Wednesday, May 6, 2026
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हाफ एनकाउंटर पर हाईकोर्ट सख्त, यूपी पुलिस से जवाब तलब

प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बढ़ती कथित ‘हाफ एनकाउंटर’ की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा है कि आरोपियों को दंड देने का अधिकार केवल न्यायालय के पास है, न कि पुलिस के पास। पुलिस द्वारा आरोपियों के पैरों में गोली मारकर बाद में इसे मुठभेड़ बताने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।

हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य के डीजीपी और गृह सचिव से जवाब तलब करते हुए पूछा है कि क्या पुलिस अधिकारियों को आरोपियों को गोली मारने को लेकर कोई मौखिक या लिखित निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे कथित मुठभेड़ अब नियमित होते जा रहे हैं और इनका उद्देश्य वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करना या आरोपियों को सबक सिखाना प्रतीत होता है।

पुलिस को न्यायिक अधिकार नहीं – हाईकोर्ट

अदालत ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां शासन कानून के तहत चलता है। पुलिस द्वारा न्यायिक अधिकार क्षेत्र में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने यह भी चिंता जताई कि कई मामलों में मामूली अपराधों में भी गोली चलाकर घटनाओं को मुठभेड़ का रूप दे दिया जाता है।

पुलिसकर्मियों को चोट नहीं, फिर बल प्रयोग क्यों?

यह टिप्पणी मिर्जापुर के राजू उर्फ राजकुमार और दो अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की गई, जो अलग-अलग कथित मुठभेड़ों में घायल हुए थे। कोर्ट ने नोट किया कि इन घटनाओं में किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई, जिससे बल प्रयोग की आवश्यकता और उसकी अनुपातिकता पर सवाल खड़े होते हैं।

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एफआईआर हुई, लेकिन बयान दर्ज नहीं

एक मामले में अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या मुठभेड़ को लेकर एफआईआर दर्ज की गई और क्या घायल आरोपी का बयान मजिस्ट्रेट या डॉक्टर के सामने दर्ज किया गया। राज्य की ओर से बताया गया कि एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन घायल का बयान न तो मजिस्ट्रेट और न ही चिकित्सा अधिकारी के समक्ष दर्ज किया गया। जांच पहले एक सब-इंस्पेक्टर को सौंपी गई थी, जिसे बाद में इंस्पेक्टर को स्थानांतरित किया गया।

सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों की अनदेखी

जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने कहा कि इन मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मुठभेड़ों को लेकर तय दिशानिर्देशों का पालन होता नहीं दिख रहा है। कोर्ट ने इसे गंभीर विषय बताते हुए सख्त रुख अपनाया है।

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साध्वी प्रेम बाईसा की मौत: इंजेक्शन, पोस्ट और रहस्य

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जोधपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत अब केवल एक दुखद घटना नहीं रह गई है, बल्कि यह मामला दिन-ब-दिन एक गहरे रहस्य में बदलता जा रहा है। शांति, सत्य और न्याय का संदेश देने वाली साध्वी की अचानक हुई मौत के बाद अब हर तरफ सिर्फ एक सवाल है—आखिर साध्वी प्रेम बाईसा की मौत कैसे हुई?

शुक्रवार (30 जनवरी) को बालोतरा के परेऊ स्थित उनके पैतृक मठ में समाधि संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में शिष्य और अनुयायी मौजूद रहे। माहौल भावुक था, लेकिन परिजनों की आंखों में आंसुओं के साथ न्याय की उम्मीद भी साफ दिख रही थी। साध्वी के पिता ने कहा कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी, उन्हें चैन नहीं मिलेगा।

अचानक बिगड़ी तबीयत, इंजेक्शन बना शक की वजह

पुलिस के अनुसार, बुधवार को अजमेर में कथा कार्यक्रम से लौटने के बाद साध्वी जोधपुर के आरती नगर स्थित आश्रम पहुंचीं। कुछ समय बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। घबराए आश्रमवासियों ने कॉलोनी में रहने वाले कंपाउंडर देवी सिंह को बुलाया, जिसने उन्हें डेक्सोरेंज इंजेक्शन लगाया।

हालांकि इंजेक्शन के बाद हालत सुधरने के बजाय और ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल से सीधे आश्रम क्यों ले जाया गया शव?

मामले ने उस वक्त और गंभीर रूप ले लिया, जब निजी अस्पताल की सलाह के बावजूद शव को सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय सीधे आश्रम पहुंचा दिया गया। पुलिस को जानकारी मिलते ही शव को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया और पोस्टमार्टम कराया गया।

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मौत के 4 घंटे बाद इंस्टाग्राम पोस्ट से मचा हड़कंप

सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब साध्वी की मौत के करीब चार घंटे बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से ‘न्याय’ की मांग वाली पोस्ट सामने आई। सवाल उठ रहे हैं कि अगर यह पोस्ट साध्वी ने नहीं की, तो इसे किसने और क्यों किया?

