महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नौतनवां ब्लॉक क्षेत्र में जन्म प्रमाण पत्र बनवाना आम नागरिकों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। जहां एक ओर जरूरतमंद लोग महीनों तक ब्लॉक और तहसील कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दलालों के माध्यम से आवेदन करने पर महज एक सप्ताह के भीतर प्रमाण पत्र उपलब्ध हो जा रहा है। इससे सरकारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सीधे आवेदन करने पर कर्मचारियों द्वारा तरह-तरह की औपचारिकताएं और अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाते हैं। छोटी-छोटी त्रुटियां बताकर फाइलें लंबित कर दी जाती हैं। इसके विपरीत, कार्यालय परिसरों में सक्रिय बिचौलिए 500 से 1500 रुपये तक लेकर दस्तावेज एकत्र करते हैं और बिना किसी अड़चन के प्रमाण पत्र बनवाकर दे देते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्लॉक और तहसील परिसर में दर्जनों की संख्या में दलाल खुलेआम सक्रिय रहते हैं। आरोप है कि ये बिचौलिए संबंधित कर्मचारियों से सांठ-गांठ कर एक साथ 25 से 50 आवेदन संबंधित पटल तक पहुंचाते हैं, जिनका प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण कर दिया जाता है। सूत्र बताते हैं कि यह पूरा तंत्र एक संगठित नेटवर्क की तरह कार्य कर रहा है।
इस व्यवस्था से आम नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि जन्म प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज के लिए भी यदि सेटिंग का सहारा लेना पड़े, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि आमजन का भरोसा शासन-प्रशासन पर बना रह सके।
ब्लॉक–तहसील में सेवा नहीं, सेटिंग से बन रहा जन्म प्रमाण पत्र
नवागत एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने संभाला कार्यभार
पटना के मूल निवासी, एमबीबीएस डॉक्टर से आईपीएस तक—गोल्ड व सिल्वर डीजीएस कमेंडेशन से सम्मानित अधिकारी
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद को नया कप्तान मिल गया। भारतीय पुलिस सेवा के तेजतर्रार 2015 बैच के अधिकारी डॉ. कौस्तुभ ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। ज्वाइनिंग आदेश कक्ष में उन्होंने एसपी सिटी अभिनव त्यागी से पदभार लिया। इस अवसर पर अधिकारियों व कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया।
पद संभालते ही नवागत एसएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और आम जनता का विश्वास जीतना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
डॉक्टर से आईपीएस तक का सफर
मूल रूप से बिहार की राजधानी पटना के निवासी डॉ. कौस्तुभ ने चिकित्सा क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त कर एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय पुलिस सेवा में आए। प्रशिक्षण काल से ही उनकी छवि अनुशासित, मेहनती और प्रोफेशनल अधिकारी की रही है।
गोरखपुर से पुराना नाता
डॉ. कौस्तुभ इससे पहले जुलाई 2019 में गोरखपुर में एसपी सिटी रह चुके हैं। उस दौरान अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था, महिला सुरक्षा और संगठित अपराध के खिलाफ उनके अभियानों ने खास पहचान बनाई। उनके कार्यकाल को आज भी सख्त और सक्रिय पुलिसिंग के रूप में याद किया जाता है।
कई जिलों का अनुभव
गोरखपुर के बाद वे महाराजगंज, अंबेडकरनगर और जौनपुर में पुलिस अधीक्षक रहे। सीमावर्ती और संवेदनशील जिलों में काम करने का उन्हें व्यापक अनुभव है। वाराणसी और सोनभद्र में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
सम्मान और उपलब्धियां
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए डॉ. कौस्तुभ को वर्ष 2021 में डीजीएस कमेंडेशन डिस्क (सिल्वर) तथा वर्ष 2023 में डीजीएस कमेंडेशन डिस्क (गोल्ड) से सम्मानित किया जा चुका है।
मंदिर दर्शन व पुलिस लाइन निरीक्षण
कार्यभार ग्रहण करने से पहले वे सर्किट हाउस से गोरखनाथ मंदिर पहुंचे और दर्शन-पूजन किया। इसके बाद पुलिस लाइन स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में मत्था टेका। पुलिस लाइन में वर्दी स्टोर व निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान बिना कार्य घूम रहे कुछ पुलिसकर्मियों को उन्होंने सख्त हिदायत दी कि अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा। सभी अपने दायित्वों का ठीक से निर्वहन करें।
उन्होंने आवास, वर्दी, शस्त्र समेत विभिन्न शाखाओं के प्रभारियों से मुलाकात कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
प्लास्टिक बोतलों पर रोक
नवागत एसएसपी ने निर्देश दिया कि पुलिस लाइन व कार्यालयों में प्लास्टिक की बोतलों का प्रयोग बंद रहेगा। पानी कांच के गिलास में ही दिया जाएगा।
