Tuesday, May 5, 2026
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मेघालय कोयला खदान हादसा: 18 मजदूरों की मौत, कई फंसे; पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

ईस्ट जयंतिया हिल्स (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।
मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के थांगस्कू इलाके में स्थित एक कोयला खदान में हुए भीषण हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आई नोंगरंग के अनुसार, अब तक 18 शव बरामद किए जा चुके हैं। हादसे के समय खदान के भीतर कितने लोग मौजूद थे, इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल सकी है, जिससे कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मेघालय कोयला खदान हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति संवेदनाएं हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई है। साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने भी इस दुखद घटना पर संवेदना जताते हुए राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 3 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि राहत-बचाव कार्य में किसी तरह की कमी न रहे और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा से फोन पर बातचीत कर ईस्ट जयंतिया हिल्स कोयला खदान धमाके की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अन्य एजेंसियां स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर बचाव कार्य में जुटी हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस मेघालय खदान दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मजदूरों की मौत की खबर अत्यंत दुखद है और वह शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हैं। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।

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स्थानीय सूत्रों के अनुसार, खदान में विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर गैस रिसाव या अवैध खनन की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मेघालय कोयला खदान हादसा एक बार फिर खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े नियमों का पालन और नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी है।
प्रशासन ने आम लोगों से अफवाहों से बचने और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है। राहत कार्य पूरा होने के बाद विस्तृत जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की संभावना है।

🔮 आज का मूलांक भविष्यफल 2026: जानिए अंक ज्योतिष से धन, नौकरी, व्यवसाय, प्रेम और करियर का हाल

आज का मूलांक भविष्यफल 2026 में जानें अंक ज्योतिष अनुसार धन, नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, प्रेम और करियर से जुड़ी सटीक भविष्यवाणी।
✨ आज का मूलांक भविष्यफल: अंक ज्योतिष से दिन का संपूर्ण विश्लेषण
अंक ज्योतिष (Ank Jyotish) के अनुसार जन्म तिथि से निकला मूलांक व्यक्ति के स्वभाव, सोच, निर्णय क्षमता और भविष्य की दिशा को प्रभावित करता है।
आज का मूलांक भविष्यफल उन लोगों के लिए विशेष है जो धन, नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, करियर, राजनीति और प्रेम जीवन को लेकर स्पष्ट संकेत चाहते हैं।
यह भविष्यफल मूलांक 1 से 9 तक के सभी जातकों के लिए तैयार किया गया है, जो गूगल सर्च के अनुसार उच्च रैंकिंग देने में सक्षम है।
🔴 मूलांक 1 (जन्म तिथि 1, 10, 19, 28)
सूर्य का प्रभाव
आज का दिन चुनौतियों भरा हो सकता है। आत्मसम्मान बना रहेगा, लेकिन दाम्पत्य जीवन में मतभेद उभर सकते हैं।
व्यवसाय में कोई बड़ा निर्णय सोच-समझकर लें। नौकरीपेशा लोगों के लिए स्थानांतरण या जिम्मेदारी बदलने के संकेत हैं।
💰 धन: अचानक खर्च बढ़ सकता है
💼 नौकरी: प्रमोशन की चर्चा
📚 शिक्षा: ध्यान भटक सकता है
❤️ प्रेम: अहंकार से बचें
उपाय: भगवान विष्णु की सेवा करें।

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🔵 मूलांक 2 (जन्म तिथि 2, 11, 20, 29)
चंद्रमा का प्रभाव
भावनात्मक संतुलन आज सबसे जरूरी रहेगा। प्रॉपर्टी या पारिवारिक विवादों को शांतिपूर्वक सुलझाएं।
राजनीति और प्रशासन से जुड़े लोगों को संयम रखना होगा।
💰 धन: निवेश सोचकर करें
💼 व्यवसाय: साझेदारी में सावधानी
❤️ प्रेम: भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा
उपाय: “ॐ सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें।
🟡 मूलांक 3 (जन्म तिथि 3, 12, 21, 30)
बृहस्पति का प्रभाव
आज बुजुर्गों और गुरुओं की सलाह लाभदायक रहेगी। शिक्षा, राजनीति और सरकारी क्षेत्रों में सफलता के संकेत हैं।
💰 धन: आय के नए स्रोत
💼 करियर: मार्गदर्शन मिलेगा
📚 शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षा में लाभ
उपाय: गुरु और शिक्षकों का सम्मान करें।
मूलांक 4 (जन्म तिथि 4, 13, 22, 31)
राहु का प्रभाव
व्यवसायिक साझेदारी में तालमेल रहेगा। तकनीकी, मीडिया और ऑनलाइन बिजनेस में लाभ संभव है।
💰 धन: आय-व्यय संतुलन जरूरी
💼 व्यवसाय: नए प्रयोग सफल
❤️ प्रेम: भरोसा मजबूत होगा
उपाय: सिरहाने सौंफ रखकर सोएं।
🟢 मूलांक 5 (जन्म तिथि 5, 14, 23)
बुध का प्रभाव
आज का दिन व्यवसाय और कम्युनिकेशन से जुड़े लोगों के लिए शानदार है। बड़ा ऑर्डर या डील मिल सकती है।
💰 धन: लाभ की स्थिति
💼 नौकरी: इंटरव्यू में सफलता
📚 शिक्षा: बौद्धिक विकास
उपाय: कन्याओं को मिठाई खिलाएं।

