Tuesday, May 5, 2026
Home Blog Page 154

7 फरवरी की महत्वपूर्ण घटनाएँ: विश्व इतिहास के निर्णायक पल

📜 7 फ़रवरी का इतिहास: महत्वपूर्ण घटनाओं का विस्तृत विवरण
7 फ़रवरी का इतिहास विश्व और भारत दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इस दिन राजनीति, युद्ध, विज्ञान, खेल, संविधान, व्यापार और संस्कृति से जुड़ी कई ऐतिहासिक घटनाएँ घटीं, जिन्होंने आने वाले समय की दिशा तय की।
7 फरवरी की महत्वपूर्ण घटनाएँ हमें यह समझने में मदद करती हैं कि कैसे छोटे-बड़े निर्णयों ने वैश्विक इतिहास को प्रभावित किया।

ये भी पढ़ें – 6 फ़रवरी का इतिहास: आज के दिन घटीं दुनिया और भारत की महत्वपूर्ण घटनाएँ

🌍 1792 – फ्रांस के खिलाफ ऐतिहासिक समझौता
7 फ़रवरी 1792 को ऑस्ट्रेलिया और प्रुशिया ने फ्रांस के खिलाफ एक रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता यूरोप में सत्ता संतुलन और राजनीतिक ध्रुवीकरण का प्रतीक माना जाता है।
🇧🇪 1831 – बेल्जियम में संविधान लागू
7 फरवरी का इतिहास बेल्जियम के लिए मील का पत्थर साबित हुआ, जब वहां आधिकारिक रूप से संविधान लागू किया गया। यह यूरोप में लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की मजबूत नींव बना।

ये भी पढ़ें – 6 फ़रवरी को जन्मे महान व्यक्ति: जानिए भारत और विश्व इतिहास में अमर नाम

🇮🇳 1856 – अवध का शांतिपूर्ण विलय
7 फ़रवरी 1856 को नवाब वाजिद अली शाह ने अवध राज्य का शांतिपूर्ण विलय ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी में किया। यह घटना भारतीय इतिहास में औपनिवेशिक विस्तार का अहम अध्याय है।
🔥 1904 – अमेरिका का बाल्टिमोर अग्निकांड
अमेरिका के बाल्टिमोर शहर में लगी भीषण आग ने लगभग 1500 इमारतों को राख में बदल दिया। यह 7 फरवरी की महत्वपूर्ण घटनाओं में सबसे भयावह आपदाओं में गिनी जाती है।
🚆 1915 – चलती ट्रेन से पहला वायरलेस संदेश
रेलवे संचार के क्षेत्र में क्रांति लाते हुए, चलती ट्रेन से भेजा गया पहला वायरलेस संदेश रेलवे स्टेशन को प्राप्त हुआ।
यह आज का इतिहास 7 फरवरी को तकनीकी प्रगति का प्रतीक बनाता है।

ये भी पढ़ें – 6 फ़रवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन: लता मंगेशकर से मोतीलाल नेहरू तक, जानिए इतिहास के अमर नाम

🎲 1935 – मोनोपोली गेम को मिला कॉपीराइट
आज ही के दिन प्रसिद्ध बोर्ड गेम मोनोपोली को कॉपीराइट मिला।
भारत में इसे “व्यापार” नाम से जाना जाता है। यह गेम 100+ देशों और 40+ भाषाओं में खेला जाता है।
सबसे लंबा मोनोपोली गेम 70 दिनों तक चला था।
🚄 1940 – ब्रिटेन में रेलवे का राष्ट्रीयकरण
7 फरवरी का इतिहास ब्रिटेन के लिए भी अहम रहा, जब रेलवे प्रणाली का राष्ट्रीयकरण किया गया, जिससे सार्वजनिक परिवहन में सुधार हुआ।
⚔️ 1942 – ब्रिटेन बनाम थाईलैंड युद्ध घोषणा
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूनाइटेड किंगडम ने थाईलैंड के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।

ये भी पढ़ें – एसआईआर-2026 अभियान की प्रगति की डीएम ने राजनीतिक दलों के साथ की समीक्षा

🌐 1945 – द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम चरण पर चर्चा
ब्रिटेन, अमेरिका और रूस ने युद्ध के अंतिम चरण को लेकर रणनीतिक बैठक की, जिसने युद्धोत्तर विश्व व्यवस्था की नींव रखी।
🕊️ 1947 – फिलीस्तीन विभाजन प्रस्ताव अस्वीकृत
अरब और यहूदी समुदायों ने ब्रिटेन के फिलीस्तीन विभाजन प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिससे पश्चिम एशिया में लंबे संघर्ष की शुरुआत हुई।
🇨🇺 1959 – क्यूबा का नया संविधान
फिदेल कास्त्रो ने क्यूबा के नए संविधान की घोषणा की, जिसने देश की राजनीतिक दिशा बदल दी।
🌎 1962 – क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंध
अमेरिका ने क्यूबा से सभी आयात पर रोक लगाई।
इसी वर्ष जर्मनी की कोयला खदान दुर्घटना में 298 मजदूरों की मौत हुई।
✈️ 1965 – उत्तरी वियतनाम पर अमेरिकी हवाई हमले
वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिका ने लगातार हवाई हमले शुरू किए।

ये भी पढ़ें – मंडलायुक्त कलेक्ट्रेट पर सख्त प्रशासनिक निरीक्षण

📰 1983 – ईस्टर्न न्यूज एजेंसी की स्थापना
कोलकाता में ईस्टर्न न्यूज एजेंसी की स्थापना हुई, जिसने क्षेत्रीय पत्रकारिता को मजबूती दी।
🌍 1987 – ANC को जापान की मान्यता
जापान ने अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (ANC) को मान्यता दी, जो रंगभेद विरोधी आंदोलन के लिए अहम था।
1992 – INS शाल्की नौसेना में शामिल
भारत की पहली स्वदेशी पनडुब्बी आईएनएस शाल्की को नौसेना में शामिल किया गया।
यह 7 फरवरी की महत्वपूर्ण घटनाओं में राष्ट्रीय गौरव का क्षण है।
⚖️ 1997 – अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के अध्यक्ष
अमेरिका के स्टीफन स्क्यूवैल को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का अध्यक्ष चुना गया।
👑 1999 – जॉर्डन के शाह हुसैन का निधन
उनके निधन के बाद अब्दुल्ला द्वितीय नए शाह बने।
🤝 2000 – भारत-अमेरिका आतंकवाद विरोधी बैठक
दोनों देशों के बीच संयुक्त आतंकवाद विरोधी दल की पहली बैठक वाशिंगटन में शुरू हुई।