ज्वाइनिंग के दौरान एसपी सिटी अभिनव त्यागी, सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ लाइन अरुण कुमार एस सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नवागत एसएसपी डॉ. कौस्तुभ की पहली मैराथन बैठक
जीरो टॉलरेंस, फरियादियों का त्वरित निस्तारण और मजबूत गश्त के निर्देश
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
कार्यभार ग्रहण करने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने व्हाइट हाउस सभागार में जनपद के राजपत्रित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। यह जिले में उनकी पहली औपचारिक बैठक रही। बैठक शुरू होने से पहले एसएसपी ने वरिष्ठता का सम्मान करते हुए पीपीएस अधिकारी एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र को अपने बगल में बैठाया और सभी अधिकारियों से क्रमवार परिचय प्राप्त किया। इस पहल को पुलिस महकमे में सकारात्मक संदेश के रूप में देखा गया।
बैठक के दौरान एसएसपी ने साफ कर दिया कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और पुलिसिंग में जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर जिम्मेदारी स्पष्ट रहे, ताकि आम जनता को बेहतर कानून-व्यवस्था का अनुभव हो।
एसएसपी ने निर्देश दिया कि थानों पर आने वाले फरियादियों की शिकायतों को पूरी गंभीरता से लिया जाए और समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। महिला सुरक्षा, संवेदनशील इलाकों में नियमित व प्रभावी गश्त, लंबित विवेचनाओं की प्रगति, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और संगठित अपराध पर प्रहार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता से अच्छा व्यवहार और सतत संवाद पुलिस की छवि को मजबूत करता है। अगर कहीं लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
बैठक में एसपी सिटी अभिनव त्यागी, एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र, एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार, एसपी अपराध सुधीर जायसवाल, एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय, सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ लाइन अरुण कुमार एस, सहायक पुलिस अधीक्षक दिनेश गोदरा उपस्थित रहे।
इसके अलावा सीओ कैंट योगेंद्र सिंह, सीओ कोतवाली ओमकार दत्त तिवारी, सीओ गोरखनाथ रवि सिंह, सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह, सीओ बांसगांव अनुज सिंह, सीओ खजनी कमलेश सिंह, सीओ गोला दरवेश, सीओ चौरीचौरा मनीष कुमार शर्मा, सीओ ट्रैफिक विवेक तिवारी, सीओ क्राइम उदय प्रताप सिंह, सीओ रत्नेश्वर सिंह और सीओ दीपांशी सिंह राठौर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नई कप्तानी से बढ़ी उम्मीद
बैठक के बाद पुलिस महकमे में साफ संदेश गया कि नई कप्तानी में अनुशासन, जवाबदेही और परिणाम पर विशेष फोकस रहेगा। आम नागरिकों में भी उम्मीद जगी है कि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगेगा और फरियादियों को त्वरित राहत मिलेगी।
📰 गीडा थाना क्षेत्र में अज्ञात युवक की संदिग्ध हालात में हत्या, खेत के पास मिली लाश से फैली सनसनी
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गीडा थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई जब पेवनपुर सिवान के पास एक खेत से अज्ञात युवक की संदिग्ध हालात में लाश बरामद की गई। खेत के किनारे शव पड़े होने की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।
ग्रामीणों की सूचना पर गीडा पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक की उम्र करीब 25 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। शव पर गला रेतने जैसे गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई जा रही है।
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🔍 फोरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम और शिनाख्त की कोशिश
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर घटना की कड़ी-दर-कड़ी जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सके।
👮 पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
थाना प्रभारी गीडा ने बताया कि मृतक की शिनाख्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। आसपास के सभी थानों को सूचना दे दी गई है ताकि गुमशुदगी से जुड़े मामलों का मिलान किया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि युवक की हत्या कहीं और कर शव को यहां फेंका गया है या वारदात इसी स्थान पर हुई।
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⚠️ इलाके में दहशत, सुरक्षा पर सवाल
