Wednesday, May 6, 2026
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डीएम ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में स्कूली वाहनों के शत-प्रतिशत सत्यापन का दिया निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा समिति की पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन एवं विभिन्न विभागों द्वारा की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने एनएचएआई मार्ग के किनारे झाड़ियों की साफ-सफाई, पटरी व नाली मरम्मत तथा अवैध कट्स से संबंधित बिंदुओं पर अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मार्गों के किनारे नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
एनएचएआई मार्ग पर दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत के लिए एंबुलेंस एवं क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु एनएचएआई प्रतिनिधि को जनपद में क्रेन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
शहरी क्षेत्र में सड़क किनारे झाड़ियों की साफ-सफाई, नाली मरम्मत, चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थिति तथा स्ट्रीट लाइट की क्रियाशीलता की नियमित निगरानी के लिए अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित किया गया। सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए।
परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने एवं जाम से बचाव के लिए गलत साइड और नो-पार्किंग में खड़े वाहनों के विरुद्ध नियमित जांच व चालान की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही चालान किए गए वाहनों की संख्या प्रदर्शित करने को कहा।
उन्होंने अभियान चलाकर मालवाहक वाहनों, विशेषकर ट्रैक्टर-ट्रॉली के पीछे रिफ्लेक्टर रेडियम पट्टी लगाने के निर्देश दिए, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद के सभी स्कूली वाहनों का शत-प्रतिशत सत्यापन किया जाए। वाहनों की परमिट एवं फिटनेस की जांच निर्धारित समय अंतराल पर की जाए तथा अनफिट वाहनों को चालान कर बंद कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय में एक भी अनफिट वाहन संचालित नहीं होना चाहिए। साथ ही 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों का चिन्हीकरण कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए ट्रैफिक लाइट लगाने एवं सड़क सुरक्षा संकेतकों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक ब्लैक स्पॉट पर टेबल टॉप रंबल स्ट्रिप बनाने, सीट बेल्ट व हेलमेट के प्रयोग के लिए प्रचार-प्रसार करने तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिए आम नागरिकों को विभिन्न माध्यमों से जागरूक करें।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग आर.के. पांडेय, पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात प्रियम राजशेखर पांडेय, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका अवधेश भारती, टीएसआई परमहंस सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

ज्ञान कुंज एकेडमी, बंशीबाजार में कक्षा 12 के विद्यार्थियों का भव्य विदाई एवं सम्मान समारोह सम्पन्न

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

ज्ञान कुंज एकेडमी, बंशीबाजार में कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन बड़े ही उत्साह, गरिमा और पारंपरिक संस्कारों के साथ किया गया। विद्यालय में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों द्वारा अपने वरिष्ठ साथियों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक डॉ. देवेंद्र सिंह के करकमलों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी अतिथियों एवं शिक्षकों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक डॉ. श्री देवेंद्र सिंह एवं प्रधानाचार्या सुधा पाण्डेय ने कक्षा 12वीं के सभी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में प्रधानाचार्या सुधा पाण्डेय ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और संस्कारों की पाठशाला भी है। यहां से सीखी हुई बातें विद्यार्थियों को जीवन के हर कठिन मोड़ पर मार्गदर्शन देती हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
विद्यालय के प्रबंधक डॉ. देवेंद्र सिंह ने कहा कि यह विद्यालय की गौरवशाली परंपरा रही है कि अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी जाती है। यह सम्मान उनके भीतर आत्मविश्वास जगाने का कार्य करता है और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को परिश्रम, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाकर सफलता प्राप्त करने का संदेश दिया।
उपप्रधानाचार्या शीला सिंह ने भी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय के अध्यक्ष ज्योति स्वरूप पाण्डेय ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और उन्हें अपने विद्यालय से भावनात्मक रूप से जोड़े रखते हैं।
कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के शिक्षकगण—जेपी तिवारी, दीपक तिवारी, रविन्द्र प्रताप सिंह, दिलीप पाण्डेय, राकेश पाण्डेय, लक्ष्मण चौहान, अमजद अली, श्याम सुंदर, आनंद पाण्डेय, भानु प्रताप सिंह, काशी नरेश सिंह, साधना, सागर, धीरेन्द्र, सुनील गुप्ता, कृष्ण मोहन सहित सभी शिक्षकों का योगदान सराहनीय रहा। वहीं स्टूडेंट काउंसिल के छात्र-छात्राओं—आकृति यादव, अक्षिता गुप्ता, नौरीन, समग्र मिश्रा, वैष्णवी मिश्रा, सिमरन और हिमांशु तिवारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई समारोह के अंत में भावुक वातावरण के बीच जूनियर विद्यार्थियों ने अपने सीनियर्स को शुभकामनाओं के साथ विदाई दी।