आश्रम सील, FSL जांच जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आश्रम के कुछ हिस्सों को सील कर दिया है। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम के दौरान लिए गए विसरा सैंपल की रिपोर्ट 2 से 3 दिन में आने की उम्मीद है, जिससे मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।

कंपाउंडर हिरासत में, कई एंगल से जांच

इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर देवी सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल पुराने वीडियो और आश्रम से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
फिलहाल साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से जुड़े कई सवाल अनसुलझे हैं। यह सामान्य मेडिकल मामला था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश—इसका जवाब अब जांच रिपोर्ट पर टिका है।

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जैसलमेर में ISI जासूस गिरफ्तार, सेना की जानकारी भेजता था युवक

जैसलमेर/राजस्थान (राष्ट्र की परम्परा)। राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने पाकिस्तान से सटे जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में एक स्थानीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर भारतीय सेना से जुड़ी सामरिक और गोपनीय जानकारियां सीमा पार भेजने का गंभीर आरोप है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि राज्य में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि पोकरण के सांकड़ा थाना क्षेत्र के नेडान गांव निवासी झबराराम (28) की गतिविधियां संदिग्ध हैं। तकनीकी निगरानी में सामने आया कि वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था।

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पूछताछ और मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी को ISI द्वारा हनीट्रैप और पैसों का लालच देकर जासूसी के जाल में फंसाया गया था। आरोपी ने अपने सिम कार्ड का OTP पाक हैंडलर्स को देकर व्हाट्सएप एक्टिवेट करवाया, जिसका इस्तेमाल राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में किया जा रहा था।

संदेह पुख्ता होने पर आरोपी को केंद्रीय पूछताछ केंद्र जयपुर लाया गया, जहां राजस्थान पुलिस, मिलिट्री इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त पूछताछ की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को जयपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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महाराष्ट्र: अजित पवार के बाद सुनेत्रा पवार बनेंगी डिप्टी CM? जानें प्रोफाइल

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव

महाराष्ट्र (राष्ट्र की परम्परा)। महाराष्ट्र की राजनीति इस समय बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक दौर से गुजर रही है। हाल ही में बारामती में हुए दर्दनाक प्लेन क्रैश में वरिष्ठ एनसीपी नेता और राज्य के कद्दावर राजनेता अजित पवार का निधन हो गया। यह हादसा बारामती क्षेत्र में हुआ, जहां तकनीकी खराबी और खराब मौसम को दुर्घटना की संभावित वजह माना जा रहा है। हादसे के तुरंत बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन अजित पवार को बचाया नहीं जा सका।

इस घटना ने न सिर्फ पवार परिवार बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति को गहरा झटका दिया है। राजनीतिक गलियारों में शोक के साथ-साथ सत्ता के शीर्ष स्तर पर बड़े बदलाव की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।

सुनेत्रा पवार बनेंगी महाराष्ट्र की नई उपमुख्यमंत्री

पार्टी और गठबंधन सूत्रों के अनुसार, अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र की नई उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फैसला लिया गया है। इस फैसले के बाद जनता के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि सुनेत्रा पवार की शैक्षणिक योग्यता और प्रशासनिक तैयारी क्या है।

सुनेत्रा पवार की शिक्षा (Educational Qualification)

शिक्षा के लिहाज से सुनेत्रा पवार को एक पढ़ी-लिखी और समझदार नेता माना जाता है।

• उन्होंने अप्रैल 1983 में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी से B.Com की पढ़ाई पूरी की।

• इसके बाद एस.बी. आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज, औरंगाबाद से पोस्ट-ग्रेजुएशन किया।

कॉमर्स बैकग्राउंड के चलते उन्हें अर्थव्यवस्था, प्रबंधन और प्रशासनिक मामलों की गहरी समझ है।

पर्यावरण और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका

राजनीति के साथ-साथ सुनेत्रा पवार ने सामाजिक और पर्यावरणीय क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।
वह Environmental Forum of India की फाउंडर हैं, जो सस्टेनेबिलिटी, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के लिए काम करता है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर उनका फोकस लंबे समय से चर्चा में रहा है।

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राजनीति में एंट्री और वर्तमान पद

सुनेत्रा पवार का जन्म 18 अक्टूबर 1963 को महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में हुआ था। वह एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बेटी हैं।
उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामती सीट से सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें हार मिली। इसके बाद एनसीपी ने उन्हें राज्यसभा सांसद बनाया। वर्तमान में वह संसद में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

महाराष्ट्र की राजनीति पर बड़ा असर

अजित पवार के निधन और सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने की संभावना ने महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा बदल दी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सुनेत्रा पवार इस बड़ी जिम्मेदारी को कैसे निभाती हैं।

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EU ने IRGC को आतंकी संगठन घोषित किया, ईरान की यूरोप को खुली धमकी