ये भी पढ़ें – मुद्राओं में दिखता है प्राचीन मंदिरों का स्वरूप: प्रो. राजवन्त राव

🗳️ 2001 – इज़राइल में सत्ता परिवर्तन
एहुद बराक चुनाव हारे और एरियल शेरोन प्रधानमंत्री बने।
🇫🇷 2003 – फ्रांस के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा
ज्यां पियरे रैफरिन नई दिल्ली पहुंचे, जिससे द्विपक्षीय संबंध मजबूत हुए।
🗳️ 2006 – नेपाल में स्थानीय चुनाव
नेपाल में स्थानीय निकायों के लिए मतदान संपन्न हुआ।
🌋 2008 – सिमी पर प्रतिबंध और ज्वालामुखी विस्फोट
भारत सरकार ने सिमी पर प्रतिबंध बढ़ाया।
इक्वाडोर का तंगुराही ज्वालामुखी फटा।
🎓 2009 – प्रतिभा पाटिल को डी.लिट.
महाराष्ट्र के राज्यपाल ने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को डी.लिट. की उपाधि दी।
📚 2010 – अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला समाप्त
दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 19वां अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला संपन्न हुआ।

ये भी पढ़ें – मतदाता जागरूकता के लिए एनएसएस रैली, सेवा और लोकतंत्र पर हुआ विचार-विमर्श

निष्कर्ष
7 फरवरी का इतिहास हमें यह सिखाता है कि समय के साथ लिए गए निर्णय आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करते हैं।
7 फरवरी की महत्वपूर्ण घटनाएँ राजनीति, युद्ध, विज्ञान और संस्कृति के विकास को दर्शाती हैं।

गोताखोर की मौत पर बवाल: कार्रवाई और नौकरी की मांग को लेकर चक्का जाम, पुलिस-प्रदर्शनकारियों में नोकझोंक


बरहज /देवरिया (राष्ट्र की परम्परा )। गोताखोर सुरेंद्र साहनी की मौत के बाद बरहज क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया। शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही सुरेंद्र साहनी का शव गौरा स्थित उसके घर पहुंचा, परिजनों और मोहल्ले के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कार्रवाई और नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने बरहज–गौरा मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान शव हटाने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी हुई।

ये भी पढ़ें – देवरिया में बोलेरो पिकअप से गोवंशीय पशु बरामद, वाहन सीज

बताया गया कि गुरुवार को गोताखोर सुरेंद्र साहनी नदी में डूबे परसिया देवार निवासी धरमू प्रसाद की तलाश कर रहा था, तभी डूबने से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस उसे घर से पकड़कर ले गई थी और समय पर डूबने की सूचना नहीं दी गई। उन्होंने मौत को छिपाने का भी आरोप लगाया। वहीं प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
शुक्रवार शाम शव पहुंचने पर लोग पहले गौरा पुलिस चौकी के सामने शव रखने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए वहां से हटवा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी मोहन सेतु मोड़ पर शव रखकर सड़क जाम कर नारेबाजी करने लगे। सूचना पर थानाध्यक्ष दिनेश मौर्य फोर्स के साथ पहुंचे और शव हटाने को कहा, लेकिन प्रदर्शनकारी अड़े रहे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने शव हटाने का प्रयास किया, जिससे धक्का-मुक्की हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी, अपर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी राजेश चतुर्वेदी, तहसीलदार अरुण कुमार समेत पांच थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मान-मनौव्वल के बाद नौकरी और मुआवजा देने पर सहमति बनी, तब जाकर जाम समाप्त हुआ।

ये भी पढ़ें – रेलवे स्टेशन मार्ग व नाली निर्माण न होने पर भड़के रासद और सीपीआई कार्यकर्ता

एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि मृतक को पुलिस द्वारा पकड़कर ले जाने का आरोप गलत है। उन्होंने बताया कि तलाशी कार्य में एसडीआरएफ की टीम लगी थी, ऐसे में किसी अन्य व्यक्ति को जबरन ले जाने का कोई औचित्य नहीं बनता। प्रशासन की ओर से मृतक की पत्नी को नगर पालिका परिषद में आउटसोर्सिंग नौकरी, दो बच्चों को वाल्मीकि शिक्षा योजना के तहत नामांकन और शासन की दुर्घटना हित लाभ योजना का लाभ देने की घोषणा की गई है।
हालांकि देर रात तक परिजन नकद मुआवजा की मांग पर अड़े रहे और धरना जारी रहा। प्रशासन का कहना है कि नियमानुसार सभी शासकीय लाभ दिए जाएंगे, लेकिन दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सहमति नहीं बन सकी।

ये भी पढ़ें – 12 लाख तक आय वाले पेंशनरों को आयकर आगणन की जरूरत नहीं

“मृतक को पुलिस द्वारा पकड़कर ले जाने की बात सही नहीं है। पत्नी को नपा में आउटसोर्सिंग नौकरी, दो बच्चों को वाल्मीकि शिक्षा योजना और दुर्घटना हित लाभ योजना का लाभ दिया जाएगा।”
— विपिन कुमार द्विवेदी, एसडीएम बरहज

07 फरवरी 2026 पंचांग: शनि देव को प्रसन्न करने के अचूक उपाय

07 फरवरी 2026 को कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि, चित्रा नक्षत्र और कन्या राशि में चंद्रमा का संयोग बन रहा है। आइए जानते हैं आज के दिन का विस्तृत पंचांग, शुभ-अशुभ समय और इसका ज्योतिषीय महत्व।

