Tuesday, May 5, 2026
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कलेक्ट्रेट परिसर में बन रहा 15 करोड़ का बहुउद्देशीय हॉल

डीएम संतोष कुमार शर्मा ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता व समयबद्धता पर दिया जोर

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में निर्माणाधीन बहुउद्देशीय हॉल का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना प्रबंधक से प्रस्तावित निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
परियोजना प्रबंधक द्वारा बताया गया कि लगभग 721 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में आधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना में मुख्य हॉल के अतिरिक्त शौचालय,आंतरिक सड़क, विद्युत एवं अन्य सहायक निर्माण कार्य भी शामिल हैं। जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा करते हुए श्रमिकों एवं सामग्री की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि कार्य की गति तेज हो और परियोजना निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण हो सके।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण में प्रयुक्त सरियों के रासायनिक उपचार (केमिकल ट्रीटमेंट) को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे भवन की मजबूती एवं दीर्घकालिक गुणवत्ता बनी रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए।
परियोजना स्थल से होकर गुजर रहे विद्युत तार को शीघ्र स्थानांतरित कराने के निर्देश भी दिए गए, जिससे निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि बहुउद्देशीय हॉल विभिन्न शासकीय बैठकों, संगोष्ठियों एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर समय से पूर्ण किया जाना आवश्यक है।
परियोजना प्रबंधक यूपीपीसीएल चौथीराम ने बताया कि इस परियोजना की कुल लागत लगभग 15 करोड़ 16 लाख रुपये है। निर्माण कार्य दिसंबर माह से प्रारंभ हो चुका है और इसकी प्रस्तावित समाप्ति तिथि अप्रैल 2027 निर्धारित की गई है।
निरीक्षण के दौरान जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहें।

एमएसएमई उद्यमियों के लिए सुनहरा अवसर, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया आयोजित करेगा जिला स्तरीय विशेष शिविर

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने और भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को ज़मीनी स्तर पर सशक्त बनाने के उद्देश्य से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा एक जिला स्तरीय विशेष एमएसएमई शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 07 फरवरी को सायं 3 बजे शहर के प्रमुख स्थल होटल गोल्डन लारेल, स्टेशन के सामने, देवरिया में आयोजित होगा।इस संबंध में जानकारी देते हुए अग्रणी जिला प्रबंधक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया आर.एस. प्रेम ने बताया कि यह शिविर जिले के उद्यमियों, व्यापारियों, स्टार्टअप संचालकों और स्वरोजगार से जुड़े इच्छुक लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई सेक्टर से जुड़े लोगों को बैंकिंग सुविधाओं, सरकारी योजनाओं और विभिन्न ऋण उत्पादों की विस्तृत जानकारी प्रदान करना है। शिविर में मिलेगी ऋण योजनाओं की संपूर्ण जानकारी अग्रणी जिला प्रबंधक ने बताया कि विशेष शिविर के दौरान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के विशेषज्ञ अधिकारी मौजूद रहेंगे, जो एमएसएमई ऋण, कार्यशील पूंजी, स्टार्टअप फाइनेंस, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), सीजीटीएमएसई (CGTMSE) सहित अन्य केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देंगे।उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र उद्यमी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। इसी कमी को दूर करने के लिए यह शिविर आयोजित किया जा रहा है, ताकि उद्यमियों को एक ही स्थान पर सभी बैंकिंग समाधान उपलब्ध कराए जा सकें पात्र लाभार्थियों को मौके पर मिलेगा ऋण स्वीकृति पत्र इस विशेष एमएसएमई शिविर की सबसे अहम विशेषता यह है कि पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए जाएंगे। जिन उद्यमियों ने पहले से आवेदन किया है या जो शिविर के दौरान आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होंगे, उनके प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा।आर.एस. प्रेम ने बताया कि बैंक की मंशा है कि स्थानीय उद्योगों और व्यवसायों को वित्तीय सहायता देकर रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जाए। इससे न केवल उद्यमियों को लाभ मिलेगा, बल्कि जिले की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।युवाओं, व्यापारियों और स्टार्टअप्स के लिए खास मौका यह शिविर खास तौर पर उन युवाओं के लिए भी उपयोगी होगा जो नया व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं या अपने मौजूदा कारोबार का विस्तार करना चाहते हैं। बैंक द्वारा उन्हें व्यवसायिक मार्गदर्शन, ऋण संरचना और वित्तीय अनुशासन से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी।साथ ही महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (SHG), लघु उद्योग संचालकों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े व्यवसायियों को भी शिविर में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।एमएसएमई क्षेत्र से मजबूत होगा ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना अग्रणी जिला प्रबंधक ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। देश के कुल रोजगार का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है। ऐसे में एमएसएमई को वित्तीय रूप से मजबूत करना ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया लगातार एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए विशेष अभियान चला रहा है और यह शिविर उसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील आर.एस. प्रेम ने जिले के सभी उद्यमियों, व्यापारियों, स्वरोजगार इच्छुक युवाओं और लाभार्थियों से अपील की है कि वे इस शिविर में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और बैंक की योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य केवल ऋण देना नहीं, बल्कि स्थायी और मजबूत व्यवसायिक वातावरण तैयार करना है।