तेहरान / ब्रसेल्स (राष्ट्र की परम्परा)। यूरोपीय यूनियन (EU) द्वारा ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) को आतंकी संगठनों की सूची में शामिल किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तनाव बढ़ गया है। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने यूरोपीय देशों को सीधी चेतावनी दी है कि वह उनके सशस्त्र बलों को भी ‘आतंकवादी संगठन’ घोषित कर सकता है।

ईरानी शीर्ष अधिकारी का एक्स पर बयान

ईरानी के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने शुक्रवार (30 जनवरी 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि इस्लामी सलाहकार सभा के प्रस्ताव के तहत, IRGC के खिलाफ यूरोपीय यूनियन की कार्रवाई का समर्थन करने वाले देशों की सेनाओं को आतंकवादी संस्था माना जाएगा।

लारीजानी ने कहा कि इस फैसले के गंभीर परिणाम उन यूरोपीय देशों को भुगतने होंगे, जिन्होंने इस प्रस्ताव में भाग लिया या इसका समर्थन किया।

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EU का बड़ा फैसला, कल्लास का सख्त बयान

ईरान प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब एक दिन पहले ही EU के 27 सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने सर्वसम्मति से IRGC को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करने पर सहमति जताई थी।

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने इस कदम को निर्णायक बताते हुए कहा,
“जो शासन अपने ही हजारों लोगों की हत्या का जिम्मेदार है, उसे आतंकवादी माना जाना चाहिए।”

EU ने स्पष्ट किया कि यह लिस्टिंग भले ही मुख्य रूप से प्रतीकात्मक हो, लेकिन इससे IRGC को अल-कायदा, हमास और इस्लामिक स्टेट (ISIS) जैसे संगठनों की श्रेणी में रखा गया है।

क्यों उठाया गया यह कदम?

यूरोपीय यूनियन ने यह फैसला ईरान में आर्थिक संकट और सरकारी नीतियों के खिलाफ हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के बाद लिया है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक कम से कम 6,479 लोगों की मौत हो चुकी है।
EU का कहना है कि IRGC इन दमनात्मक कार्रवाइयों में सीधे तौर पर शामिल रहा है, इसलिए उसे आतंकी संगठन घोषित करना जरूरी था।

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ट्रंप के बयान पर बवाल: पत्नी की सुंदरता बताकर मंत्री की नियुक्ति का दावा

वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। गुरुवार (29 जनवरी 2026) को उन्होंने सार्वजनिक मंच से यह कहकर सनसनी मचा दी कि उन्होंने डग बर्गम को अमेरिका का इंटीरियर सेक्रेटरी इसलिए नियुक्त किया क्योंकि उन्हें उनकी पत्नी कैथरीन बर्गम “अच्छी और सुंदर” लगीं। इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।

ओवल ऑफिस में दिया गया बयान

Independent की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने यह टिप्पणी ओवल ऑफिस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की। यह कार्यक्रम नशे की लत से निपटने से जुड़े एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर के लिए आयोजित किया गया था। इस मौके पर डग बर्गम और उनकी पत्नी कैथरीन बर्गम भी मौजूद थीं। कार्यक्रम के अंत में ट्रंप की इस टिप्पणी को कई लोगों ने असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना बताया।

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कैंपेन वीडियो से शुरू हुई कहानी

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पहली बार डग और कैथरीन बर्गम को एक कैंपेन-स्टाइल वीडियो में देखा था। उस वीडियो में कैथरीन बर्गम घोड़े पर सवार नजर आ रही थीं। ट्रंप के मुताबिक, वीडियो देखते समय उन्होंने अपने सहयोगियों से पूछा कि वह महिला कौन हैं। बाद में उन्हें बताया गया कि वह नॉर्थ डकोटा के तत्कालीन गवर्नर डग बर्गम की पत्नी हैं।
ट्रंप ने यह भी कहा कि वीडियो देखने के बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि वह ऐसे व्यक्ति को नौकरी देंगे, जिसकी पत्नी इतनी प्रभावशाली और आकर्षक हो।

महिलाओं को लेकर पुराने विवाद फिर चर्चा में

यह पहला मौका नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप महिलाओं को लेकर दिए गए बयानों की वजह से आलोचनाओं के घेरे में आए हों। इससे पहले भी वह कई बार महिलाओं की योग्यता के बजाय उनके रूप-रंग पर टिप्पणी करने को लेकर विवादों में रह चुके हैं। ताजा बयान ने एक बार फिर उनके पुराने विवादों को सुर्खियों में ला दिया है।

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देवरिया में कोहरा और शीतलहर से जनजीवन ठप

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में शनिवार सुबह से घना कोहरा और तेज शीतलहर का असर साफ तौर पर देखने को मिला। रात भर चली ठंडी हवाओं के चलते ठंड और गलन में इजाफा हुआ, जिससे सुबह शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोग कंपकंपाते नजर आए। कोहरे की चादर ने पूरे इलाके को अपनी गिरफ्त में ले लिया, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है। करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द हवाओं ने ठंड का असर और बढ़ा दिया है। विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत के आसार नहीं हैं।