गीडा थाना क्षेत्र में अज्ञात युवक की हत्या की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस का दावा है कि जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
गोवंश तस्करी का भंडाफोड़, पिकअप छोड़कर तस्कर चालक 5 गोवंश सुरक्षित
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।वाराणसी–गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हाइवे पर गोवंश तस्करी का भंडाफोड़ किया है। थाना कोपागंज पुलिस ने देर रात एक पिकअप वाहन से पांच गोवंश बरामद किए, जबकि चालक अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने पिकअप को सीज कर गोवंश तस्करी से जुड़े गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना कोपागंज पुलिस के अनुसार, 6 फरवरी की रात उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह पुलिस टीम के साथ डाड़ी पुलिस बूथ पर गश्त व वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मऊ की ओर से एक पिकअप में गोवंश तस्करी कर घोसी की तरफ ले जाया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने सहरोज हाइवे स्थित अंबेडकर प्रतिमा के पास सघन चेकिंग अभियान शुरू कियाये भी पढ़ें – संसदीय मर्यादा बनाम राजनीतिक आक्रामकता: लोकतंत्र के लिए चेतावनी
कुछ देर बाद संदिग्ध पिकअप को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने तेज रफ्तार से वाहन भगा दिया। पुलिस ने पीछा किया तो रेवरडीह अंडरपास से पहले पिकअप का पिछला बायां टायर निकल गया और वाहन सड़क किनारे रुक गया। इसी मौके का फायदा उठाकर चालक अंधेरे में फरार हो गया।
वाहन की तलाशी लेने पर रस्सियों से बंधे पांच गोवंश मिले। उनकी हालत बेहद दयनीय थी—मुंह से झाग निकल रहा था और वे शारीरिक रूप से काफी कमजोर थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गोवंशों को वाहन से उतारकर चारा-पानी दिया। पशु चिकित्सीय परीक्षण के बाद सभी गोवंशों को थाना क्षेत्र स्थित गौशाला लैरोबेरुवार में सुरक्षित रूप से सुपुर्द कर दिया गया।
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पुलिस ने पिकअप वाहन (संख्या UP 60 BT 2295) को सीज कर थाना परिसर में खड़ा करा दिया है। वाहन स्वामी और फरार चालक की पहचान के प्रयास जारी हैं। इस मामले में गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जब्तीकरण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जा रही है।
कार्रवाई के दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन गवाही देने से लोग कतराते नजर आए। पुलिस का कहना है कि हाइवे पर गोवंश तस्करी रोकने के लिए चेकिंग और निगरानी अभियान आगे भी जारी रहेगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित मार्गों पर दबिश दी जा रही है।
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यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस की सतर्कता से गोवंश तस्करी जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
T20 World Cup 2026: USA के खिलाफ पहला मैच, बुमराह बाहर, ओपनिंग में बदलाव संभव
T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत आज से हो रही है और पहले दिन कुल तीन मुकाबले खेले जाएंगे। भारतीय टीम अपना पहला मैच आज अमेरिका (USA) के खिलाफ खेलेगी। यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरू होगा। टूर्नामेंट के पहले ही मैच से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लग सकता है, क्योंकि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के इस मुकाबले में खेलने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जसप्रीत बुमराह की तबीयत ठीक नहीं है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक वह वायरल बुखार से पीड़ित हैं, जिस कारण टीम मैनेजमेंट उन्हें पहले मुकाबले में जोखिम में नहीं डालना चाहती। मैच से एक दिन पहले बुमराह मैदान पर जरूर पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने अभ्यास में हिस्सा नहीं लिया। इसी वजह से उनके यूएसए के खिलाफ मुकाबले से बाहर रहने की खबरें सामने आ रही हैं।
भारतीय टीम को पहले ही तेज गेंदबाजी विभाग में एक झटका लग चुका है। हर्षित राणा चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह बीसीसीआई ने मोहम्मद सिराज को टीम में शामिल किया है, जो शुक्रवार को ही भारतीय स्क्वॉड के साथ जुड़ चुके हैं। बुमराह के बाहर रहने की स्थिति में आज के मैच में मोहम्मद सिराज को अंतिम एकादश में मौका मिल सकता है।