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🔴 मूलांक 6 (जन्म तिथि 6, 15, 24)
शुक्र का प्रभाव
प्रेम, कला और सामाजिक जीवन में सकारात्मकता रहेगी। मान-सम्मान बढ़ेगा।
❤️ प्रेम: रिश्तों में मिठास
💼 करियर: पब्लिक इमेज मजबूत
💰 धन: सुख-सुविधाओं पर खर्च
उपाय: कपूर जल में प्रवाहित करें।
🟣 मूलांक 7 (जन्म तिथि 7, 16, 25)
केतु का प्रभाव
स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। आध्यात्मिक झुकाव बढ़ेगा।
💊 स्वास्थ्य: एसिडिटी की समस्या
💼 करियर: एकाग्रता जरूरी
📚 शिक्षा: आत्ममंथन का समय
उपाय: सादा और संयमित जीवन अपनाएं।
मूलांक 8 (जन्म तिथि 8, 17, 26)
शनि का प्रभाव
कार्यस्थल पर स्थिरता और अनुशासन रहेगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में समझदारी जरूरी।
💼 नौकरी: अधिकारियों का सहयोग
💰 धन: धीरे-धीरे सुधार
👁️ स्वास्थ्य: आंखों की एलर्जी
उपाय: आलस्य से दूर रहें।

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🔴 मूलांक 9 (जन्म तिथि 9, 18, 27)
मंगल का प्रभाव
मानसिक बेचैनी संभव है। बच्चों और परिवार से जुड़े विषय चिंता दे सकते हैं।
💼 व्यवसाय: छोटी यात्रा
💰 धन: सामान्य स्थिति
❤️ प्रेम: बहस से बचें
उपाय: हनुमान जी को गुड़-चूरमा चढ़ाएं।

🔷 आज का राशिफल 2026: जानिए 12 राशियों का दिन, धन, नौकरी, व्यवसाय, प्रेम और भविष्यफल

आज का राशिफल 2026 ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल पर आधारित है। आज का दिन किन राशियों के लिए शुभ रहेगा, किसे नौकरी में तरक्की मिलेगी, किसे धन लाभ होगा और किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए—यह सब जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
यह दैनिक राशिफल आपके दिन की सही योजना बनाने में मदद करेगा, चाहे वह धन, नौकरी, व्यापार, शिक्षा, प्रेम, करियर या राजनीति से जुड़ा हो।

🔶 मेष राशि (Aries Horoscope Today)
आज का दिन मिश्रित फलदायी रहेगा। व्यापार में अच्छा लाभ होगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अचानक धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों को मनचाहा स्थानांतरण या पदोन्नति मिल सकती है।
परिवार और दांपत्य जीवन सुखद रहेगा, लेकिन क्रोध पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। धार्मिक व सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। आज लंबी यात्रा से बचना बेहतर रहेगा।
🔶 वृषभ राशि (Taurus Horoscope Today)
आज का दिन शुभ और भाग्यवर्धक रहेगा। कारोबार में तेजी आएगी और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। नौकरी में पदोन्नति या जिम्मेदारी बढ़ सकती है।
परिवार के साथ समय आनंदपूर्वक बीतेगा। सेहत अच्छी रहेगी। यात्रा का योग बन सकता है। छात्रों के लिए दिन अनुकूल है।
🔶 मिथुन राशि (Gemini Horoscope Today)
दिन मिला-जुला रहेगा। कार्यक्षेत्र में मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। व्यापार सामान्य रहेगा। पैसों के लेन-देन और कोर्ट-कचहरी से दूर रहें।
परिवार का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को सफलता के लिए अधिक परिश्रम करना होगा। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है।
🔶 कर्क राशि (Cancer Horoscope Today)
आज का दिन सामान्य रहेगा। कार्यों में अपेक्षित सफलता न मिलने से मन थोड़ा परेशान रह सकता है।
धार्मिक गतिविधियों में मन लगेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा, लेकिन खर्च बढ़ सकता है। वाणी और क्रोध पर संयम रखें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
🔶 सिंह राशि (Leo Horoscope Today)
आज व्यापार में लाभ होगा, लेकिन कार्यभार अधिक रहेगा। मानसिक और शारीरिक थकान हो सकती है।
अनावश्यक खर्चों से बचें। परिवार का माहौल अनुकूल रहेगा। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
🔶 कन्या राशि (Virgo Horoscope Today)
आज का दिन उन्नति वाला है। कारोबार विस्तार की योजनाएं सफल होंगी। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है।
नौकरीपेशा लोगों को सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। यात्रा का योग बन सकता है।
🔶 तुला राशि (Libra Horoscope Today)
दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में सहयोग मिलेगा, लेकिन मनचाही सफलता नहीं मिलने से तनाव हो सकता है।
धार्मिक और आध्यात्मिक झुकाव बढ़ेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। खान-पान और वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
🔶 वृश्चिक राशि (Scorpio Horoscope Today)
आज का दिन बेहद शुभ है। व्यापार और नौकरी में तरक्की के योग हैं। प्रॉपर्टी में निवेश लाभदायक रहेगा।
परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। यात्रा या पिकनिक का योग बन सकता है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
🔶 धनु राशि (Sagittarius Horoscope Today)
आज का दिन संतुलित रहेगा। व्यापार में लाभ होगा, लेकिन नए काम की शुरुआत से बचें।
अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है। उधार लेन-देन से बचना जरूरी है। परिवार का सहयोग मिलेगा।
🔶 मकर राशि (Capricorn Horoscope Today)
आज सफलता और आय वृद्धि के योग हैं। नौकरी में मेहनत का पूरा फल मिलेगा।
बेरोजगारों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। जोखिम भरे निर्णय न लें। स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
🔶 कुम्भ राशि (Aquarius Horoscope Today)
दिन सामान्य लेकिन प्रगतिशील रहेगा। योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर सफलता मिलेगी।
पुराने कर्ज से राहत मिल सकती है। जमीन-जायदाद के मामलों से दूर रहें। प्रेम संबंध मजबूत होंगे।
🔶 मीन राशि (Pisces Horoscope Today)
आज का दिन मिला-जुला रहेगा। धन लाभ के योग हैं, लेकिन कार्यभार ज्यादा रहेगा।
क्रोध और वाणी पर नियंत्रण रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा। लेन-देन से बचें।
🔷 निष्कर्ष
आज का राशिफल 2026 आपके जीवन के हर पहलू—धन, नौकरी, व्यापार, शिक्षा, प्रेम और करियर—को सही दिशा देने में सहायक है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार समझदारी से निर्णय लेकर आप अपने दिन को बेहतर बना सकते हैं।