घने कोहरे का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा। दृश्यता घटकर लगभग एक किलोमीटर रह गई, जिससे देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई। सुबह के समय वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और जाम की स्थिति बनती रही।

कोहरे ने रेल यातायात को भी नहीं बख्शा। सुरक्षा कारणों से रेलवे प्रशासन को करीब आधा दर्जन ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। देवरिया सदर, सलेमपुर और भटनी स्टेशनों से गुजरने वाली छपरा-गोरखपुर इंटरसिटी, छपरा-गोरखपुर पैसेंजर, छपरा-सिवान पैसेंजर, गोरखपुर-वाराणसी इंटरसिटी तथा भटनी-वाराणसी पैसेंजर ट्रेनों का संचालन या तो प्रभावित रहा या वे देरी से चलीं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और स्टेशन परिसर में लोग जानकारी लेते नजर आए।

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ठंड और कोहरे के चलते वायु गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ गए हैं। चिकित्सकों ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रसित लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

कड़ाके की ठंड के कारण लोग सुबह और शाम के समय घरों से निकलने से परहेज कर रहे हैं। बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में कम चहल-पहल देखने को मिली। लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। वहीं प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने, ठंड से बचाव के उपाय अपनाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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40 हजार करोड़ घोटाला: RCom के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग गिरफ्तार

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) से जुड़े कथित 40,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला उद्योगपति अनिल अंबानी समूह की कंपनियों से जुड़ा हुआ है।
ईडी ने शुक्रवार को बताया कि 61 वर्षीय पुनीत गर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गुरुवार को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद दिल्ली की विशेष PMLA कोर्ट ने उन्हें 9 दिनों की ईडी रिमांड पर भेज दिया है।

क्या है पूरा मामला?

ईडी के अनुसार, रिलायंस कम्युनिकेशंस और उसकी समूह कंपनियों द्वारा विभिन्न बैंकों से लिए गए करीब 40,000 करोड़ रुपये के ऋण का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। जांच में सामने आया है कि इस धनराशि को कई विदेशी सब्सिडियरी कंपनियों और ऑफशोर संस्थाओं के माध्यम से इधर-उधर घुमाया गया।
एजेंसी का दावा है कि पुनीत गर्ग ने 2001 से 2025 तक आरकॉम में वरिष्ठ प्रबंधन और निदेशक पदों पर रहते हुए अपराध से अर्जित आय को अधिग्रहण, छिपाने, परतों में लगाने और नष्ट करने में सक्रिय भूमिका निभाई।

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कंपनी में अहम भूमिका

ईडी के मुताबिक, गर्ग ने

• 2006 से 2013 तक आरकॉम के वैश्विक एंटरप्राइज बिजनेस का नेतृत्व किया

• 2014 से 2017 तक चेयरमैन (रेगुलेटरी अफेयर्स) के पद पर कार्य किया

पत्नी के नाम संपत्तियां भी जब्त

ईडी ने यह भी खुलासा किया कि उसने पुनीत गर्ग की पत्नी के नाम पर मौजूद शेयर और म्यूचुअल फंड जब्त कर लिए हैं, जिन्हें कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़ा जा रहा है।
फिलहाल, इस गिरफ्तारी पर रिलायंस समूह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच एजेंसी मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

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शाहजहांपुर में पत्नी ने प्रेमी भांजे संग पति की हत्या

शाहजहांपुर/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पुवायां थाना क्षेत्र के गांव भटपुरा चंदू में पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की बेरहमी से हत्या कर दी। चौंकाने वाली बात यह है कि महिला का प्रेमी कोई और नहीं, बल्कि मृतक का अपना भांजा था।

मृतक बलराम (30) की हत्या की साजिश उसकी पत्नी पूजा देवी ने रची थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि पूजा पहले भी तीन बार पति को छोड़कर प्रेमी आदेश के साथ जा चुकी थी, लेकिन बलराम उसकी चालों को समझ नहीं पाया।

फिल्मी अंदाज में रची गई हत्या की साजिश

28 जनवरी की रात पूजा ने पति से प्यार का नाटक करते हुए उसके हाथ बांधे। इसके बाद कुछ देर साथ बिताने के बाद उसने प्रेमी आदेश को बुलाया और खुद हंसिए से बलराम का गला रेत दिया। हत्या के बाद हथियार को फिंकवा दिया गया, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।

आमने-सामने पूछताछ में खुले राज

पुलिस ने पूजा और आदेश को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। पूजा ने कहा कि आदेश ने उसे मजबूर किया, जबकि आदेश का कहना था कि गला पूजा ने ही रेता।

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हत्या के बाद मोबाइल तोड़कर सबूत मिटाने की कोशिश

हत्या के बाद पूजा ने अपना मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिया, ताकि पुलिस कॉल डिटेल से साजिश का पता न लगा सके। हालांकि जांच में सामने आया कि उसी दिन पूजा ने आदेश को कई बार कॉल की थी।

तीन आरोपी गिरफ्तार

एसपी राजेश द्विवेदी के मुताबिक पुलिस ने पूजा देवी, आदेश और उसके साथी रामचंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अवैध संबंधों की खतरनाक परिणति

