Tuesday, May 5, 2026
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पूजा या नया काम? पंचांग देखना न भूलें

📌 आज का पंचांग: 10 फरवरी 2026 (मंगलवार)
🗓️ फाल्गुन कृष्ण अष्टमी पंचांग 2026: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल, शुभ-अशुभ मुहूर्त

🕉️ आज का हिन्दू पंचांग – 10/02/2026
आज का दिन धार्मिक, ज्योतिषीय और दैनिक कार्यों की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
यह पंचांग आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्य-चंद्र स्थिति की पूरी जानकारी सरल भाषा में प्रदान करता है।
🔱 आज की तिथि और संवत
तिथि: फाल्गुन कृष्ण अष्टमी (07:27 AM तक), उपरांत नवमी
वार: मंगलवार
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
अमांत मास: माघ
पूर्णिमांत मास: फाल्गुन

ये भी पढ़ें – आज का पंचांग 9 फरवरी 2026: कालाष्टमी पर जानिए शुभ-अशुभ समय

🌙 नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र: विशाखा (07:55 AM तक), उपरांत
अनुराधा
योग: ध्रुव (01:42 AM तक), फिर व्याघात
करण:कौलव – 07:27 AM तक
तैतिल – 08:43 PM तक
गर – रात्रि में
☀️ सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: 07:06 AM
सूर्यास्त: 06:15 PM
चन्द्रोदय: 01:12 AM
चन्द्रास्त: 12:03 PM
सूर्य राशि: मकर
चंद्र राशि: वृश्चिक (दिन-रात)
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 05:29 AM – 06:17 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:18 PM – 01:03 PM
अमृत काल: 11:11 PM – 12:59 AM
⚠️ आज के अशुभ काल
राहुकाल: 03:28 PM – 04:52 PM
यमगण्ड: 09:53 AM – 11:17 AM
कुलिक: 12:41 PM – 02:04 PM
दुर्मुहूर्त:09:20 AM – 10:04 AM
11:23 PM – 12:15 AM
वर्ज्यम: 12:25 PM – 02:13 PM
🎉 आज का पर्व और व्रत
श्री रामदास नवमी
🔮 चंद्रबल (आज किन राशियों को शुभ)
वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुंभ
(11 फरवरी 2026, 07:05 AM तक)
📖 आज का दिन क्यों खास है?
10 फरवरी 2026 का पंचांग धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ, व्रत, नामकरण, संकल्प और आध्यात्मिक कार्यों के लिए उपयोगी है।
शुभ मुहूर्त में किए गए कार्यों को ज्योतिषीय रूप से लाभकारी माना जाता है।
⚠️ डिस्क्लेमर 👉 यह पंचांग सामान्य धार्मिक और ज्योतिषीय जानकारी पर आधारित है।हम किसी भी प्रकार का प्रमाणित दावा नहीं करते।किसी भी विशेष निर्णय से पहले योग्य विद्वान या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

ट्रेलर से कुचलकर वृद्ध महिला की मौत, चालक फरार

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के सरायलखंसी थाना क्षेत्र अंतर्गत लखनऊ–बलिया राजमार्ग पर अदरी मोड़ के भलुईडीह गांव के पास सोमवार दोपहर करीब तीन बजे तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आकर एक वृद्ध महिला की कुचलकर मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रेलर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रेलर को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
मृतका की पहचान हलधरपुर थाना क्षेत्र के अरदौना गांव निवासी 80 वर्षीय प्रभावती सिंह के रूप में हुई है। वह अपने पति अवधेश सिंह, जो दरोगा से सेवानिवृत्त हैं, के साथ मोपेड से मऊ से दवा लेकर घर लौट रही थीं। अदरी मोड़ भलुईडीह के पास पीछे से आ रहे एक ट्रक ने साइड से टक्करसड़क हादसाटैग : मऊ, सरायलखंसी, ट्रेलर हादसा, वृद्ध महिला मौत