एमएसएमई उद्यमियों के लिए सुनहरा अवसर, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया आयोजित करेगा जिला स्तरीय विशेष शिविर

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने और भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को ज़मीनी स्तर पर सशक्त बनाने के उद्देश्य से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा एक जिला स्तरीय विशेष एमएसएमई शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 07 फरवरी को सायं 3 बजे शहर के प्रमुख स्थल होटल गोल्डन लारेल, स्टेशन के सामने, देवरिया में आयोजित होगा।इस संबंध में जानकारी देते हुए अग्रणी जिला प्रबंधक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया आर.एस. प्रेम ने बताया कि यह शिविर जिले के उद्यमियों, व्यापारियों, स्टार्टअप संचालकों और स्वरोजगार से जुड़े इच्छुक लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई सेक्टर से जुड़े लोगों को बैंकिंग सुविधाओं, सरकारी योजनाओं और विभिन्न ऋण उत्पादों की विस्तृत जानकारी प्रदान करना है। शिविर में मिलेगी ऋण योजनाओं की संपूर्ण जानकारी अग्रणी जिला प्रबंधक ने बताया कि विशेष शिविर के दौरान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के विशेषज्ञ अधिकारी मौजूद रहेंगे, जो एमएसएमई ऋण, कार्यशील पूंजी, स्टार्टअप फाइनेंस, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), सीजीटीएमएसई (CGTMSE) सहित अन्य केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देंगे।उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र उद्यमी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। इसी कमी को दूर करने के लिए यह शिविर आयोजित किया जा रहा है, ताकि उद्यमियों को एक ही स्थान पर सभी बैंकिंग समाधान उपलब्ध कराए जा सकें पात्र लाभार्थियों को मौके पर मिलेगा ऋण स्वीकृति पत्र इस विशेष एमएसएमई शिविर की सबसे अहम विशेषता यह है कि पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए जाएंगे। जिन उद्यमियों ने पहले से आवेदन किया है या जो शिविर के दौरान आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होंगे, उनके प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा।आर.एस. प्रेम ने बताया कि बैंक की मंशा है कि स्थानीय उद्योगों और व्यवसायों को वित्तीय सहायता देकर रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जाए। इससे न केवल उद्यमियों को लाभ मिलेगा, बल्कि जिले की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।युवाओं, व्यापारियों और स्टार्टअप्स के लिए खास मौका यह शिविर खास तौर पर उन युवाओं के लिए भी उपयोगी होगा जो नया व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं या अपने मौजूदा कारोबार का विस्तार करना चाहते हैं। बैंक द्वारा उन्हें व्यवसायिक मार्गदर्शन, ऋण संरचना और वित्तीय अनुशासन से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी।साथ ही महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (SHG), लघु उद्योग संचालकों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े व्यवसायियों को भी शिविर में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।एमएसएमई क्षेत्र से मजबूत होगा ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना अग्रणी जिला प्रबंधक ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। देश के कुल रोजगार का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है। ऐसे में एमएसएमई को वित्तीय रूप से मजबूत करना ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया लगातार एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए विशेष अभियान चला रहा है और यह शिविर उसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील आर.एस. प्रेम ने जिले के सभी उद्यमियों, व्यापारियों, स्वरोजगार इच्छुक युवाओं और लाभार्थियों से अपील की है कि वे इस शिविर में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और बैंक की योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य केवल ऋण देना नहीं, बल्कि स्थायी और मजबूत व्यवसायिक वातावरण तैयार करना है।

12 लाख तक आय वाले पेंशनरों को आयकर आगणन की जरूरत नहीं

26 फरवरी तक 12 लाख से अधिक आय वालों को करना होगा आगणन प्रस्तुत, वरना फरवरी पेंशन से होगी कटौती

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। कोषागार महराजगंज से पेंशन प्राप्त करने वाले समस्त पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। वरिष्ठ कोषाधिकारी महराजगंज ने प्रेस-विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि जिन पेंशनरों की समस्त स्रोतों से वित्तीय वर्ष 2025– 26 में वार्षिक कर योग्य आय 12,00,000 रुपये तक है, उन्हें कोषागार में आयकर आगणन प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे पेंशनर स्वयं अपने स्तर से आय-कर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
हालांकि जिन पेंशनरों अथवा पारिवारिक पेंशनरों की वार्षिक आय 12,00,000 रुपये से अधिक है, उन्हें 26 फरवरी 2026 तक कोषागार महराजगंज में उपस्थित होकर आयकर आगणन शीट उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि तक आगणन पत्र प्रस्तुत न करने की स्थिति में माह फरवरी 2026 की पेंशन से प्रचलित स्लैब के अनुसार आयकर की कटौती करते हुए भुगतान किया जाएगा। ऐसी स्थिति में अतिरिक्त कटौती संबंधी किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा।
आगणन प्रस्तुत करते समय छूट संबंधी सभी आवश्यक प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। प्रमाण के अभाव में आयकर छूट का लाभ नहीं दिया जाएगा और नियमानुसार कर कटौती की जाएगी। इसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित पेंशनर/पारिवारिक पेंशनर की होगी।