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि जब रिश्तों की मर्यादा टूटती है, तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है। सात फेरों के वचनों पर अवैध संबंध भारी पड़ते जा रहे हैं, और समाज इसके गंभीर परिणाम देख रहा है।

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किश्तवाड़ में फिर मुठभेड़, डोलगाम में आतंकियों से संपर्क

किश्तवाड़/जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा)। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक बार फिर सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है। डोलगाम इलाके में छिपे आतंकवादियों से सुरक्षाबलों ने दोबारा संपर्क स्थापित कर लिया है, जिसके बाद इलाके में गोलीबारी जारी है।
व्हाइट नाइट कॉर्प्स के अनुसार, 31 जनवरी 2026 की सुबह व्हाइट नाइट कॉर्प्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने जॉइंट ऑपरेशन ‘त्राशी-I’ के तहत आतंकियों को घेर लिया। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली है और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।

सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि डोलगाम के सामान्य इलाके में आतंकियों से फिर से संपर्क हुआ है। उल्लेखनीय है कि पिछले 15 दिनों में यह चौथी बार है, जब किश्तवाड़ क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी सामने आई है।

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सूत्रों के मुताबिक, इलाके में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तीन आतंकियों का एक समूह छिपा हुआ है, जिन्हें ढेर करने के लिए यह व्यापक आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने किश्तवाड़ का दौरा कर आतंकवाद विरोधी ग्रिड की समीक्षा भी की थी।

वहीं, सुरक्षा कारणों से किसी भी तरह के राष्ट्र-विरोधी दुरुपयोग को रोकने के लिए सिंहपोरा, चिंगम और चतरू क्षेत्रों में छह किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं।
सुरक्षाबल पूरे इलाके में सतर्कता के साथ ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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31 जनवरी का इतिहास: युद्ध, शांति और विश्व परिवर्तन की कहानी

📜 31 जनवरी की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ: इतिहास के पन्नों में दर्ज विश्व परिवर्तन

✍️ भूमिका
इतिहास केवल तिथियों का संग्रह नहीं होता, बल्कि वह मानव सभ्यता की दिशा तय करने वाले निर्णयों, संघर्षों, उपलब्धियों और परिवर्तनशील घटनाओं का जीवंत दस्तावेज़ होता है। 31 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ भी इसी क्रम में विश्व इतिहास, भारतीय इतिहास, राजनीति, विज्ञान, खेल और समाज को प्रभावित करने वाले क्षणों को समेटे हुए हैं।
यह दिन साम्राज्यों के उत्थान-पतन, युद्ध, स्वतंत्रता, वैज्ञानिक उपलब्धियों और ऐतिहासिक फैसलों के लिए जाना जाता है।
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🕰️ 31 जनवरी की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ (क्रमानुसार विवरण)
🏹 1561 – बैरम ख़ाँ की हत्या
मुग़ल सम्राट अकबर के संरक्षक और सेनापति बैरम ख़ाँ की गुजरात के पाटण में हत्या कर दी गई। बैरम ख़ाँ ने अकबर को सत्ता में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। उनकी हत्या ने मुग़ल राजनीति को एक नया मोड़ दिया।
⚖️ 1606 – गाइ फ़ॉक्स को फांसी
ब्रिटेन में संसद उड़ाने की साजिश रचने वाले गाइ फ़ॉक्स को मृत्युदंड दिया गया। यह घटना ब्रिटिश लोकतंत्र और संसद की सुरक्षा के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
🕊️ 1865 – अमेरिका में दासता का अंत
अमेरिका में 13वां संविधान संशोधन पारित हुआ, जिसके तहत दासता (Slavery) को पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया गया। यह मानवाधिकारों के इतिहास में एक क्रांतिकारी कदम था।

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🌍 1884 – रूस ने मर्व पर कब्ज़ा किया
रूसी सेनाओं ने अफ़ग़ानिस्तान के अमीर से मर्व क्षेत्र छीन लिया। यह घटना मध्य एशिया में रूस-ब्रिटेन शक्ति संघर्ष (The Great Game) का अहम हिस्सा थी।
🥤 1893 – कोका-कोला ट्रेडमार्क
दुनिया के सबसे प्रसिद्ध ब्रांड Coca-Cola का ट्रेडमार्क अमेरिका में पहली बार पेटेंट हुआ। यह आधुनिक ब्रांडिंग और विज्ञापन इतिहास की शुरुआत मानी जाती है।
☣️ 1915 – प्रथम विश्व युद्ध में ज़हरीली गैस
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी ने रूस के खिलाफ ज़हरीली गैस का प्रयोग किया, जिसने युद्ध को और अधिक अमानवीय बना दिया।