मार दी, जिससे मोपेड अनियंत्रित हो गई।
टक्कर लगने के बाद प्रभावती सिंह सड़क पर गिर पड़ीं और बगल से गुजर रहे दूसरे ट्रेलर के पहियों के नीचे आ गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में पति अवधेश सिंह बाल-बाल बच गए।
महिला का शव ट्रेलर के पहियों के नीचे फंस गया था, जिसे निकालने के लिए पुलिस को जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। रिश्तेदार और ग्रामीण परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए घर पहुंचने लगे।
सूचना पर पहुंचे दोनों पुत्र राजीव सिंह और संजीव सिंह मिर्जापुर से रवाना हो गए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

विकास कार्यों की समीक्षा के लिए मंडल रेल प्रबंधक का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण

वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)। मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी आशीष जैन ने मंडल में माल यातायात को बढ़ावा देने की कार्य योजना के तहत मॉल टर्मिनलों की क्षमता वृद्धि एवं गुड्स शेडों के आधुनिकीकरण से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा के लिए सोमवार 09 फरवरी 2026 को भटनी–कुसम्ही रेल खंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कुसम्ही, सरदार नगर, चौरीचौरा, गौरीबाजार, बैतालपुर एवं नूनखार रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया।
कुसम्ही रेलवे स्टेशन एवं कोल गुड्स शेड के निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने माल ढुलाई व्यवस्थाओं, लोडिंग-अनलोडिंग कार्य, सुरक्षा मानकों और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अनाधिकृत प्रवेश बंद करने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, निष्प्रयोज्य विद्युत पोल व स्लीपर हटाने तथा परिचालनिक सुगमता के लिए गुड्स शेड में ट्रैक्शन (OHE) लाइन संख्या-5 और 6 की विद्युत सप्लाई अलग-अलग करने के निर्देश दिए।
कुसम्ही स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान यात्री सुविधाओं, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, प्लेटफार्मों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। स्टेशन भवन पर लगे सीसीटीवी कैमरों के ऊपर हैलोजन लैंप लगाने तथा रिक्त कमरों में लोको पायलट व गार्ड के विश्रामालय और एक कक्ष में ट्रेन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
सरदार नगर रेलवे स्टेशन एवं गुड्स साइडिंग के निरीक्षण में माल ढुलाई, साइडिंग सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं के उन्नयन पर जोर दिया गया। गुड्स शेड की सुरक्षा पुख्ता करने, विद्युत प्रकाश बढ़ाने और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्टेशन निरीक्षण के दौरान परिचालनिक व्यवस्था, स्टेशन पैनल, संरक्षा उपकरण, सर्कुलेटिंग एरिया और यात्री सुविधाओं की समीक्षा करते हुए प्लेटफार्म संख्या-01 पर रखे निष्प्रयोज्य सामान को हटाने, प्लेटफार्म संख्या-02 की इलेक्ट्रिकल वायरिंग दुरुस्त करने और हाई-मास्ट लाइट बदलने के निर्देश दिए गए।
चौरीचौरा, गौरीबाजार, बैतालपुर एवं नूनखार स्टेशनों के निरीक्षण के दौरान परिचालनिक व्यवस्था, स्टेशन पैनल, संरक्षा उपकरण, बर्थिंग ट्रैक, पॉइंट्स जोन, स्टेशन भवन, सर्कुलेटिंग एरिया तथा यात्री सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया गया। प्लेटफार्म की सतह दुरुस्त करने, साफ-सफाई और रख-रखाव को और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने केंद्रीकृत स्टेशन पैनल और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से कार्यप्रणाली की जानकारी लेते हुए परिचालन में संरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) विकास कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक बलेंद्र पाल सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी और स्टेशन कर्मी उपस्थित रहे।

अपने अधिकारों के प्रति रहें जागरूक: न्यायिक अधिकारी

कंपोजिट विद्यालय सेमरियावां में विधिक साक्षरता शिविर, 22 फरवरी को मेगा विधिक सहायता शिविर का ऐलान