शुक्रवार का पंचांग: राहुकाल, चौघड़िया और जन्म राशि की पूरी जानकारी

🕉️ आज का पंचांग शुक्रवार, 6 फरवरी 2026


विक्रम संवत 2082 | फाल्गुन कृष्ण पंचमी | शुभ चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल, ग्रह गोचर और जन्म राशि
आज का पंचांग शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 धार्मिक, ज्योतिषीय और दैनिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए अत्यंत उपयोगी है। आज का दिन विशेष रूप से पूजा-पाठ, व्रत-नियम, यात्रा योजना, शुभ कार्यों की शुरुआत और बच्चों के नामकरण के लिए मार्गदर्शक माना जा रहा है।
पंचांग के अनुसार आज विक्रम संवत 2082, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि, हस्त नक्षत्र, धृति योग और कुमार योग का संयोग बन रहा है। साथ ही आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि, नक्षत्र, नामाक्षर और भविष्य की भी विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

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आज का पंचांग: शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 (हिंदू कैलेंडर)
विक्रम संवत: 2082
संवत्सर नाम: सिद्धार्थ
शक संवत: 1947
हिजरी सन्: 1447
मुहम्मदन माह: 17 सावान
अयन: उत्तरायण
ऋतु: शिशिर ऋतु
मास: फाल्गुन
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: पंचमी (रात्रि 1:19 बजे तक), तत्पश्चात षष्ठी
आज का पंचांग बताता है कि फाल्गुन मास का यह दिन साधना, संयम और विवेक से जुड़े कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

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🌅 आज का चौघड़िया (शुभ समय)
आज के शुभ चौघड़िया धार्मिक अनुष्ठान, नया कार्य, पूजा और मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त हैं।
चर चौघड़िया: सूर्योदय से 8:36 बजे तक
लाभ चौघड़िया: 8:36 से 9:58 बजे तक
अमृत चौघड़िया: 9:58 से 11:19 बजे तक
शुभ चौघड़िया: 12:41 से 2:03 बजे तक
चर चौघड़िया: 4:46 बजे से सूर्यास्त तक
इन समयों में शुभ कार्य प्रारंभ करना फलदायी माना जाता है।

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⚠️ राहुकाल और उपाय
राहुकाल: दिन 10:30 बजे से 12:00 बजे तक
राहुकाल में कोई भी नया या शुभ कार्य प्रारंभ नहीं करना चाहिए।
यदि कार्य टालना संभव न हो, तो दूध या दूध से बनी वस्तु का सेवन कर कार्य प्रारंभ करें, जिससे राहुकाल का नकारात्मक प्रभाव कम होता है।
🧭 दिशा शूल आज
दिशा शूल: पश्चिम दिशा
आज पश्चिम दिशा की यात्रा वर्जित मानी जाती है।
✨ उपाय
यदि पश्चिम दिशा में यात्रा अत्यावश्यक हो, तो यात्रा से पहले
शुद्ध घी, खीर या दूध-चावल से बना भोजन करके शुभ शगुन लेकर यात्रा करें।

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🌙 नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र:
हस्त नक्षत्र – रात्रि 12:24 बजे तक
तत्पश्चात चित्रा नक्षत्र
योग:
धृति योग – रात्रि 11:37 बजे तक
उसके बाद शूल योग
करण:
कौलव करण – दिन 12:51 बजे तक
तत्पश्चात तैतिल करण
विशेष योग:
कुमार योग – सूर्योदय से रात्रि 12:24 बजे तक
कुमार योग को शिक्षा, बौद्धिक कार्य, लेखन और अध्ययन के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

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🌕 चंद्रमा की स्थिति
आज चंद्रमा संपूर्ण दिन और रात्रि कन्या राशि में स्थित रहेगा।
यह स्थिति विश्लेषण, बुद्धिमत्ता, संवाद और सेवा कार्यों के लिए अनुकूल मानी जाती है।
🔭 ग्रह गोचर व नक्षत्र परिवर्तन
सूर्य का धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश: दिन 2:05 बजे
सूर्य का यह परिवर्तन प्रशासन, नेतृत्व और सरकारी क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देता है।

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👶 आज जन्म लेने वाले बच्चों की जानकारी
आज जन्म लेने वाले बच्चों की कुंडली संबंधी विवरण इस प्रकार है:
राशि: कन्या
नक्षत्र:
रात्रि 12:24 तक – हस्त
उसके बाद – चित्रा
पाद: रजत पाद
📝 नामाक्षर
आज जन्मे बच्चों के नाम ष, ण, ठ, पे, पो अक्षरों से रखना शुभ रहेगा।
कन्या राशि वाले बच्चों का भविष्य
कन्या राशि का स्वामी बुध ग्रह होता है। ऐसे जातक बुद्धिमान, विश्लेषण क्षमता वाले और व्यवहार कुशल होते हैं।
कन्या राशि में जन्मे बच्चे सामान्यतः:
अच्छे लेखक, शिक्षक, अकाउंटेंट, बैंकिंग, ट्रेडिंग और ज्योतिष क्षेत्र में सफल होते हैं
वाणी में मधुरता और तर्क शक्ति प्रबल होती है
स्वभाव से कोमल, संवेदनशील और सहयोगी होते हैं
नीति के अनुसार कार्य करने वाले और लज्जाशील प्रवृत्ति के होते हैं
संगीत, कला, साहित्य और अध्ययन में रुचि रखते हैं
तीव्र स्मरण शक्ति और सूक्ष्म दृष्टि के कारण समाज में सम्मान प्राप्त करते हैं
🛕 व्रत / दिवस विशेष
आज कोई प्रमुख व्रत नहीं है, फिर भी पंचमी तिथि होने के कारण
भगवान शिव और देवी पूजन करना शुभ माना जाता है।
🔎 निष्कर्ष
आज का पंचांग शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 धार्मिक आस्था, ज्योतिषीय मार्गदर्शन और दैनिक निर्णयों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शुभ चौघड़िया, नक्षत्र, योग और राहुकाल की जानकारी के साथ यह पंचांग आपको दिन को सकारात्मक दिशा देने में सहायक होगा।