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🌐 1946 – यूगोस्लाविया का गठन
सोवियत संघ की तर्ज़ पर यूगोस्लाविया का गठन हुआ, जो बाद में छह देशों में विभाजित हुआ —
सर्बिया, मोंटेनेग्रो, क्रोएशिया, स्लोवेनिया, बोस्निया-हर्जेगोविना और मैसेडोनिया।
🚢 1953 – आयरिश सागर नौका हादसा
आयरिश सागर में हुए नौका हादसे में 130 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई। यह समुद्री इतिहास की सबसे दुखद दुर्घटनाओं में शामिल है।

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🛢️ 1957 – ईरान पाइपलाइन परियोजना
अबादान से तेहरान तक तेल पाइपलाइन परियोजना पूरी हुई, जिससे ईरान की ऊर्जा आपूर्ति को मजबूती मिली।
🛰️ 1958 – अमेरिका का पहला उपग्रह
अमेरिका ने अपना पहला कृत्रिम उपग्रह Explorer-1 प्रक्षेपित किया। यह अंतरिक्ष दौड़ की शुरुआत थी।

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🌎 1962 – क्यूबा OAS से बाहर
अमेरिकी देशों के संगठन (OAS) ने क्यूबा को बाहर करने का निर्णय लिया, जो शीत युद्ध की राजनीति को दर्शाता है।
🦚 1963 – मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी
भारत सरकार ने मोर को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया। यह भारतीय संस्कृति, सौंदर्य और जैव विविधता का प्रतीक है।
🌕 1966 – लूना-9 मिशन
सोवियत संघ ने लूना-9 नामक मानवरहित यान लॉन्च किया, जो चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला यान बना।

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🇳🇷 1968 – नौरू स्वतंत्र हुआ
प्रशांत महासागर का द्वीपीय देश नौरू, ऑस्ट्रेलिया से स्वतंत्र हुआ।
✈️ 1974 – पैन अमेरिका विमान हादसा
पैन अमेरिका एयरवेज का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें 15 लोगों की मृत्यु हुई।
🌏 1979 – चीन-सोवियत विवाद
चीन ने सोवियत संघ पर विश्व युद्ध भड़काने का आरोप लगाया।
🗳️ 1985 – दलबदल विरोधी कानून
भारत में 52वां संविधान संशोधन राज्यसभा से पारित हुआ, जिससे दलबदल विरोधी कानून लागू हुआ।

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1988 – पोलैंड आंदोलन
पोलैंड में सॉलिडैरिटी आंदोलन के समर्थकों ने महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया।
✈️ 1989 – कोलंबियाई विमान अपहरण
कोलंबिया का विमान अपहृत कर 122 यात्रियों सहित कोस्टारिका ले जाया गया।
🌍 1992 – क्रोएशिया-स्लोवेनिया को मान्यता
28 देशों ने क्रोएशिया और स्लोवेनिया को मान्यता दी। न्यूयॉर्क में पहला सुरक्षा परिषद शिखर सम्मेलन भी हुआ।
☮️ 1995 – इस्रायल-जार्डन शांति
इस्रायल ने शांति संधि के तहत सीमावर्ती क्षेत्र जॉर्डन को सौंपा।
💥 1996 – श्रीलंका आत्मघाती हमला
श्रीलंका में हुए आत्मघाती हमले में 86 लोगों की मौत और 1400 से अधिक घायल हुए।

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🎾 1998–1999 – खेल उपलब्धियाँ
मार्टिना हिंगिस ने ऑस्ट्रेलियन ओपन जीता
येवगेनी काफेलनिकोव ने पुरुष एकल खिताब जीता
🏛️ 2000–2005 – भारत की प्रमुख घटनाएँ
हवाला केस के सभी आरोपी बरी
झारखंड के राज्यपाल प्रभात कुमार का इस्तीफा
जनरल जोगिंदर सिंह सेना प्रमुख बने

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🏭 2007 – टाटा-कोरस अधिग्रहण
टाटा स्टील ने कोरस का अधिग्रहण कर विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी स्टील कंपनी बनने का गौरव प्राप्त किया।
🎬 2010 – अवतार का रिकॉर्ड
हॉलीवुड फिल्म ‘अवतार’ दो बिलियन डॉलर कमाकर विश्व की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी।
🔍 निष्कर्ष
31 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ यह सिद्ध करती हैं कि यह दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि वैश्विक परिवर्तन का साक्षी रहा है। राजनीति, विज्ञान, संस्कृति, खेल और समाज—हर क्षेत्र में इस दिन ने इतिहास रचा है।

बॉर्डर 2 की 8वें दिन भी कमाई दमदार, 250 करोड़ करीब

सनी देओल स्टारर और अनुराग सिंह निर्देशित वॉर ड्रामा फिल्म ‘बॉर्डर 2’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी जैसे सितारों से सजी इस फिल्म ने रिलीज के साथ ही जबरदस्त शुरुआत की थी। ओपनिंग वीकेंड और गणतंत्र दिवस की छुट्टी का फिल्म को भरपूर फायदा मिला, जिससे इसकी कमाई में लगातार इजाफा देखने को मिला।