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के निर्देशन में कंपोजिट विद्यालय सेमरियावां में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज (सीडी) सुनील कुमार सिंह ने बताया कि 22 फरवरी 2026 को हीरा लाल राम निवास डिग्री कॉलेज में मेगा विधिक सहायता शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लगभग 44 विभाग प्रतिभाग करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी 22 फरवरी को आयोजित मेगा शिविर में उपस्थित होकर सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही पॉस्को एक्ट और भरण-पोषण अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि गांव-समाज में ऐसे बुजुर्ग, जिन्हें उनकी संतान द्वारा घर से निष्कासित किया गया है या प्रताड़ित किया जा रहा है, वे अपने भरण-पोषण के लिए न्यायालय अथवा संबंधित पीठासीन अधिकारी के समक्ष दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।
शिविर के दौरान पंचायत स्तर पर नागरिकों की सहभागिता के साथ गांववासियों को विधिक सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अति दूरस्थ क्षेत्रों में विधिक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में डिप्टी चीफ संजीव पाण्डेय ने बंदीजन को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु जिला न्यायालय में स्थापित लीगल एड डिफेंस काउंसिल कार्यालय की जानकारी दी। साथ ही भ्रूण हत्या, कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित कानून, नालसा द्वारा जारी सेवाओं तथा टोल फ्री नंबर 15100 के लाभों के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान अफजल, राम पुरुषोत्तम गुप्ता, कन्हैया लाल यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

प्रेम संबंध में युवक की हत्या, दो आरोपी व एक नाबालिग हिरासत में

चार दिन बाद खेत से मिला युवक का शव

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के थाना फरेन्दा क्षेत्र में युवक की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो नामजद आरोपियों और एक नाबालिग अपचारी को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार प्रेम संबंध और उससे उपजे सामाजिक दबाव के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीणा के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मार्गदर्शन में गठित टीम ने फील्ड यूनिट, डॉग स्क्वायड और सर्विलांस की मदद से साक्ष्य जुटाए। जांच के आधार पर मथुरा गुप्ता और प्रदीप गुप्ता को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग अपचारी को भी पुलिस संरक्षण में लिया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन और हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस के मुताबिक बैकुण्ठपुर निवासी आदित्य चौरसिया 02 फरवरी 2026 को तिलक-एनिवर्सरी कार्यक्रम में जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की गई। चार दिन बाद 06 फरवरी को लेजार महदेवा गांव स्थित दुबौलिया पोखरा के पास गेहूं के खेत से उसका शव बरामद हुआ, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
जांच में सामने आया कि मृतक का मुख्य आरोपी मथुरा गुप्ता की नाबालिग पुत्री से प्रेम संबंध था। इस संबंध के सामने आने और कथित सामाजिक बदनामी के डर से आरोपियों ने आदित्य को बुलाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को तालाब के समीप गेहूं के खेत में छिपा दिया गया, ताकि मामला गुमशुदगी या दुर्घटना जैसा प्रतीत हो।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र कुमार राय समेत थाना फरेन्दा की पुलिस टीम शामिल रही। पुलिस ने बताया कि मामले में विधिक कार्रवाई जारी है और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

अंतर विश्वविद्यालयीय युवा महोत्सव में गोरखपुर विश्वविद्यालय का शानदार प्रदर्शन

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। अखिल भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) के तत्वावधान में महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय, अंबाला में आयोजित 39वें अंतर मध्य क्षेत्रीय युवा महोत्सव में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रभावशाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।
गोरखपुर विश्वविद्यालय की 36 सदस्यीय सांस्कृतिक टीम ने संगीत, नृत्य, रंगमंच, ललित कला एवं साहित्य सहित विभिन्न विधाओं की कुल 24 प्रतियोगिताओं में सहभागिता की। विद्यार्थियों ने कई प्रतियोगिताओं में श्रेष्ठ एवं उल्लेखनीय स्थान प्राप्त कर अपनी सृजनात्मक क्षमता का परिचय दिया।
टीम का नेतृत्व विधि विभाग के सहायक आचार्य डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने किया, जबकि अभिषेक श्रीवास्तव और हर्षवर्धन सिंह ने समन्वयक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतियोगिता परिणामों के अनुसार—
रंगोली प्रतियोगिता में रोहित प्रजापति ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
मूक अभिनय प्रतियोगिता में लाभांश गुप्ता, कृष्णराय सिद्धि निराला, प्रीतिवा और आंचल शुक्ला की टीम को चतुर्थ स्थान मिला।
हिंदी भाषण प्रतियोगिता में वासु प्रसाद गोंड ने पंचम स्थान अर्जित किया।
इसके अलावा अन्य प्रतियोगिताओं में भी प्रतिभागियों का प्रदर्शन सराहनीय रहा।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने विद्यार्थियों की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी प्रतिभा, निरंतर अभ्यास और सामूहिक समर्पण का परिणाम है। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन की अपेक्षा जताई।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे, संस्कृति प्रकोष्ठ ‘तरंग’ की निदेशक तथा ललित कला एवं संगीत विभाग की अध्यक्ष प्रो. ऊषा सिंह ने भी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