देवरिया में फरवरी 2026 में 4 स्थानों पर होंगे मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जनपद देवरिया में फरवरी 2026 के दौरान चार अलग-अलग तिथियों पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, गरीब और निराश्रित परिवारों की बेटियों का सम्मानजनक विवाह सुनिश्चित करना है, जिससे सामाजिक समानता और सुरक्षा को मजबूती मिल सके।

जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर पांडेय ने बताया कि विकास खंडों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों से चयनित पात्र जोड़ों का विवाह निर्धारित तिथियों पर विधिवत संपन्न कराया जाएगा। प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और गरिमामय तरीके से आयोजित हो।

फरवरी में 4 तिथियों पर होंगे सामूहिक विवाह

जिला प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार—

• 01 फरवरी 2026 — ओम मैरेज हॉल, तरकुलवा
• 04 फरवरी 2026 — प्रिंस पैलेस, कोटवा चौराहा, देवरिया
• 06 फरवरी 2026 — उत्सव लॉन, सलेमपुर
• 10 फरवरी 2026 — केंद्रीय विद्यालय, राजकीय आईटीआई परिसर, देवरिया

प्रत्येक स्थल पर समाज कल्याण विभाग, स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की उपस्थिति रहेगी।

बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य

योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चयनित जोड़ों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी। बिना सत्यापन के विवाह प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।

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जरूरी दस्तावेज साथ लाना होगा

वर-वधू को निर्धारित तिथि पर सुबह 8 बजे उपस्थित होना अनिवार्य है। साथ लाने होंगे—

• आधार कार्ड (वर और वधू)
• स्वीकृत आवेदन पत्र
• पासपोर्ट साइज फोटो (दो-दो)
• कन्या का बैंक पासबुक

गरीब परिवारों के लिए वरदान योजना

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत बनकर सामने आई है। सरकार विवाह हेतु आर्थिक सहायता, उपहार सामग्री और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराती है। इससे न केवल आर्थिक बोझ कम होता है, बल्कि दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों पर भी रोक लगती है।

सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम

विवाह स्थलों पर पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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Patna: नीट छात्रा मौत केस: CBI जांच पर परिजनों का सवाल, बोले– न्यायिक जांच ही चाहिए

पटना (राष्ट्र की परम्परा)। Patna में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का मामला अब सीबीआई के पास जाता दिख रहा है। नीतीश सरकार ने इस केस की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है, लेकिन इस फैसले से पीड़िता का परिवार संतुष्ट नहीं है। शनिवार (31 जनवरी 2026) को जहानाबाद में परिजनों ने मीडिया से बात करते हुए सरकार और बिहार पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े किए।

पीड़िता के भाई ने कहा कि परिवार ने कभी सीबीआई जांच की मांग नहीं की थी। शुरू से उनकी मांग हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच की रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार पुलिस ने मामले में लीपापोती की है और ज्यादातर सबूत पहले ही मिटाए जा चुके हैं। ऐसे में अब सीबीआई जांच से सच्चाई सामने आने की उम्मीद कम है।

“डीजीपी ने धमकी दी, CBI पर भरोसा नहीं”

भाई ने दावा किया कि डीजीपी ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि केस सीबीआई को सौंप दिया जाएगा और जांच लंबी खिंचने पर परिवार थक जाएगा। उन्होंने कहा कि सीबीआई का नाम डराने के लिए इस्तेमाल किया गया, इसलिए अब उस पर भी भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि जिस तरह एसआईटी ने काम किया, वैसा ही सीबीआई भी कर सकती है, जब तक जांच कोर्ट के दिशा-निर्देश में न हो।