रेलवे स्टेशन मार्ग व नाली निर्माण न होने पर भड़के रासद और सीपीआई कार्यकर्ता

नगरपालिका परिषद के खिलाफ धरना-प्रदर्शन का ऐलान

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
शुक्रवार 6 फरवरी 2026 को सीपीआई कैंप कार्यालय, बरहज पर राष्ट्रीय समानता दल (रासद) एवं सीपीआई कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में बरहज बाजार रेलवे स्टेशन मार्ग एवं नाली निर्माण कार्य अब तक प्रारम्भ न होने पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बार-बार ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद नगर पालिका परिषद द्वारा स्टेशन मार्ग का टेंडर तक नहीं किया गया, जिससे स्पष्ट है कि पालिका प्रशासन नागरिक समस्याओं एवं बरहज के विकास के प्रति पूरी तरह लापरवाह और संवेदनहीन हो चुका है।
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष संजयदीप कुशवाह ने कहा कि नगर पालिका परिषद प्रशासन आम जनता की समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रहा है। कई बार पत्राचार और ज्ञापन देने के बावजूद आज तक कोई कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि अब धरना-प्रदर्शन अनिवार्य हो गया है और शीघ्र ही पालिका परिषद परिसर में मांगों के समर्थन में धरना दिया जाएगा।
प्रदेश सचिव सीपीआई खेमयू विनोद सिंह ने कहा कि गौरा बरहज नगर पालिका परिषद पूरी तरह संवेदन-शून्य हो चुकी है और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है।
भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी देवरिया के जिला सचिव अरविंद कुशवाहा ने कहा कि रेलवे स्टेशन मार्ग की सड़क अत्यंत जर्जर अवस्था में है, जिससे आम नागरिकों और यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है, जिसे जगाने के लिए आंदोलन ही एकमात्र रास्ता है।
वहीं राष्ट्रीय समानता दल के प्रदेश सचिव अनिल शर्मा ने भी शीघ्र धरना-प्रदर्शन शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में मानसिंह कुशवाहा, राजेन्द्र पाल, आदित्य प्रताप, शेषमणि कुशवाहा, विमलेश कुमार, अभय कुमार एवं तुलसी बौद्ध सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि शीघ्र ही स्टेशन मार्ग व नाली निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ तो नगर पालिका परिषद के विरुद्ध व्यापक जन आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

देवरिया में बोलेरो पिकअप से गोवंशीय पशु बरामद, वाहन सीज

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद देवरिया में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना श्रीरामपुर पुलिस ने गो-तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक महिंद्रा बोलेरो पिकअप वाहन से तीन गोवंशीय पशुओं को बरामद किया है और इस अवैध कृत्य में संलिप्त चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिन्हें साक्ष्य के रूप में कब्जे में लिया गया है।
यह कार्रवाई 06 फरवरी 2026 को प्रातःकाल की गई, जो जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक, जनपद देवरिया के निर्देश पर अपराध एवं अपराधियों की रोकथाम हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में यह कार्रवाई की गई। इस अभियान का कुशल संचालन अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी)सुनील कुमार सिंह के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी श्री अंशुमन श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में किया गया।
थाना श्रीरामपुर पुलिस टीम ने मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर बैकुण्ठपुर–रामपुर प्रतापपुर चीनी मिल कॉलोनी के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोका।
बोलेरो पिकअप से तीन गोवंशीय पशु बरामद
पुलिस द्वारा रोके गए चार पहिया वाहन महिंद्रा बोलेरो पिकअप संख्या UP 52 AT 8487 की तलाशी लेने पर उसमें तीन गोवंशीय पशु अमानवीय ढंग से लदे पाए गए। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पशुओं को अवैध रूप से ले जाया जा रहा था, जो गोवध निषेध अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से वाहन को कब्जे में लिया और उसमें सवार चारों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार की गई है—
हरेकृष्ण पुत्र रामअधार, निवासी बंगरा बाजार, थाना खामपार, जनपद देवरिया
छोटेलाल पटेल पुत्र अनिरुद्ध पटेल, निवासी मिश्रौली, थाना श्रीरामपुर, जनपद देवरिया
संदीप पाल पुत्र अजय पाल, निवासी लाखोपार, थाना भाटपाररानी, जनपद देवरिया
दिनेश गिरि पुत्र राजदेव गिरि, निवासी माली छापर, थाना खामपार, जनपद देवरिया
पूछताछ के दौरान अभियुक्त संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके, जिसके बाद उन्हें विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
चार मोबाइल फोन भी बरामद
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन मोबाइल फोन का प्रयोग गो-तस्करी से संबंधित नेटवर्क और संपर्कों के लिए किया जा रहा था। पुलिस अब मोबाइल फोन की डिजिटल जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार किन-किन स्थानों से जुड़े हैं।
कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज
थाना श्रीरामपुर में इस संबंध में मु0अ0सं0-21/2026 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध—
धारा 3/5A/8 गोवध निवारण अधिनियम
धारा 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम
के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना गहनता से की जा रही है और यदि इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बरामदगी का पूरा विवरण
पुलिस द्वारा की गई बरामदगी में शामिल हैं—
तीन गोवंशीय पशु, एक महिंद्रा बोलेरो पिकअप वाहन (रजिस्ट्रेशन संख्या UP 52 AT 8487)
चार मोबाइल फोन
पुलिस के अनुसार बरामद चार पहिया वाहन की अनुमानित कीमत लगभग 7 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली थाना श्रीरामपुर पुलिस टीम में शामिल अधिकारी एवं कर्मचारी—
उपनिरीक्षक राधवेन्द्र सिंह
उपनिरीक्षक झीनेलाल पासवान
उपनिरीक्षक विनोद कुमार
हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार
हेड कांस्टेबल विनोद राम
कांस्टेबल रवि प्रकाश पटेल
की भूमिका सराहनीय रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम की तत्परता और समन्वय की प्रशंसा की है।
गो-तस्करी के खिलाफ सख्त रुख
जनपद देवरिया पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गो-तस्करी और पशु क्रूरता जैसे अपराधों के प्रति शून्य सहनशीलता नीति अपनाई गई है। ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं गो-तस्करी या पशुओं के साथ क्रूरता की सूचना मिले, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में अहम कदम
यह कार्रवाई न केवल गो-तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में एक अहम कदम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि देवरिया पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में ऐसे अभियानों को और तेज किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण: फॉर्म-7 में झूठ पर जेल का प्रावधान