ये भी पढ़ें –शुक्रवार का पंचांग: राहुकाल, चौघड़िया और जन्म राशि की पूरी जानकारी

🌅 आज का पंचांग – 07 फरवरी 2026 (शनिवार)
सूर्योदय:07:06 प्रातः
सूर्यास्त:06:05 सायं
चंद्रमा की स्थिति:कन्या राशि में संचार
तिथि:कृष्ण पक्ष षष्ठी – 02:54 ए.एम., 08 फरवरी तक
नक्षत्र:चित्रा – 02:28 ए.एम., 08 फरवरी तक
योग:शूल योग – रात्रि 11:41 बजे तक
वार:शनिवार
राहुकाल:09:51 प्रातः से 11:13 प्रातः तक
शक संवत:1947 विश्वावसु
विक्रम संवत:2082 कालयुक्त

ये भी पढ़ें –🔷 आज का राशिफल 2026: जानिए 12 राशियों का दिन, धन, नौकरी, व्यवसाय, प्रेम और भविष्यफल

आज का राहुकाल – शुभ कार्य से पहले जरूर जानें
शनिवार के दिन राहुकाल का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
आज राहुकाल 09:51 बजे से 11:13 बजे तक रहेगा।
👉 इस दौरान नया कार्य शुरू करना, यात्रा, खरीद-फरोख्त, गृह प्रवेश, विवाह वार्ता या कोई भी शुभ कार्य वर्जित माना जाता है।
👉 हालांकि, पूजा-पाठ, ध्यान, मंत्र जप किए जा सकते हैं।
🌙 तिथि का महत्व – षष्ठी तिथि
षष्ठी तिथि को कार्तिकेय और स्कंद से जोड़ा जाता है।
यह तिथि विशेष रूप से—संतान सुख की कामना
रोग निवारण,शत्रु बाधा शांति,के लिए शुभ मानी जाती है।
आज की षष्ठी तिथि 02:54 ए.एम., 08 फरवरी तक प्रभावी रहेगी।
नक्षत्र फल – चित्रा नक्षत्र का प्रभाव
आज का नक्षत्र चित्रा है, जिसके स्वामी मंगल ग्रह हैं।
चित्रा नक्षत्र को—
रचनात्मकता
निर्माण कार्य
साहस
तकनीकी एवं डिजाइन से जुड़े कार्य
के लिए अनुकूल माना जाता है।
👉 आज का दिन आर्किटेक्चर, मशीनरी, टेक्नोलॉजी, भूमि कार्य से जुड़े लोगों के लिए विशेष फलदायी हो सकता है।

ये भी पढ़ें – 🔮 आज का मूलांक भविष्यफल 2026: जानिए अंक ज्योतिष से धन, नौकरी, व्यवसाय, प्रेम और करियर का हाल

🌕 चंद्रमा कन्या राशि में – क्या रहेगा असर
आज चंद्रमा कन्या राशि में संचार कर रहे हैं।
इससे—
विश्लेषण शक्ति बढ़ेगी
निर्णय सोच-समझकर लिए जाएंगे
स्वास्थ्य और कार्यक्षेत्र पर ध्यान रहेगा
👉 विद्यार्थियों, नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए यह स्थिति अनुकूल मानी जाती है।
⚠️ शूल योग – सावधानी आवश्यक
आज शूल योग बन रहा है, जो रात्रि 11:41 बजे तक रहेगा।
इस योग में—
यात्रा
विवाद
जोखिम भरे निर्णय
से बचने की सलाह दी जाती है।
👉 यदि यात्रा आवश्यक हो तो दही या गुड़ सेवन कर निकलना शुभ माना जाता है।
🔱 शनिवार का धार्मिक महत्व
शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित होता है।
आज के दिन—
शनि मंत्र जाप
पीपल वृक्ष की पूजा
काले तिल, सरसों का तेल दान
जरूरतमंद को भोजन
करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या में राहत मिलती है।
आज के शुभ कार्य
✔ पूजा-पाठ
✔ मंत्र जाप
✔ ध्यान और साधना
✔ दान-पुण्य
✔ पुराने अधूरे कार्य पूरे करना
❌ आज के अशुभ कार्य
✖ विवाह, मुंडन
✖ गृह प्रवेश
✖ नया व्यापार प्रारंभ
✖ भूमि, वाहन खरीद
✖ राहुकाल में शुभ कार्य
📌 आज का पंचांग क्यों जरूरी है?
आज का पंचांग जानने से—
सही समय पर कार्य सफलता दिलाता है
नकारात्मक प्रभाव से बचाव होता है
धार्मिक और ज्योतिषीय संतुलन बना रहता है

🔮 7 फरवरी 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक जानें धन, नौकरी, करियर, प्रेम और राजनीति का पूरा हाल

7 फरवरी 2026 का दिन शुक्रवार है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल और चंद्रमा की स्थिति के आधार पर आज का दिन कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है, जबकि कुछ राशि वालों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। आज का राशिफल आपके धन, नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, करियर, प्रेम, वैवाहिक जीवन और राजनीति से जुड़े अहम संकेत देता है।आइए जानते हैं 7 फरवरी 2026 का आज का राशिफल, मेष से लेकर मीन राशि तक विस्तार से।

ये भी पढ़ें –शुक्रवार का पंचांग: राहुकाल, चौघड़िया और जन्म राशि की पूरी जानकारी

मेष राशि (Aries Rashifal 7 February 2026)
आज धन के मामलों में सावधानी जरूरी है। जल्दबाजी में किया गया
निवेश नुकसान दे सकता है। नौकरीपेशा लोगों पर काम का दबाव रहेगा, लेकिन जिम्मेदारी से निभाए गए कार्य भविष्य में लाभ देंगे। व्यवसाय में किसी पुराने क्लाइंट से फायदा हो सकता है।
प्रेम जीवन में गलतफहमी से बचें, बातचीत से समाधान निकलेगा। राजनीति से जुड़े लोगों को बयान देने में संयम रखना चाहिए।
सेहत: सांस या एलर्जी से जुड़ी समस्या हो सकती है।

वृषभ राशि (Taurus Rashifal 7 February 2026)
आज पुराने विवाद सुलझाने का अवसर मिलेगा। नौकरी में सीनियर अधिकारियों से मतभेद हो सकते हैं, लेकिन धैर्य रखें। व्यापार में स्थिरता बनी रहेगी।
छात्रों के लिए दिन ठीक है, पढ़ाई में मन लगेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी।
सेहत: बाहर का खाना नुकसानदेह हो सकता है।