उधर, बल्लेबाजी क्रम में भी बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले खेली गई आखिरी सीरीज में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने सभी पांच मैचों में पारी की शुरुआत की थी, लेकिन संजू सैमसन का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। वह किसी भी मुकाबले में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। सीरीज के अंतिम मैच में ईशान किशन से विकेटकीपिंग भी करवाई गई थी, जिससे यह संकेत मिला कि टीम मैनेजमेंट ओपनिंग कॉम्बिनेशन में बदलाव पर विचार कर रहा है।
ऐसी संभावना जताई जा रही है कि आज यूएसए के खिलाफ मैच में अभिषेक शर्मा के साथ ईशान किशन ओपनिंग करते नजर आ सकते हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ हुए अभ्यास मैच में भी अभिषेक और ईशान ने ही पारी की शुरुआत की थी, जिससे इस बदलाव को और बल मिलता है। संजू सैमसन को इस मुकाबले में बाहर बैठना पड़ सकता है।
भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन:
अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, मोहम्मद सिराज।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत का स्क्वॉड:
अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह।
टीम इंडिया की नजर टूर्नामेंट की शुरुआत जीत के साथ करने पर होगी, जबकि बुमराह की उपलब्धता और ओपनिंग जोड़ी को लेकर सभी की निगाहें प्लेइंग इलेवन पर टिकी रहेंगी।
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गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी पप्पू यादव की तबीयत, IGIMS से PMCH तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की तबीयत शुक्रवार देर रात अचानक बिगड़ गई। इसी दौरान पटना पुलिस ने उन्हें एक 31 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय उनके पटना स्थित आवास पर करीब ढाई घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। सांसद की हालत बिगड़ने पर पुलिस उन्हें इलाज के लिए पहले आईजीआईएमएस (IGIMS) लेकर गई, लेकिन वहां बेड नहीं मिलने के कारण उन्हें पीएमसीएच (PMCH) शिफ्ट किया गया।
गिरफ्तारी और इलाज की पूरी प्रक्रिया के दौरान पटना पुलिस उनके साथ मौजूद रही। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पप्पू यादव की गिरफ्तारी और बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।
पप्पू यादव के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से साझा किए गए वीडियो में उन्हें स्ट्रेचर पर IGIMS ले जाते हुए दिखाया गया। पोस्ट में उनके निजी सचिव ने आरोप लगाया कि IGIMS में सांसद को बेड तक उपलब्ध नहीं कराया जा सका। उन्होंने इसे सीधे तौर पर बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठाए।
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इसके बाद एक और पोस्ट के जरिए दावा किया गया कि IGIMS में रातभर स्ट्रेचर पर रखने के बाद अब सांसद को PMCH ले जाया जा रहा है। पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि नीट परीक्षा से जुड़ी एक छात्रा के समर्थन में आवाज उठाने के कारण सत्ता और प्रशासन सांसद के खिलाफ साजिश कर रहे हैं। इन आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
गिरफ्तारी का विरोध और वकील का बयान
शुक्रवार रात जब पटना पुलिस सांसद को गिरफ्तार करने पहुंची, तब पप्पू यादव ने खुद को अस्वस्थ बताते हुए गिरफ्तारी का विरोध किया। पुलिस की मौजूदगी में उन्हें दवा लेते हुए भी देखा गया। सांसद के वकील शिवनंदन भारती ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्वास्थ्य की गंभीर स्थिति के बावजूद इस तरह की कार्रवाई संवेदनशील नहीं है।
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कोर्ट में पेशी पर सस्पेंस
जानकारी के अनुसार, सांसद पप्पू यादव को आज कोर्ट में पेश किया जा सकता है, हालांकि पेशी के समय को लेकर अब तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। कोर्ट में सुनवाई के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, सांसद PMCH में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
इस पूरे मामले ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी, IGIMS से PMCH शिफ्ट और बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले घंटों में कोर्ट और मेडिकल रिपोर्ट से जुड़ी अपडेट पर सबकी नजर बनी हुई है।
Mayawati BSP Meeting in Lucknow: 2027 चुनाव की तैयारी तेज, संसद के रवैये पर साधा निशाना
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी संगठनात्मक और चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में पार्टी प्रमुख मायावती ने आज लखनऊ स्थित बीएसपी कार्यालय में एक अहम समीक्षा बैठक की। बैठक में संगठन के विभिन्न स्तरों पर चल रहे कार्यों की प्रगति, चुनौतियों और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि एसआईआर (SIR) की वजह से पार्टी के कई संगठनात्मक कार्य प्रभावित हुए हैं। अब इन लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूरी सक्रियता के साथ संगठन को मजबूत करने में जुट जाएं। साथ ही, विरोधी राजनीतिक दलों द्वारा बीएसपी को कमजोर करने के लिए रचे जा रहे षड्यंत्रों के प्रति भी सभी पदाधिकारियों को सतर्क रहने को कहा।