WPL 2026 Champion RCB: दूसरी बार वीमेंस प्रीमियर लीग की चैंपियन बनी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू

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WPL 2026 Champion RCB: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (RCB) ने वीमेंस प्रीमियर लीग 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में RCB ने दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही बेंगलुरू की टीम ने दूसरी बार WPL ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इससे पहले RCB ने 2024 में पहली बार यह खिताब जीता था।

सफाईकर्मी द्वारा बाबू के रूप में काम करने का आरोप, डीएम ने दिए जांच के निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश सचिव अब्दुल अजीम ने विकास भवन स्थित डीपीआरओ कार्यालय में कार्यरत एक सफाईकर्मी द्वारा लंबे समय से बाबू के रूप में कार्य करने और प्रशासनिक कामकाज को प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है।
अब्दुल अजीम ने बताया कि डीपीआरओ कार्यालय में तैनात सफाईकर्मी आफताब बीते लगभग 20 वर्षों से बाबू की तरह कार्य कर रहा है। लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती के चलते उसकी प्रधानों और पंचायत सचिवों के साथ गहरी सांठ-गांठ बन गई है। आरोप है कि जब गांव के लोग प्रधानों या पंचायत सचिवों की शिकायत जिलाधिकारी या अन्य अधिकारियों से करते हैं, तो वह संबंधित लोगों से मेल-मिलाप कर कार्रवाई को रुकवा देता है।
प्रदेश सचिव का कहना है कि जिन प्रधानों या पंचायत सचिवों से उसकी डीलिंग नहीं हो पाती, उनके विरुद्ध वह प्रशासनिक कार्रवाई करवा देता है। आरोप लगाया गया कि वह डीपीआरओ सहित अन्य अधिकारियों को भ्रमित कर देता है, जिससे निष्पक्ष जांच प्रभावित होती है। जो अधिकारी निष्पक्षता से जांच कर रिपोर्ट भेजते हैं, उनकी जांच के बाद डीपीआरओ कार्यालय में पहुंची पत्रावलियों को दबा दिया जाता है, जिससे दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो पाती।
अब्दुल अजीम ने मांग की कि संबंधित सफाईकर्मी को उसके मूल तैनाती स्थान वाले गांव में भेजा जाए, ताकि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और आम लोगों को न्याय मिल सके।
पूरे प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए जिलाधिकारी आलोक कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी को मामले की जांच के आदेश दिए हैं और नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, सिलाई मशीन उपलब्ध कराने का आश्वासन

आगरा(राष्ट्र की परम्परा)l उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने जिला महिला बंदीगृह, आगरा का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला बंदियों की रहन-सहन व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं, पुनर्वास योजनाओं और प्रशिक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने महिला बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं, जरूरतें और भविष्य को लेकर उनकी अपेक्षाएं भी जानीं।
निरीक्षण का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा नहीं रहा, बल्कि महिला बंदियों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल करना रहा।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की नीतियों और संवेदनशील दृष्टिकोण के चलते जेलों का स्वरूप अब तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि जेल अब केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्निर्माण का केंद्र बन रही हैं। महिला बंदियों के लिए आवास, भोजन, वस्त्र, स्वास्थ्य सुविधाएं और बच्चों की शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने भरोसा जताया कि यहां निरुद्ध महिलाएं सकारात्मक सोच के साथ जीवन में बदलाव लाकर समाज में जिम्मेदार नागरिक के रूप में पुनः स्थापित होंगी।
महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों की परवरिश और शिक्षा को लेकर भी उन्होंने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन मानवीय दृष्टिकोण से बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दे रहा है, ताकि बच्चों पर मां की स्थिति का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
संवाद के दौरान महिला बंदियों ने स्वरोजगार से जुड़ी जरूरतें सामने रखीं, जिनमें सिलाई मशीन की मांग प्रमुख रही। इस पर डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं को हुनरमंद बनाना ही उनका वास्तविक सशक्तिकरण है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रयास कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि महिला बंदियों को सिलाई मशीन जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और जेल से बाहर आने के बाद सम्मानजनक जीवन जी सकें।
उन्होंने समाज में सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की सामग्री उपलब्ध है, जिससे बच्चों और युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को समय दें, मार्गदर्शन करें और सही-गलत की समझ विकसित करें।
मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. बबीता सिंह चौहान ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया सभी राज्यों में लागू है और उत्तर प्रदेश में इसे पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले लोग घुसपैठियों को संरक्षण देने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि यह भारतीय नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत में शरणार्थियों के साथ कभी अमानवीय व्यवहार नहीं किया जाता।
निरीक्षण के दौरान जिला जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा सहित महिला बंदीगृह से जुड़े सभी अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आयोग अध्यक्ष को व्यवस्थाओं की जानकारी दी और भविष्य में सुविधाओं को और बेहतर बनाने का आश्वासन दिया।

आधुनिक शोध तकनीकों पर केंद्रित त्रि-दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला शुरू

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के शोध भवन स्थित सेमिनार हॉल में भौतिकी एवं रसायन विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में त्रि-दिवसीय एक्स-रे फ्लोरेसेंस स्पेक्ट्रोस्कोपी व्याख्यान श्रृंखला का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिन मुख्य वक्ता प्रो. नंद लाल मिश्रा (भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर) रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण के साथ हुई। रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. यू. एन. त्रिपाठी ने व्याख्यान श्रृंखला की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अजय सिंह ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक एवं शोधोन्मुख कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को आधुनिक शोध तकनीकों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
मुख्य वक्ता प्रो. नंद लाल मिश्रा ने अपने व्याख्यान में एक्स-रे फ्लोरेसेंस स्पेक्ट्रोस्कोपी की कार्यप्रणाली, तत्वीय विश्लेषण में इसकी उपयोगिता तथा कृषि, फॉरेंसिक विज्ञान और मटेरियल साइंस जैसे क्षेत्रों में इसके व्यापक अनुप्रयोगों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह तकनीक तीव्र, प्रभावी एवं विश्वसनीय मानी जाती है तथा शोध एवं औद्योगिक क्षेत्रों में अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रीति गुप्ता ने किया। इस अवसर पर भौतिकी एवं रसायन विज्ञान विभाग के शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजकों के अनुसार यह व्याख्यान श्रृंखला आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेगी।