ये भी पढ़ें –🔷 आज का राशिफल 2026: जानिए 12 राशियों का दिन, धन, नौकरी, व्यवसाय, प्रेम और भविष्यफल

मिथुन राशि (Gemini Rashifal 7 February 2026)
आज आपका दिमाग तेज चलेगा। नए आइडिया करियर में आपको आगे ले जाएंगे। नौकरी में बॉस से तारीफ मिल सकती है। व्यवसाय में मार्केटिंग से फायदा होगा।
धन खर्च पर नियंत्रण जरूरी है। प्रेम जीवन में संतुलन रहेगा।
सेहत: नींद की कमी से चिड़चिड़ापन हो सकता है।

कर्क राशि (Cancer Rashifal 7 February 2026)
भावनात्मक रूप से दिन थोड़ा संवेदनशील रहेगा। पार्टनर को समय और स्पेस दें। नौकरी और व्यापार में बड़ा रिस्क न लें।
छात्रों के लिए एकाग्रता जरूरी है। राजनीति में सक्रिय लोगों को छवि का ध्यान रखना चाहिए।
सेहत: पेट और नींद से जुड़ी परेशानी संभव।

ये भी पढ़ें –🔮 आज का मूलांक भविष्यफल 2026: जानिए अंक ज्योतिष से धन, नौकरी, व्यवसाय, प्रेम और करियर का हाल

सिंह राशि (Leo Rashifal 7 February 2026)
आज आत्मविश्वास आपके साथ रहेगा। नौकरी में आपकी मेहनत नजर आएगी। व्यवसाय में कैश फ्लो अच्छा रहेगा।
प्रेम संबंधों में खुलकर बात करेंगे तो रिश्ते मजबूत होंगे।
सेहत: वॉक और स्ट्रेचिंग फायदेमंद रहेगी।

कन्या राशि (Virgo Rashifal 7 February 2026)
काम और जिम्मेदारियां दोनों बढ़ेंगी। ऑफिस का काम घर तक न लाएं। निवेश से पहले रिसर्च जरूरी है।
छात्रों को पढ़ाई में मेहनत करनी होगी। प्रेम जीवन सामान्य रहेगा।
सेहत: कमर या जोड़ों में दर्द संभव।

ये भी पढ़ें –मतदाता सूची पुनरीक्षण: फॉर्म-7 में झूठ पर जेल का प्रावधान

तुला राशि (Libra Rashifal 7 February 2026)
छोटे-छोटे काम उलझन बढ़ा सकते हैं। नौकरी और व्यापार में धैर्य जरूरी है।
पुराना खर्च सामने आ सकता है। प्रेम जीवन में समझदारी से बात करें।
सेहत: गर्दन और पीठ दर्द से बचाव करें।

वृश्चिक राशि (Scorpio Rashifal 7 February 2026)
नेटवर्किंग का दिन है। नौकरी और व्यवसाय में नए लोगों से संपर्क लाभ देगा।
निवेश में सावधानी बरतें, धोखा संभव है।
सेहत: आंखों में जलन या थकान हो सकती है।

धनु राशि (Sagittarius Rashifal 7 February 2026)
काम के नए मौके मिल सकते हैं। नौकरी का ऑफर भी संभव है।
व्यापार में टीमवर्क से फायदा होगा। प्रेम संबंधों में संतुलन जरूरी है।
सेहत: मेडिटेशन से तनाव कम होगा।

मकर राशि (Capricorn Rashifal 7 February 2026)
मन थोड़ा भारी रह सकता है। काम में मेहनत रंग लाएगी।
धन के लेन-देन में सतर्क रहें। राजनीति में धैर्य से फैसले लें।
सेहत: खांसी या बुखार हो तो लापरवाही न करें।

कुंभ राशि (Aquarius Rashifal 7 February 2026)
घूमने-फिरने का योग है। नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं।
रिश्तों में खुलापन रहेगा।
सेहत: भागदौड़ से बचें।

मीन राशि (Pisces Rashifal 7 February 2026)
आज भावुकता हावी रह सकती है। काम में फोकस बनाए रखें।
घर से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। प्रेम जीवन में समझदारी जरूरी है।
सेहत: बॉडी पेन और थकान संभव।

यूजीसी नेट-जेआरएफ में डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय का शानदार प्रदर्शन

दिसंबर 2025 की परीक्षा में सौ से अधिक विद्यार्थियों को सफलता, हिंदी विषय से सर्वाधिक चयन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने दिसंबर 2025 में आयोजित यूजीसी नेट–जेआरएफ परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अपनी अकादमिक सशक्तता सिद्ध की है। घोषित परिणामों के अनुसार विश्वविद्यालय के सौ से अधिक विद्यार्थियों ने नेट, जेआरएफ एवं पीएचडी पात्रता परीक्षा में सफलता अर्जित की है।
इनमें बीस से अधिक विद्यार्थियों का चयन जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) के लिए हुआ है, जिन्हें यूजीसी द्वारा शोध अवधि के दौरान फेलोशिप प्रदान की जाएगी। वहीं 60 से अधिक अभ्यर्थी सहायक आचार्य पात्रता (नेट) में सफल हुए हैं, जबकि शेष विद्यार्थियों ने पीएचडी पात्रता परीक्षा में स्थान बनाया है।
इस उपलब्धि में विशेष उल्लेखनीय सफलता भूगोल विभाग के शोधार्थी विशाल सिंह की रही, जिन्होंने यूजीसी–जेआरएफ की मेरिट सूची में देश में 11वां स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
विषयवार परिणामों पर नजर डालें तो हिंदी विषय से सर्वाधिक बीस से अधिक विद्यार्थियों का चयन हुआ है, जिनमें चार विद्यार्थियों ने जेआरएफ प्राप्त की है। इसके अलावा राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, इतिहास, प्राचीन इतिहास, भूगोल, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, विधि, रक्षा अध्ययन सहित अन्य विषयों में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सफलता दर्ज की है। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार चयनित विद्यार्थियों की संख्या में और वृद्धि की संभावना बनी हुई है।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अंग्रेजी विभाग में सफल अभ्यर्थियों में छात्राओं की संख्या सर्वाधिक रही है। समग्र रूप से सभी विषयों में छात्र और छात्राओं का प्रदर्शन लगभग समान स्तर पर रहा है, जो विश्वविद्यालय के समावेशी शैक्षणिक वातावरण को दर्शाता है।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की निरंतर मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और विश्वविद्यालय के सकारात्मक शैक्षणिक एवं शोध-अनुकूल वातावरण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यूजीसी नेट–जेआरएफ जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षा में यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की अकादमिक प्रतिबद्धता और शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने की नीति का प्रमाण है।
सफल विद्यार्थियों को संबंधित विभागाध्यक्षों, शिक्षकों एवं डीएसडब्ल्यू प्रो. अनुभूति दुबे ने भी बधाई दी और इसे विश्वविद्यालय की बढ़ती शैक्षणिक प्रतिष्ठा और अकादमिक विश्वसनीयता का प्रतीक बताया।