फॉर्म-7 में गलत जानकारी पर एक साल की सजा, डीएम ने राजनीतिक दलों को किया सतर्क


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावली के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अहम बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी ने की, जिसमें जनपद के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल रहे। उद्देश्य साफ था—मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाना।

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फॉर्म-6 पर जोर: नए व महिला मतदाताओं की भागीदारी
जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने राजनीतिक दलों से फॉर्म-6 के माध्यम से अधिक से अधिक नए, युवा और महिला मतदाताओं के नाम जुड़वाने की अपील की। स्पष्ट किया गया कि जो नागरिक 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष पूरे कर रहे हैं, वे मतदाता बनने के पात्र हैं। जागरूकता अभियानों से सूची अधिक समावेशी बनेगी।

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फॉर्म-7 के सख्त नियम: प्रमाण अनिवार्य
बैठक में फॉर्म-7 नियमों पर विस्तार से चर्चा हुई। किसी मतदाता का नाम हटाने के लिए आपत्तिकर्ता को पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर और EPIC नंबर दर्ज करना अनिवार्य है। साथ ही स्पष्ट कारण बताने होंगे—
मतदाता का निधन
स्थानांतरण,अंडरएज होना,लंबे समय से अनुपस्थिति,केवल आपत्ति दर्ज करना पर्याप्त नहीं, प्रमाण संलग्न करना अनिवार्य है।
झूठी जानकारी पर कड़ी कार्रवाई
डीएम ने चेताया कि फॉर्म-7 घोषणा पत्र अत्यंत गंभीर विषय है। यदि जांच में गलत या झूठी जानकारी पाई गई, तो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत एक वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। राजनीतिक दलों से अपने कार्यकर्ताओं को सही जानकारी देने का आग्रह किया गया।

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नो-मैपिंग और मिसमैच मतदाताओं की सुनवाई
जनपद में नो-मैपिंग और मिसमैच मतदाता मामलों में नोटिस जारी कर सुनवाई चल रही है। नोटिस प्राप्त मतदाताओं को तय तिथि पर AERO के समक्ष साक्ष्यों के साथ उपस्थित होना होगा। दोबारा नोटिस का इंतजार न करने की सलाह दी गई।
राजनीतिक दलों की समस्याएं, समाधान का आश्वासन
प्रतिनिधियों ने व्यावहारिक समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने सभी बिंदुओं पर निर्देश देते हुए भरोसा दिलाया कि निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुरूप समयबद्ध समाधान होगा।

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लोकतंत्र मजबूत करने की अपील
अंत में डीएम ने कहा कि निष्पक्ष और व्यापक मतदाता सूची ही स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला है। प्रशासन-राजनीतिक दलों के समन्वय से यह लक्ष्य हासिल होगा।

JRF परीक्षा में 99.78 परसेंटाइल, मऊ के आशुतोष सिंह की बड़ी कामयाबी

सपा नेता रणधीर सिंह के पुत्र आशुतोष सिंह ने JRF क्वालिफाई कर बढ़ाया मऊ जिले का मान, 99.78 परसेंटाइल से रचा कीर्तिमान


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष रणधीर सिंह टडियाव के बड़े पुत्र आशुतोष सिंह ने JRF (Junior Research Fellowship) परीक्षा में 99.78 परसेंटाइल प्राप्त कर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे मऊ जिले का गौरव बढ़ाया है। आशुतोष सिंह की इस शानदार सफलता से क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल है, वहीं बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी है।

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JRFस्कूल में तोड़फोड़, शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में उच्च परसेंटाइल हासिल करना कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अध्ययन का परिणाम माना जाता है। आशुतोष सिंह JRF क्वालिफाई कर उन चुनिंदा प्रतिभाशाली युवाओं की सूची में शामिल हो गए हैं, जो शोध और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश का भविष्य गढ़ते हैं। शिक्षा जगत के जानकारों का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाले समय में मऊ जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक संगठनों ने आशुतोष सिंह को शुभकामनाएं दीं। कांग्रेस पार्टी के प्रिंट मीडिया प्रभारी एडवोकेट सतीश कुमार पांडे ने बधाई देते हुए कहा कि आशुतोष की सफलता युवाओं के लिए संदेश है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और सतत मेहनत से किसी भी परीक्षा में उत्कृष्ट परिणाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने इसे शिक्षा और शोध के क्षेत्र में जिले की बड़ी उपलब्धि बताया।