हालांकि, वीकडेज शुरू होते ही फिल्म के कलेक्शन में गिरावट आई, लेकिन इसके बावजूद ‘बॉर्डर 2’ ने पहले ही हफ्ते में 200 करोड़ क्लब में एंट्री कर ली थी। अब रिलीज के 8वें दिन फिल्म का मुकाबला रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी 3’ से हो रहा है।

8वें दिन ‘बॉर्डर 2’ की कमाई

सैकनिल्क के अर्ली ट्रेंड्स के मुताबिक, ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के 8वें दिन यानी दूसरे शुक्रवार को 11 करोड़ रुपये की कमाई की है। इसके साथ ही फिल्म का 8 दिनों का कुल कलेक्शन 235.25 करोड़ रुपये हो गया है।

‘बॉर्डर 2’ का जलवा बरकरार, 8वें दिन भी दमदार कमाई

दूसरे फ्राइडे पर भी रिकॉर्ड ब्रेक

वीकडेज के बावजूद ‘बॉर्डर 2’ ने दूसरे शुक्रवार को कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस दिन फिल्म ने

• ब्रह्मास्त्र पार्ट 1 (10.25 करोड़)
• तानाजी: द अनसंग वॉरियर (10.01 करोड़)
• पद्मावत (10 करोड़)
• धूम 3 (9.7 करोड़)
• कल्कि 2898 एडी (9.4 करोड़)
को पीछे छोड़ दिया है।

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250 करोड़ क्लब से कितनी दूर?

8 दिनों में 235.25 करोड़ की कमाई के साथ ‘बॉर्डर 2’ अब 250 करोड़ क्लब से सिर्फ 15 करोड़ दूर है। उम्मीद की जा रही है कि दूसरे वीकेंड पर फिल्म की कमाई में उछाल आएगा और यह जल्द ही इस आंकड़े को पार कर लेगी। इसके साथ ही फिल्म के 300 करोड़ क्लब में एंट्री करने की संभावनाएं भी मजबूत होती दिख रही हैं।

फिल्म की कास्ट और बैकग्राउंड

‘बॉर्डर 2’ साल 1997 में आई सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ के लगभग तीन दशक बाद रिलीज हुई है। इस वॉर ड्रामा को अनुराग सिंह ने डायरेक्ट किया है और जेपी दत्ता ने अपनी बेटी निधि दत्ता के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी के साथ सोनम बाजवा, मोना सिंह, मेधा सिंह और परमवीर सिंह चीमा जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।

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IMD का अलर्ट उत्तर भारत में बदला मौसम, बारिश-ओलावृष्टि

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उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 31 जनवरी से 3 फरवरी के बीच दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेंगे, जिससे कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि देखने को मिल सकती है। इस बदलाव का असर पहाड़ी राज्यों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी पड़ेगा।

इन राज्यों में होगी बारिश

IMD के मुताबिक, 1 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में भी हल्की बारिश हो सकती है।
वहीं, राजस्थान के कुछ हिस्सों में आज ओलावृष्टि होने का अलर्ट जारी किया गया है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ हफ्तों में उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान पहले 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ेगा, इसके बाद 2 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
दूसरी ओर, महाराष्ट्र में अगले दो दिनों के भीतर तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

दिल्ली का मौसम अपडेट

राजधानी दिल्ली में आज सुबह मौसम आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और हल्का कोहरा छाया रह सकता है। दोपहर में मौसम कुछ हद तक साफ रहेगा, लेकिन शाम और रात को गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
दिल्ली का अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

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यूपी में मौसम का असर

उत्तर प्रदेश में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। कभी बारिश तो कभी कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 फरवरी से यूपी के कई जिलों में काले बादलों की आवाजाही देखने को मिलेगी।
हालांकि, अगले दो दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, इसके बाद धीरे-धीरे बढ़ोतरी संभव है।

लखनऊ मौसम केंद्र के मुताबिक, 31 जनवरी को पश्चिमी यूपी में मौसम सामान्य रहेगा, जबकि पूर्वी यूपी के कई जिलों में 100 से 500 मीटर दृश्यता वाला कोहरा छा सकता है।
1 फरवरी को पश्चिमी यूपी में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और 2 फरवरी को आसमान में बादल छाए रहेंगे।

इन जिलों में रहेगा कोहरा

आज कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच समेत आसपास के जिलों में कोहरा देखने को मिलेगा।
वहीं, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, रामपुर, बरेली, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, झांसी और चित्रकूट सहित कई जिलों में आसमान साफ रहने की संभावना है।

बिहार में मौसम शुष्क

बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क बना रहा। सबसे अधिक तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस सुपौल में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस भागलपुर के सबौर में रिकॉर्ड हुआ। पश्चिमी और दक्षिण-मध्य बिहार में तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।

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यूपी पंचायत चुनाव टल सकते हैं, ये दो बड़ी वजहें आईं सामने