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पिता बोले– सरकार के दबाव में बिहार पुलिस

पीड़िता के पिता ने भी सीबीआई जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि शुरुआत से ही हॉस्पिटल, हॉस्टल और प्रशासन की मिलीभगत रही है। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस सरकार और गृह मंत्री के दबाव में काम कर रही है। उनके मुताबिक, सीबीआई जांच से कुछ नहीं बदलेगा, न्यायिक जांच ही एकमात्र रास्ता है जिस पर उन्हें भरोसा है। पिता ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में परिवार को ही लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।

फिलहाल, सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद भी परिजन न्यायिक जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। अब देखना होगा कि आगे इस केस में सरकार और अदालत क्या रुख अपनाती हैं।

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मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: अब पात्र महिलाओं को मिलेंगे 2 लाख रुपये, जानें शर्तें

पटना (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अब अपने दूसरे चरण में पहुंच चुकी है। पहले चरण में महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई थी। अब सरकार सफल महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद देने जा रही है।

हालांकि, यह बड़ी रकम सभी महिलाओं को नहीं मिलेगी। सरकार ने साफ किया है कि दूसरी किस्त का लाभ सिर्फ उन्हीं महिलाओं को दिया जाएगा, जिन्होंने पहले चरण में मिली राशि का सही उपयोग कर अपना रोजगार शुरू किया और उसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया।

किन महिलाओं को मिलेंगे 2 लाख रुपये?

सरकार के अनुसार, जिन महिलाओं ने सिलाई, डेयरी, दुकान, फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प या किसी अन्य छोटे व्यवसाय की शुरुआत की और छह महीने बाद उनका काम स्थिर व लाभ में पाया गया, वही इस सहायता की पात्र होंगी। मूल्यांकन के दौरान यह देखा जाएगा कि 10 हजार रुपये का उपयोग वास्तव में रोजगार बढ़ाने में हुआ है या नहीं। जरूरत के अनुसार महिलाओं को एकमुश्त 2 लाख रुपये तक दिए जा सकते हैं।

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किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ?

जिन महिलाओं ने पहली किस्त का उपयोग रोजगार शुरू करने में नहीं किया या जिनका काम छह महीने के भीतर बंद हो गया, वे इस अतिरिक्त सहायता के लिए पात्र नहीं होंगी। साथ ही, योजना की शर्तों का पालन न करने या रिकॉर्ड संतोषजनक न होने पर भी दूसरी किस्त नहीं दी जाएगी।

सरकार हर आवेदन का गहन मूल्यांकन करेगी। कुछ महिलाओं को 2 लाख रुपये से कम राशि भी दी जा सकती है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, अब तक 1.56 करोड़ महिलाओं के खातों में पहली किस्त भेजी जा चुकी है और दूसरे चरण की चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

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Sanitary Pad Mandatory In Schools: स्कूलों में सेनेटरी पैड अब सुविधा नहीं, बच्चियों का अधिकार – सुप्रीम कोर्ट

Sanitary Pad Mandatory In Schools: स्कूल में अचानक पीरियड आ जाना कई बच्चियों के लिए परेशानी भरा होता है। इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अब स्कूलों में सेनेटरी पैड उपलब्ध कराना कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि बच्चियों का मौलिक अधिकार माना जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि मासिक धर्म से जुड़ी सेहत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने सभी राज्यों और शिक्षा विभागों को निर्देश दिया है कि हर स्कूल में लड़कियों के लिए सेनेटरी पैड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

अगर कोई स्कूल इस जिम्मेदारी से पीछे हटता है या लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। जरूरत पड़ने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने तक का कदम उठाया जा सकता है।

कहां करें शिकायत?

अगर किसी स्कूल में सेनेटरी पैड उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, तो:

• जिला शिक्षा अधिकारी (DEO)

• जिला कार्यक्रम पदाधिकारी
को लिखित शिकायत दी जा सकती है।

शिकायत में ये बातें जरूर शामिल करें:

• स्कूल का नाम

• तारीख

• समस्या का विवरण

• संभव हो तो फोटो या अन्य सबूत

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अगर जिला स्तर पर सुनवाई न हो:

• राज्य शिक्षा विभाग

• महिला एवं बाल विकास विभाग

• राज्य/राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग

• महिला आयोग या मानवाधिकार आयोग
में भी शिकायत की जा सकती है।

क्या-क्या नियम तय किए गए हैं?