संस्कृति का कोड होती हैं मुद्राएं: प्रो. पूनम टंडन

प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं-अभिरुचि पर सात दिवसीय कार्यशाला संपन्न

7राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में “प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं-अभिरुचि कार्यशाला” राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी, विभागाध्यक्ष, प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, दीदउगो विवि, गोरखपुर ने “अभिलेखों एवं मुद्राओं के आलोक में वैष्णव धर्म का विकास” विषय पर विस्तृत जानकारी प्रतिभागियों को दी।
कार्यशाला का समापन सत्र मुख्य अतिथि प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, दीदउगो विवि, गोरखपुर द्वारा अपराह्न 11:30 बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले 70 सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
इसके साथ ही उत्कृष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले छह प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना स्थान प्रदान करते हुए क्रमशः गायत्री सिंह, अनुराधा सिंह, वैष्णवी दुबे, प्रिया राव, संदीप कुमार सरोज एवं मुनील कुमार को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
अपने उद्बोधन में प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि मुद्राएं केवल आर्थिक माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे संस्कृति का कोड होती हैं। इनके माध्यम से सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक परिवर्तनों की महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त होती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग तथा राजकीय बौद्ध संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय यह कार्यशाला प्रतिभागियों और शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई है।

प्रशिक्षण से संवर रहा युवाओं का भविष्य, स्वरोजगार की ओर बढ़ते कदम

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के 10 दिवसीय प्रशिक्षण का समापन

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला पंचायत अध्यक्ष बलराम यादव की अध्यक्षता में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत आयोजित 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह शाकाहारी मैरेज हॉल, बड़गो खलीलाबाद में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष बलराम यादव ने कहा कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके माध्यम से जनपद के नवयुवक और नवयुवतियों को कौशल विकास का अवसर मिल रहा है। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता सुधार, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केट लिंकेज की जानकारी दी गई, जिससे प्रशिक्षार्थी आत्मनिर्भर बनकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने सभी प्रशिक्षार्थियों को स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उपायुक्त उद्योग राज कुमार शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षार्थियों को प्रदेश सरकार की विभिन्न स्वरोजगारपरक योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इनमें सीएम युवा अभियान, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण सहायता योजना शामिल हैं, जिससे उन्हें आर्थिक सहयोग मिल सकेगा।
कार्यक्रम में सहायक आयुक्त उद्योग जितेन्द्र कुमार गौतम, सहायक प्रबंधक पंकज कुमार पाण्डेय, वरिष्ठ सहायक आशीष सिंह, फील्ड ऑफिसर आनंद मिश्रा, यूपिकॉन लखनऊ से सतीश तिवारी, प्रशिक्षक विपिन सिंह, रचना सिंह, सावल प्रसाद, राहुल, लखन लाल, जितेन्द्र कुमार मधु, ज्ञान चन्द्र सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।