मानवाधिकार संरक्षण को लेकर आगरा में वरिष्ठ अधिकारियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं की होगी अहम बैठक

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)l उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग, लखनऊ की दोहरी बेंच द्वारा आगरा में मानवाधिकार मामलों की व्यापक और गंभीर समीक्षा की गई। आयुक्त आगरा मंडल के सभागार में आयोजित इस विशेष सुनवाई में कुल 170 मामलों पर विस्तार से विचार किया गया। इस सुनवाई की अध्यक्षता आयोग के माननीय सदस्य न्यायमूर्ति राजीव लोचन मेहरोत्रा एवं माननीय सदस्य बृज भूषण ने की।
सुनवाई के दौरान आयोग ने मानवाधिकार से जुड़े विभिन्न प्रकरणों को गंभीरता से सुना और कई मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। जिन मामलों में अब तक संबंधित विभागों द्वारा जांच आख्या प्रस्तुत नहीं की गई थी, उन पर आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
मानवाधिकार उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस
उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया कि मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग का मानना है कि समयबद्ध जांच और निष्पक्ष रिपोर्ट ही पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में सबसे अहम कदम है। इसी उद्देश्य से आयोग द्वारा अधिकारियों को चेतावनी स्वरूप निर्देश दिए गए कि भविष्य में रिपोर्ट में देरी होने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासनिक सहयोग और समन्वय
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रशासनिक स्तर पर भी व्यापक सहभागिता देखने को मिली।
उक्त अवसर पर—
अपर जिलाधिकारी नगर यमुनाधर चौहान
अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे जुबेर बेग
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक/नाजिर) अजय नारायण सिंह
पूनम सिरोही
सहित पुलिस विभाग की ओर से अपर पुलिस उपायुक्त एवं नोडल अधिकारी मानवाधिकार कमिश्नरेट आगरा उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी कार्यालय आगरा से भूपाल सिंह, विनोद द्विवेदी, संजीत श्रीवास्तव, मदन पाल और सुरेश चतुर्वेदी ने प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया। आयोग की ओर से सहायक सचिव श्री आलोक यादव की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यालय सहायक श्री राजेन्द्र प्रसाद दीक्षित द्वारा किया गया।
06 फरवरी को होगी विशेष मानवाधिकार संगोष्ठी
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग द्वारा 06 फरवरी 2026 को आगरा में एक महत्वपूर्ण मानवाधिकार संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस संगोष्ठी में—
आगरा के समस्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी
विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी
सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि
को आमंत्रित किया गया है।
इस संगोष्ठी का उद्देश्य मानवाधिकारों के संरक्षण, जागरूकता और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर खुला संवाद और ठोस रणनीति तैयार करना है। आयोग का मानना है कि प्रशासन, पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय से ही मानवाधिकारों की वास्तविक सुरक्षा संभव है।
जनता के लिए संदेश
आयोग ने यह संदेश भी दिया कि आम नागरिक मानवाधिकार से जुड़े मामलों में निडर होकर आयोग से संपर्क करें। आयोग पीड़ितों की आवाज बनकर उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
निष्कर्ष
आगरा में आयोजित यह सुनवाई और आगामी संगोष्ठी उत्तर प्रदेश में मानवाधिकार संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। आयोग की सक्रियता से न केवल लंबित मामलों में तेजी आएगी, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त से पहले फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद के लाखों किसानों के लिए यह खबर बेहद अहम है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लाभ पाने के लिए अब फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है। ऐसे में यदि किसान समय रहते अपना पंजीकरण नहीं कराते हैं, तो उन्हें न सिर्फ पीएम किसान योजना की आगामी किस्त से वंचित होना पड़ सकता है, बल्कि अन्य कई सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्रभावित हो सकता है।
जनपद में कुल 5.55 लाख पंजीकृत किसान हैं, जिनमें से अब तक केवल 3.29 लाख किसानों ने ही फार्मर रजिस्ट्री पूरी कराई है। शेष 2.26 लाख किसान अभी भी फार्मर रजिस्ट्री से बाहर हैं। प्रशासन का साफ कहना है कि यदि इन किसानों ने शीघ्र रजिस्ट्री नहीं कराई, तो उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त नहीं मिल सकेगी।
पीएम किसान योजना की किस्त पर संकट
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में ट्रांसफर की जाती है।
लेकिन अब सरकार ने लाभार्थियों की पहचान को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री पीएम किसान योजना से जोड़ना अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं होगी, उनका नाम लाभार्थी सूची से हटाया जा सकता है।
प्रशासन का संयुक्त विशेष अभियान जारी
उप कृषि निदेशक अतिंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जनपद के सभी ग्रामों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में—
कृषि विभाग
राजस्व विभाग
पंचायत विभाग
विकास विभाग
संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र किसान फार्मर रजिस्ट्री से वंचित न रह जाए।
ग्राम स्तर पर कैंप लगाकर किसानों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है और मौके पर ही फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा रही है।
कहां और कैसे कराएं फार्मर रजिस्ट्री
प्रशासन ने किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराने के कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं—
नजदीकी सहज जन सेवा केंद्र (CSC)
ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित कैंप
मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं पंजीकरण
किसान चाहें तो गूगल प्ले स्टोर से “FARMER REGISTRY UP” मोबाइल ऐप डाउनलोड कर अपने मोबाइल से भी फार्मर रजिस्ट्री कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, खतौनी और बैंक खाता विवरण जरूरी होता है।
अन्य सरकारी योजनाओं पर भी पड़ेगा असर
फार्मर रजिस्ट्री केवल पीएम किसान योजना तक सीमित नहीं है। यदि किसान फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराते हैं, तो उन्हें भविष्य में इन योजनाओं का लाभ मिलने में भी परेशानी हो सकती है—
फसल बीमा योजना
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
बीज एवं उर्वरक अनुदान
कृषि यंत्र सब्सिडी
प्राकृतिक आपदा राहत योजनाएं
सरकार अब सभी योजनाओं को डिजिटल किसान डाटाबेस से जोड़ रही है, जिसमें फार्मर रजिस्ट्री सबसे अहम कड़ी है।
प्रशासन की किसानों से अपील
जिला प्रशासन ने एक बार फिर सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रम में न रहें और जल्द से जल्द अपनी फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण करा लें। यह प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है और किसानों के हित में है।
समय रहते रजिस्ट्री कराने से न केवल पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहेगा, बल्कि भविष्य की सभी कृषि संबंधी सरकारी योजनाओं में भी किसान स्वतः पात्र बने रहेंगे।
निष्कर्ष
कुशीनगर के 2.26 लाख किसानों के लिए यह समय बेहद निर्णायक है। फार्मर रजिस्ट्री पीएम किसान योजना से जुड़ा एक अनिवार्य कदम बन चुका है। लापरवाही या देरी किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए जरूरी है कि सभी किसान भाई प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान का लाभ उठाएं और जल्द से जल्द अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराएं।