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परिवारजनों ने आशुतोष की सफलता का श्रेय उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासित दिनचर्या और गुरुओं के मार्गदर्शन को दिया। उनका कहना है कि आशुतोष शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रहे हैं और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते रहे हैं। JRF परीक्षा में 99.78 परसेंटाइल हासिल कर उन्होंने अपने सपनों को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।

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क्षेत्रवासियों और शुभचिंतकों को उम्मीद है कि आशुतोष सिंह आगे चलकर शिक्षा, अनुसंधान और अकादमिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगे। उनकी यह सफलता साबित करती है कि ग्रामीण और जिला स्तर से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। आशुतोष सिंह JRF क्वालिफाई की खबर सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में भी खासा चर्चा का विषय बनी हुई है।

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यह उपलब्धि न सिर्फ एक व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि मऊ जिले की शैक्षणिक पहचान को मजबूत करने वाली खबर भी है। आने वाले समय में उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों को NET JRF परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित करेगी और जिले में शिक्षा का माहौल और सशक्त होगा।

बिहार से कानपुर जा रहे सरिया ट्रक में बड़ा गबन, देवरिया में खुलासा

🚨 बिहार से कानपुर जा रहा सरिया बीच रास्ते बेचने वाला ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार, 25 टन सरिया और 4.75 लाख नकद बरामद


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)बिहार से कानपुर के लिए ट्रक में सरिया लेकर निकला एक ट्रक ड्राइवर बीच रास्ते ही माल को बेचकर फरार होने की फिराक में था, लेकिन देवरिया पुलिस की सतर्कता ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। मईल और बरहज थाने की संयुक्त पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रक के साथ 25,040 किलो सरिया और 4,75,000 रुपये नकद बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने आरोपी ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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🔎 कैसे हुआ पूरा खुलासा
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ट्रक ड्राइवर, जो बिहार से कानपुर के लिए सरिया लेकर निकला था, उसने रास्ते में ही माल का गबन कर दिया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए मईल और बरहज थाने की संयुक्त टीम ने त्वरित ऑपरेशन चलाया।
इस दौरान मईल थाना क्षेत्र के कुंडली चौराहे से ट्रक को रोका गया, जहां से सरिया से लदा ट्रक, गबन की रकम और आरोपी ड्राइवर को हिरासत में लिया गया।
👮 गिरफ्तार आरोपी की पहचान
गिरफ्तार ड्राइवर की पहचान अजय यादव, निवासी टिकरगढ़ी, जनपद उन्नाव के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने सरिया को रास्ते में बेच दिया था और रकम लेकर फरार होने की योजना बना रहा था।

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📦 बरामदगी का विवरण
कुल बरामद सरिया: 25,040 किलो,नकद बरामदगी: ₹4,75,000
वाहन: सरिया लदा ट्रक,गिरफ्तारी स्थान: कुंडली चौराहा, थाना मईल, देवरिया
🎙️ पुलिस बाइट
सुनील कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, देवरिया ने बताया कि मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। साथ ही सरिया और ट्रक को सुरक्षित कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप: सपा ने बीजेपी पर साधा निशाना, मेंहदावल में सियासी घमासान

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। संत कबीर नगर जिले की मेंहदावल विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। चुनावी माहौल के बीच सामने आए इस मुद्दे ने जिले की राजनीति को गरमा दिया है। सपा का दावा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की आड़ में मुस्लिम और दलित मतदाताओं के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा प्रहार हो रहा है।
सपा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी जयराम पाण्डेय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मेंहदावल तहसील और जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के मतदाताओं को योजनाबद्ध तरीके से मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। पार्टी नेताओं के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक मिलीभगत का परिणाम है।

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जयराम पाण्डेय ने जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया कि फॉर्म-7 का गलत इस्तेमाल कर कई मतदाताओं के नाम बिना जानकारी दिए सूची से काट दिए गए। उन्होंने कहा कि गोईठहां, बनेथू और पोखर भिटवा जैसे गांवों में प्रभावशाली लोग बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) पर दबाव बनाकर फॉर्म-7 पर जबरन हस्ताक्षर करवा रहे हैं। सपा का कहना है कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश है और यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी व्यापक आंदोलन छेड़ेगी।

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दूसरी ओर, बीजेपी के सहयोगी दल निषाद पार्टी के स्थानीय विधायक अनिल त्रिपाठी ने सपा के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। विधायक के अनुसार, SIR अभियान के तहत फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं, जबकि फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक का वैधानिक अधिकार है। इसे किसी साजिश से जोड़ना गलत और भ्रामक है।
जिला प्रशासन ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं।

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यह मामला न केवल स्थानीय राजनीति बल्कि आगामी चुनावों की पारदर्शिता से भी जुड़ा है। ऐसे में मतदाता सूची से जुड़े हर कदम पर प्रशासन और चुनाव आयोग की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