तेज रफ्तार बनी हादसों की वजह, सिकंदरपुर में दो सड़क दुर्घटनाओं में चार लोग घायल

सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। सिकंदरपुर-बेल्थरा मार्ग पर शुक्रवार को हुई दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं ने क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और तेज रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इन हादसों में कुल चार लोग घायल हुए, जिनमें एक युवक की हालत नाजुक बताई जा रही है।
पहली घटना अस्पताल मोड़ के समीप हुई, जहां स्कूली वाहन और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान नवानगर ब्लॉक अंतर्गत धोबहाहा गांव निवासी अब्दुल (18) पुत्र बबलू और कैश अहमद (17) पुत्र नौशाद के रूप में हुई है। दोनों युवक बाइक से सिकंदरपुर बस स्टेशन की ओर जा रहे थे। इसी दौरान स्टेशन की ओर से नगरा मोड़ की तरफ तेज गति से आ रहे स्कूली वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद अब्दुल की हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जबकि कैश अहमद का उपचार सीएचसी में जारी है।
दूसरी दुर्घटना इसी मार्ग पर करमौता गांव के समीप हुई। यहां साइकिल से सिकंदरपुर की ओर जा रहे 65 वर्षीय प्रेमचंद वर्मा को पीछे से आ रही तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने टक्कर मार दी। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सिकंदरपुर–बेल्थरा मार्ग पर यातायात नियंत्रण को सख्त करने, गति सीमा का पालन सुनिश्चित कराने और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

गोरखपुर विश्वविद्यालय को वैश्विक पहचान, मलेशिया की एमएसयू से हुआ रणनीतिक करार

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयूजीयू) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत मलेशिया की मैनेजमेंट एंड साइंस यूनिवर्सिटी (एमएसयू) के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित की गई है। इस सहयोग का उद्देश्य वैश्विक शिक्षा, शोध सहभागिता और छात्र गतिशीलता को सुदृढ़ करना है।
इस संबंध में आयोजित वर्चुअल बैठक में कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में दोनों विश्वविद्यालयों ने उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण को नई दिशा देने तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए वैश्विक अवसर सृजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
साझेदारी के तहत संयुक्त डिग्री कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी। इसके अंतर्गत 2+2 स्नातक एवं 1+1 स्नातकोत्तर कार्यक्रम संचालित होंगे, जिनमें छात्र दोनों विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर संयुक्त डिग्री प्राप्त करेंगे। प्रारंभिक चरण में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए/एमबीए) तथा सूचना प्रौद्योगिकी के प्रमुख क्षेत्र-कंप्यूटर विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। क्रेडिट ट्रांसफर को सुगम बनाने के लिए ब्लैंकेट अप्रूवल व्यवस्था लागू की जाएगी।
इस रणनीतिक करार के अंतर्गत एक संयुक्त शोध एजेंडा भी तय किया गया है। भौतिक विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और जीवन विज्ञान में डी.डी.यू.जी.यू. की विशेषज्ञता तथा एम.एस.यू. के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के सहयोग से दिसंबर 2026 तक छह उच्च-प्रभाव वाले संयुक्त शोध पत्र प्रकाशित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें तीन शोध व्यवसाय क्षेत्र तथा तीन स्वास्थ्य विज्ञान से संबंधित होंगे। सतत विकास को प्रमुख शोध विषय के रूप में चिन्हित किया गया है, जो क्यू.एस. और टी.एच.ई. जैसी वैश्विक रैंकिंग प्रणालियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
दोनों विश्वविद्यालयों ने अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में एक-दूसरे के सहयोग का भी संकल्प लिया है। एम.एस.यू. की ओर से बताया गया कि डी.डी.यू.जी.यू. की अकादमिक और औद्योगिक प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करने के लिए नौ देशों में विशेष पहल प्रारंभ की जा चुकी है।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह साझेदारी विश्वविद्यालय के वैश्विक उत्कृष्टता के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को विश्वस्तरीय शिक्षा और शोध के अवसर प्राप्त होंगे तथा अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहभागिता को नई ऊंचाई मिलेगी।
बैठक में कार्यक्रमों के अंतिम स्वरूप निर्धारण, संयुक्त शोध टीमों की पहचान तथा विश्वविद्यालय परिसर में औपचारिक शुभारंभ समारोह की योजना जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। आगामी महीनों में एम.एस.यू. के अध्यक्ष और कुलपतियों सहित उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के गोरखपुर आगमन की संभावना है, जहां इस सहयोग का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।
भारत और मलेशिया के बीच यह शैक्षिक साझेदारी अकादमिक आदान-प्रदान, नवाचार और साझा विकास के लिए एक सशक्त सेतु सिद्ध होगी तथा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय सहयोग का नया मानक स्थापित करेगी।
बैठक का संयोजन डॉ. रामवंत गुप्ता, निदेशक, अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। बैठक में सभी संकायाध्यक्ष, शोध एवं विकास निदेशक, कृषि निदेशक, कुलसचिव, वित्त अधिकारी तथा परीक्षा नियंत्रक सहित विश्वविद्यालय का वरिष्ठ प्रशासनिक नेतृत्व उपस्थित रहा।

सीआरपीएफ जवान का ग्राम सभा में ऐतिहासिक स्वागत, ढोल-नगाड़ों के बीच गूंजा भारत माता की जय