बीएलओ कार्य से शिक्षण प्रभावित, शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जय नारायण त्रिपाठी प्रिंस के नेतृत्व में नगर के सभी बीएलओ ने उपजिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार अरुण कुमार को सौंपा।
सोमवार को अपनी मांगों को लेकर जय नारायण त्रिपाठी के नेतृत्व में क्षेत्र के सभी बीएलओ बरहज तहसील पहुंचे और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं अनुचर सभी को बीएलओ का कार्य सौंपा गया है, जिससे विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है और कई विद्यालय बंद होने की कगार पर हैं।
शिक्षकों ने मांग की कि या तो प्रभारी प्रधानाध्यापक को बीएलओ कार्य से मुक्त किया जाए, या विद्यालयों को एक सप्ताह के लिए बंद किया जाए, अथवा अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए। इस पर तहसीलदार अरुण कुमार ने ज्ञापन को उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया।
मंत्री रत्नेश मणी त्रिपाठी ने कहा कि बीएलओ कार्य के कारण विद्यालयों और बच्चों पर गंभीर असर पड़ा है, जिससे छात्र संख्या भी न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है।
जूनियर शिक्षक संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यालयों में अभिभावकों की नाराजगी बढ़ रही है और सभी स्टाफ के बीएलओ कार्य में लगे होने से पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रभारी एवं प्रधानाध्यापक को बीएलओ कार्य से मुक्त करने की मांग की।
इस अवसर पर प्रमोद कुमार मिश्र, देवी शरण सोनकर, सुधीर तिवारी, बृजेश सोनकर, जैकी अहमद, प्रमोद सोनकर, योगेश्वर, मणिंद्र सिंह सहित कई शिक्षक व शिक्षामित्र उपस्थित रहे।

फाइलेरिया उन्मूलन की ओर बड़ा कदम, बलिया में आईडीए अभियान शुरू

22.64 लाख लोगों को खिलाई जाएंगी फाइलेरिया रोधी दवाएं, 28 फरवरी तक चलेगा अभियान

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार से जिले में सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान की शुरुआत हो गई है। इसके तहत 12 ब्लॉकों में 22 लाख 64 हजार पात्र लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी। यह अभियान 28 फरवरी तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य फाइलेरिया जैसी गंभीर, दीर्घकालिक और दिव्यांगता का कारण बनने वाली बीमारी से आमजन को सुरक्षित करना है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय यादव ने मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला में बताया कि फाइलेरिया से बचाव का एकमात्र प्रभावी उपाय समय पर और पूर्ण रूप से दवा का सेवन है। अभियान के दौरान आईवरमेक्टिन, डीईसी और एल्बेंडाजोल की खुराक स्वास्थ्यकर्मियों की प्रत्यक्ष निगरानी में दी जाएगी। एक वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अत्यंत गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी पात्र लोगों से दवा सेवन की अपील की गई है।
सीएमओ ने बताया कि प्रदेश में पहले 51 जिलों के 782 ब्लॉकों में फाइलेरिया का प्रसार था, लेकिन निरंतर उच्च कवरेज अभियानों के चलते अब स्थिति में काफी सुधार हुआ है। वर्तमान में प्रदेश के केवल 21 जिलों के 64 ब्लॉकों में ही आईडीए अभियान चलाया जा रहा है। इनमें बलिया जिले के बलिया अर्बन, रसड़ा, दुबहड़, सोनवानी, रेवती, रतसर-वयना, बैरिया, मुरलीछपरा, बासडीह, बेरुआरबारी और चिलकहर ब्लॉक शामिल हैं।
वेक्टर जनित बीमारियों के नोडल अधिकारी डॉ. अभिषेक मिश्रा ने बताया कि फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है। समय पर उपचार न होने पर यह हाथ-पैर या अन्य अंगों में सूजन जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है। उन्होंने बताया कि जिले के 18 ब्लॉकों में पहले इसका प्रसार था, जिसे प्रभावी अभियानों के चलते अब 12 ब्लॉकों तक सीमित कर दिया गया है।
अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएंगी। यदि कोई व्यक्ति घर पर उपलब्ध नहीं रहता है तो आशा कार्यकर्ता के घर को डिपो बनाया गया है, जहां जाकर दवा का सेवन किया जा सकता है। दवा खाली पेट न लेने की सलाह दी गई है। दवा सेवन के बाद चक्कर आना या जी मिचलाना जैसे हल्के लक्षण सामान्य हैं। किसी भी आपात स्थिति के लिए ब्लॉक स्तर पर रैपिड रिस्पॉन्स टीमें गठित की गई हैं।
सीएमओ ने बताया कि आईडीए अभियान पांच स्तंभों—प्रत्यक्ष निगरानी में दवा सेवन, रुग्णता प्रबंधन एवं रोकथाम, वेक्टर नियंत्रण, विभागीय समन्वय और समुदाय की सक्रिय भागीदारी—पर आधारित है। अभियान में शिक्षा विभाग, पंचायती राज, यूपीएसआरएलएम सहित विभिन्न विभागों का सहयोग लिया जा रहा है। डिजिटल टूल्स के माध्यम से रियल-टाइम रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यशाला के बाद उपस्थित पत्रकारों ने स्वयं दवा का सेवन कर आमजन को जागरूकता का संदेश दिया। इस अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. मंजीत सिंह चौधरी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पदमावती गौतम, डॉ. योगेन्द्र दास, डिप्टी डीआईओ डॉ. शशि प्रकाश, जिला मलेरिया अधिकारी राजीव त्रिपाठी सहित विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

