र को मजबूती” विषय पर अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक नागरिक का मतदान लोकतंत्र की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जागरूक एवं सक्रिय मतदाता ही मजबूत लोकतंत्र का निर्माण करता है और इसी के बल पर भारत विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रसर होगा। उद्बोधन के उपरांत कुलपति ने उपस्थित सभी लोगों को निर्भीक, निष्पक्ष एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में मतदान करने की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम के पश्चात कार्यक्रम अधिकारी डॉ. श्रीप्रकाश सिंह द्वारा सभी आगंतुकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर प्रो. करूणाकर राम त्रिपाठी, प्रो. आलोक गोयल, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. कुसुम रावत, डॉ. स्मृति मल्ल, डॉ. नुपुर सिंह, डॉ. दीपक सिंह, बालेन्द्र यादव, विनीत सिंह, राजेन्द्र मौर्य सहित अनेक शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यालय में ‘माई इंडिया, माई वोट’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 73 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने अपने निबंधों के माध्यम से मतदान के महत्व, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

कांग्रेस के अलावा किसी दल को नहीं है मजदूरों, दलितों और गरीबों के विकास की चिंता : केशवचन्द यादव

भटनी/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देश में दलितों, मजदूरों, गरीबों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों के विकास की वास्तविक चिंता केवल कांग्रेस को है। इन वर्गों के हित में लागू की गई प्रमुख योजनाएं कांग्रेस सरकारों की देन रही हैं। यह बातें युवा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष केशवचन्द यादव ने एकला आम चौराहे पर आयोजित मनरेगा बचाओ महासंग्राम जन चौपाल को संबोधित करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को कमजोर कर ग्रामीण मजदूरों से उनका अधिकार छीनने का प्रयास कर रही है। मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि मजदूरों की आजीविका का सुरक्षा कवच है, जिसे समाप्त करने की दिशा में सरकार कदम बढ़ा रही है।
जिला अध्यक्ष विजयशेखर मल्ल रोशन ने कहा कि योजना के मूल स्वरूप में बदलाव कर मजदूरों को पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है। फसल कटाई के समय 60 दिनों तक काम न दिए जाने से मजदूर वर्ग को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी इस योजना का नाम बदलना उनके विचारों और योगदान का अपमान है। कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता मनरेगा को बचाने के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करेगा।
मनरेगा बचाओ अभियान के जिला कोऑर्डिनेटर सत्यप्रकाश मिश्र और अंशु ने कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं, बल्कि संसद द्वारा पारित कानून है, जिसके तहत मजदूरों को आजीविका का संवैधानिक अधिकार मिला था। नई व्यवस्था में मजदूरों को पूरी तरह सरकार की इच्छा पर निर्भर किया जा रहा है, जो उनके अधिकारों के खिलाफ है।
उन्होंने बताया कि यह अभियान पूरे देश में चलाया जा रहा है। जनपद के हर गांव में कांग्रेस कार्यकर्ता मजदूरों के बीच जाकर उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
चौपाल को वरुण राय, रविन्द्र मल्ल, विनोद दूबे, डॉ. धर्मेन्द्र पांडेय, सत्यनारायण शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण मजदूर उपस्थित रहे।

देव हल्दी उत्पाद के शुभारंभ से स्थानीय किसानों को मिला नया अवसर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के दूसरे दिन जनपद देवरिया में कृषि, ग्रामीण विकास और जनकल्याण योजनाओं का समन्वित स्वरूप देखने को मिला। राजकीय इंटर कॉलेज, देवरिया परिसर में जनपद स्तरीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों, लाभार्थियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बड़ी सहभागिता रही।
कार्यक्रम के दौरान कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने गए। यह आयोजन किसानों को नवीन कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस
अपने संबोधन में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है। आधुनिक कृषि तकनीक, यंत्रीकरण, फसल विविधीकरण तथा कृषि को मत्स्य पालन और पशुपालन से जोड़कर किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।
लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और स्वीकृति पत्र
कार्यक्रम में कृषि एवं मत्स्य विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को प्रमाण पत्र एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए, जिससे मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे।
आयुष्मान कार्ड वितरण से स्वास्थ्य सुरक्षा को बल
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। इन कार्डों के माध्यम से लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी। यह योजना ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है।
‘देव हल्दी’ उत्पाद का शुभारंभ
मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह के व्यक्तिगत प्रयास एवं नवाचार के तहत जनपद की स्थानीय हल्दी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘देव हल्दी’ नामक नए उत्पाद का शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और देवरिया को एक कृषि ब्रांड के रूप में स्थापित करना है। उपस्थित किसानों और जनप्रतिनिधियों ने इस प्रयास की सराहना की।
महिला एवं बाल विकास से जुड़े कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान छह माह के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया तथा गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार वितरित किया गया। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सरकारी प्रतिबद्धता स्पष्ट दिखाई दी। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।
कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा
सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के लिए 40 प्रतिशत अनुदान पर चयनित कृषकों को ट्रैक्टर की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई। इससे खेती की लागत घटाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कृषि और ग्रामीण विकास का सशक्त मंच
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, उपायुक्त मनरेगा आलोक पांडे, परियोजना निदेशक अनिल कुमार, उप निदेशक कृषि सुभाष मौर्य, जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य विजय मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन पंकज शुक्ला ने किया। देवरिया में आयोजित यह किसान मेला और कृषि प्रदर्शनी कृषि, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण का सशक्त मंच बनकर उभरी, जिसने किसानों को नई दिशा और नए अवसर प्रदान किए।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर युवाओं ने निकाली जागरूकता पदयात्रा