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।विकासखंड परतावल के ग्राम पिपरपाती तिवारी में उस समय उत्सव जैसा माहौल बन गया, जब गांव के लाल रघुबीर गुप्ता पुत्र नंदकिशोर गुप्ता सीआरपीएफ का प्रशिक्षण पूर्ण कर पहली बार अपने गांव पहुंचे। जवान के स्वागत में ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जयकारों के साथ भव्य अभिनंदन किया। पूरे गांव में गर्व और उल्लास का वातावरण देखने को मिला।
गांव की सड़कों पर स्वागत जुलूस निकाला गया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी की आंखों में खुशी और गर्व झलक रहा था। ग्रामीणों ने रघुबीर को माल्यार्पण कर मिठाईयां खिलाईं और देश सेवा के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
रघुबीर गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए कहा कि परिवार के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं था। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण की अपील की।
पिता नंदकिशोर गुप्ता ने भावुक होते हुए बताया कि रघुबीर बचपन से ही मेधावी और परिश्रमी रहा है। उसकी लगन और देशभक्ति की भावना ने आज उसे इस मुकाम तक पहुंचाया है।
इस अवसर पर बड़े भाई राहुल गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, शैलेश गुप्ता, पुन्नवासी यादव, राकेश गुप्ता, सुदर्शन गुप्ता सहित ग्राम सभा के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रघुबीर की उपलब्धि ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव को गौरवान्वित किया है। ग्रामवासियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि गांव का यह सपूत आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगा। गांव में देर तक जश्न और बधाइयों का सिलसिला जारी रहा।

गेहूं के खेत में मिला युवक का शव, हत्या की आशंका से इलाके में सनसनी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। फरेंदा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बैकुंठपुर में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव के बाहर स्थित गेहूं के खेत में 19 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान आदित्य चौरसिया पुत्र प्रयाग, निवासी बैकुंठपुर के रूप में हुई है। शव की स्थिति को देखते हुए प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार आदित्य बीते 2 फरवरी को हरपुर टोला कटहिंया निवासी प्रदीप गुप्ता के साथ घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की और रिश्तेदारों से पूछताछ की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद फरेंदा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने खेत में युवक का शव देखा और पुलिस को सूचना दी। शव की पहचान होते ही परिवार में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार मृतक के गले और शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जबकि एक पैर रस्सी से बंधा हुआ था, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए हैं। क्षेत्राधिकारी अनिरुद्ध कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
मृतक के परिजनों ने प्रदीप गुप्ता पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि साजिश के तहत आदित्य की हत्या कर शव को खेत में फेंका गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है।

ब्लूमिंग बड्स स्कूल में सजेगा सुरों का मंच, स्टेबिन बेन का लाइव कॉन्सर्ट 11 फरवरी को

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। शिक्षा के साथ संस्कृति और मनोरंजन के समन्वय की एक यादगार पहल के तहत जिला मुख्यालय स्थित ब्लूमिंग बड्स स्कूल, खलीलाबाद कैंपस में 11 फरवरी 2026 को देश के लोकप्रिय गायक स्टेबिन बेन का भव्य लाइव कॉन्सर्ट आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन को लेकर छात्रों, अभिभावकों और संगीत प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
रोमांटिक और भावनात्मक गीतों से युवाओं के दिलों पर राज करने वाले स्टेबिन बेन जब मंच संभालेंगे, तो पूरा कैंपस सुरों और तालियों से गूंज उठेगा। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम न सिर्फ मनोरंजन बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक प्रेरक प्रयास है।
इस अवसर पर स्कूल के डायरेक्टर वैभव चतुर्वेदी ने बताया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी उतनी ही जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उनकी रचनात्मक क्षमता को नया आयाम मिलता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में प्रवेश केवल प्रवेश पास धारकों को ही दिया जाएगा। सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बिना प्रवेश पास किसी को भी कार्यक्रम स्थल में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
आयोजकों के अनुसार, कॉन्सर्ट को भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक साउंड सिस्टम, आकर्षक लाइटिंग और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। इस आयोजन से जिले की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

मतदाता जागरूकता के लिए एनएसएस रैली, सेवा और लोकतंत्र पर हुआ विचार-विमर्श

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल इंटर कॉलेज महराजगंज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा नेहरू नगर पिपरदेउरा में आयोजित सप्तदिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत भव्य रैली निकाली गई। स्वयंसेवियों ने बैनर और पोस्टर के साथ घर-घर जाकर लोगों को मतदान के महत्व के प्रति जागरूक किया।
शिविर के अंतर्गत आयोजित बौद्धिक सत्र का उद्घाटन संस्था के निदेशक दुर्गेश सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होंने कहा कि सेवा भावना को जीवन का हिस्सा बनाना ही व्यक्तित्व विकास की सबसे बड़ी कुंजी है। राष्ट्रीय सेवा योजना समाज में व्याप्त असमानताओं को कम कर सामाजिक एकता को मजबूत करती है। उन्होंने स्वयंसेवियों से अनुभवों से सीखने और सकारात्मक बदलाव के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
विशिष्ट वक्ता अभय प्रताप मिश्र ने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ सेवा भाव, सामाजिक सहयोग और राष्ट्रीय चेतना का विकास करता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने और समाज हित में निरंतर कार्य करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की शुरुआत लक्ष्य गीत और योग अभ्यास से हुई। स्वयंसेविका दीपाली पटेल और साथियों ने सरस्वती वंदना तथा मुस्कान यादव और साथियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को ऊर्जावान बना दिया।
कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र वर्मा और राकेश सहानी के मार्गदर्शन में निकली रैली नेहरू नगर पिपरदेउरा से उद्योग चौराहा होते हुए चिउरहा गांव तक पहुंची और पुनः शिविर स्थल पर समाप्त हुई। रैली के दौरान स्वयंसेवियों ने पहले मतदान, फिर जलपान और छोड़ो अपने सारे काम, पहले करो मतदान जैसे नारों से लोगों को जागरूक किया।
रैली के समापन पर कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जागरूक और जिम्मेदार मतदाताओं पर निर्भर करती है। संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार का विवेकपूर्ण उपयोग प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
इस अवसर पर अंजली, प्रियंका, अनुष्का यादव, प्रतिभा, आदित्य, मारूफ, कैफ, अंकित सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवी उपस्थित रहे।

सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले पर अनुदेशकों में खुशी की लहर


सिकन्दरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
न्यायालय द्वारा अनुदेशकों के हित में दिए गए ऐतिहासिक निर्णय से शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत अनुदेशकों में हर्ष और उत्साह का माहौल है। इसी क्रम में शिक्षा क्षेत्र नवानगर, जनपद बलिया के अनुदेशकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इज़हार किया और इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए सर्वोच्च न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया।अनुदेशकों का कहना है कि यह फैसला वर्षों की संघर्षपूर्ण लड़ाई का परिणाम है, जिसने अनुदेशकों के अधिकारों और सम्मान को नई मजबूती दी है। इस अवसर पर उपस्थित अनुदेशकों ने एक स्वर में सर्वोच्च न्यायालय को धन्यवाद देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की कि वह न्यायालय के आदेशों का शीघ्र और पूर्ण रूप से अनुपालन करे, ताकि अनुदेशकों को उनका न्याय समय पर मिल सके।कार्यक्रम में नारिस खान (ब्लॉक व्यायाम शिक्षक, नवानगर एवं प्रदेश सचिव, अनुदेशक संघ उत्तर प्रदेश) ने कहा कि यह निर्णय न केवल अनुदेशकों के भविष्य को सुरक्षित करेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाएगा। वहीं अरुण कुमार पाण्डेय (ब्लॉक अध्यक्ष, नवानगर) ने इसे अनुदेशकों की एकता और धैर्य की जीत बताया।इस खुशी के मौके पर प्रज्ञानन्दराम, शेषमणि कुमार, तारिक जिया, सुरेन्द्र वर्मा, गीता यादव तथा अनुपमा गुप्ता सहित अन्य अनुदेशक उपस्थित रहे। सभी ने संकल्प लिया कि वे शिक्षा के क्षेत्र में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करते हुए समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान देते रहेंगे। अनुदेशकों ने यह भी कहा कि वे इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए आजीवन सर्वोच्च न्यायालय के आभारी रहेंगे।

मुद्राओं में दिखता है प्राचीन मंदिरों का स्वरूप: प्रो. राजवन्त राव

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में चल रही सात दिवसीय “प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं-अभिरुचि कार्यशाला” की राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत शुक्रवार को यशोधरा सभागार में चतुर्थ व्याख्यान आयोजित हुआ। व्याख्यान में प्रो. राजवन्त राव (प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, दी.द.उ. गोरखपुर विश्वविद्यालय) ने “मुद्राओं पर प्रतिबिंबित धार्मिक वास्तु” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्रो. राजवन्त राव ने कहा कि हिंदू मंदिर भारतीयों की सृजनशीलता और अद्भुत मेधा शक्ति का परिचायक हैं। उन्होंने बताया कि भारत में प्रारंभिक काल में देवालयों के लिए ‘मंदिर’ शब्द का प्रयोग नहीं होता था। उस समय ‘प्रासाद’, ‘देवसदन’ और ‘देवगृह’ जैसे शब्द प्रचलित थे। ‘मंदिर’ शब्द का प्रयोग परवर्ती काल में कलचुरी शासक युवराज द्वितीय के समय मिलता है। भारतीय मुद्राओं के अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व में किसी न किसी रूप में मंदिरों का अस्तित्व था।
उन्होंने आगाथाक्लिज की मुद्राओं पर मंदिर वास्तु के प्रारंभिक स्वरूप, सहगोरा ताम्रपत्र में वेदिका में वृक्ष, अर्धचंद्र युक्त त्रिमेरु और दो मंजिला वास्तु आकृतियों का उल्लेख किया। विद्वानों के अनुसार दो मंजिला वास्तु को अन्नागार के स्वरूप से जोड़ा गया है, जिसे कौटिल्य के अर्थशास्त्र में लोक देवी की संज्ञा दी गई है। शक शासक षोडास के मथुरा लेख में पंचवीरों की प्रतिमाओं का उल्लेख मिलता है। मेरु, मंदर और कैलाश को भी मंदिरों के प्रकार के रूप में देखा जाता है। सारनाथ और श्रावस्ती से प्राप्त कनिष्क के अभिलेखों में बोधिसत्व प्रतिमाओं पर छत्रयष्टि लगाने का उल्लेख मिलता है। अयोध्या के शासक धनदेव के अभिलेखों तथा पांचाल नरेशों की ताम्र मुद्राओं पर भी मंदिर वास्तु के प्रारूप दिखाई देते हैं। यौधेय और औदुम्बर जैसे गण राज्यों की मुद्राओं में भी प्राचीन मंदिर स्वरूप के साक्ष्य मिलते हैं।
कार्यशाला संयोजक डॉ. यशवन्त सिंह राठौर ने बताया कि भारत में धार्मिक प्रतिष्ठानों के स्वरूप को मुद्राओं और अभिलेखों में अभिव्यक्त किया गया है। दक्षिण भारत में मदुरा के समीप बोदिनायकुरु से प्राप्त आहत मुद्राओं पर अंकित वास्तु को शिव मंदिर के संकेत के रूप में पहचाना गया है, जिनका काल द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व माना जाता है। इन अध्ययनों से शिव और कार्तिकेय से संबंधित प्रारंभिक धार्मिक प्रतिष्ठानों के साक्ष्य सामने आते हैं।
समापन सत्र में प्रो. रामप्यारे मिश्र ने पुरातत्व और अभिलेखों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। चतुर्थ व्याख्यान दिवस में लगभग 70 प्रतिभागियों के साथ संग्रहालय के कार्मिक भी उपस्थित रहे।