10 फरवरी को मनाया जाएगा ‘सेफर इंटरनेट डे’, तीन स्थानों पर होंगी जागरूकता कार्यशालाएं

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद बलिया में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी माह फरवरी के दूसरे मंगलवार को विश्व स्तर पर मनाए जाने वाले “सेफर इंटरनेट डे” का आयोजन किया जाएगा। यह दिवस 10 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। इस वर्ष सेफर इंटरनेट डे की थीम रखी गई है, जिसका उद्देश्य इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित, जिम्मेदार एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है।
सेफर इंटरनेट डे के अवसर पर जनपद स्तर पर तीन स्थानों पर जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यशालाओं में आमजन, शासकीय कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल जिम्मेदारी, ऑनलाइन ठगी से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नैतिक और सुरक्षित प्रयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक, बलिया में प्रातः 10:30 बजे समस्त शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा इंटरनेट के सकारात्मक उपयोग, डेटा सुरक्षा, ऑनलाइन गोपनीयता तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
इसके उपरांत कलेक्ट्रेट सभागार में अपराह्न 01:00 बजे समस्त विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में सरकारी कार्यों में डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग, ई-गवर्नेंस में साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार इस्तेमाल पर प्रकाश डाला जाएगा।इसके बाद विकास भवन सभागार में अपराह्न 03:00 बजे पुनः विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों की सहभागिता से जागरूकता कार्यशाला संपन्न होगी। इस कार्यशाला का उद्देश्य डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना तथा इंटरनेट के दुरुपयोग से होने वाले संभावित खतरों के प्रति लोगों को सचेत करना है।जिलाधिकारी द्वारा जनपद के समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीनस्थअधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ निर्धारित तिथि, समय एवं स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर सेफर इंटरनेट डे के अवसर पर आयोजित जागरूकता कार्यशालाओं में सहभागिता सुनिश्चित करें। प्रशासन का मानना है कि डिजिटल युग में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूकता ही साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने का सशक्त माध्यम है।

सामूहिक विवाह योजना पर सवाल: तीन माह बाद भी नवदंपतियों को नहीं मिला गृहस्थी का सामान