मायावती ने कहा कि गरीबों, दलितों, शोषितों, वंचितों, मुस्लिमों और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ-साथ व्यापारियों और किसानों की स्थिति लगातार दयनीय बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्यों में पूर्व व वर्तमान सरकारों ने इन वर्गों की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। उनके अनुसार, अधिकांश सरकारें जनहित के मुद्दों को नजरअंदाज कर जाति और धर्म की आड़ में अपनी राजनीति चमकाने में लगी हुई हैं।
बीएसपी प्रमुख ने कहा कि इस तरह की राजनीति से समाज में नफरत की भावना फैल रही है, जो देशहित में नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में सरकारों की जिम्मेदारी होती है कि वे समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम करें, न कि विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा दें।
संसद के मौजूदा सत्र पर टिप्पणी करते हुए मायावती ने कहा कि वर्तमान में संसद का सत्र चल रहा है, लेकिन पक्ष और विपक्ष दोनों ही देश की जनता के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हुए हैं। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस समय संसद में घटिया ड्रामा और खेल देखने को मिल रहा है।
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मायावती ने कहा कि पक्ष और विपक्ष दोनों को भारतीय संविधान की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए और संसदीय नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में टैरिफ जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर संसद में स्पष्ट चर्चा होनी चाहिए थी। लेकिन आपसी टकराव और राजनीतिक खींचतान के कारण इन अहम मुद्दों को दरकिनार कर दिया गया।
बैठक के दौरान पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और समाज के सभी वर्गों से संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। मायावती ने संकेत दिया कि आने वाले समय में बीएसपी जनहित के मुद्दों को लेकर और आक्रामक रुख अपनाएगी और 2027 के विधानसभा चुनाव में पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी।
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इसरो के तकनीकी सम्मेलन में गोरखपुर विश्वविद्यालय के नौ छात्रों ने प्रस्तुत किए शोध पत्र
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। बेंगलुरु स्थित यू. आर. राव सैटेलाइट सेंटर, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में आयोजित अखिल भारतीय तकनीकी सम्मेलन–2025 में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गणित एवं सांख्यिकी विभाग के नौ छात्रों ने अपने चयनित शोध पत्र प्रस्तुत कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया। इस राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी सम्मेलन में विश्वविद्यालय की यह सहभागिता शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सम्मेलन में गोरखपुर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए शोध छात्र आफताब अंसारी सहित स्नातक स्तर के विद्यार्थी अंकिता मौर्या, तन्वी राव, तान्या मिश्रा, तनु प्रिया त्रिपाठी, दिव्या शैलजा पांडे, विजय कुमार, प्रियांश यादव और अमन मौर्या ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक विषयों पर आधारित अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। सभी छात्रों ने सत्रों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने शोध निष्कर्षों को विशेषज्ञों और प्रतिभागियों के समक्ष रखा।
इसरो के यू. आर. राव सैटेलाइट सेंटर में आयोजित इस सम्मेलन के दौरान प्रतिभागी छात्रों को प्रमाण-पत्र एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही, छात्रों को इसरो की विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया, जिससे उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान और उपग्रह प्रौद्योगिकी से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। यह अनुभव छात्रों के लिए अकादमिक ज्ञान को वास्तविक प्रयोगात्मक समझ से जोड़ने का अवसर साबित हुआ।
सम्मेलन के दौरान छात्रों को इसरो के वैज्ञानिकों एवं अंतरिक्ष-यात्री प्रशांत बालकृष्णन नायर से संवाद का अवसर भी मिला। इस संवाद के माध्यम से छात्रों ने अंतरिक्ष विज्ञान, शोध की चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं। विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष संवाद ने छात्रों के आत्मविश्वास और अनुसंधान के प्रति रुचि को और सुदृढ़ किया।