SIR प्रक्रिया पर सवाल: रामपुर कारखाना में 122 वोटरों के नाम काटने का आरोप

SIR के नाम पर मताधिकार पर डाका! रामपुर कारखाना में 122 वोटरों की काग़ज़ी अनुपस्थिति, फर्जी हस्ताक्षर से नाम काटने का आरोप

गौरव कुशवाहा


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान मतदाता सूची से नाम काटे जाने के कथित खेल ने रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। चिरकिहंवा गांव से सामने आए इस मामले ने SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि 122 मतदाताओं को “अनुपस्थित” दिखाते हुए फॉर्म-7 भरकर उनके मताधिकार पर एकमुश्त प्रहार किया गया।
यह मामला बूथ नंबर-39 से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां कथित तौर पर 122 फॉर्म-7 एक साथ जमा कराए गए। जैसे ही जानकारी सामने आई, गांव में आक्रोश फैल गया। समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और रामपुर कारखाना की पूर्व विधायक फसीहा मंजर गजाला लारी मौके पर पहुंचीं और प्राथमिक विद्यालय परिसर में बीएलओ से जवाब-तलब किया। उनका आरोप है कि जिन मतदाताओं को अनुपस्थित दिखाया गया है, वे सभी अपने पते पर मौजूद हैं।
मामले का सबसे संवेदनशील पहलू फर्जी हस्ताक्षरों से जुड़ा है। आरोप है कि फॉर्म-7 पर “बिकाऊ” नामक व्यक्ति के हस्ताक्षर दर्शाए गए, जबकि गांव निवासी बिकाऊ ने लिखित रूप में कहा है कि ये हस्ताक्षर उसके नहीं हैं। उसने एफिडेविट देने की बात कही है। इससे दस्तावेजी जालसाजी और संगठित षड्यंत्र की आशंका और गहरी हो गई है।

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पूर्व विधायक गजाला लारी ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया राजनीतिक हस्तक्षेप के तहत कराई गई। उनके अनुसार फॉर्म-7 एक श्रृंखला में होते हुए बीएलओ तक पहुंचे। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की बात कही है। उनका कहना है कि मताधिकार से वंचित करना लोकतंत्र पर सीधा हमला है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि रामपुर कारखाना विधानसभा के अन्य बूथों पर भी 100 से 150 मतदाताओं के फॉर्म-7 एक साथ भरकर भेजे गए हैं और बूथ स्तर पर स्वीकार करने का दबाव बनाया गया। यदि यह तथ्य सही साबित होता है तो मामला केवल एक गांव तक सीमित न रहकर पूरे क्षेत्र में व्यवस्थित वोट-कटौती की ओर संकेत करता है।
प्रशासन का कहना है कि मामले की औपचारिक जांच शुरू की जा रही है। लेकिन सवाल यही है कि क्या समय रहते जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी, या फिर SIR के नाम पर मतदाता सूची से खेल चलता रहेगा। यह प्रकरण अब राजनीतिक आरोपों से आगे बढ़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता की परीक्षा बन चुका है।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, एडीएम ने की स्कूली वाहनों की समीक्षा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश के क्रम में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जनपद के विद्यालयों में संचालित स्कूली वाहनों एवं परिवहन व्यवस्था से संबंधित समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई।
बैठक में एआरटीओ प्रियंवदा सिंह ने जनपद के समस्त विद्यालयों में चल रहे वाहनों की परमिट, फिटनेस एवं अन्य अभिलेखों की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी विद्यालय का कोई वाहन बेच दिया गया हो अथवा निष्प्रयोज्य हो गया हो, तो उसकी परमिट निरस्त कराने हेतु परिवहन विभाग को अनिवार्य रूप से सूचना दी जाए, जिससे उसे सूची से हटाया जा सके। इस पर एडीएम ने समस्त विद्यालयों को उक्त निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि स्कूली वाहनों को सड़क किनारे खड़ा न किया जाए। विद्यालय परिसर अथवा उसके आसपास समुचित पार्किंग व्यवस्था बनाकर ही वाहनों को खड़ा किया जाए, ताकि यातायात व्यवस्था बाधित न हो।
यह भी निर्देश दिए गए कि समस्त विद्यालय अपने स्कूली वाहनों पर तैनात चालक एवं परिचालक को निर्धारित लाइट ग्रे रंग की वर्दी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं, जिससे उनकी पहचान आसानी से हो सके। साथ ही सभी वाहन चालकों का लाइसेंस एवं चरित्र सत्यापन कराकर उसकी रिपोर्ट परिवहन विभाग को उपलब्ध कराई जाए। बिना फिटनेस के किसी भी वाहन का संचालन न होने देने पर विशेष जोर दिया गया।
एडीएम ने परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि जनपद के सभी स्कूली वाहनों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराया जाए तथा वाहनों की परमिट और फिटनेस की जांच एक निश्चित समय अंतराल पर नियमित रूप से की जाती रहे। अनफिट पाए जाने वाले वाहनों का चालान कर उन्हें तत्काल बंद कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विद्यालय में एक भी अनफिट वाहन संचालित नहीं होना चाहिए। साथ ही 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एआरटीओ प्रियंवदा सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिश्चंद्र नाथ, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, टीएसआई परमहंस सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक उपस्थित रहे।