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 4 नवंबर को जिला मुख्यालय पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में सैकड़ों जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। मंच से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इसे गरीब परिवारों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए योजना की सराहना की थी। लेकिन नौतनवां ब्लॉक क्षेत्र के 47 नवदंपतियों के लिए यह सौगात अब तक अधूरी साबित हो रही है। विवाह के तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्हें गृहस्थी का सामान नहीं मिल सका है।कार्यक्रम के दिन अत्यधिक भीड़ और अव्यवस्था का हवाला देते हुए प्रशासन ने घोषणा की थी कि सभी लाभार्थियों का सामान संबंधित ब्लॉक मुख्यालयों पर भेजकर वहां से वितरण कराया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक नौतनवां ब्लॉक का सामान कंटेनर के जरिए पहुंच भी चुका है। बताया जाता है कि गृहस्थी किट जिसमें दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं—ब्लॉक परिसर के एक कमरे में बंद कर रखी गई है। इसके बावजूद वितरण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों का कहना है कि वे बार-बार ब्लाक मुख्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें जल्द वितरण होगा कह कर लौटा दिया जाता है। कुछ लाभार्थियों ने बताया कि नई गृहस्थी की शुरुआत में मिलने वाला यह सामान उनके लिए बेहद जरूरी है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार होने के कारण वे बाजार से सामान खरीदने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में योजना का लाभ समय पर न मिलना उनकी मुश्किलें बढ़ा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाह पंजीकरण के समय सभी लाभार्थियों के मोबाइल नंबर और पते विभागीय अभिलेखों में दर्ज किए गए थे। ऐसे में संबंधित अधिकारियों द्वारा फोन कर बुलाकर वितरण कराना कोई कठिन कार्य नहीं है। सवाल यह उठ रहा है कि जब सामान ब्लॉक परिसर में मौजूद है तो वितरण में देरी क्यों हो रही है? क्या प्रक्रिया में कोई तकनीकी अड़चन है या जिम्मेदारों की उदासीनता इसका कारण है? लाभार्थियों के बीच अब नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। उनका कहना है कि यदि समय पर वितरण नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे। स्थानीय नागरिकों ने भी वितरण प्रक्रिया को सार्वजनिक और पारदर्शी बनाने की मांग की है, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की आशंका न रहे।
इस संबंध में एडीओ समाज कल्याण अधिकारी महेन्द्र प्रसाद से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ। अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। क्या नवदंपतियों को उनका अधिकार समय पर मिलेगा या योजना का लाभ कागजों तक ही सीमित रह जाएगा—यह आने वाला समय तय करेगा।

गोरखनाथ शोधपीठ में होगा विश्व दर्शन दिवस एवं एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित विश्व दर्शन दिवस पर 21 फरवरी 2026 को महायोगी गुरु गोरखनाथ शोधपीठ में “भारतीय दर्शन एवं नाथ पंथ” विषय पर एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
इस संगोष्ठी की विवरणिका का विमोचन दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन द्वारा किया गया। इस अवसर पर महायोगी गुरु गोरखनाथ शोधपीठ के उप निदेशक डॉ. कुशल नाथ मिश्र, सहायक निदेशक डॉ. सोनल सिंह, सहायक ग्रंथालयी डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी एवं रिसर्च एसोसिएट डॉ. सुनील कुमार उपस्थित रहे।
विवरणिका का विमोचन करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह संगोष्ठी विश्वविद्यालय में शोध एवं अकादमिक वातावरण को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से भारतीय परंपराओं, विशेषकर नाथ पंथ के दार्शनिक, ऐतिहासिक, उपादेयता एवं व्यावहारिक पक्षों पर गहन विमर्श का अवसर मिलेगा।
संगोष्ठी के संयोजक एवं शोधपीठ के उप निदेशक डॉ. कुशल नाथ मिश्र ने बताया कि संगोष्ठी में देश के प्रतिष्ठित विद्वान अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। इनमें काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से प्रो. ज्योत्सना श्रीवास्तव, मगध विश्वविद्यालय, गया से डॉ. अनूप पति तिवारी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक से प्रो. गोविंद प्रसाद मिश्र तथा बी.आर.डी. कॉलेज, बरहज से प्रो. सूरज प्रकाश गुप्ता प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इस अवसर पर शोधपीठ के शोध अध्येता डॉ. हर्षवर्धन सिंह एवं चिन्मयानन्द मल्ल भी उपस्थित रहे।