माँ शीतला धाम के पुनर्निर्माण से पूर्वांचल को मिलेगा नया धार्मिक गौरव

मऊ (राष्ट्र की परंपरा)।पूर्वांचल की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को नई ऊँचाई देने जा रहा माँ शीतला धाम अब एक भव्य और दिव्य स्वरूप में निर्मित होगा। मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए महाराष्ट्र के लातूर जिले से सुप्रसिद्ध शिल्पकार रविराज गोपीनाथ राव करडखेले को विधिवत अनुबंधित किया गया है। जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होने जा रहा है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था का वातावरण है।

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श्री शीतला माता धाम मंदिर समिति के अध्यक्ष संजय वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि माँ शीतला धाम का निर्माण माँ शीतला की मनसा के अनुरूप, समग्र मऊ के हिंदू जनसमुदाय और सनातन परंपरा के आशीर्वाद से अत्यंत भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा। मंदिर का सभा मंडप, शिखर, कलश और गुंबद वास्तु शास्त्र के अनुसार निर्मित होंगे, जो इसकी दिव्यता को और अधिक निखारेंगे।
उन्होंने बताया कि शिल्पकार रविराज गोपीनाथ को मंदिर के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो सीमित समय में उत्कृष्ट शिल्पकारी के साथ मंदिर को ऐसा स्वरूप देंगे, जिससे जनमानस की भावनाएँ साकार होंगी। यह माँ शीतला धाम न केवल मऊ बल्कि पूरे पूर्वांचल में अपनी अनूठी छटा बिखेरेगा।
मंदिर समिति के वरिष्ठ संरक्षक इंजीनियर वीरेंद्र कुमार तथा वाराणसी से आए अनुभवी इंजीनियरों की टीम ने संयुक्त रूप से मंदिर का विस्तृत नक्शा तैयार किया है। इस डिजाइन में परंपरा और आधुनिक इंजीनियरिंग का संतुलन रखा गया है, जिससे माँ शीतला धाम श्रद्धालुओं के लिए आस्था का भव्य केंद्र बने।
इस अवसर पर मंदिर परिसर में विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। मंदिर के पुजारी आकाश ओझा ने मंत्रोच्चारण के साथ शिल्पकार रविराज गोपीनाथ को अग्रिम धनराशि का चेक और नारियल भेंट किया। समिति के महामंत्री डॉ. राम गोपाल गुप्ता ने बताया कि मंदिर का सभा मंडप और शिखर अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित होगा, जो भक्तों को आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा प्रदान करेगा।

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अनुबंध समारोह में समिति के कोषाध्यक्ष उमाशंकर चौरसिया, उपाध्यक्ष संजय खंडेलवाल, निर्माण समिति के दिनेश बरनवाल, अरविंद बरनवाल, गिरीश चंद मद्धेशिया सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि माँ शीतला धाम पूर्वांचल का अद्वितीय और अनूठा धार्मिक केंद्र बनेगा।
यह मंदिर न केवल आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता को भी मजबूती देगा। माँ शीतला धाम का यह भव्य निर्माण आने वाले वर्षों में श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा और विश्वास का केंद्र बनेगा।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, प्रशांत किशोर की याचिका खारिज

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को रद्द कराने की मांग को लेकर दायर याचिका पर शीर्ष अदालत ने सुनवाई से ही इनकार कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि चुनाव रद्द करने की मांग उचित नहीं है, और यदि जनसुराज पार्टी चाहती है तो वह हाईकोर्ट का रुख कर सकती है।
क्या था मामला
प्रशांत किशोर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि चुनाव की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई। याचिका में इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया गया और कहा गया कि यह कदम मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है।
जनसुराज पार्टी ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को रद्द कर नए सिरे से चुनाव कराए जाएं और चुनाव आयोग को ऐसे निर्देश दिए जाएं, जिससे चुनाव से ठीक पहले जनता को लुभाने वाली योजनाओं पर रोक लग सके।

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सुप्रीम कोर्ट का रुख
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को प्रथम दृष्टया अस्वीकार्य मानते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को रद्द करने जैसे गंभीर कदम के लिए ठोस कानूनी आधार आवश्यक होता है। साथ ही, कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि इस तरह के मामलों के लिए उचित मंच हाईकोर्ट हो सकता है।
चुनाव परिणाम और सियासी पृष्ठभूमि
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने प्रचंड जीत दर्ज की थी। एनडीए के खाते में 202 सीटें गईं, जबकि महागठबंधन को केवल 35 सीटों पर संतोष करना पड़ा।

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इस चुनाव में जनसुराज पार्टी का खाता नहीं खुल पाया था। हालांकि, हार की जिम्मेदारी प्रशांत किशोर ने स्वयं लेते हुए कहा था कि चुनावी नतीजों की जवाबदेही उनकी है। चुनाव के दौरान विपक्ष के कई नेताओं ने महिलाओं को पैसे देकर वोट खरीदने जैसे आरोप लगाए थे, लेकिन प्रशांत किशोर ने इसे सीधे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिस पर अब कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है।
आगे की राह
कानूनी जानकारों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद जनसुराज पार्टी के पास हाईकोर्ट में जाने का विकल्प खुला है। साथ ही, यह मामला भविष्य में चुनावी घोषणाओं और सरकारी योजनाओं की समय-सीमा को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है।