विधानसभा चुनाव 2027 के बाद होने की बढ़ी संभावना

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अब समय से न होने के संकेत मिल रहे हैं। दरअसल, अप्रैल–मई 2026 में होने वाले पंचायत चुनाव प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से टल सकते हैं। ऐसे में, राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि ये चुनाव अब विधानसभा चुनाव 2027 के बाद कराए जा सकते हैं। हालांकि, सरकार और विभागीय अधिकारी इस पर खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं।

पहली बड़ी वजह: बोर्ड परीक्षा और जनगणना

सबसे पहले, राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची 27 मार्च को प्रकाशित करने का कार्यक्रम तय किया है। इसी दौरान, यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी।

इसके बाद, मई–जून 2026 में जनगणना के पहले चरण के तहत हाउस लिस्टिंग सर्वे किया जाएगा। इस प्रक्रिया में, प्रदेशभर में पांच लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहेंगे। इससे पहले, इनके लिए व्यापक प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। ऐसी स्थिति में, पंचायत चुनाव कराना मुश्किल माना जा रहा है।

दूसरी वजह: ओबीसी आरक्षण का पेंच

वहीं दूसरी ओर, त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए नियमों के अनुसार समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन जरूरी है। लेकिन, पिछले सात महीनों से इसका प्रस्ताव शासन में लंबित है।

अधिकारियों के मुताबिक, आयोग के गठन के बाद उसे अपनी रिपोर्ट देने में कम से कम तीन से चार महीने लगेंगे। यानी, यदि अगले महीने आयोग का गठन भी हो जाता है, तो भी उसकी रिपोर्ट जून 2026 से पहले आना मुश्किल होगा।

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इसके अलावा परिषद चुनाव और मानसून भी बाधा

इसके अलावा, जुलाई से प्रदेश में मानसून शुरू हो जाता है और आमतौर पर इस दौरान चुनावी प्रक्रिया से बचा जाता है। वहीं, अक्टूबर–नवंबर 2026 में विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों पर चुनाव प्रस्तावित हैं।

इसके बाद, विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज हो जाएंगी। साथ ही, फरवरी 2027 में जनगणना के दूसरे चरण के तहत जाति और जनसंख्या गणना होनी है। ऐसे में, पंचायत चुनाव के लिए उपयुक्त समय मिलना कठिन माना जा रहा है।

अंत में: प्रधानों को प्रशासक बनाने की मांग

इसी बीच, ग्राम प्रधान संगठन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि यदि पंचायत चुनावों की तिथियां आगे बढ़ती हैं, तो राजस्थान की तर्ज पर वर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त किया जाए।
उनका कहना है कि, इससे गांवों में विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार तय समय पर चुनाव कराती है, तो ग्राम प्रधान संगठन उसका स्वागत करेगा।

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दरौली में आरसीसी सड़क से बदली तस्वीर, ग्रामीणों में खुशी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद महराजगंज के सदर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा दरौली में लंबे समय से जर्जर अवस्था में पड़ी एक प्रमुख ग्रामीण सड़क का आरसीसी ढलइया से कायाकल्प कर दिया गया है। इस निर्माण कार्य से गांव में विकास की नई राह खुल गई है और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। यह कार्य वार्ड संख्या 32 के जिला पंचायत सदस्य अभय सिंह की पहल और प्रयासों से कराया गया।

ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क बीते कई वर्षों से अत्यंत खराब स्थिति में थी। जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी मिट्टी और बरसात के मौसम में कीचड़ व जलभराव के कारण आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया था। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। दोपहिया और चारपहिया वाहन अक्सर फंस जाते थे, जिससे लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ता था।

ध्रुव नारायण गुप्ता ने बताया कि बरसात के दिनों में इस सड़क पर चलना लगभग असंभव हो जाता था। अब आरसीसी ढलइया बनने से सड़क मजबूत और टिकाऊ हो गई है, जिससे पूरे वर्ष निर्बाध आवागमन संभव हो सकेगा।
स्थानीय निवासी रविकांत सिंह, पंकज सिंह, वीरेंद्र गुप्ता, अंगद गुप्ता और रघुवंश सिंह ने कहा कि सड़क निर्माण से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि गांव की तस्वीर भी बदल गई है। बच्चों का स्कूल जाना आसान हुआ है, मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी और किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक ले जाने में राहत मिलेगी।

ये भी पढ़ें – पुलिस की वर्दी पहनकर जालसाज ने व्यापारी से 9.30 लाख की लूट की

रघुवंश सिंह ने जिला पंचायत सदस्य अभय सिंह की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से समझा और प्राथमिकता के आधार पर सड़क निर्माण कराया। ऐसे जनप्रतिनिधि ही जनता के वास्तविक हितैषी होते हैं, जो कागजी घोषणाओं के बजाय धरातल पर विकास कार्य कराते हैं।

ग्रामीणों का मानना है कि यह सड़क केवल एक संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि गांव के सामाजिक और आर्थिक विकास की मजबूत कड़ी है। सड़क के सुदृढ़ होने से ग्राम सभा दरौली में विकास को लेकर नई उम्मीद जगी है और जनप्रतिनिधियों पर लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है।

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