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार:

• लड़कियों के लिए अलग और साफ शौचालय

• सेनेटरी पैड की आसान उपलब्धता

• इस्तेमाल किए गए पैड को सुरक्षित तरीके से निपटाने की व्यवस्था

• कई स्कूलों में Menstrual Hygiene Corner बनाने के निर्देश

ये नियम सरकारी और प्राइवेट दोनों स्कूलों पर समान रूप से लागू होंगे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर शिक्षा विभाग कार्रवाई कर सकता है।

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4 फरवरी को 199 शिक्षक तय करेंगे 6 पदों का भविष्य

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पीजी कालेज महराजगंज बनेगा सुआक्टा चुनावी अखाड़ा

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से संबद्ध अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों के संगठन सिद्धार्थ विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (सुआक्टा) के चुनाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। संगठन के कुल 6 पदों के लिए 4 फरवरी को मतदान कराया जाएगा, जिसमें चार जनपदों के 199 शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
यह चुनाव पीजी कॉलेज महराजगंज में संपन्न होगा। चुनाव की पूरी जिम्मेदारी सुआक्टा द्वारा पीजी कॉलेज प्रशासन को सौंपी गई है। मुख्य चुनाव अधिकारी के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.अजय कुमार मिश्रा की देख-रेख में चुनाव संपन्न कराया जाएगा।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि सुआक्टा के अंतर्गत सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से संबद्ध बस्ती,खलीलाबाद, सिद्धार्थनगर और महराजगंज जनपदों के सभी अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षक इस चुनाव में भाग लेंगे। कुल 199 शिक्षक मतदाता पंजीकृत हैं।
उन्होंने बताया कि संगठन के जिन पदों के लिए चुनाव कराया जाना है, उनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष महामंत्री, संयुक्त मंत्री,
सह मंत्री शामिल हैं।
नामांकन प्रक्रिया के तहत 30 और 31 जनवरी को पर्चा दाखिल किया जा रहा है। पहले दिन हुए नामांकन में चार पदों के लिए उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया।
अध्यक्ष पद हेतु डॉ. विनय कुमार सिंह,महिला उपाध्यक्ष पद हेतु डॉ. किरण देवी,महामंत्री पद हेतु प्रो.राजेंद्र बौद्ध और संयुक्त मंत्री पद हेतु डॉ. अरविंद त्रिपाठी ने नामांकन किया है।
चुनाव अधिकारी ने बताया कि 31 जनवरी को शाम 5 बजे नामांकन पत्रों की जांच एवं सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 01 फरवरी को शाम 4 बजे तक नामांकन वापसी की प्रक्रिया चलेगी, जबकि अंतिम सूची का प्रकाशन 01 फरवरी को शाम 5 बजे किया जाएगा।
04 फरवरी को चुनावी कार्यक्रम के अनुसार प्रातः10:30 से 12:30 बजे तक अधिवेशन,1:00 बजे से 3:00 बजे तक मतदान,4:00 बजे से मतगणना,तत्पश्चात निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ ग्रहण कराया जाएगा।
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रो.धर्मेंद्र सोनकर, डॉ. राणा प्रताप तिवारी, डॉ. नंदिता मिश्रा और डॉ. प्राची कुशवाहा को सहायक चुनाव अधिकारी नामित किया गया है।