🌏 सुबह-सुबह लखनऊ में भूकंप, गोंडा रहा केंद्र 3.7 तीव्रता के झटकों से डोली धरती

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लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भूकंप के हल्के झटके शुक्रवार सुबह महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से कुछ पलों के लिए लोगों में दहशत फैल गई। कई इलाकों में लोग एहतियातन घरों से बाहर निकल आए, हालांकि कहीं से भी जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता 3.7 रिच्टर स्केल पर दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र गोंडा जिला बताया गया है, जबकि इसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर थी। सुबह के समय आए इन झटकों का असर लखनऊ के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी महसूस किया गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, 3.7 तीव्रता का भूकंप आमतौर पर गंभीर नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन यह क्षेत्र की भूकंपीय सक्रियता का संकेत जरूर देता है। उत्तर भारत भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील जोन में आता है, इसलिए हल्के झटकों को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

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स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है। नागरिकों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि भूकंप के दौरान खुले स्थान पर जाना, भारी वस्तुओं से दूर रहना और सुरक्षित स्थानों की पहचान पहले से करना जरूरी है।
भूकंप जैसे प्राकृतिक घटनाक्रम अचानक होते हैं, लेकिन सतर्कता और जागरूकता से जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्कूलों, दफ्तरों और आवासीय सोसायटियों में समय-समय पर मॉक ड्रिल और सुरक्षा अभ्यास किए जाने की आवश्यकता है।

रफाल, तेजस और प्रचंड की गर्जना से जैसलमेर का आसमान दहकेगा

वायु शक्ति 2026: सिर्फ अभ्यास नहीं, भारत की वायु शक्ति का निर्णायक संदेश

जैसलमेर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)राजस्थान के जैसलमेर क्षेत्र में 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना इतिहास का सबसे बड़ा वायु युद्ध अभ्यास वायु शक्ति 2026 आयोजित करने जा रही है। पाकिस्तान सीमा के निकट होने वाला यह अभ्यास केवल नियमित सैन्य गतिविधि नहीं, बल्कि यह स्पष्ट संकेत है कि भारत की वायु शक्ति अब पहले से कहीं अधिक संगठित, आधुनिक और आक्रामक क्षमता से लैस है।
वायु शक्ति 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर डिजाइन किया गया है, जिसने सीमा पार आतंकी ठिकानों को नष्ट कर भारत की निर्णायक रणनीति का परिचय दिया था। जैसलमेर का आकाश उस दिन गरज उठेगा, जब 100 से अधिक लड़ाकू और सहायक विमान युद्ध जैसी वास्तविक परिस्थितियों में अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

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इस महाअभ्यास में भारतीय वायुसेना की पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी कमान की सभी प्रमुख इकाइयां शामिल होंगी। रफाल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, मिग-29, जगुआर, मिराज-2000 और हाक जैसे अग्रिम पंक्ति के विमान हवा और जमीन दोनों लक्ष्यों पर सटीक प्रहार का अभ्यास करेंगे। यह पहला अवसर होगा जब सेवानिवृत्त मिग-21 इस तरह के किसी अभ्यास में भाग नहीं लेगा, जो वायुसेना के आधुनिकरण को दर्शाता है।
स्वदेशी प्रचंड आक्रमण हेलिकॉप्टर इस अभ्यास का बड़ा आकर्षण रहेगा, जो जीवित गोला-बारूद के साथ रॉकेट फायर करेगा। इसके अलावा चिनूक, मि-17 और उन्नत हल्के हेलिकॉप्टर भी युद्ध क्षेत्र में तैनात रहेंगे। परिवहन क्षमता का प्रदर्शन करते हुए C-130 हरक्युलिस विमान छोटी हवाई पट्टी पर उतरकर गरुड़ कमांडो को उतारेगा और कुछ ही मिनटों में दोबारा उड़ान भरेगा, जबकि C-295 विमान पहली बार रात्रि धावा उतराई अभ्यास करेगा।

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पूरा अभ्यास एक काल्पनिक युद्ध परिदृश्य में संचालित होगा, जिसकी निगरानी भारतीय वायुसेना के एकीकृत वायु आदेश और नियंत्रण तंत्र से की जाएगी। लंबी, मध्यम और छोटी दूरी के रडार से प्राप्त सूचनाओं को जोड़कर संपूर्ण हवाई चित्र तैयार किया जाएगा, जिससे आक्रमण और वायु रक्षा दोनों एक साथ संचालित हों।
पाकिस्तान को उड़ान सूचना संदेश के माध्यम से पहले ही अवगत करा दिया गया है, लेकिन उसके पुराने रवैये को देखते हुए भारत ने बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी है। आकाश मिसाइल प्रणाली, ड्रोन रोधी तंत्र और थलसेना की एल-70 तोपें पूरी तरह तैयार रहेंगी। इस अभ्यास को देखने के लिए मित्र देशों के लगभग 40 दूतावास अधिकारी और विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहेंगे।
वायु शक्ति 2026 ने सीमा पार स्पष्ट बेचैनी पैदा कर दी है। संदेश साफ है—भारत अब केवल प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं, बल्कि पहल कर आकाश से निर्णायक वार करने की क्षमता रखता है। यह अभ्यास राष्ट्रीय संकल्प, तकनीकी श्रेष्ठता और सैन्य आत्मविश्वास का जीवंत प्रदर्शन है।