सफाई कर्मी संघ के अध्यक्ष बने अजीत, महामंत्री विजय

मऊ (राष्ट्र की परम्परा) जनपद के कोपागंज ब्लॉक परिसर में रविवार को पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ का जिला स्तरीय वार्षिक चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। चुनाव में अध्यक्ष पद पर अजीत भारती तथा महामंत्री पद पर विजय गुप्ता निर्वाचित हुए।
चुनाव अधिकारी शिवकुमार यादव की देखरेख में हुए इस चुनाव में कुल 1592 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 1323 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू होकर देर शाम तक चली।
अध्यक्ष पद के लिए हुए मुकाबले में अजीत भारती को 667 मत मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी मनोज को 571 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार अजीत भारती ने 97 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। महामंत्री पद पर विजय गुप्ता को 477 मत मिले, जबकि गोबिंद राजभर को 446 मत प्राप्त हुए। विजय गुप्ता ने 51 मतों से जीत हासिल की।
कोषाध्यक्ष पद पर एसामुद्दीन ने जयराम को 167 मतों से पराजित किया। संगठन मंत्री पद के लिए अखिलेश चौहान ने 518 मत प्राप्त कर एकराम राजभर को 65 मतों से हराया। वहीं संरक्षक पद पर राजेश चौहान ने नागेंद्र प्रसाद को 39 मतों के अंतर से पराजित किया।
मतगणना के बाद देर रात परिणामों की घोषणा की गई। चुनाव परिणाम घोषित होते ही समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा गया।

मदरसा इमदाद-उल-उलूम में अंजुमन इमदाद-उल-इंसान का वार्षिक सम्मेलन भव्य रूप से संपन्न

विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन, शिक्षा को बताया अनमोल रत्न

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)अंजुमन इमदाद-उल-इंसान (मदरसा इमदाद-उल-उलूम) कोपागंज का वार्षिक सम्मेलन मदरसे के विशाल प्रांगण में भव्य और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। पिछले वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी सम्मेलन का आयोजन शिक्षकों के प्रमुख मौलाना महफूज आरिफ साहब नदवी की देखरेख में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा कुरान पाठ से हुई, जिसके बाद हम्द-नात शरीफ, उर्दू, हिंदी एवं अंग्रेजी भाषाओं में प्रभावशाली भाषण और संवाद प्रस्तुत किए गए। बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के विशेष अतिथि भारत की नबास उम्मत फिकह अकादमी के सदस्य हजरत मौलाना मुफ्ती अनवर अली साहब ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि धार्मिक और दुनियावी शिक्षा का संतुलन ही एक मजबूत समाज की नींव रखता है।
मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अल्ताफ अंसारी साहब ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा को सफलता की कुंजी बताया।
सम्मेलन की अध्यक्षता मदरसे के नाज़िम कारी यासीन साहब ने की, जबकि कार्यक्रम का प्रायोजन मदरसे के अध्यक्ष एवं समिति के प्रतिनिधि अध्यक्ष अरशद रियाज साहब द्वारा किया गया।
इस अवसर पर कोपागंज थाना प्रभारी रविंद्रनाथ राय ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों को अधिक से अधिक शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए, तभी वे समाज और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
मौलाना शमशेर अली साहब ने कहा कि शिक्षा एक अनमोल रत्न है, जिसे प्राप्त करना हर बच्चे के लिए अत्यंत आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों के मनोबल को ऊंचा करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।कार्यक्रम के दौरान नाज़िम सत्र द्वारा उपस्थित लोगों से प्रश्नोत्तर भी कराए गए, जिनके सही उत्तर देने वालों को पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं छठी कक्षा के अरबी के छात्रों द्वारा प्रस्तुत विदाई गीत ने माहौल को भावुक बना दिया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन मदरसे के शिक्षक हजरत मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम साहब ने किया।
इस अवसर पर कारी सिराज साहब, हाजी मौलाना राशिद इसरार साहब, शहीदा लारी मौ, इकबाल-उज़-ज़मान, हबीब नीता, इरफान अज़ीज़, मौलवी आदिल अनीस, मौलवी हारिस, मोहम्मद हसन सहित मदरसे के शिक्षक, समिति सदस्य, शहर के अन्य मदरसों के शिक्षक एवं छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
अंत में विशेष अतिथि की दुआ के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।