सरकारी संवेदनहीनता की तस्वीर: शवदाह गृह बना मजाक

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महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सरकारी योजनाओं और जमीनी सच्चाई के बीच की खाई एक बार फिर सामने आई है। लक्ष्मीपुर ब्लाक के एकसड़वां ग्राम पंचायत स्थित डंडा नदी के किनारे जोगियाबारी घाट पर बना अंत्योष्ट स्थल सिर्फ कागजों में ही पूर्ण दिखाया गया है, जबकि वास्तविकता में आज भी ग्रामीणों को खुले आसमान के नीचे अपनों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है।
सरकार की मंशा ग्रामीण क्षेत्रों में सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त अंत्येष्टि स्थल उपलब्ध कराने की थी, ताकि शोक की घड़ी में परिजनों को मूलभूत सहूलियत मिल सके। लेकिन जोगियाबारी घाट की बदहाल तस्वीर यह साबित करती है कि यह योजना फाइलों से आगे नहीं बढ़ सकी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकारी अभिलेखों में करीब 10 वर्ष पूर्व इस अंत्येष्टि स्थल के निर्माण पर लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए गए थे। इस राशि में टीन शेड, शवदाह के लिए पक्का स्टैंड, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, लकड़ी भंडारण कक्ष और केयर टेकर की सुविधा शामिल थी। लेकिन मौके पर स्थिति इसके ठीक उलटा है।
टीन शेड जर्जर हो चुके हैं, बैठने के लिए बने स्लैब टूटे पड़े हैं और शवदाह के लिए आज तक पक्का स्टैंड ही नहीं बन सका। जहां स्टैंड होना था, वहां मिट्टी धंस चुकी है। मजबूरी में परिजन खुले मैदान में चिता सजाते हैं
बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है। खुले में शवदाह करना न केवल कठिन होता है, बल्कि शोकाकुल परिजनों को मानसिक व शारीरिक दोनों तरह की पीड़ा झेलनी पड़ती है।
अंत्येष्टि स्थल पर बने शौचालयों की हालत भी बेहद खराब है। सेप्टिक टैंक का ढक्कन गायब है, दरवाजे टूट चुके हैं और चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं। उपयोग के लायक न होने से शौचालय बंद पड़े हैं। शवदाह के लिए लकड़ी रखने के लिए बनाए गए गोदाम जर्जर हैं और उनमें आज तक दरवाजे नहीं लग सके।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पूरा बजट निकाल लिया गया, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया। वर्षों से यह घाट आस-पास के दर्जनों गांवों के लिए अंतिम संस्कार का प्रमुख केंद्र है, इसके बावजूद न मरम्मत कराई गई और न ही अधूरे कार्य पूरे हुए।
इस संबंध में जब बीडीओ लक्ष्मीपुर मृत्युजंय कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें समस्या की जानकारी मिली है। कमियों को दूर कराने के लिए कार्रवाई की जाएगी और जो भी खामियां हैं, उन्हें जल्द पूरा कराया जाएगा।अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदारों की यह कार्रवाई कागजों से निकलकर धरातल पर दिखेगी, या ग्रामीणों को यूं ही खुले आसमान के नीचे अपनों का अंतिम संस्कार करना पड़ेगा?

चार माह से गिट्टी में तब्दील पीडब्ल्यूडी मार्ग, 30 हजार लोगों की राह बनी जोखिम भरी

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महराजगंज(राष्ट्र की परंपरा) बृजमनगंज ब्लॉक अंतर्गत बेलौही–ललाइन पैसिया पीडब्ल्यूडी मार्ग पर विभागीय लापरवाही राहगीरों पर भारी पड़ रही है। करीब चार महीने पहले सड़क निर्माण के नाम पर लगभग दो किलोमीटर तक बड़ी-बड़ी गिट्टियां डालकर काम अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे यह मार्ग अब सड़क नहीं बल्कि दुर्घटनाओं का रास्ता बन चुका है।
सड़क पर बिखरी गिट्टियों के कारण बाइक व साइकिल सवार आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। हालत यह है कि गिट्टियां फैलकर सड़क किनारे खेतों तक पहुंच गई हैं, जिससे किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग बेलौही, रायपुर पंडित, अमहवा टोला, मदरसा और जरौली होते हुए गोरखपुर–सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग के ललाइन पैसिया से जुड़ता है। इस रास्ते से प्रतिदिन करीब 30 हजार लोग आवागमन करते हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रक जैसे भारी वाहनों के गुजरने से सड़क किनारे गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे छोटे चार पहिया वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों में विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण पूरा नहीं किया गया तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कराने की मांग की है।
इस संबंध में अधीशासी अभियंता एडिसन सिंह ने बताया कि समस्या संज्ञान में है और जल्द ही सड़क का निर्माण कार्य पूरा कराकर लोगों को राहत दी जाएगी।