स्कूल में तोड़फोड़, शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल

स्कूल में चोरी के प्रयास पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)प्राथमिक विद्यालय तोड़फोड़ की एक गंभीर घटना सामने आई है। कोतवाली क्षेत्र के घटैला गाजी गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय को अराजक तत्वों ने अपना निशाना बनाया। स्कूल परिसर में घुसकर असामाजिक तत्वों ने न केवल विद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, बल्कि चोरी का भी प्रयास किया। इस घटना से शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अराजक तत्वों ने रात के समय विद्यालय में जबरन प्रवेश किया। कक्षा में रखी कुर्सी को तोड़ दिया गया और विद्यालय परिसर में लगी मोटर को चुराने का प्रयास किया गया। घटना के बाद जब विद्यालय खुला तो अंदर का दृश्य देखकर शिक्षक और ग्रामीण सन्न रह गए।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि विद्यालय के अंदर बीयर की खाली बोतलें भी मिलीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि स्कूल परिसर को नशाखोरी और अराजक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया गया। यह कृत्य न केवल कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि बच्चों के भविष्य और स्कूल की गरिमा के साथ भी खिलवाड़ है।

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प्रधानाध्यापक ने दी तहरीर
विद्यालय के प्रधानाध्यापक जयदीप नाथ त्रिपाठी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने विद्यालय में हुई तोड़फोड़, चोरी के प्रयास और असामाजिक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों में गुस्सा, सुरक्षा की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्राथमिक विद्यालय जैसे पवित्र स्थान सुरक्षित नहीं हैं तो बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे, रात की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

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पुलिस जांच में जुटी
कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आसपास के इलाकों में संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है।

गोरखपुर एयरपोर्ट विस्तार को मिली हरी झंडी, नए टर्मिनल का प्रस्ताव मंजूर

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। गोरखपुर एयरपोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया अब तेज होने जा रही है। स्थानीय सांसद रवि किशन द्वारा संसद में उठाए गए सवाल के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस दिशा में सकारात्मक संकेत देते हुए नए टर्मिनल भवन के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सदन में जानकारी दी कि गोरखपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

राज्य सरकार की ओर से भारतीय वायुसेना से 42.14 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिससे एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को और सुदृढ़ किया जाएगा। इस भूमि का उपयोग नए टर्मिनल भवन और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए किया जाएगा।

यात्रियों की बढ़ती संख्या बनी विस्तार की वजह

मंत्री ने सदन में बताया कि गोरखपुर एयरपोर्ट से यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। हाल के वर्षों में यहां से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या लाखों के आंकड़े को पार कर चुकी है। इसके साथ ही कार्गो परिवहन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत देती है। बढ़ते यात्री दबाव और सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए एयरपोर्ट विस्तार की मांग लंबे समय से उठ रही थी।

महानगरों से मजबूत होगी हवाई कनेक्टिविटी

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा उड़ान कार्यक्रम के तहत गोरखपुर एयरपोर्ट को देश के प्रमुख महानगरों से जोड़ा जा रहा है। इनमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे बड़े शहर शामिल हैं। इन शहरों से सीधी हवाई सेवाएं मिलने से पूर्वांचल के यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक हवाई संपर्क मिलेगा।

हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से न केवल आम यात्रियों को लाभ होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और निवेश के अवसरों में भी बढ़ोतरी होगी। क्षेत्र के उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को इससे सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

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सांसद रवि किशन ने जताया आभार

गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने एयरपोर्ट विस्तार को मंजूरी मिलने पर प्रधानमंत्री और नागरिक उड्डयन मंत्रालय का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर और पूरे पूर्वांचल के समग्र विकास के लिए मजबूत हवाई संपर्क बेहद जरूरी है। सांसद के अनुसार एयरपोर्ट विस्तार और उड़ानों की संख्या बढ़ने से क्षेत्र में रोजगार, पर्यटन और निवेश को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि गोरखपुर एयरपोर्ट से यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसी कारण लंबे समय से विस्तार की मांग की जा रही थी। इस विषय को उन्होंने संसद में उठाया था, जिसके बाद अब विस्तार को लेकर हरी झंडी मिल गई है।

पूर्वांचल के विकास को मिलेगी रफ्तार

गोरखपुर एयरपोर्ट का विस्तार पूर्वांचल के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। बेहतर हवाई सुविधाओं से क्षेत्र के लोग देश के बड़े शहरों से आसानी से जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही कार्गो परिवहन में बढ़ोतरी से स्थानीय व्यापार को भी मजबूती मिलेगी। नए टर्मिनल भवन के निर्माण से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और एयरपोर्ट की क्षमता में इजाफा होगा।

कुल मिलाकर, गोरखपुर एयरपोर्ट के विस्तार का यह प्रस्ताव न केवल यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाएगा, बल्कि पूर्वांचल के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति देगा।

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