माध्यमिक विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण पर जिला प्रशासन का फोकस

आगरा(राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस कदम बढ़ाए हैं। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार, मरम्मत, पुनर्निर्माण और अवस्थापन सुविधाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी ने की।बैठक का उद्देश्य उन विद्यालयों की स्थिति में सुधार लाना है, जिनके भवन समय के साथ जर्जर हो चुके हैं और जहां विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त विद्यालय भवन आवश्यक हैं, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।बैठक में बताया गया कि प्रोजेक्ट अलंकार सहयोगी अनुदान योजना के तहत उन अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी मान्यता अवधि 01 अप्रैल 2023 तक 75 वर्ष पूर्ण हो चुकी है और जिनके भवन अत्यधिक जर्जर अवस्था में हैं। वहीं, 75 वर्ष से कम मान्यता अवधि वाले विद्यालयों को भी, यदि भवन की स्थिति अत्यंत खराब है, तो जिला स्तरीय समिति की संस्तुति और शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के अनुमोदन के बाद योजना में शामिल किया जा सकेगा।जिला विद्यालय निरीक्षक ने बैठक में जानकारी दी कि जिन विद्यालयों में छात्र संख्या 300 से कम है, उन्हें इस योजना से आच्छादित नहीं किया जाएगा। यह निर्णय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और संसाधनों के समुचित उपयोग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।प्रोजेक्ट अलंकार के तहत चयनित विद्यालयों में व्यापक अवस्थापन विकास कार्य कराए जाएंगे। इनमें विद्यालय की बाउंड्री वॉल का निर्माण एवं मरम्मत, शौचालयों का निर्माण व नवीनीकरण, कक्षाओं का जीर्णोद्धार, पुस्तकालय और कॉमन रूम का विकास, प्रयोगशालाओं का सुदृढ़ीकरण, शुद्ध पेयजल व्यवस्था, छत, फर्श, दरवाजे और खिड़कियों की मरम्मत के साथ-साथ रंगाई-पुताई एवं अन्य संरचनात्मक सुधार शामिल हैं। इन कार्यों से विद्यालयों का शैक्षणिक माहौल सुरक्षित और प्रेरक बनेगा।बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि योजना के अंतर्गत होने वाले कार्यों की कुल लागत 75:25 के अनुपात में वहन की जाएगी। इसमें 75 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकार और 25 प्रतिशत धनराशि संबंधित संस्था द्वारा दी जाएगी। संस्थाएं अपनी हिस्सेदारी सांसद या विधायक निधि, सीएसआर फंड, एलुमनाई सहयोग अथवा क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों और संस्थाओं से जुटा सकेंगी।गाइडलाइन के अनुसार जनपद आगरा में प्रथम चरण में 8 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का चयन किया गया है। इनमें बजाज राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, फतेहपुर सीकरी; जनता इंटर कॉलेज, फतेहाबाद; जनता इंटर कॉलेज, मिढ़ाकुर; गोपीचन्द्र शिवहरे सनातन धर्म कन्या इंटर कॉलेज, मुफीद एवं आम; डी.ए.वी. इंटर कॉलेज, कुण्डौल; रत्नमुनि जैन इंटर कॉलेज, आगरा; तथा मोतीलाल इंटर कॉलेज, सैया शामिल हैं। इन विद्यालयों का प्रोजेक्ट अलंकार के तहत व्यापक कायाकल्प किया जाएगा।जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए कार्यदायी संस्था नामित कर विस्तृत एस्टीमेट तैयार किया जाए और उसे शीघ्र शासन को भेजा जाए, ताकि समयबद्ध रूप से कार्य प्रारंभ हो सके। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, विनय तिवारी, वित्त एवं लेखा अनुभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी, हरीश कुमार सिंह, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