शराब के नशे में तथाकथित पत्रकार ने बिजली कर्मियों से की अभद्रता

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धमकी भरा ऑडियो वायरल

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जैतीपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत रामपुर में बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ अभद्रता और धमकी देने का मामला सामने आया है। खुद को पत्रकार बताने वाले एक व्यक्ति द्वारा जेई और लाइनमैन को फोन पर धमकाने का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे बिजली विभाग के कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को रामपुर गांव की एक गली में मकान निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माणाधीन मकान की दीवार के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाइनमैन सर्वेश कुमार द्वारा करीब 30 मिनट के लिए बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद की गई थी।
इसी अस्थायी कटौती से नाराज होकर खुद को पत्रकार बताने वाले धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कथित रूप से शराब के नशे में जेई अजीत कुमार और लाइनमैन सर्वेश कुमार को फोन किया। आरोप है कि फोन कॉल के दौरान उसने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और सरकारी कर्मचारियों को धमकाते हुए उनके कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया। बातचीत की रिकॉर्डिंग अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति पूर्व में भी पत्रकारिता का हवाला देकर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों पर दबाव बनाने की कोशिश करता रहा है। वायरल ऑडियो में उसका व्यवहार आक्रामक और धमकी भरा बताया जा रहा है।
घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सुरक्षा कारणों से की गई अस्थायी बिजली कटौती पर इस तरह का व्यवहार निंदनीय है। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और पूरे प्रकरण में विधिक कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।

कांट क्षेत्र के भानपुर नगरिया में बेखौफ अवैध खनन

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प्रशासन की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
थाना कांट क्षेत्र के भानपुर नगरिया गांव में अवैध खनन का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। आरोप है कि खनन माफिया प्रशासन और पुलिस की कथित मिलीभगत के चलते बेखौफ होकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। हालात यह हैं कि जिम्मेदार विभाग सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बने हुए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, बिना किसी वैध अनुमति के मिट्टी व बालू का खनन लगातार किया जा रहा है। भारी-भरकम ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दिन-रात गांव की सड़कों से गुजर रही हैं, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और आमजन की सुरक्षा पर संकट मंडरा रहा है। रात करीब 10 बजे से लेकर सुबह 8 बजे तक खनन कार्य जारी रहता है, जो प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध खनन की कई बार शिकायत संबंधित अधिकारियों व पुलिस से की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया गया। किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई न होने से अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।
अवैध खनन से पर्यावरण को भी भारी क्षति पहुंच रही है। उपजाऊ मिट्टी का नुकसान हो रहा है, जलस्तर गिरता जा रहा है और भविष्य में इसका दुष्परिणाम क्षेत्रवासियों को भुगतना पड़ सकता है। इसके बावजूद प्रशासन की चुप्पी लोगों में रोष पैदा कर रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। साथ ही जिलाधिकारी एवं उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक आंखें मूंदे बैठा रहता है या फिर अवैध खनन के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाता है।

ईसारपीठापट्टी के लोकप्रिय प्रधान शिव शंकर यादव का आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

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बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