अखिल भारतीय तकनीकी सम्मेलन–2025 में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, राजस्थान और दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों से छात्र-छात्राएं एवं शोधार्थी शामिल हुए। उत्तर प्रदेश से गोरखपुर विश्वविद्यालय का प्रमुख प्रतिनिधित्व रहा, जहां से सर्वाधिक नौ छात्रों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक स्तर और शोध संस्कृति को दर्शाती है।
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इन छात्रों के निर्देशक डॉ. राजेश कुमार, सहायक आचार्य, गणित विभाग ने बताया कि इस सम्मेलन से छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी नई और अद्यतन जानकारियां प्राप्त हुईं। उन्होंने कहा कि इसरो और डीआरडीओ जैसे उच्च संस्थानों में गणित की भूमिका और करियर संभावनाओं को लेकर छात्रों को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिले हैं। इससे बीएससी और एमएससी के बाद अंतरिक्ष संस्थानों में करियर निर्माण की संभावनाएं और मजबूत होती हैं। डॉ. राजेश कुमार, जो स्वयं खगोल-भौतिकविद हैं, समय-समय पर छात्रों के लिए स्पेस साइंस से जुड़े विशेष व्याख्यान और प्रतियोगिताओं का आयोजन करते रहते हैं।
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी ने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों और विशिष्ट व्याख्यानों से छात्रों के शैक्षणिक एवं शोध कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय में आईकार्ड-प्रोग्राम की स्थापना की गई है, जो आयुका पुणे से संबद्ध है और जिसके माध्यम से विभिन्न अकादमिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
कुलपति प्रो. पूनम टण्डन ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के सम्मेलन में गोरखपुर विश्वविद्यालय से सर्वाधिक छात्रों का चयन होना विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट शोध वातावरण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय खगोल-भौतिकी और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में शोध के साथ-साथ विज्ञान के लोकप्रचार और वैज्ञानिक संचार में भी प्रभावी कार्य कर रहा है।
गणित एवं सांख्यिकी विभागाध्यक्ष एवं विभाग के शिक्षकों ने भी छात्रों की इस उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी सम्मेलनों में सहभागिता से छात्रों का आत्मविश्वास, शोध क्षमता और शैक्षणिक दृष्टिकोण सुदृढ़ होता है। शिक्षकों ने सभी प्रतिभागी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील का फ्रेमवर्क तैयार, टैरिफ घटेंगे, निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर स्थिति अब काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए फ्रेमवर्क तैयार कर लिया है। दोनों देशों की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि इस फ्रेमवर्क को जल्द लागू किया जाएगा। भारत और अमेरिका ने इसे अपनी साझेदारी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर करार दिया है।
पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े अवसर लेकर आएगा। खासकर एमएसएमई, किसान और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार के दरवाजे खुलेंगे। निर्यात में वृद्धि से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
किन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
इस फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी करेगा। इससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। कपड़ा, चमड़ा, फुटवियर, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे क्षेत्रों से जुड़े उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, जेम्स एंड डायमंड्स और विमान के पुर्जों सहित कई उत्पादों पर टैरिफ पूरी तरह शून्य कर दिए जाएंगे। इससे भारत की निर्यात क्षमता को मजबूती मिलेगी और मेक इन इंडिया को और बढ़ावा मिलेगा।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सुरक्षा
पीयूष गोयल ने साफ किया कि इस समझौते में किसानों और ग्रामीण आजीविका के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, एथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाए बिना आर्थिक सहयोग को गहराई देने की दिशा में अहम कदम है।
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ट्रंप का बड़ा फैसला, 25% टैरिफ हटाया