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)l राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर लोकतांत्रिक चेतना को मजबूत करने और युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मऊ जनपद में एक प्रेरणादायक जागरूकता पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा मेरा युवा भारत केंद्र, मऊ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वाधान में डीसीएसके पीजी कॉलेज, मऊ से गाजीपुर तिराहा तक निकाली गई। कार्यक्रम में युवाओं, शिक्षकों और स्वयंसेवकों की व्यापक सहभागिता देखने को मिली।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं आम नागरिकों को मताधिकार के महत्व से अवगत कराना, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराना तथा अधिक से अधिक नागरिकों को मतदान प्रक्रिया से जोड़ना रहा।
हरी झंडी दिखाकर पदयात्रा का हुआ शुभारंभ
मतदाता जागरूकता पदयात्रा का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रतीक जायसवाल, डीसीएसके पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर शर्वेश पांडेय तथा कार्यक्रम की संयोजक राशि मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर किया गया। पदयात्रा के प्रारंभ होते ही पूरा परिसर लोकतंत्र और मतदान के संदेशों से गूंज उठा।
पदयात्रा में महाविद्यालय के एनसीसी, एनएसएस, रोवर्स-रेंजर्स एवं मेरा युवा भारत केंद्र के स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया। हाथों में स्लोगन और बैनर लिए युवाओं ने “हर वोट जरूरी है”, “पहले मतदान, फिर जलपान” जैसे नारों के माध्यम से आमजन को मतदान के लिए प्रेरित किया।
लोकतंत्र की मजबूती में युवाओं की भूमिका अहम
मुख्य अतिथि प्रतीक जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जागरूक नागरिकों में निहित होती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवा वर्ग का मतदान में भाग लेना लोकतंत्र को सशक्त बनाता है। यदि युवा अपने मताधिकार का जिम्मेदारीपूर्वक प्रयोग करें, तो देश का भविष्य और अधिक मजबूत हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता जागरूकता कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने की निरंतर प्रक्रिया है।
मतदान अधिकार नहीं, बल्कि नैतिक कर्तव्य: प्राचार्य
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीसीएसके पीजी कॉलेज, मऊ के प्राचार्य प्रोफेसर शर्वेश पांडेय ने कहा कि मतदान केवल हमारा संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारा नैतिक और सामाजिक कर्तव्य भी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे न केवल स्वयं मतदान करें, बल्कि अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब प्रत्येक नागरिक बिना किसी भय और लालच के अपने मत का प्रयोग करता है।
कार्यक्रम के सफल संचालन में रही अहम भूमिका
कार्यक्रम की संयोजक राशि मिश्रा ने पूरे आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के साथ-साथ कार्यक्रम के समन्वय और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कुशल प्रबंधन से पदयात्रा एवं अन्य कार्यक्रम व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुए।
कार्यक्रम के सहसंयोजक के रूप में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विशाल कुमार जायसवाल एवं रविन्द्र कुमार ने सक्रिय योगदान दिया, जबकि कार्यक्रम के नियंत्रक ओमकार सिंह के निर्देशन में संपूर्ण आयोजन अनुशासन और समयबद्धता के साथ संपन्न हुआ।
मतदाता शपथ और नव मतदाताओं का सम्मान
गाजीपुर तिराहा तक पहुंचने के पश्चात पदयात्रा पुनः डीसीएसके पीजी कॉलेज परिसर में संपन्न हुई। यहां सभी प्रतिभागियों को मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने लोकतंत्र के प्रति निष्ठा रखने और निष्पक्ष रूप से मतदान करने का संकल्प लिया।
इसके उपरांत नव-पंजीकृत मतदाताओं, यानी नए वोटरों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह का उद्देश्य युवाओं में मतदान के प्रति उत्साह, गर्व और जिम्मेदारी की भावना को और अधिक प्रबल करना रहा।
लोकतांत्रिक चेतना का प्रेरक उदाहरण बना कार्यक्रम
राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, उत्साह और देशभक्ति की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
यह मतदाता जागरूकता पदयात्रा लोकतांत्रिक चेतना, सामाजिक जिम्मेदारी और युवाओं की सक्रिय भागीदारी का एक प्रेरक उदाहरण बनी। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जागरूक और सक्रिय मतदाता सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
समाज में सकारात्मक संदेश
आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक मतदान के महत्व का संदेश पहुंचाया जा सके। मेरा युवा भारत केंद्र और एनएसएस का यह संयुक्त प्रयास निश्चित रूप से मतदाता जागरूकता अभियान को नई दिशा देगा।