ईसारपीठापट्टी गांव के वर्तमान प्रधान एवं प्रधान संघ के अध्यक्ष शिव शंकर यादव के आकस्मिक निधन की दुःखद सूचना से पूरा क्षेत्र गहरे शोक में डूब गया है। बताया जा रहा है कि उनकी मृत्यु नोएडा में हृदयगति रुकने से हुई। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव सहित आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई। लोगों को इस असमय हुई क्षति पर विश्वास करना कठिन हो रहा है। शिव शंकर यादव लंबे समय से सक्रिय और लोकप्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी पहचान बना चुके थे। उन्होंने चार बार ग्राम प्रधान के रूप में गांव की कमान संभाली और इस बार भी जनता के विश्वास पर खरे उतरते हुए प्रधान निर्वाचित हुए थे। इसके साथ ही वे प्रधान संघ के अध्यक्ष तथा ब्लॉक स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनके नेतृत्व में गांव में अनेक विकास कार्य हुए, जिनकी चर्चा आज भी ग्रामीण गर्व से करते हैं।उनका व्यक्तित्व अत्यंत सरल, सहज और मिलनसार था। वे हर वर्ग के लोगों से आत्मीयता के साथ मिलते थे। चाहे गरीब परिवार की समस्या हो या गांव के किसी सार्वजनिक कार्य का मुद्दा, वे हमेशा आगे बढ़कर समाधान कराने का प्रयास करते थे। जनसेवा को उन्होंने सच मायनों में अपना धर्म बना लिया था। यही कारण था कि वे केवल एक प्रधान नहीं, बल्कि गांव के संरक्षक के रूप में देखे जाते थे।ग्रामीणों का कहना है कि श्री यादव ने अपने कार्यकाल में सड़क, नाली, पेयजल, आवास योजना और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया। वे गांव की हर छोटी-बड़ी समस्या को गंभीरता से लेते थे और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर उसका समाधान कराने की पूरी कोशिश करते थे। उनके प्रयासों से कई जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सका।उनके व्यवहार में कभी भी अहंकार नहीं झलकता था। बड़े-बुजुर्गों का सम्मान और युवाओं को आगे बढ़ाने की सोच ने उन्हें सबका प्रिय बना दिया था। सामाजिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और सामुदायिक बैठकों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी। वे लोगों को जोड़ने और गांव में आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए हमेशा प्रयासरत रहते थे।
अपने पीछे वे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके दो पुत्र—चन्द्रजीत और चन्द्रपाल—तथा पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्यों का दुख देखकर गांव के लोगों की आंखें भी नम हो जा रही हैं। हर कोई इस कठिन समय में परिवार को ढांढस बंधा रहा है।उनके असामयिक निधन से न केवल ईसारपीठापट्टी गांव ने एक कर्मठ प्रधान खोया है, बल्कि पूरे क्षेत्र ने एक संवेदनशील, समर्पित और सच्चा जनप्रतिनिधि खो दिया है। अंतिम दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।ग्रामीणों की जुबान पर एक ही बात है—“ऐसा जनसेवक मिलना दुर्लभ है।” श्री शिव शंकर यादव की कमी लंबे समय तक महसूस की जाती रहेगी। उनकी जनसेवा, सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व की यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।

सदर कोतवाली क्षेत्र में टेंपो चालक की अचानक मौत, वाहन में अचेत मिलने से मचा हड़कंप

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देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)देवरिया जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रामनाथ देवरिया मोहल्ले में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक टेंपो चालक की सparampraहालात में मौत की खबर सामने आई। मृतक को उनके टेंपो के अंदर अचेत अवस्था में पाया गया, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
मृतक की पहचान रामनाथ देवरिया मोहल्ला निवासी 35 वर्षीय हरेन्द्र कुशवाहा पुत्र राम भजन के रूप में हुई है। हरेन्द्र पेशे से टेंपो चालक थे और इसी के माध्यम से अपने परिवार की आजीविका चलाते थे। शुक्रवार को वह रोज की तरह टेंपो लेकर घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे।
काफी समय बीतने के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें टेंपो के अंदर अचेत अवस्था में देखा। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे, जहां हरेन्द्र को मृत पाया गया। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
परिजनों ने आशंका जताई है कि अत्यधिक ठंड के कारण हरेन्द्र की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिससे उनकी मौत हो गई। इस संबंध में परिजनों द्वारा सदर कोतवाली पुलिस को एक प्रार्थना पत्र भी सौंपा गया है।
सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इस संबंध में कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अयोध्या में डिप्टी सीएम के सामने BJP नेताओं की हाथापाई

अयोध्या (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर बढ़ता असंतोष अब सार्वजनिक मंचों पर दिखाई देने लगा है। अयोध्या में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में ही एक कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष संजीव सिंह और बीजेपी नेता सच्चिदानंद पांडेय के बीच मंच पर ही हाथापाई हो गई। घटना के बाद सुरक्षा कर्मियों ने दोनों नेताओं को अलग कराया।

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद बीजेपी में अंतर्कलह और अनुशासन को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। खुद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी इस घटना से नाराज नजर आए।

तेरहवीं कार्यक्रम में हुआ विवाद

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पूर्व विधायक खब्बू तिवारी की माता के निधन के बाद आयोजित तेरहवीं संस्कार में शामिल होने अयोध्या पहुंचे थे। इसी दौरान मंच पर बैठे नेताओं के बीच अचानक विवाद शुरू हो गया, जिसने देखते ही देखते हाथापाई का रूप ले लिया।

क्या था पूरा घटनाक्रम?