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत भारत पर रूसी तेल खरीद के कारण लगाया गया 25 फीसदी टैरिफ पूरी तरह हटा दिया गया है। पीयूष गोयल ने पहले ही संकेत दिया था कि दोनों देश मार्च तक औपचारिक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने का लक्ष्य रख रहे हैं। इसके बाद भारत अमेरिका से आयात होने वाले कई उत्पादों पर टैरिफ में कटौती करेगा।
भारत करेगा टैरिफ में कटौती
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, भारत अमेरिका के औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर अपने टैरिफ को या तो हटाएगा या कम करेगा। इनमें मेवे, फल, सोया तेल, शराब और अन्य खाद्य उत्पाद शामिल हैं। इसके बदले अमेरिका भारतीय वस्त्र, परिधान, रसायन और मशीनरी पर 25 फीसदी की जगह 18 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा।
इसके अलावा अमेरिका ने भारतीय एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर लगे टैरिफ हटाने पर सहमति जताई है। वहीं भारत को ऑटो पार्ट्स के लिए प्रायोरिटी टैरिफ-रेट कोटा मिलेगा, जिससे इस सेक्टर को भी लाभ होगा।
अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद
भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर मूल्य के ऊर्जा उत्पाद, विमान, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी उत्पाद और कोकिंग कोल खरीदने का इरादा रखता है। दोनों देशों ने इस प्रारंभिक समझौते को आपसी व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक संकेत बताया है।
कुल मिलाकर यह फ्रेमवर्क भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे निर्यात, निवेश और रोजगार सृजन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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भारत–मलेशिया रिश्तों को नई ऊंचाई देने रवाना हुए पीएम मोदी, रणनीतिक साझेदारी पर होगा फोकस
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। भारत–मलेशिया के द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर मलेशिया के लिए रवाना हुए। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, व्यापार और इनोवेशन जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं, जिनमें बीते कुछ वर्षों के दौरान निरंतर मजबूती आई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि वे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ विस्तृत और सार्थक बातचीत को लेकर उत्साहित हैं।
प्रधानमंत्री के अनुसार, इस दौरे के दौरान रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को नई दिशा देने पर चर्चा होगी। भारत और मलेशिया के बीच सहयोग को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा विस्तार
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में भारत और मलेशिया के रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहली मलेशिया यात्रा है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को व्यावहारिक रूप देने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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भव्य स्वागत की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को लेकर मलेशिया में रह रहे भारतीय समुदाय में खासा उत्साह देखा जा रहा है। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कुआलालंपुर में प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसका नाम “वेलकम मोदी जी” रखा गया है। इस कार्यक्रम में 750 से अधिक कलाकार एक साथ मंच पर उतरकर सामूहिक नृत्य प्रस्तुति देंगे।
मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है आयोजन
आयोजकों का दावा है कि “वेलकम मोदी जी” कार्यक्रम मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है। इसके लिए रिकॉर्ड दर्ज कराने का आवेदन पहले ही किया जा चुका है और रिकॉर्ड्स टीम कार्यक्रम के दौरान मौके पर मौजूद रहेगी। यह आयोजन भारतीय समुदाय की भागीदारी और सांस्कृतिक जुड़ाव का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
किन मुद्दों पर होगी अहम बातचीत
इस दौरे के दौरान भारत और मलेशिया के बीच भविष्य के रोडमैप को लेकर ठोस चर्चा होने की संभावना है। रक्षा और सुरक्षा सहयोग के अलावा व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और इनोवेशन पर दोनों देशों के बीच विचार-विमर्श किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह यात्रा केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
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भारतीय समुदाय की बड़ी भागीदारी