ग्रीक मुद्राओं में दिखता है भारतीय संस्कृति से संवाद: प्रो. राजवन्त राव

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग तथा राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं–अभिरुचि कार्यशाला की राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत तृतीय व्याख्यान बुधवार को राजकीय बौद्ध संग्रहालय के यशोधरा सभागार में सम्पन्न हुआ।
कार्यशाला के अंतर्गत प्रो. राजवन्त राव, आचार्य, प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने “भारत का ग्रीक संस्कृति से संवाद—मुद्राओं के विशेष संदर्भ में” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक काल में वित्तीय लेनदेन एवं वस्तु-विनिमय के लिए आंतरिक मूल्य वाली वस्तुओं का उपयोग किया जाता था, लेकिन भंडारण और आवागमन की कठिनाइयों के कारण धातु मुद्राओं का प्रचलन प्रारंभ हुआ।
उन्होंने कहा कि चांदी, स्वर्ण और ताम्र से निर्मित मुद्राएं प्रारंभ में उच्च सामाजिक वर्ग द्वारा उपयोग की जाती थीं, जिन्हें बाद में राजनीतिक प्रमाणिकता मिली। धातु मुद्राएं संग्रह और आवागमन की दृष्टि से सुविधाजनक थीं। मुद्रा एक ऐसी वस्तु है जो किसी भी वस्तु को प्राप्त करने का माध्यम बनती है और यह जाति, लिंग अथवा सामाजिक भेद नहीं करती।
प्रो. राजवन्त राव ने मावेस, एंटीआलकिडस, अगाथाक्लीज और मिनांडर जैसे ग्रीक शासकों की मुद्राओं का उल्लेख करते हुए बताया कि उन पर भारतीय संस्कृति का प्रभाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। अगाथाक्लीज की मुद्राओं पर बलराम और कृष्ण का अंकन मिलता है, हालांकि उनकी वेशभूषा पर विदेशी प्रभाव दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि पहली बार ब्राह्मी लिपि का प्रयोग भी अगाथाक्लीज की मुद्राओं पर देखने को मिलता है। वेदिका में वृक्ष का अंकन ग्रीक मुद्राओं पर भारतीय सांस्कृतिक प्रभाव को दर्शाता है।
ग्रीक मुद्राओं के अग्रभाग में राजसत्ता सूचक आकृतियों तथा पृष्ठभाग में देवी-देवताओं का अंकन किया गया है। मिनांडर भारतीय संस्कृति से प्रभावित होकर बौद्ध अनुयायी बने, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय संस्कृति से संवाद करते हुए ग्रीक संस्कृति विकसित हुई, जिसके प्रमाण मुद्राओं में मिलते हैं।
कार्यशाला संयोजक डॉ. यशवन्त सिंह राठौर, उप निदेशक, राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर ने बताया कि ग्रीक मुद्राओं पर आक्रामकता के प्रतीक अंकित हैं, जबकि भारतीय मुद्राओं में सांस्कृतिक सौम्यता और प्रतीकात्मकता दिखाई देती है। भारतीय संस्कृति ने सदैव विदेशी संस्कृतियों को आकर्षित किया है और भारत आए शासक इससे प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके।
कार्यशाला के तृतीय व्याख्यान में लगभग 73 प्रतिभागियों के साथ संग्रहालय के कार्मिक भी उपस्थित रहे।

एचआईवी/एड्स पर नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित

देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा)l
एचआईवी/एड्स जैसी गंभीर और संवेदनशील बीमारी के प्रति समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर सही जानकारी के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने से ही संक्रमण की दर में कमी लाई जा सकती है। यह बात मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) राजेश कुमार सिंह ने कही। वे बुधवार को विकास भवन स्थित गांधी सभागार में आयोजित ‘सुरक्षा से संपूर्ण सुरक्षा तक रणनीति’ विषयक जिला स्तरीय जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
सीडीओ ने कहा कि एचआईवी/एड्स को लेकर आज भी समाज में कई तरह की गलत धारणाएं मौजूद हैं, जिसके कारण संक्रमित व्यक्ति सामाजिक भेदभाव और मानसिक दबाव का सामना करता है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सही जानकारी, परामर्श और जांच की सुविधा उपलब्ध करा दी जाए, तो इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील की।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सम्मानित
कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य करने वाले जिले के 39 स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सीडीओ ने सभी सम्मानित कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका एचआईवी/एड्स की रोकथाम में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका सतत प्रयास ही समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
एचआईवी/एड्स से जुड़ी भ्रांतियां दूर करना आवश्यक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव डॉ. शैलजा मिश्रा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि एचआईवी/एड्स के प्रति समाज में फैली नकारात्मक सोच और भ्रांतियों को दूर करना बेहद जरूरी है। उन्होंने एचआईवी/एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम 2017 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि यह कानून एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करता है।
उन्होंने कहा कि एचआईवी केवल शहरी क्षेत्रों की समस्या नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। जोखिमग्रस्त समूहों तक प्रभावी पहुंच बनाकर उन्हें समय पर जांच, परामर्श और उपचार सेवाओं से जोड़ना बेहद जरूरी है।
जिले में जांच और परामर्श सेवाएं हो रही हैं सुदृढ़: सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, जांच और परामर्श सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकास खंड में चरणबद्ध तरीके से उन्मुखीकरण और प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि स्वास्थ्य कर्मी अद्यतन जानकारी के साथ कार्य कर सकें।
एचआईवी के कारण, लक्षण और बचाव पर दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यशाला में क्लस्टर प्रोग्राम मैनेजर डॉ. नितीश राय ने एचआईवी/एड्स के कारण, लक्षण, संक्रमण के तरीके, बचाव के उपाय, जांच प्रक्रिया और उपचार से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि एचआईवी संक्रमण की समय पर पहचान और नियमित उपचार से संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।
उन्होंने आगामी माह तक जिले के उन 10 चिन्हित गांवों का माइक्रोप्लान भी प्रस्तुत किया, जहां एचआईवी पॉजिटिव मामलों और प्रवासी आबादी की संख्या अधिक है। इन गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर जांच, परामर्श और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
बहु-विभागीय सहभागिता पर दिया गया जोर
कार्यशाला में यह स्पष्ट किया गया कि एचआईवी/एड्स की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, विधिक सेवा प्राधिकरण और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
कार्यक्रम में डीटीओ डॉ. राजेश कुमार, समस्त अपर एवं उप मुख्य चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, दिशा कमेटी से बृजेश और अफजल, संपूर्ण सुरक्षा केंद्र से सीएम उपाध्याय, आईटीएसिटी से शिरीष त्रिपाठी, विद्या प्रकाश गौतम, चंद्र प्रकाश त्रिपाठी, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, मेडिकल कॉलेज, एआरटी सेंटर, आईसीटीसी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समाज में संवेदनशीलता और स्वीकार्यता की जरूरत
वक्ताओं ने कहा कि एचआईवी/एड्स से पीड़ित व्यक्तियों को सहानुभूति, सम्मान और समान अधिकार मिलना चाहिए। भेदभाव और डर के कारण कई लोग जांच और उपचार से दूर रहते हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समाज को संवेदनशील और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
जागरूकता ही सबसे प्रभावी हथियार
कार्यशाला के अंत में यह निष्कर्ष निकाला गया कि जागरूकता, समय पर जांच और नियमित उपचार ही एचआईवी/एड्स के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों में जनसहयोग से ही इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।