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मंच पर कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। तभी संजीव सिंह और सच्चिदानंद पांडेय के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई। वायरल वीडियो में दोनों नेताओं को एक-दूसरे की कॉलर पकड़ते और धक्का-मुक्की करते साफ देखा जा सकता है। इस दौरान डिप्टी सीएम असहज स्थिति में नजर आए। अन्य कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया।

स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच पहले से ही आपसी रंजिश चल रही थी, जो गुरुवार को खुलकर सामने आ गई। घटना के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठाई है।

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महोबा में भी दिखी BJP नेताओं की तनातनी

बीजेपी में अंतर्कलह का यह पहला मामला नहीं है। शुक्रवार को महोबा में एक कार्यक्रम के दौरान जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत के बीच क्षेत्र में जलकल योजना के कार्य न होने को लेकर नाराजगी देखने को मिली। इस दौरान विधायक के समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

सोशल मीडिया पर वायरल, पार्टी की बढ़ी मुश्किलें

अयोध्या और महोबा—दोनों घटनाओं के वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी के भीतर व्यापक असंतोष की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अब तक पार्टी के किसी बड़े पदाधिकारी की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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यूट्यूबर नीतू बिष्ट से छेड़छाड़, DND से ग्रेटर नोएडा तक पीछा

ग्रेटर नोएडा (राष्ट्र की परम्परा)। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर नीतू बिष्ट ने अपने साथ हुई छेड़छाड़ और सड़क पर बदसलूकी की घटना को लेकर एक वीडियो और पोस्ट साझा की है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। आरोप है कि कुछ कार सवार युवकों ने डीएनडी फ्लाईवे से लेकर ग्रेटर नोएडा तक नीतू बिष्ट और उनके पति का पीछा किया और बीच सड़क पर अभद्र व्यवहार किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना कुछ दिन पहले की है। नीतू बिष्ट कहीं जा रही थीं, तभी होंडा सिटी कार में सवार युवकों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। आरोप है कि युवकों ने अश्लील इशारे किए, गाली-गलौज की और उनकी गाड़ी को बार-बार टक्कर मारने की कोशिश की, जिससे नीतू और उनके पति काफी डर गए।

‘बेहद बदतमीजी से पेश आ रहे थे युवक’ – नीतू बिष्ट

नीतू बिष्ट द्वारा शेयर किए गए वायरल वीडियो में वह युवकों को गाड़ी रोकने के लिए कहते हुए साफ सुनाई देती हैं। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि युवक जानबूझकर उनकी कार को टक्कर मारने की कोशिश कर रहे थे और लगातार बदसलूकी कर रहे थे। वीडियो में आगे पुलिस को मौके पर पहुंचते हुए भी देखा जा सकता है।

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पुलिस को कॉल करने पर तुरंत पहुंची टीम

नीतू के पति लखन ने भी एक वीडियो जारी कर पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवक डीएनडी से लेकर ग्रेटर नोएडा तक लगातार पीछा करते रहे और दो बार उनकी कार को टक्कर मारी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को फोन किया, जिस पर नॉलेज पार्क थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई।

छात्रों का करियर खराब न हो, इसलिए नहीं कराया केस

पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया और उनके खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी थी। हालांकि, नीतू बिष्ट और उनके पति की रिक्वेस्ट पर युवकों को छोड़ दिया गया। कपल का कहना था कि आरोपी युवक संभवतः छात्र थे और मामला आगे बढ़ने से उनका करियर खराब हो सकता था।
लखन ने नॉलेज पार्क थाना प्रभारी और पुलिस टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति काबू में आ गई और फिलहाल किसी के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।

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