मंडलायुक्त कलेक्ट्रेट पर सख्त प्रशासनिक निरीक्षण

एक-एक फाइल खोलकर की गहन जांच

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
पर्यटन भवन स्थित कलेक्ट्रेट परिसर उस समय पूरी तरह प्रशासनिक हलचल का केंद्र बन गया, जब मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने जिले के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यालय का व्यापक, सघन और बिना किसी औपचारिकता के निरीक्षण किया। मंडलायुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया कि निरीक्षण केवल नाममात्र का नहीं होगा, बल्कि हर विभाग की एक-एक फाइल खोलकर बारीकी से जांच की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा, अपर आयुक्त जय प्रकाश, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सहदेव मिश्र, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनीत कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा तथा सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव उपस्थित रहे। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को साथ लेकर विभाग दर विभाग निरीक्षण किया और कार्यप्रणाली पर सीधी नजर डाली।
मंडलायुक्त ने भूलेख, कृषि बीमा भुगतान शाखा, संयुक्त कार्यालय, शस्त्र अनुभाग, नजारत आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, निर्वाचन अभिलेखागार,लेखा एवं कोषागार समन्वय शाखा, आपूर्ति विभाग (खाद्य एवं रसद), समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, स्थापना अनुभाग, प्रोटोकॉल अनुभाग और शिकायत प्रकोष्ठ/जनसुनवाई शाखा की भी विस्तार से समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने फाइलों की अद्यतन स्थिति, लंबित प्रकरणों, आदेशों के अनुपालन और दस्तावेजों की गुणवत्ता को स्वयं परखा।
पीएफ–एनपीएस फाइलों की बारीकी से जांच, कर्मचारियों के हित पर जोर
पीएफ और एनपीएस से संबंधित फाइलों की जांच करते हुए मंडलायुक्त ने अंशदान, कटौती, ऑनलाइन अपडेट और भुगतान की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तकनीकी खामियों या लापरवाही के कारण किसी भी कर्मचारी का आर्थिक हित प्रभावित नहीं होना चाहिए। लंबित प्रकरणों की सूची बनाकर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।
कृषि बीमा भुगतान की पूरी प्रक्रिया समझी, भूलेख से जानकारी लेकर किया सत्यापन
कृषि बीमा भुगतान को लेकर मंडलायुक्त ने विशेष गंभीरता दिखाई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से यह स्पष्ट रूप से जाना कि कृषि बीमा भुगतान की मांग किस प्रक्रिया से शासन तक पहुंचती है। अधिकारियों ने अवगत कराया कि बीमा भुगतान से पहले भूलेख विभाग से किसानों के खातों, खतौनी, भूमि विवरण और पात्रता का सत्यापन किया जाता है।
मंडलायुक्त ने स्वयं भूलेख शाखा से जानकारी लेकर यह देखा कि भूमि अभिलेखों का मिलान किस प्रकार किया जाता है। सत्यापित भूलेखीय आंकड़ों के आधार पर पात्र किसानों की सूची तैयार की जाती है और फिर अन्य मद में आवश्यक धनराशि की मांग का प्रस्ताव शासन को भेजा जाता है।
उन्होंने निर्देश दिए कि भूलेख से प्राप्त जानकारी पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन होनी चाहिए, ताकि किसी अपात्र को लाभ न मिले और कोई पात्र किसान भुगतान से वंचित न रहे। यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रस्ताव भेजने में किसी स्तर पर अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
शस्त्र अनुभाग के निरीक्षण में मंडलायुक्त को बताया गया कि वर्तमान में नए शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं किए जा रहे हैं। केवल वरासत के आधार पर शस्त्र हस्तांतरण, गैर जनपदों से स्थानांतरित शस्त्र लाइसेंस और शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण ही किया जा रहा है। मंडलायुक्त ने शस्त्र से संबंधित फाइलों को स्वयं देखकर यह सुनिश्चित किया कि सभी प्रक्रियाएं शासनादेश और नियमों के अनुरूप हों।
नजारत शाखा में वित्तीय अभिलेखों, भुगतान आदेशों और बजट प्रबंधन की गहन जांच की गई। मंडलायुक्त ने स्पष्ट कहा कि वित्तीय मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि है। किसी भी प्रकार की अनियमितता या ढिलाई पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत प्रकोष्ठ/जनसुनवाई शाखा में प्राप्त आवेदनों और उनके निस्तारण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिक न होकर गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक होना चाहिए।
निरीक्षण में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि कलेक्ट्रेट प्रशासन की रीढ़ है और यहां की कार्यसंस्कृति में किसी भी तरह की लापरवाही, टालमटोल या नियमविरुद्ध कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फाइलों के त्वरित निस्तारण, समयबद्ध कार्य और शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त के इस सघन निरीक्षण से कलेक्ट्रेट परिसर में दिनभर सक्रियता बनी रही और अधिकारियों-कर्मचारियों को यह स्पष्ट संदेश मिला कि अब कागजों में नहीं, जमीन पर काम दिखना चाहिए।

एसआईआर-2026 अभियान की प्रगति की डीएम ने राजनीतिक दलों के साथ की समीक्षा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जनपद के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) अभियान की अद्यतन स्थिति एवं प्रगति की समीक्षा को लेकर राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक जिलाधिकारी कक्ष में हुई, जिसमें अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 01 जनवरी 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए जनपद के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्य जारी है। आलेख्य प्रकाशन के बाद छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और मतदाता सूची को परिष्कृत करने के लिए दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं, जिसकी अंतिम तिथि 06 फरवरी 2026 निर्धारित थी।
उन्होंने फॉर्म-5, फॉर्म-6 और फॉर्म-7 भरने एवं जमा करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि व्यक्तिगत रूप से अथवा बीएलए के माध्यम से फॉर्म जमा करते समय निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन आवश्यक है।
बैठक में नो-मैपिंग से संबंधित आंकड़ेवार डाटा सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराने के निर्देश सहायक निर्वाचन अधिकारी को दिए गए।
बताया गया कि प्राप्त दावे और आपत्तियों पर 27 फरवरी 2026 तक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा सुनवाई और सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद 03 मार्च 2026 तक मतदाता सूची की जांच की जाएगी और आयोग की अनुमति प्राप्त करने के उपरांत 06 मार्च 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
बैठक के अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एसआईआर-2026 अभियान में सहयोग की अपेक्षा जताई।
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव रामदरश, अपना दल (यस) के जिला अध्यक्ष सचिन सिंह सैंथवार, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष आदित्य प्रताप यादव, कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष सुनील पांडेय, आम आदमी पार्टी के जिला महासचिव ब्रह्मदेव सिंह सैंथवार, बसपा के जिला सचिव अभिषेक कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हैदर अब्बास रिजवी सहित अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।