भारतीय उच्चायोग के अनुसार, “वेलकम मोदी जी” कार्यक्रम में करीब 15 हजार भारतीय मूल के लोगों के शामिल होने की संभावना है। मलेशिया में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा और तीसरा सबसे पुराना भारतीय मूल का समुदाय निवास करता है। इसी वजह से प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा कूटनीतिक के साथ-साथ भावनात्मक रूप से भी खास मानी जा रही है।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह मलेशिया यात्रा भारत-मलेशिया संबंधों को रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
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इंदारा–दोहरीघाट रेलखंड: आमान परिवर्तन के बाद भी आस अधूरी
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के इंदारा–दोहरीघाट रेलखंड पर आमान परिवर्तन के बाद भी अपेक्षित सुविधाएं न मिलने से क्षेत्र की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। इस रेलमार्ग पर वर्तमान में केवल एक ही यात्री ट्रेन का संचालन हो रहा है, वह भी दोपहर के समय, जिससे व्यापारी, बुनकर, किसान और रोजमर्रा आवागमन करने वाले लोगों को कोई खास लाभ नहीं मिल पा रहा है। जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों द्वारा लगातार मांग उठाने के बावजूद अब तक केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आमान परिवर्तन से पहले इस रेलखंड पर रेल बस का संचालन किया जाता था, जो दिनभर में लगभग छह फेरे लगाती थी। इससे व्यापारियों, बुनकरों, किसानों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलती थी। लंबे संघर्ष के बाद इंदारा जंक्शन से दोहरीघाट तक रेलखंड का आमान परिवर्तन किया गया। करीब दो वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री द्वारा इस रेलखंड पर ट्रेन संचालन का शुभारंभ किया गया था, जिससे क्षेत्रवासियों में बड़ी उम्मीद जगी थी।
हालांकि, आमान परिवर्तन के बाद सुविधाओं में विस्तार के बजाय कटौती होती नजर आ रही है। वर्तमान समय-सारिणी के अनुसार, यह एकमात्र ट्रेन मऊ जंक्शन से लगभग 11 बजे दिन में चलकर इंदारा जंक्शन होते हुए दोहरीघाट पहुंचती है। वहीं, दोहरीघाट से यह ट्रेन दोपहर करीब एक बजे इंदारा और मऊ होते हुए प्रयागराज के लिए रवाना होती है। इस समय-सारिणी के चलते रेलखंड के छोटे-बड़े स्टेशनों की लगभग आधी आबादी को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि इस एकमात्र ट्रेन का समय ऐसा है कि विद्यार्थी, किसान, बुनकर और छोटे व्यापारी अपनी दैनिक जरूरतों के लिए इसका उपयोग नहीं कर पाते। विशेष रूप से सुबह के समय कोई ट्रेन न होने से जिला मुख्यालय जाने वाले मरीजों, न्यायालय और तहसील में कार्य से जुड़े लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
लोगों की मांग है कि यदि दोहरीघाट से सुबह करीब नौ बजे एक डाउन ट्रेन का संचालन किया जाए, तो विद्यार्थियों, छोटे व्यापारियों, सरकारी कर्मचारियों और बुनकरों को बड़ी राहत मिल सकती है। बुनकर बाहुल्य क्षेत्र घोसी, कोपागंज, अदरी और मऊ के लोगों के लिए समय पर बाजार और जिला मुख्यालय पहुंचना आसान हो सकेगा।
रेलखंड से जुड़े गांवों और कस्बों के लोगों ने एक बार फिर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि आमान परिवर्तन का वास्तविक लाभ तभी मिल पाएगा, जब यात्रियों की जरूरत के अनुसार समय-सारिणी तय कर अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जाए। फिलहाल जनप्रतिनिधियों द्वारा मुद्दा उठाए जाने पर केवल आश्वासन ही मिल रहा है, जिससे जनता में निराशा बढ़ती जा रही है।
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बस्ती–अयोध्या लेन पर भीषण सड़क हादसा, डीसीएम चालक गंभीर
बस्ती (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद बस्ती में शनिवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। सुबह करीब चार बजे बस्ती–अयोध्या लेन पर रजौली कट के पास मिर्च लदी एक डीसीएम (नंबर UP84AT-7369) अचानक ब्रेक लगाने के दौरान आगे चल रहे एक अज्ञात डंपर से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि डीसीएम का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे के वक्त डीसीएम चालक नीटू वाहन के केबिन में बुरी तरह फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही हरैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फायर सर्विस और स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद चालक को केबिन से बाहर निकाला गया।
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गंभीर रूप से घायल चालक को तत्काल सीएचसी कप्तानगंज ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल बस्ती रेफर कर दिया गया। हादसे के कारण कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर सुचारु कराया।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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